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  • झारखंड 2024: सीएम को हुई जेल और भाजपा हुई फ़ेल!

    परवेज़ आलम की खास रपट ……………..

    2024  झारखंड के लिए केवल एक चुनावी साल नहीं था, बल्कि सियासत का ऐसा रंगमंच था, जहां हर दिन एक नया ट्विस्ट देखने को मिला। जनवरी से शुरू हुई उथल-पुथल नवंबर में जाकर शांत हुई, लेकिन इस दौरान झारखंड ने इतिहास भी बनाया और राजनीति के सबसे दिलचस्प पल भी देखे।

    हेमंत सोरेनकी गिरफ्तारी ।

    31 जनवरी 2024, झारखंड की राजनीति और भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज हो गया। पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को केंद्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया। ईडी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर सात घंटे पूछताछ की और फिर रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले 29 जनवरी को ईडी ने दिल्ली में शांति निकेतन स्थित उनके आवास, झारखंड भवन और उनके पिता शिबू सोरेन के घर पर छापेमारी की थी। लेकिन हेमंत सोरेन को ढूंढ नहीं पाई । 30 जनवरी को वे अचानक इंडिया गठबंधन के विधायकों के साथ रांची में बैठक करते दिखे।

    चंपाई सोरेन का मुख्यमंत्री बनना।

    31 जनवरी की रात हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा। उनकी गिरफ्तारी के बाद गठबंधन ने चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री चुना। पांच महीने तक राज्य की कमान चंपाई सोरेन के हाथ में रही

    5 महीने बाद जेल रिहाई और हेमंत की वापसी।

    28 जून 2024 को झारखंड हाई कोर्ट से हेमंत सोरेन को जमानत मिली। जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपने नए लुक से सबको चौंका दिया। लंबे बाल और दाढ़ी में वे अपने पिता शिबू सोरेन की झलक दे रहे थे। उनकी रिहाई के साथ ही गठबंधन में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गईं। और आखिरकार, 4 जुलाई को हेमंत सोरेन ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।

    चुनाव और गठबंधन की जीत।

    2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी और सीपीआई-एमएल के साथ मिलकर गठबंधन ने 81 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की। 28 नवंबर को हेमंत सोरेन ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

    बीजेपी के लिए निराशाजनक रहा साल।

    2024 बीजेपी की हार का साल भी साबित हुआ। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को झटका लगा, और विधानसभा चुनाव में उनकी हार ने झारखंड में उनकी स्थिति और कमजोर कर दी।

    झारखंड की राजनीति में 2024 का साल दिखाता है कि लोकतंत्र में एक दिन भी कितना निर्णायक हो सकता है। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से लेकर उनकी वापसी तक, सत्ता के हर पहलू में सस्पेंस, ड्रामा और नई उम्मीदें देखने को मिलीं।

    झारखंड की राजनीति को समझने के लिए इस साल को हमेशा याद किया जाएगा।
    तो दोस्तों, कैसी लगी ये कहानी ? कमेंट में अपनी राय जरूर दीजिएगा।

  • ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा : मंत्री का सख्त निर्देश

     

    गिरिडीह : गिरिडीह में ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत जिले के सभी प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

    बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने मनरेगा, अबुआ आवास योजना, और झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की।

    मुख्य निर्देश और चर्चा के बिंदु:

    1. मनरेगा और आवास योजना: मंत्री ने इन योजनाओं के तय लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए।
    2. लाभुकों को समय पर लाभ: उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ लाभुकों तक पहुंचे।
    3. झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना: 28 तारीख को आयोजित कार्यक्रम में लाभुकों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

    बैठक के दौरान सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की बात कही गई। श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने पारदर्शी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर बल देते हुए कहा, “ग्रामीण विकास योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम हैं, और इन्हें समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

    ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

     

  • भीख मांगने की आड़ में चोरी का खेल, सीसीटीवी ने खोली पोल

    गिरिडीह: दो मासूम बच्चों को साथ लेकर घर-घर भीख मांगने के बहाने दिनदहाड़े चोरी करने वाली महिला को आखिरकार नगर थाना की पुलिस ने धर दबोचा। पावर हाउस मोड़, बरगंडा रोड पर सोमवार को सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस संदिग्ध महिला को गिरफ्तार किया गया।

    क्या है मामला?
    इन दिनों गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा भीख मांगने की आड़ में चोरी की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया था।

    महिला पर आरोप है कि उसने मकतपुर रोड स्थित एसबीआई गली और आजाद नगर के घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।
    इन घटनाओं में नकद और जेवरात गायब होने की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
    बीएनएस डीएवी स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि उनके घर में भी चोरी हुई, जब उनका बेटा छत पर था। सीसीटीवी फुटेज में महिला अपने बच्चों के साथ घर से निकलती हुई दिखी।
    पुलिस की कार्रवाई. 

    नगर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के बाद महिला को गिरफ्तार किया।पुलिस का दावा है कि फुटेज में दिखने वाली यही महिला थी, जो शातिर अंदाज़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी।
    पुलिस का आरोप और पीड़ितों का बयान. 
    डीएवी स्कूल की शिक्षिका और अन्य पीड़ितों ने सीसीटीवी फुटेज में महिला की पहचान की है।
    शिक्षिका ने कहा, “चोरी के समय घर पर कोई नहीं था। फुटेज में महिला को बच्चों के साथ निकलते देखा गया।”
    पिछले घटनाक्रम.
    महिला पर डीएवी प्रिंसिपल मनीष सिन्हा और संतोष तुरी के घर चोरी करने का भी आरोप है।इन घटनाओं में नगद और जेवरात चोरी हुए थे।
    पुलिस का मानना है कि महिला लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही थी। नगर थाना की टीम अब इस महिला से गहन पूछताछ कर रही है।चोरी के नेटवर्क और अन्य वारदातों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
    पुलिस यह भी पता लगा रही है कि महिला के साथ कोई अन्य व्यक्ति इस अपराध में शामिल है या नहीं।
    आखिरी सवाल. 
    क्या महिला निर्दोष है, या फिर शातिर चोर? यह सवाल अभी बाकी है। लेकिन एक बात तय है कि पुलिस की कार्रवाई ने गिरिडीह शहर में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की कवायद तेज़ कर दी है ।

  • भू-अर्जन में तेजी के लिए उपायुक्त ने दिया सख्त निर्देश

    गिरिडीह:  जिला मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में सोमवार कोनमन प्रियेश लकड़ा ने पथ निर्माण विभाग, झारखंड सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की।
    बैठक का मुख्य उद्देश्य। 
    बैठक में उपायुक्त ने विकास परियोजनाओं में लंबित मामलों के निपटारे और परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। विशेष तौर पर एनएच-114 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें लंबित मामलों और मुआवजा वितरण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई।
    एनएच-114: लंबित मामलों का जल्द निपटारा। 
    बैठक में एनएच-114 से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जानकारी दी कि FRA (वन अधिकार अधिनियम) का निर्णय लिया जा चुका है।
    • छह मौजा के लिए अवार्ड तैयार कर रैयतों के बीच वितरित किया जा रहा है।
    • लाभुकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
    • रैयतों द्वारा भू-अर्जन कार्यालय में राजस्व दस्तावेज जमा करने के बाद मुआवजा भुगतान प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।
    भू-अर्जन में तेजी के लिए निर्देश। 
    उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को भू-अर्जन कार्यालय के साथ समन्वय बनाकर कैंप आयोजित करने और लंबित एलपीसी (भूमि प्रबंधन प्रमाणपत्र) और वंशावली प्रमाणपत्र को शीघ्र निर्गत करने का निर्देश दिया।
    अधिकारियों को समन्वय पर जोर। 
    उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को तेज करना होगा। उन्होंने कहा, “विकास कार्यों में देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
    बैठक में कौन-कौन थे मौजूद?
    इस महत्वपूर्ण बैठक में पथ निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, और भू-अर्जन कार्यालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और समयबद्धता सुनिश्चित करने का वादा किया।
    प्रगति की ओर कदम।
    जिले में चल रही सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर उपायुक्त के सख्त निर्देश और तेजी लाने की पहल यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब यह देखना अहम होगा कि परियोजनाओं की ये रफ्तार धरातल पर कैसे दिखती है।

  • झारखंड: जंगली हाथियों का आतंक, डर के साए में जी रहे हैं ग्रामीण

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………..

    झारखंड के गिरिडीह जिले में जंगली हाथियों का कहर जारी है। बीती रात चार हाथियों के झुंड ने शिकरा हेम्ब्रम के घर को तोड़ डाला और उन्हें रौंदकर मौत के घाट उतार दिया। यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक भयावह सचाई है।
    इस घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री बेबी देवी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया और तुरंत 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही उन्होंने कहा कि शेष 3,60,000 रुपये की राशि जल्द से जल्द दी जाएगी।
    बेबी देवी ने ट्वीट करते हुए कहा। 
    “आज प्रातः शिकरा हेम्ब्रम जी को हाथियों ने कुचलकर मार दिया। मैं घटनास्थल पर गई और उनके परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वन विभाग को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवार को सहयोग प्रदान किया जाए। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”
    इससे पहले सनिवार को भी सुगवाटांड़ में हाथियों ने तीन घरों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। गीता देवी, विलसी देवी और कौशल्या देवी के घर अब मलबे के ढेर में बदल चुके हैं।
    हाथियों ने घरों में रखा धान और अनाज चट कर दिया, और खेतों में लगी आलू की फसल को रौंद डाला। यह घटना न केवल इन परिवारों के लिए आर्थिक झटका है, बल्कि पूरे गांव के लिए डर का कारण भी बन गई है।
    कहां से आए ये हाथी?
    घटना से पहले हाथियों का झुंड जलेबिया घाटी के पास देखा गया था। वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए था, लेकिन रात के अंधेरे में ये झुंड सुगवाटांड़ पहुंच गया।
    सरकार और वन विभाग का कदम। 
    गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को 10,000 रुपये का चेक और एक-एक पेटी चावल दिया।
    वन विभाग ने जानकारी दी कि हाथियों को भगाने के लिए बांकुड़ा से विशेषज्ञों की टीम बुलाई जा रही है।
    लेकिन सवाल यही है: क्या सिर्फ राहत राशि और चावल देकर इस समस्या का समाधान हो सकता है?
    ग्रामीणों की गुहार: हमें चाहिए सुरक्षा, सिर्फ वादे नहीं। 
    जंगल और पहाड़ों के पास बसे गांवों के लोग अब अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हर बार हाथियों का झुंड आता है, तबाही मचाता है, और प्रशासन केवल मुआवजा देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है।
    क्या वन विभाग और सरकार के पास इन घटनाओं से निपटने की कोई ठोस योजना है?
    कब तक लोग हाथियों के डर के साए में अपनी जिंदगी जीने को मजबूर रहेंगे?
    आप क्या सोचते हैं?
    क्या झारखंड सरकार और वन विभाग इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है?
    अपनी राय कमेंट में साझा करें।

  • जंगल में अपराध की साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, देसी कट्टे बरामद

    गिरिडीह:  गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो देसी कट्टे भी बरामद किए।

    गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई. 

    गिरिडीह एसपी  डॉ. विमल कुमार ने रविवार को मीडिया को बताया कि घुज्जी जंगल में अपराधियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसडीपीओ  धनंजय राम की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपराधियों को मौके पर धर दबोचा।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान। 

    गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:

    • मो. समीर अंसारी, रेहान अंसारी, और रिजवान अंसारी (धनवार )
    • फणीभूषण साव और शिबू साव (बिरनी )
    • सिराजुद्दीन अंसारी (लालबाजार,धनवार)

    बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी। 

    पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

    आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज। 

    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, उनसे पूछताछ जारी है ताकि अपराध की पूरी साजिश का खुलासा हो सके।

    एसपी की सराहना। 

    पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने टीम की तत्परता और कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “गिरिडीह पुलिस अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता टीमवर्क और हमारी सतर्कता का परिणाम है।”

    इस कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सख्ती और अपराधियों में खौफ का संदेश गया है।

  • खौफनाक हत्या कांड: गिरिडीह में जनता का गुस्सा चरम पर

    गिरिडीह : गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में एक युवक की निर्मम हत्या ने इलाके में उबाल ला दिया है। धारदार हथियारों से हमला कर दामोदर यादव की हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    गांव का गुस्सा पुलिस के दरवाजे पर.
    हत्या की खबर के बाद कबरीबाद-चुंजका क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मुफ्फसिल थाना पहुंचे। गुस्से से लाल लोगों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी थे, जो न्याय की मांग कर रहे थे।

    मांग साफ है: आरोपी को फांसी दो।
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं दी जाती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

    हमले की खौफनाक तस्वीर।
    दामोदर यादव पर 20 से 25 युवकों के झुंड ने कबरीबाद माइंस के पास धारदार हथियारों से हमला किया। इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल दामोदर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। अब तक 11 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।\

    जयराम महतो की इंट्री । 

    घटना की जानकारी मिलते ही डुमरी के विधायक जय राम महतो भी गिरिडीह पहुंचे और मामले की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की ।

    सुरक्षा का दावा, लेकिन सवाल बरकरार। 
    हत्या के बाद मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, घटना ने इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

    ग्रामीणों का कहना है, “अगर पुलिस सतर्क होती तो यह घटना नहीं होती। हमें सुरक्षा चाहिए, सिर्फ दावे नहीं।”

    सामाजिक ताने-बाने पर असर। 
    इस निर्मम हत्या ने गिरिडीह के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर जनता का प्रशासन पर भरोसा कमजोर हुआ है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाओं ने भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।

    पुलिस प्रशासन पर अब यह दबाव है कि वह दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाए और इलाके में सुरक्षा का भरोसा बहाल करे।

  • पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हमला, विरोध में पत्रकारों की एकजुटता

    गिरिडीह: गिरिडीह में शुक्रवार को नगर निगम के अजीडीह टॉल वसूली केंद्र पर पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को नया परिषद भवन में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में गिरिडीह के पत्रकार समुदाय ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बैठक के बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने उपायुक्त को याद दिलाया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर को नगर निगम क्षेत्र में टॉल वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया था, बावजूद इसके अजीडीह केंद्र पर अवैध वसूली जारी थी। इसी मुद्दे को उजागर करने पर पत्रकार अमरनाथ पर हमला हुआ।

    इस बैठक में कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए, जिनमें राकेश सिन्हा ,अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार राय, लक्ष्मी अग्रवाल, रमेश प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा, आलोक रंजन, सूरज सिन्हा,मीरा कुमारी, शाहिद रजा, प्रकाश श्रीवास्तव, नफीस अजहर, एजाज अहमद, कैफ जद्दी, दानिश अहमद, मृणाल सिन्हा और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पपरवाटांड स्थित अमरनाथ सिन्हा के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने चौथे स्तंभ पर इस हमले की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    इसी बीच धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भी समाहरणालय पहुंचकर अमरनाथ सिन्हा से मुलाकात की और घटना की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • गिरिडीह में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम: गुड गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

    गिरिडीह। बुधवार को गिरिडीह पुलिस ने नगर भवन में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में आयोजित हो रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तरी छोटानागपुर हजारीबाग क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील भास्कर, एसपी डॉ. विमल, एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी  नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    समस्याओं के समाधान का प्रयास. 
    डीआईजी सुनील भास्कर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “गुड गवर्नेंस की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक की शिकायत का त्वरित और ऑन-द-स्पॉट समाधान हो।” उन्होंने बताया कि गिरिडीह के सभी अनुमंडल क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

    एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शिकायतों की संख्या में कमी आई है। अब तक 108 मामलों का समाधान किया गया है, जिनमें से अधिकतर घरेलू और जमीन विवाद से जुड़े हैं। एसपी ने यह भी बताया कि साइबर अपराध जिले में तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर अधिक सतर्क और जागरूक होने की अपील की।

    विशेष निर्देश और समाधान.
    कार्यक्रम के दौरान नगर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़े कई मामलों का समाधान किया गया। डीआईजी ने पारिवारिक विवादों को महिला थाना में निपटाने के निर्देश दिए। जमीन विवाद के मामलों में अंचल अधिकारी के साथ बैठक कर समाधान की बात कही। एक वृद्ध महिला ने पेंशन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, जिसे प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।

    पुलिस और प्रशासन की समन्वय
    कार्यक्रम में डीएसपी कौसर अली, सदर और बेंगाबाद अंचल अधिकारी, नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतोसहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

    यह कार्यक्रम पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण पेश करता है और नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।