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  • गिरिडीह के कारोबारी ने 90 करोड़ में खरीदा प्राइवेट जेट

    देश के अमीर कारोबारियों मे  299 स्थान रखने वाले गिरिडीह के मशहूर उद्योगपति सुरेश जालान ने 90 करोड़ रुपये की लागत से एक प्राइवेट जेट खरीदा है। 10 सीटों वाले इस विमान ने शनिवार को गिरिडीह के बोडो हवाई अड्डे पर अपनी पहली लैंडिंग की। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज इस विमान का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन के बाद, यह विमान सिंगापुर के लिए अपनी पहली उड़ान भरेगा।

    यह कदम क्षेत्र में जालान की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक कनेक्टिविटी की ओर संकेत करता है।

  • हेमंत सरकार का अल्टीमेटम: सहारा समूह को 15 दिनों में लौटाना होगा राज्य के निवेशकों का पैसा, अन्यथा निदेशकों की होगी गिरफ्तारी।

    झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: निवेशकों को राहत देने के लिए सहारा समूह को 400 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश

    झारखंड सरकार ने सहारा समूह के निवेशकों को राहत देते हुए एक सख्त कदम उठाया है। सरकार ने सहारा समूह को निर्देश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर 400 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए। अगर यह राशि निर्धारित समय में वापस नहीं की जाती है, तो समूह के निदेशकों की गिरफ्तारी की जाएगी।

    यह आदेश रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में विश्व भारती जनसेवा संस्थान और सहारा इंडिया की लीगल टीम के बीच हुई बैठक में दिया गया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने सहारा समूह की लीगल टीम को इस मामले में स्पष्ट चेतावनी दी।

    मुख्य निर्देश और चेतावनी:

    • 400 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश: झारखंड में निवेशकों द्वारा क्लेम की गई राशि 400 करोड़ रुपये है, जिसे 15 दिनों के भीतर लौटाने का निर्देश दिया गया है।
    • कार्यालयों पर सख्ती: सहारा समूह के झारखंड में सील किए गए कार्यालय नहीं खोले जाएंगे। केवल रांची का जोनल कार्यालय पत्राचार के लिए चालू रहेगा।
    • गिरफ्तारी की चेतावनी: यदि निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो सहारा समूह के निदेशकों को गिरफ्तार किया जाएगा।
    • हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन: डीजीपी ने बताया कि सहारा की शाखाएं दिल्ली हाईकोर्ट के रोक आदेश के बावजूद संचालित हो रही थीं और निवेशकों से पुनः पैसे लिए जा रहे थे।

    सहारा समूह ने मांगा समय

    सहारा की लीगल टीम ने झारखंड सरकार से 15 दिनों का समय मांगा है ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके। विश्व भारती जनसेवा संस्थान के राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि झारखंड में लगभग 30,000 निवेशक हैं, जिनकी कुल राशि 4,000 करोड़ रुपये है। फिलहाल 400 करोड़ रुपये का क्लेम दर्ज हुआ है।

    सुब्रत राय का निधन

    सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत राय का निधन 2023 में कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुआ था। वे 75 वर्ष के थे।

    गंभीर मोड़ पर मामला

    झारखंड सरकार के इस अल्टीमेटम ने सहारा समूह के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अगर तय समय में राशि वापस नहीं की गई, तो कानूनी कार्रवाई तय है। निवेशकों को अब सरकार के इस कदम से न्याय की उम्मीद है।

  • CBI ने 350 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ग

    CBI ने क्रिप्टो करेंसी घोटाले का पर्दाफाश किया, 350 करोड़ से अधिक का लेन-देन उजागर

    सीबीआई ने हाल ही में एक बड़े क्रिप्टो करेंसी घोटाले का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर निवेशकों को ‘पोंजी’ योजनाओं के जरिए बड़ा मुनाफा देने का झूठा वादा कर 350 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने का आरोप है। जांच के तहत सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग, दिल्ली, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुकोटाई और चित्तौड़गढ़ सहित 10 स्थानों पर छापेमारी की।

    छापेमारी के दौरान 34 लाख रुपये नकद, क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में 38,414 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल संपत्ति और कई अन्य डिजिटल उपकरण जैसे 7 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। आरोप है कि ये आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना पोंजी योजनाएं चला रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहे थे।

    अवैध धन का क्रिप्टो करेंसी में किया गया लेन-देन
    जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट्स का इस्तेमाल कर पिछले दो वर्षों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया। ये लोग ऑनलाइन ऋण, लकी ऑर्डर, यूपीआई धोखाधड़ी और इंटरनेट बैंकिंग जैसे तरीकों से आम जनता को धोखा दे रहे थे।

    फिलहाल सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जब्त की गई डिजिटल सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है।

  • झारखंड : OBC सर्वे फरवरी  तक होगा पूरा, डोर-टू-डोर हो रहा है सर्वे

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………….

    झारखंड में ओबीसी सर्वे का काम अब तेजी पकड़ चुका है। राज्य सरकार द्वारा पिछड़ा वर्गों के सर्वे के लिए तय की गई प्रक्रिया लगभग अपने अंतिम चरण में है। इस महत्त्वपूर्ण पहल के लिए राज्य आयोग इन दिनों नगर निकाय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे करवा रहा है, जिसमें 3 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

    रिपोर्ट जनवरी में आएगी।
    आयोग के सूत्रोंने बताया कि सर्वे का काम जिला स्तर पर लगभग पूरा हो चुका है। जनवरी के अंत तक सभी जिलों की रिपोर्ट आयोग कार्यालय पहुंच जाएगी। इसके बाद, सदस्य खुद जिलों का भ्रमण कर सर्वे की सटीकता का आकलन करेंगे।

    किसी प्रतिष्ठित संस्थान को मिल सकती है फाइनल रिपोर्ट की जिम्मेदारी।
    जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर फाइनल रिपोर्ट तैयार करने के लिए किसी प्रतिष्ठित संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सरकार को यह फाइनल रिपोर्ट फरवरी के अंत तक सौंपने की योजना है।

    बिना अध्यक्ष कैसे जारी होगी सर्वे रिपोर्ट?
    राज्य आयोग में अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण ओबीसी सर्वे रिपोर्ट को जारी करने में परेशानी हो सकती है। फिलहाल आयोग केवल दो सदस्यों के सहारे काम कर रहा है। लेकिन संभावना है कि जल्द ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी, जिससे फाइनल रिपोर्ट पेश करने का रास्ता साफ होगा।

    बिहार और मध्य प्रदेश की अपनाई गयी सर्वे पद्धति।
    सर्वे शुरू करने से पहले आयोग की टीम ने बिहार और मध्य प्रदेश का दौरा किया था। हालांकि, बिहार की तुलना में मध्य प्रदेश की सर्वे पद्धति को बेहतर मानते हुए झारखंड में उसी तर्ज पर सर्वे की प्रक्रिया अपनाई गई।

    नगर निकाय चुनाव में आरक्षण का आधार बनेगी रिपोर्ट।
    इस बार का सर्वे विशेष रूप से नगर निकाय क्षेत्रों में किया जा रहा है, जहां चुनाव आयोग की नवीनतम मतदाता सूची को आधार बनाया गया है। सर्वे के लिए पांच अलग-अलग प्रपत्र तैयार किए गए हैं, जिनमें मतदाता संख्या, नाम, उम्र, लिंग, और जातीय विवरण दर्ज किया जा रहा है। ओबीसी वर्ग के लिए बीसी 1 और बीसी 2 में जातियों का विवरण स्पष्ट रूप से भरना अनिवार्य है।

    फरवरी 2025 तक पूरी होगी गणना।
    अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो फरवरी के अंत तक झारखंड सरकार ओबीसी सर्वे को पूरी तरह से अंतिम रूप दे देगी। इसके बाद, यह रिपोर्ट राज्य में ओबीसी आरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकती है।

    यह सर्वे झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। नगर निकाय चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलेगा और सरकार को उनके सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी मिलेगी।

     

  • झारखंड की सियासत में गरमाहट: मरांडी ने पूजा सिंघल प्रकरण पर सरकार को घेरा

     

    झारखंड की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण पर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    बाबूलाल मरांडी ने लिखा, “झारखंड में एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है। यहां प्रशासनिक व्यवस्था ‘रिवॉर्ड और पनिशमेंट’ की अनोखी नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट अधिकारियों को इनाम दिए जा रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों को दंडित किया जा रहा है।”

    जमानत पर बाहर अधिकारी को विभाग की जिम्मेदारी?
    मरांडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आई आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को राज्य के एक प्रमुख विभाग की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य में ईमानदारी और पारदर्शिता का क्या महत्व रह गया है।”

    सियासत में उबाल|
    बाबूलाल मरांडी के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। उनके आरोपों ने राज्य सरकार के प्रशासनिक फैसलों पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ सियासी हमला है।

    जनता के मन में सवाल|
    इस प्रकरण ने जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अधिकारियों को जिम्मेदारी देना सही है? क्या इससे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिरता नहीं?

    झारखंड की सियासत में यह मुद्दा फिलहाल गर्म है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

  • कुणाल की थार पर धोनी के ऑटोग्राफ ने खींचा आनंद महिंद्रा का ध्यान, दी खास प्रतिक्रिया

    महेंद्र सिंह धोनी ने दोस्त की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर बनाया खास पल

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अपने खास अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में धोनी अपने दोस्त और झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर एक यादगार पल का हिस्सा बने। कुणाल, जो झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, अपनी नई गाड़ी की खुशी साझा करने के लिए धोनी के फार्महाउस पहुंचे थे। धोनी ने गाड़ी की सीट पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।

    कुणाल ने इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं। इस पर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक कार वह ‘कैनवास’ होती है, जिस पर हम अपनी जिंदगी और सपनों को चित्रित करते हैं। यह थार उस शख्स के हस्ताक्षर से सज गई, जो जिंदगी जीने की कला में माहिर है।”

    धोनी का अपने दोस्तों और फैंस के साथ जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपने प्रशंसकों और करीबियों की गाड़ियों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास महसूस कराया है। कुणाल ने कहा, “धोनी न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि एक सच्चे दोस्त भी हैं। उनकी सादगी और गर्मजोशी अद्वितीय है।”

    यह घटना धोनी की विनम्रता और अपने करीबियों के प्रति उनके खास लगाव को दर्शाती है। धोनी के इस अंदाज ने उनके फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया है।

  • झारखंड: 4 जिले जहां अभी तक नहीं पहुंची है ट्रेन

    परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट ……….

     देश जब विकास के नए आयाम छूते हुए अंतरिक्ष तक अपनी छाप छोड़ रहा है, वहीं झारखंड जैसे खनिज संपदा से भरपूर राज्य के चार जिले ऐसे भी हैं, जहां आज़ादी के 75 साल बाद भी रेलवे लाइन नहीं पहुंच सकी है। ये जिले हैं खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा। लेकिन अब इस दिशा में पहल की गई है। रेलवे ने इन जिलों को जोड़ने के लिए 120 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई है, जो रांची डिवीजन के अंतर्गत आएगी।

    रेल कनेक्टिविटी: अब खत्म होगी दूरी.

    झारखंड के इन जिलों में रेल कनेक्टिविटी का सपना आखिरकार हकीकत बनने जा रहा है। ‘देर आए, दुरुस्त आए’ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए भारतीय रेलवे ने इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इन जिलों को जोड़ने वाली परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पूरी कर ली गई है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई है।

    कौन-कौन से जिले होंगे शामिल?

    रांची-लोहरदगा रेल लाइन से खूंटी, गुमला और सिमडेगा को जोड़ा जाएगा। वहीं, रांची-हजारीबाग रेल लाइन से चतरा जिला जोड़ा जाएगा। रेलवे ने झारखंड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेआरआईडीसीएल) के माध्यम से इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है।

    कहां-कहां बिछेगी रेल लाइन?

    परियोजना के तहत लोहरदगा से गुमला 55 किलोमीटर, गुमला से सिमडेगा 43 किलोमीटर, हटिया से खूंटी 20 किलोमीटर और हजारीबाग से चतरा तक 42 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। यानी कुल मिलाकर 120 किलोमीटर की रेल लाइन इन इलाकों में विकास की नई राह खोलेगी।

    सरकार की मंजूरी और बजट.

    अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लागत से चार राज्यों—उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल—के सात जिलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। झारखंड के इन चार जिलों में रेल नेटवर्क बिछने से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि राज्य के खनिज संपदा का परिवहन और तेज़ व आसान हो जाएगा।

    विकास का नया अध्याय.

    झारखंड के खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा जिलों के लिए यह परियोजना सिर्फ रेलवे कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि विकास की नई गाथा लिखने जैसा है। ये जिले अब न सिर्फ देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेंगे, बल्कि इन इलाकों में उद्योग, रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    अब इंतजार है उस दिन का, जब झारखंड के ये जिले रेल के सफर से जुड़कर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेंगे।

     

  • झारखंड हाईकोर्ट: नवंबर 2024 की वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे नगर निकाय चुनाव

     

    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में नगर निगम और स्थानीय शहरी निकाय चुनावों को लेकर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह याचिका निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने दलीलें प्रस्तुत कीं।

    स्टेट इलेक्शन कमीशन के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि उन्हें अब तक अपडेटेड वोटर लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे चुनाव की तैयारियों में बाधा आ सकती है। इस पर केंद्रीय चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर 2024 में चुनाव आयोग द्वारा झारखंड सहित अन्य राज्यों में अपडेटेड वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए गए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि उसी वोटर लिस्ट का उपयोग नगर निगम चुनावों के लिए भी किया जा सकता है।

    अदालत ने केंद्रीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित सभी तथ्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करे। आयोग के वकील ने बताया कि शपथ पत्र तैयार है और जल्द ही दाखिल किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गई है।

  • झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव रद्द, भारी हंगामा और विरोध

    झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का द्विवार्षिक चुनाव रद्द, हंगामे के कारण लिया गया फैसला।

    झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव को भारी हंगामे और विरोध के चलते रद्द कर दिया गया है। यह घोषणा चुनाव अधिकारी वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने गुरुवार को की। मतदान के दौरान हुई इस घटना के समय झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पर्यवेक्षक एमके श्रीवास्तव और बालेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। पूरी घटना की रिपोर्ट स्टेट बार काउंसिल को भेजी जाएगी।

    मतगणना के दौरान गड़बड़ी, विवाद बढ़ा।

    जानकारी के अनुसार, मतगणना के दौरान बैलेट बॉक्स खोलने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कुल 1409 वोट डाले जाने की सूचना थी, लेकिन बैलेट बॉक्स में 1509 वोट पाए गए। इस 100 वोटों के अंतर को लेकर अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ अधिवक्ताओं ने इसे बोगस वोट करार देते हुए विरोध दर्ज कराया। रिटर्निंग अफसर ने उनसे गड़बड़ी के प्रमाण मांगे, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया।

    हंगामा इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बैलेट पेपर और कुर्सियां फेंकी गईं, जिसके चलते लाइब्रेरी में बने एक केबिन का शीशा भी टूट गया।

    पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली।

    विवाद की सूचना मिलने पर विधानसभा थाना की पुलिस और हटिया डीएसपी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने हंगामे का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने उनके मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया।

    गुरुवार सुबह 10:30 बजे शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ मतदान दोपहर तक हंगामे में बदल गया। हाईकोर्ट परिसर की एसोसिएशन लाइब्रेरी में बनाए गए दो बूथों पर 7 पदाधिकारियों के लिए 37 और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के लिए 41 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होना था। सबसे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने वोट डाला।

    हंगामे के बाद चुनाव रद्द करने का फैसला लिया गया, जिससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी और निराशा का माहौल है।

  • झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन चुनाव आज

    रांची: झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव आज आयोजित किए जाएंगे। मतदान सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा। इस चुनाव में कुल 78 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सह सचिव (प्रशासन), सह सचिव (पुस्तकालय), सह कोषाध्यक्ष और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए लगभग 2000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।