Tag: Jharkhand hindi news

  • झारखंड : बारिश, ठंड और धुंध का मिला-जुला असर

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………..

    झारखंड मे  इस बार प्रकृति ने अपने अलग-अलग रंग दिखाए हैं।

    बारिश, बादल और राहत की कहानी। 
    पिछले 24 घंटों में झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। खूंटी के तोरपा में सबसे ज्यादा 20.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश ने ठंड के तेवर थोड़ा नरम कर दिए। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा, जो चतरा में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सिमडेगा के बानो में 27℃ का अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।

    बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अभी भी झारखंड में नजर आ रहा है। बादलों ने ठंड को थोड़ा काबू में रखा है, लेकिन दिन में धुंध और ठंडी हवाओं ने यह एहसास दिलाया कि सर्दियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।

    कोल्हान में कोहरा: येलो अलर्ट जारी।
    कोल्हान क्षेत्र में धुंध और कोहरे का असर बढ़ा है। खासकर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के वक्त धुंध से विजिबिलिटी कम हो रही है, और लोग ज्यादा ठंड महसूस कर रहे हैं।

    क्रिसमस से पहले बारिश की संभावना। 
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 दिसंबर को झारखंड के सात जिलों- गढ़वा, पलामू, चतरा, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में हल्की बारिश हो सकती है। जहां बारिश नहीं होगी, वहां भी बादल छाए रहेंगे।

    हालांकि क्रिसमस के दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान 25-26℃ और न्यूनतम तापमान 13℃ के आसपास रहेगा।

    ठंड का नया मिजाज। 
    राज्य के जिन जिलों में एक हफ्ते पहले तापमान 5-7 डिग्री तक गिरा था, वहां अब यह 11 डिग्री तक चढ़ गया है। लेकिन दिन के समय बादल और ठंडी हवाओं की वजह से ठंड का एहसास बना हुआ है। लोहरदगा, धनबाद, चतरा और बोकारो में अधिकतम तापमान गिरा है, जिससे ठंड और बढ़ गई है।

    तोरपा में रिकॉर्ड बारिश, अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी। 
    खूंटी के तोरपा में 20.6 मिमी बारिश ने पूरे राज्य में सुर्खियां बटोरीं। पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और मझगांव में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। रांची समेत राज्य के बाकी हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान है।

    ठंड का बदलता रूप।
    झारखंड में इस बार ठंड का मिजाज बदला-बदला सा है। बारिश और बादलों ने कंपकंपाती ठंड से राहत तो दी है, लेकिन दिन में ठंडी हवाएं और धुंध का असर लोगों को सर्दियों का पूरा एहसास करा रहा है।

  • गजराज के कहर से खौफजदा ग्रामीण, मंत्री ने दिया मदद

    गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर बार की तरह इस बार भी गजराज ने अपने रास्ते में आने वाले हर चीज को बर्बाद कर दिया। शनिवार देर रात जंगली हाथियों का झुंड पीरटांड़ के पालगंज पंचायत के सुगवाटांड़ टोला में घुस आया।
    हाथियों ने गीता देवी, विलसी देवी और कौशल्या देवी के घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
    हाथियों ने घर में रखा धान, अनाज और खेतों में लगी आलू की फसल को रौंद डाला।
    हाथियों के झुंड की यह हरकत गांव के लोगों के लिए डर और परेशानी का कारण बन ई।
    कहां से आए ये हाथी?
    घटना से पहले, हाथियों का झुंड जलेबिया घाटी के पास देखा गया था। वन विभाग नजर बनाए हुए था, लेकिन देर रात ये झुंड जंगल के रास्ते सुगवाटांड़ पहुंच गया।
    मंत्री का दौरा:
    घटना की सूचना मिलते ही झारखंड सरकार के मंत्री व गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात  हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किये गए तीन घरों के परिवार को दस दस हजार का चेक और एक एक पेटी चावल दिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वन विभाग ने कहा है कि हाथियों को भगाने के लिए बांकुड़ा से विशेषज्ञ टीम बुलाई जा रही है। यह पहली घटना नहीं है। बदगांव पंचायत के बसगदवा टोला में हाथियों ने दो घरों को क्षतिग्रस्त किया था।
    32 हाथियों का झुंड लेड़वा, मंझलाडीह और पथलघटिया में कई किसानों के खलिहान पहुंचकर धान चट कर गया। पीड़ित किसानों और स्थानीय मुखिया ने वन विभाग से क्षतिपूर्ति मुआवजे की मांग की है।
    सुरक्षा की गुहार:
    जंगल और पहाड़ों के नजदीक बसे गांवों के लोग हाथियों के डर से अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
    क्न विभाग को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए? जो अभी तक हो नहीं पाया है ।

     

  • जंगल में अपराध की साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, देसी कट्टे बरामद

    गिरिडीह:  गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो देसी कट्टे भी बरामद किए।

    गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई. 

    गिरिडीह एसपी  डॉ. विमल कुमार ने रविवार को मीडिया को बताया कि घुज्जी जंगल में अपराधियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसडीपीओ  धनंजय राम की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपराधियों को मौके पर धर दबोचा।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान। 

    गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:

    • मो. समीर अंसारी, रेहान अंसारी, और रिजवान अंसारी (धनवार )
    • फणीभूषण साव और शिबू साव (बिरनी )
    • सिराजुद्दीन अंसारी (लालबाजार,धनवार)

    बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी। 

    पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

    आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज। 

    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, उनसे पूछताछ जारी है ताकि अपराध की पूरी साजिश का खुलासा हो सके।

    एसपी की सराहना। 

    पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने टीम की तत्परता और कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “गिरिडीह पुलिस अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता टीमवर्क और हमारी सतर्कता का परिणाम है।”

    इस कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सख्ती और अपराधियों में खौफ का संदेश गया है।

  • खौफनाक हत्या कांड: गिरिडीह में जनता का गुस्सा चरम पर

    गिरिडीह : गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में एक युवक की निर्मम हत्या ने इलाके में उबाल ला दिया है। धारदार हथियारों से हमला कर दामोदर यादव की हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    गांव का गुस्सा पुलिस के दरवाजे पर.
    हत्या की खबर के बाद कबरीबाद-चुंजका क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मुफ्फसिल थाना पहुंचे। गुस्से से लाल लोगों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी थे, जो न्याय की मांग कर रहे थे।

    मांग साफ है: आरोपी को फांसी दो।
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं दी जाती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

    हमले की खौफनाक तस्वीर।
    दामोदर यादव पर 20 से 25 युवकों के झुंड ने कबरीबाद माइंस के पास धारदार हथियारों से हमला किया। इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल दामोदर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। अब तक 11 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।\

    जयराम महतो की इंट्री । 

    घटना की जानकारी मिलते ही डुमरी के विधायक जय राम महतो भी गिरिडीह पहुंचे और मामले की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की ।

    सुरक्षा का दावा, लेकिन सवाल बरकरार। 
    हत्या के बाद मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, घटना ने इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

    ग्रामीणों का कहना है, “अगर पुलिस सतर्क होती तो यह घटना नहीं होती। हमें सुरक्षा चाहिए, सिर्फ दावे नहीं।”

    सामाजिक ताने-बाने पर असर। 
    इस निर्मम हत्या ने गिरिडीह के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर जनता का प्रशासन पर भरोसा कमजोर हुआ है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाओं ने भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।

    पुलिस प्रशासन पर अब यह दबाव है कि वह दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाए और इलाके में सुरक्षा का भरोसा बहाल करे।

  • तोपचांची झील बनेगा झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र, 76 करोड़ की आएगी लागत -मंत्री सुदिव्य कुमार

    धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक तोपचांची झील जल्द ही आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में चमकेगी। नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने शनिवार को झील का निरीक्षण करते हुए इसकी नई परियोजना का खुलासा किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत झील का कायाकल्प करने के लिए 76 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जो बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक जा सकती है।

    झील को मिलेगी नई पहचान।
    झील को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने बताया कि परियोजना में आधुनिक स्ट्रीट लाइट, रिसॉर्ट, स्विमिंग पूल, और पर्यटकों के रहने के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही झील के चारों ओर थीम पार्क, वोटिंग और स्विमिंग जैसी आकर्षक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

    पुराने ढांचे को तोड़कर बनेगा नया निर्माण। 
    झील के आसपास के पुराने और जर्जर भवनों को तोड़कर नए निर्माण किए जाएंगे। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने मंत्री को विस्तार से बताया कि झील के चारों ओर के इलाकों को कैसे विकसित किया जाएगा। मंत्री ने लगभग एक घंटे तक ब्लू प्रिंट का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

    पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास। 
    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने कहा, “तोपचांची झील की प्राकृतिक सुंदरता पहले से ही आकर्षक है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनाया जाएगा। इस परियोजना के तहत स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।”

    नए साल में शिलान्यास और काम की शुरुआत। 
    तोपचांची झील परियोजना को लेकर स्थानीय विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा, “नए साल में इसका शिलान्यास होगा और कार्य तेज़ी से शुरू किए जाएंगे। यह परियोजना न केवल झील की खूबसूरती को बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।”

    सरकार की बड़ी योजना। 
    मंत्री ने आश्वासन दिया कि तीन महीने के भीतर सरकार इस परियोजना पर काम शुरू करेगी। तोपचांची झील के कायाकल्प से झारखंड को एक नया पर्यटन केंद्र मिलेगा, जो राज्य की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    झील का यह विकास न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि झारखंड के इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को भी जीवंत बनाएगा।

  • पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हमला, विरोध में पत्रकारों की एकजुटता

    गिरिडीह: गिरिडीह में शुक्रवार को नगर निगम के अजीडीह टॉल वसूली केंद्र पर पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को नया परिषद भवन में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में गिरिडीह के पत्रकार समुदाय ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बैठक के बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने उपायुक्त को याद दिलाया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर को नगर निगम क्षेत्र में टॉल वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया था, बावजूद इसके अजीडीह केंद्र पर अवैध वसूली जारी थी। इसी मुद्दे को उजागर करने पर पत्रकार अमरनाथ पर हमला हुआ।

    इस बैठक में कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए, जिनमें राकेश सिन्हा ,अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार राय, लक्ष्मी अग्रवाल, रमेश प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा, आलोक रंजन, सूरज सिन्हा,मीरा कुमारी, शाहिद रजा, प्रकाश श्रीवास्तव, नफीस अजहर, एजाज अहमद, कैफ जद्दी, दानिश अहमद, मृणाल सिन्हा और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पपरवाटांड स्थित अमरनाथ सिन्हा के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने चौथे स्तंभ पर इस हमले की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    इसी बीच धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भी समाहरणालय पहुंचकर अमरनाथ सिन्हा से मुलाकात की और घटना की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

  • एमएस धोनी अपने घर से ही होंगे ‘आउट’?आवास बोर्ड भेजा जा सकता है नोटिस

    रांची :  भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और झारखंड का गौरव एमएस धोनी को उनके पुराने आवासीय प्लॉट को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर के प्लॉट पर नोटिस भेजने की तैयारी में है।

    धोनी को यह प्लॉट वर्ष 2009 में झारखंड सरकार ने आवासीय उपयोग के लिए गिफ्ट किया था। लेकिन अब इस प्लॉट पर एक लैब खुलने की खबर सामने आई है। आवास बोर्ड का कहना है कि यदि आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

    आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग पर सवाल.
    आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय पासवान ने बताया कि धोनी को यह प्लॉट उनके खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है। हमने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

    बीजेपी कार्यालय को भी मिला था नोटिस. 
    संजय पासवान ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने इस तरह की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हरमू रोड में जहां बीजेपी का प्रदेश कार्यालय है, वहां भी भूखंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।”

    धोनी का हरमू वाला घर: बीते वर्षों की कहानी. 
    2009 में झारखंड सरकार ने धोनी को पांच कट्ठा का यह प्लॉट गिफ्ट किया था। यहां उन्होंने शानदार घर बनवाया और कई वर्षों तक वहीं रहे। लेकिन बाद में वे रांची के सिमलिया स्थित अपने प्राइवेट फॉर्म हाउस में शिफ्ट हो गए।

    क्लिनिक लैब में तब्दील हो रहा है घर.
    धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर में अब एक क्लिनिक लैब स्थापित की जा रही है। लंबे समय तक खाली पड़े इस मकान का उपयोग अब व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस बात की जानकारी आवास बोर्ड को मिली, तो चेयरमैन ने इसकी जांच के आदेश दिए।

    यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि आवासीय प्लॉट का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो धोनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संजय पासवान ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    एमएस धोनी के प्रशंसकों के लिए यह खबर चौंकाने वाली हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और धोनी इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

  • कांग्रेस की हार की पड़ताल: भितरघातियों पर गिरेगी गाज?

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………
    झारखंड में हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए संतोषजनक रहे, लेकिन 14 सीटों पर मिली हार ने पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गठबंधन के तहत 30 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा ने अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूकों की पोल खोल दी है। 21 दिसंबर को रांची मे आयोजित बैठक मे पार्टी ने हार की समीक्षा की ।

    हार की असली वजहें:
    कांग्रेस की समीक्षा में स्पष्ट हुआ है कि कई सीटों पर पार्टी के ही नेताओं ने भितरघात कर प्रत्याशियों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्थानीय संगठनों और उम्मीदवारों के बीच समन्वय की कमी भी हार का बड़ा कारण बनी।

    जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र:
    यहां पूर्व मंत्री बादल को भाजपा की मजबूत रणनीति और हरिनारायण राय की भाजपा से करीबी के कारण हार का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक मंत्री रहने के दौरान उनके खिलाफ उपजा असंतोष भी उनकी हार की वजह बना।

    जमशेदपुर पश्चिम सीट:
    तत्कालीन मंत्री बन्ना गुप्ता वायरल वीडियो से उपजे विवाद के चलते प्रचार युद्ध में टिक नहीं पाए। जदयू के सरयू राय ने उनका पराजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    झरिया और धनबाद:
    इन क्षेत्रों में संगठनात्मक तालमेल की कमी और स्थानीय इकाई का असहयोग हार का कारण बना। झरिया में कांग्रेस को सिटिंग सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा।

    जमशेदपुर पूर्वी सीट:
    यहां डॉ. अजय कुमार पार्टी के प्रत्याशी थे, लेकिन स्थानीय संगठन ने उनका साथ नहीं दिया। कई नेता अंदरूनी भितरघात में लगे रहे, जिससे पार्टी की संभावना धूमिल हो गई।

    भविष्य की राह:
    समीक्षा बैठक के बाद तैयार की गई रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने संकेत दिए हैं कि भितरघातियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    चुनाव परिणाम:
    कांग्रेस ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा और 16 पर जीत हासिल की। पार्टी का मानना है कि बेहतर रणनीतिक तालमेल और आंतरिक समन्वय से सीटों की संख्या और बढ़ाई जा सकती थी।

    संघर्ष जारी:
    कांग्रेस ने यह भी स्वीकार किया है कि कमियों को सुधारने के बाद भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। अब सबकी नजरें आलाकमान के फैसलों और भितरघातियों पर गिरने वाली गाज पर टिकी हैं।

  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर  21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

    क्या है मामला?
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।

    देवेंद्र महतो ने कहा,

    “इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”

    24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
    छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
    आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।

    क्या सरकार उठाएगी कदम?
    अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।