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  • पूर्वी भारत का सबसे बड़ा स्किल और इनोवेशन हब बनेगा झारखंड का देवघर

    डिक्सन ने खोला देश का पहला बाहरी इनोवेशन सेंटर.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    देवघर : झारखंड के देवघर को जल्द ही कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक नया मुकाम मिलने जा रहा है। मंगलवार को सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने देवघर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) परिसर में देश की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया। यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा स्किलिंग और इनोवेशन सेंटर होगा।

    अगले साल तक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी.

    इस मौके पर सांसद डॉ. दुबे ने कहा कि यह सेंटर न केवल स्किल डेवलपमेंट का हब बनेगा, बल्कि यहां अगले साल मार्च तक वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर निर्माण यूनिट भी शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि यह सेंटर बेंगलुरु और पुणे से भी बड़ा आकार लेगा और यहां उद्योगों का एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार होगा।

    राष्ट्रीय स्तर के सर्टिफिकेट और रिसर्च सुविधा.

    इस सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को भारत सरकार की संस्था NIELIT (नायलेट) से सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके अलावा, यहां C-DAC और कोल इंडिया मिलकर 6G और 7G रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर काम करेंगे। साथ ही, सुपर कंप्यूटर निर्माण की दिशा में भी C-DAC योगदान देगा, जिसका उपयोग मेडिकल और एग्रीकल्चर रिसर्च में होगा। इसके अलावा BSNL का सेंटर भी यहां खोला जाएगा।

    डिक्सन का देश में पहला बाहरी इनोवेशन सेंटर.

    डिक्सन टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन सुनील बचानी ने कहा कि कंपनी के अभी देशभर में 27 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। अब तक सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उन्हीं प्लांट्स के भीतर संचालित होते थे। लेकिन देवघर का यह इनोवेशन सेंटर पहला ऐसा केंद्र है, जो किसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बाहर खोला गया है। उन्होंने बताया कि यहां युवाओं को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग मिलेगी और धीरे-धीरे इसे एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में बदला जाएगा।

    रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर.

    सुनील बचानी ने यह भी कहा कि यह सेंटर न केवल स्किलिंग के अवसर देगा बल्कि छोटे स्तर पर मोबाइल रिपेयरिंग से लेकर बड़े स्तर की टेक्नोलॉजी आधारित यूनिट खोलने में भी मददगार होगा। इससे स्थानीय युवाओं को व्यापक पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

    सांसद दुबे और मेक इन इंडिया का योगदान.

    डिक्सन चेयरमैन ने साफ कहा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की पहल से संभव हो पाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान की सराहना करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति कर चुका है और अब तक ढाई लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है।

    देवघर का यह इनोवेशन सेंटर न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत को नई पहचान देगा और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें विश्वस्तरीय कौशल और रोजगार उपलब्ध कराएगा।

     

  • झारखंड में होगा वोटरों का ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ SIR

    गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा.

    The News Post4u.

    देवघर/गोड्डा: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि बिहार की तर्ज पर अब झारखंड में भी चुनाव आयोग वोटरों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करेगा। इस अभियान के तहत मतदाता सूची की व्यापक और विशेष समीक्षा की जाएगी, जिसमें दोहरे नाम, फर्जी वोट और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। श्री दुबे सोमवार को देवघर में मीडिया से मुखातिब थे ।

    श्री दुबे ने कहा कि अक्सर एक ही व्यक्ति का नाम तीन-चार जगह मतदाता सूची में दर्ज होता है। SIR के बाद ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और व्यक्ति को केवल उसी स्थान पर मतदान का अधिकार होगा, जहां वह वास्तविक रूप से निवास करता है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही वोट देने की उम्र 18 वर्ष करने और एक मतदाता का नाम सिर्फ एक जगह रखने की व्यवस्था की थी, जिसे संसद ने मंजूरी दी थी।

    बांग्लादेशियों से छीनेगा वोट डालने का अधिकार’
    सांसद ने दावा किया कि SIR लागू होने से झारखंड में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे, जिससे उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस ने चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल किया है और अब विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सस्ती राजनीति कर रहा है।

    राहुल गांधी पर निशाना.
    श्री दुबे ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रीय हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

    क्या है SIR?
    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत—

    • मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है
    • फर्जी और दोहरे नाम हटाए जाते हैं
    • मृत मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जाते हैं
    • नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं

    यह प्रक्रिया आमतौर पर विधानसभा या लोकसभा चुनाव से पहले की जाती है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों तथा फर्जी वोटिंग पर रोक लगाई जा सके।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे को लेकर तैयारियां तेज

    मुख्य सचिव  ने दिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल पुख्ता करने के निर्देश.

    For The News Post4u.

    रांची : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  के झारखंड के  दो दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने मंगलवार को देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा से लेकर कार्यक्रम संचालन तक हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी। 31 जुलाई से 1 अगस्त तक राष्ट्रपति झारखंड मे रहेंगी ।

    ADVT.

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राष्ट्रपति के झारखंड प्रवास के दौरान हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि देवघर में सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कांवरिया पथ को बिना प्रभावित किए राष्ट्रपति के एयरपोर्ट से एम्स तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर लिया गया है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुर्मू का पूर्व निर्धारित झारखंड दौरा 10-11 जून को अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया था। उस समय भी तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के झारखंड दौरे को यादगार और गरिमामय” बनाने का निर्देश दिया था, जिसे इस बार भी दोहराया गया।

    कार्यक्रमों का ब्यौरा:

    • राष्ट्रपति देवघर में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।
    • इसके बाद वे धनबाद स्थित IIT (ISM) के दीक्षांत समारोह में भी शिरकत करेंगी।
    • रांची में भी उनके कुछ निर्धारित कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की हर व्यवस्था के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की।

    • वाणिज्य कर विभाग के सचिव अमिताभ कौशल और आईजी अखिलेश कुमार झा को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।
    • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को पब्लिक एड्रेस सिस्टम और मीडिया व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।

    प्रमुख तैयारियों पर हुई चर्चा:

    • राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों पर मंच व्यवस्था, राष्ट्रीय गान, रेड कार्पेट और बुके, कारकेड और आउट राइडर्स,
    • फोटोग्राफरों के लिए खुले वाहन, बैगेज वैन, छाता, ध्वनि विस्तारक यंत्र,
    • प्रमुख अतिथियों की सूची, मंच से बोलने वालों की सूची,
    • देवघर एयरपोर्ट से एम्स तक की सुरक्षा व्यवस्था,
    • चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन व्यवस्था,
    • राष्ट्रपति के साथ आनेवाले अतिथियों के ठहराव और भोजन जैसी व्यवस्थाओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

    देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों ने भी अपने-अपने जिलों में राष्ट्रपति के संपूर्ण प्रवास के लिए ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि राष्ट्रपति के प्रत्येक कार्यक्रम प्रोटोकॉल के अनुरूप और शिष्टाचार पूर्ण वातावरण में संपन्न होंगे।

    मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्रपति का यह दौरा ना केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा को भी ऊंचाई दे सके।

  • देवघर में राजकीय श्रावणी मेले का भव्य उद्घाटन

    EDITED BY: परवेज़ आलम

    FOR THE NEWS POST4U

    देवघर: गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवघर जिले के दुम्मा स्थित झारखंड के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक श्रद्धा और आधुनिक तकनीक के समावेश के साथ राजकीय श्रावणी मेले का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, और श्रम नियोजन मंत्री संजय प्रसाद यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। तीनों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना कर फीता काटा और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच मेले की शुरुआत की।

    श्रद्धालुओं की सुविधा में तकनीक का सहारा.

    उद्घाटन के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन ने इस बार श्रावणी मेले को पहले से बेहतर और सुरक्षित बनाने की हरसंभव कोशिश की है। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और यात्रा अनुभव को यादगार बनाने के लिए एआई (AI) आधारित सिस्टम लागू किया गया है। इसमें:

    • AI चैटबॉट: यात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए।
    • QR कोड सिस्टम: जरूरी जानकारी स्कैन कर तुरंत उपलब्ध कराने के लिए।
    • RFID ट्रैकिंग सिस्टम: छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें ट्रेस और ट्रैक करने की सुविधा।

    इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना.

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि कांवरिया पथ को और सुगम बनाने के लिए सरकार की ओर से विस्तृत योजना बनाई गई है।

    • खिजुरिया से मानसरोवर तट स्थित क्यू कॉम्प्लेक्स तक फूट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण प्रस्तावित है। यह सर्कुलर रोड पार करने में कांवरियों को हो रही असुविधा को दूर करेगा।
    • दुम्मा से खिजुरिया तक के मार्ग को पहले ही सुविधाजनक बना दिया गया है, और अब इसके आगे मंदिर तक की सड़क को भी समर्पित कांवर पथ के रूप में विकसित किया जाएगा।
      इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को आसानी होगी, बल्कि देवघर शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित हो जाएगी।

    मंत्रियों ने जताया विश्वास और आभार.

    ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से मेले के दौरान वर्षा भी हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ किसानों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा, “हम सभी मिलकर मेले को सफल बनाएंगे।”
    वहीं, श्रम नियोजन मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि नगर विकास विभाग और जिला प्रशासन ने समर्पित भाव से मेले की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया है।

    प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम.

    देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जानकारी दी कि इस बार सुरक्षित और सुगम जलार्पण की दिशा में हर संभव उपाय किए गए हैं। प्रशासन ने AI चैटबॉट, रियल टाइम सहायता, पानी और चिकित्सा की सुविधा, तथा यातायात नियंत्रण के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।

    उद्घाटन में उमड़ा जनसैलाब.

    पूजन और उद्घाटन समारोह के दौरान दुम्मा प्रवेश द्वार “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और अधिकारियों की उपस्थिति में माहौल भक्तिमय हो गया। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि झारखंड सरकार पारंपरिक भावनाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के सहारे एक समर्पित और सशक्त व्यवस्था देने के लिए तत्पर है।

     

  • इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने ‘आभार’ समारोह में रचा इतिहास

     By The News Post4u.

    देवघर : देवघर में आयोजित डिस्ट्रिक्ट अवॉर्ड फंक्शन ‘आभार’  में इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने अपने उत्कृष्ट कार्यों, समाज सेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणादायक टीमवर्क के बल पर कई पुरस्कार हासिल कर नया इतिहास रच दिया। इस कार्यक्रम में क्लब को आउटस्टैंडिंग क्लब” के खिताब से सम्मानित किया गया, जो कि क्लब के लिए एक गर्व का क्षण रहा।

    कार्यक्रम में क्लब की अध्यक्ष सोनाली तरवे को बेस्ट प्रेसिडेंट”, सचिव राखी झुनझुनवाला को बेस्ट सेक्रेटरी”, कोषाध्यक्ष स्मृति आनंद को आउटस्टैंडिंग ट्रेज़रर”, और एडवोकेट सुनीता शर्मा को एफिशिएंट ISO” का अवार्ड मिला। इसके अतिरिक्त दीप्ति सिन्हा को आउटस्टैंडिंग एडिटर” के रूप में सम्मानित किया गया।

    प्रोजेक्ट आधारित विशेष सम्मान :

    क्लब की सेवा भावना और रचनात्मक पहलों को देखते हुए उन्हें निम्नलिखित सामाजिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी सम्मानित किया गया:

    • मियावाकी फॉरेस्ट प्रोजेक्ट के लिए पुरस्कार
    • कार रैली में सक्रिय भागीदारी के लिए सम्मान
    • साड़ी वॉकाथॉन के लिए विशेष पुरस्कार
    • वाटर कूलर प्रोजेक्ट में उत्कृष्ट कार्य
    • यूनिक प्रोजेक्ट के लिए विशेष प्रशंसा
    • डिस्ट्रिक्ट 329 के साथ संयुक्त परियोजना में योगदान के लिए सम्मान

    क्लब की प्रेरणा और समर्पण:

    क्लब की अध्यक्ष सोनाली तरवे ने मंच से कहा, यह उपलब्धि सिर्फ पुरस्कारों की नहीं, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए समर्पित कार्यों की पहचान है। हमारे हर सदस्य का योगदान अतुलनीय है।”

    उन्होंने विशेष रूप से PDC पूनम सहाय जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी सतत प्रेरणा और मार्गदर्शन के बिना यह सफर इतना सफल नहीं हो सकता था।

    क्लब की सचिव राखी झुनझुनवाला ने भी मंच से अपने वक्तव्य में कहा, हमारी पूरी टीम ने एक परिवार की तरह मिलकर हर योजना को साकार किया है, यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

    इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की यह सफलता न केवल क्लब के लिए, बल्कि पूरे गिरिडीह के लिए गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि जब समर्पण, नेतृत्व और सेवा की भावना मिलती है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

  • देवघर में आयोजित हुई उच्चस्तरीय बैठक, श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों का खाका तैयार

    देवघर :  आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2025 की भव्य और सुरक्षित आयोजन को लेकर मंगलवार को  देवघर परिसदन सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार  सोनू ने की।

    बैठक में पर्यटन सचिव, देवघर व दुमका के उपायुक्त, पर्यटन निदेशक, और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी विभागों की तैयारियों कीसमीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहजता प्रदान की जाए।

    श्रावणी मेला: केवल आयोजन नहीं, आस्था का उत्सव.

    बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, “श्रावणी मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी है। हमारा लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक अनुभव मिले।” उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्यों की प्राथमिकता पर बल देते हुए निर्देशित किया।

    VIP दर्शन पर रोक: समानता को प्राथमिकता.

    एक बड़ा निर्णय यह लिया गया कि इस बार श्रावणी मेले में हर सोमवार को VIP और VVIP दर्शन की सुविधा पूर्णतः बंद रहेगी। इस कदम का उद्देश्य यह है कि किसी भी श्रद्धालु को विशेषाधिकार की वजह से पीछे न हटना पड़े और सभी को समान अवसर मिल सके।

    तकनीक का मेल से रिश्ता: स्मार्ट मेला 2025.

    इस वर्ष मेला क्षेत्र में तकनीकी हस्तक्षेप को बढ़ाते हुए डिजिटल और AI आधारित सुविधाओं को प्रमुखता दी जा रही है:

    • AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम
    • AI चैटबोट – श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, फीडबैक और हेल्पलाइन सेवाएं
    • AI ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
    • QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम
    • लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम
    • डिजिटल पवेलियन – संस्कृति और पर्यटन को डिजिटल रूप में दिखाने की पहल

    श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं.

    श्रावणी मेला 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इन विशेष व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया:

    • स्वास्थ्य केंद्र और सहायता केंद्र
    • टेंट सिटी, स्वच्छ स्नानगृह, शौचालय, कूड़ेदान
    • पेयजल व्यवस्था, मिस्ट कूलिंग (इंद्र वर्षा)
    • सजावट और स्वागत तोरण द्वारों की भव्य योजना

    सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की व्यापक योजना.

    मंत्री ने साफ किया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस हेतु:

    • थाना और ट्रैफिक नियंत्रण केंद्र की व्यवस्था
    • अपराध नियंत्रण, वाहन पार्किंग, रूटलाइनिंग की स्पष्ट रणनीति
    • CCTV निगरानी, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबल और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल

    हर विभाग को मिला समयबद्ध कार्य का निर्देश.

    नगर विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, जनसंपर्क, बिजली, स्वास्थ्य, भवन निर्माण आदि विभागों को अपने-अपने कार्यों को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

    श्रावणी मेला 2025: श्रद्धा, व्यवस्था और तकनीक का संगम.

    11 जुलाई से 09 अगस्त 2025 तक चलने वाले इस राजकीय आयोजन को सफल बनाने के लिए झारखंड सरकार पूरी तरह संकल्पित है। इस बार का मेला केवल आस्था का नहीं, बल्कि सुनियोजित व्यवस्था और तकनीक के संगम का प्रतीक होगा।

  • मंत्री हफीजुल हसन ने दी सफाई , भाजपा बर्खास्तगी की मांग पर अड़ी  

    झारखंड की सियासी फिजा इन दिनों एक बयान से राजनीति गरमाई हुई है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन का एक कथित बयान— “शरीयत संविधान से ऊपर है” — राजनीतिक हलकों में बीते चार दिनों से हलचल मचा रखा  है। विपक्षी दल भाजपा ने इस बयान को लेकर मंत्री पर सीधा हमला बोला है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है।

    लेकिन क्या मंत्री ने सचमुच ऐसा कहा था? या फिर बयान को संदर्भ से काट कर, अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार परोसा गया? राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप नई बात नहीं, लेकिन जब बात संविधान और धार्मिक मूल्यों की हो, तो सावधानी और संवेदनशीलता दोनों की जरूरत होती है।

    भाजपा का हमला: ‘संविधान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस कथन को भारतीय संविधान का अपमान बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि हसन का यह बयान सामाजिक सौहार्द्र के लिए खतरा है और झारखंड जैसे विविधता वाले राज्य में इस तरह की सोच की कोई जगह नहीं हो सकती। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से साफ शब्दों में मांग की कि हसन को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

    मंत्री की सफाई: ‘बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’

    इस पूरे विवाद के बीच मंत्री हफीजुल हसन ने मीडिया के सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनका बयान गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा, “मैं बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान को सर्वोपरि मानता हूं। मेरी राजनीति हमेशा सामाजिक न्याय, समावेशिता और बराबरी के सिद्धांतों पर आधारित रही है। मैं ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं करता जो देश के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध हो।”

    हसन ने आगे जोड़ा, “संविधान ही हमें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। मेरा विश्वास उसी संविधान पर है, जिसने हमें यह आजादी और अधिकार दिए हैं।”

    भाजपा नेताओं पर पलटवार: ‘नफरत की राजनीति बंद हो’

    हसन ने अपनी सफाई में भाजपा नेताओं पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, “देश के कई केंद्रीय मंत्री मंच से अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ बातें करते आए हैं— किसी ने ‘गोली मारो’ के नारे लगवाए, तो किसी ने देश छोड़ने की धमकी दी। क्या वह संविधान की रक्षा है या संविधान से खिलवाड़?”

    उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म को लेकर प्रेम होना स्वाभाविक है, लेकिन यह प्रेम दूसरे धर्म के प्रति नफरत नहीं बन जाना चाहिए। “हम सबको अपने-अपने धर्म से लगाव हो सकता है, लेकिन उस लगाव में दूसरों के धर्म का अपमान न हो, यही संविधान की आत्मा है,” उन्होंने कहा।

    संवैधानिक मूल्यों से नहीं हटूंगा”: हसन का संकल्प.

    बयान के अंत में हसन ने यह स्पष्ट किया कि वे अपने संवैधानिक कर्तव्यों से कभी पीछे नहीं हटेंगे। “मैं झारखंड के हर समुदाय के लिए न्याय, समानता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। संविधान मेरी राजनीति की धुरी है और वही मेरी सोच की दिशा तय करता है।”

    यह विवाद केवल एक बयान का नहीं है। यह एक बड़े विमर्श का हिस्सा है—धर्म और संविधान के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का। जब राजनीतिक दल इस संतुलन को अपने-अपने नजरिए से तोड़ते-मरोड़ते हैं, तो सवाल उठता है: क्या वाकई चिंता संविधान की है या उसका इस्तेमाल सियासी लाभ के लिए हो रहा है?

     

  • देवघर साइबर पुलिस की कार्रवाई: 12 साइबर ठग गिरफ्तार, फर्जी अधिकारी बनकर कर रहे थे धोखाधड़ी

    देवघर साइबर थाना की विशेष टीम ने कुंडा और जसीडीह थाना क्षेत्रों में स्थित नैयाडीह और पैनी गांव के समीप जंगल में छापेमारी कर 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी खुद को फर्जी ब्लॉक अधिकारी बताकर आम लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, जैसे किसान समृद्धि योजना और मंईयां सम्मान योजना, का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं:

    • सारठ थाना क्षेत्र: श्याम सुंदर दास (डुमरिया गांव), नितेश कुमार दास (रानीबांध गांव)
    • मधुपुर थाना क्षेत्र: विक्रम दास (चक बगजोरा गांव), कुंदन दास (पसिया गांव)
    • मोहनपुर थाना क्षेत्र: अमित कुमार (खरगडीहा गांव), अख्तर अंसारी (लतासारे गांव)
    • करौं थाना क्षेत्र: सफाकत अंसारी, सरफराज अंसारी, सिराज अंसारी (नागादारी गांव, बुढ़ियाबाद टोला)
    • देवीपुर थाना क्षेत्र: सूरज कुमार दास (बिरनियां गांव)
    • कुंडा थाना क्षेत्र: अनिल कुमार दास (कुरुमटांड़ गांव)

    साक्ष्य बरामद, साइबर ठगी का बड़ा जाल उजागर

    पुलिस की छापेमारी टीम ने आरोपियों के पास से 17 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड (23 सामान्य और 11 प्रतिबिंब टारगेटेड सिम) बरामद किए हैं। जांच के दौरान, इन मोबाइल नंबरों के खिलाफ पहले से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे क्रेडिट कार्ड अधिकारी बनकर फर्जी कॉल करते थे और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते थे।

    मुख्य आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले

    गिरफ्तार श्याम सुंदर दास के खिलाफ साइबर ठगी और आईटी एक्ट के तहत पहले भी मामला दर्ज है। वर्ष 2020 में साइबर थाना में दर्ज एक ठगी मामले में वह पहले भी जेल जा चुका है।

    पुलिस की अपील: सतर्क रहें, साइबर अपराध की सूचना दें

    देवघर पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने बताया कि अगर किसी को साइबर ठगी की जानकारी मिलती है, तो वह मोबाइल नंबर 9798302117 पर गुप्त सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

    इसके अलावा, पुलिस ने लोगों से कहा कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें और गूगल या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखने वाले अनजान कस्टमर केयर/हेल्पलाइन नंबरों पर भरोसा न करें। आधिकारिक सहायता के लिए हमेशा संबंधित संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट पर ही संपर्क करें।

    यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत जरूर दर्ज कराएं।

  • डिजिटल अरेस्ट का शिकार होते पढ़े-लिखे लोग, युवती के साथ हुआ 24 घंटे का साइबर टॉर्चर

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……………

    हर दिन मोबाइल पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत डिजिटल अरेस्ट को लेकर जागरूकता कॉलर ट्यून सुनाई देती है। अखबारों और विभिन्न कार्यक्रमों में भी इसके बारे में चर्चा होती रहती है। बावजूद इसके, पढ़े-लिखे लोग भी साइबर अपराधियों के जाल में फंसते जा रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला देवघर में सामने आया, जहां पीजी तक पढ़ाई कर चुकी एक युवती को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया गया।

    कैसे हुआ साइबर क्राइम?

    शुक्रवार को देवघर के विलियम्स टाउन इलाके की एक युवती को ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर 24 घंटे तक कैद रखा। अपराधी उसे लगातार मानसिक यातनाएं देते रहे और हर उस निर्देश का पालन करवाया, जो उन्होंने दिया। इस दौरान युवती सोई, खाई, पी और यहां तक कि अपने पिता से बात कराकर बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी साझा कर दी।

    सौभाग्य से, वह ठगी से बच गई, लेकिन जब वह पुलिस थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो उसका डर उसके कांपते हाथों और सहमे हुए चेहरे पर साफ झलक रहा था।

    तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज है” – एक फोन कॉल जिसने जिंदगी बदल दी!

    घटना 6 फरवरी की है, जब युवती की सामान्य दिनचर्या चल रही थी। तभी अचानक एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि तुम्हारे खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने का केस दर्ज हुआ है!”

    जब युवती ने यह कहकर इनकार किया कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया,” तो कॉलर ने उसे एक सीनियर अधिकारी से बात करवाई।

    इसके बाद…

    🔹 फोन पर ही एक फर्जी अरेस्ट वारंटभेज दिया गया।
    🔹 वीडियो कॉल पर युवती को कैद कर लिया गया।
    🔹 कहा गया कि तुम्हारे घर की निगरानी की जा रही है, बाहर मत निकलना!
    🔹 डराने के लिए वर्दी में फोटो भी दिखाया गया।
    🔹 अगर किसी को बताया, तो पूरे परिवार की जान खतरे में पड़ जाएगी” – धमकी दी गई।

    24 घंटे तक साइबर टॉर्चर – पिता तक को झांसे में लिया!

    गुरुवार से शुक्रवार तक युवती पूरी तरह ठगों के जाल में फंसी रही। इस दौरान उसने किसी से संपर्क करने की हिम्मत नहीं की। जब सुबह उसने बड़ी मुश्किल से अपने पिता से बात करने की गुहार लगाई, तो अपराधियों ने पिता को भी अपने जाल में फंसा लिया।

    पिता से एक बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी ले ली गईं। लेकिन इस बीच युवती के भाई को इस घटना की जानकारी हो गई। उसने अपने दोस्त को युवती के घर भेजा, जिसने किसी तरह समझा-बुझाकर युवती को साइबर थाना जाने के लिए तैयार किया।

    अगर युवती समय रहते पुलिस के पास नहीं पहुंचती, तो वह गलत कदम उठा सकती थी।

    क्या है डिजिटल अरेस्ट?

    👉 डिजिटल अरेस्ट भारतीय कानून में मान्य नहीं है।
    👉 यह साइबर क्राइम का नया तरीका है।
    👉 अपराधी सोशल मीडिया प्रोफाइल से जानकारी चुराते हैं और फिर पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
    👉 गिरफ्तारी का डर दिखाकर वीडियो कॉल के जरिए घर में नजरबंदकर देते हैं।
    👉 बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन, सीबीआई ऑफिस जैसी तस्वीरें दिखाकर पीड़ित को भ्रमित करते हैं।
    👉 किसी ऐप को डाउनलोड कराकर या डिजिटल फॉर्म भरवाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से?

    ✔️ अज्ञात नंबरों से आए कॉल पर सतर्क रहें।
    ✔️ किसी भी फर्जी अरेस्ट वारंट या केस के नाम पर डरें नहीं।
    ✔️ अगर कोई आपको डराकर बैंक डिटेल्स मांग रहा है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
    ✔️ सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, फोटो और नंबर शेयर न करें।
    ✔️ अगर कोई वीडियो कॉल पर आपको कैदकर रहा है, तो तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी दें।

    डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना ही सुरक्षा है!

    देवघर की यह घटना सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि सबक है कि साइबर ठग कितने शातिर हो सकते हैं। पढ़े-लिखे लोग भी इन अपराधियों के जाल में फंस सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस की मदद लें!

  • मुख्यमंत्री हेमंत और कल्पना ने की भगवान भोलेनाथ की पूजा

    देवघर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी धर्मपत्नी, गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने आज देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तीर्थ पुरोहितों ने विधिवत शिवलिंग का जलाभिषेक कराया। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने झारखंडवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए बाबा से प्रार्थना की।

    देवघर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत. 
    देवघर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी का स्वागत जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने किया। सारठ के विधायक उदय शंकर सिंह, संथाल परगना कमिश्नर लालचंद दादेल, आई.जी. क्रांति कुमार, डी.आई.जी. संजीव कुमार, उपायुक्त विशाल सागर और पुलिस अधीक्षक अजीत पीटर डुंगडुंग ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मौके पर मुख्यमंत्री को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

    बासुकीनाथ धाम में बाबा भोलेनाथ की पूजा. 
    इसके बाद मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन दुमका जिले के प्रसिद्ध बासुकीनाथ धाम पहुंचे। वहां भी तीर्थ पुरोहितों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। मुख्यमंत्री ने राज्य की खुशहाली और प्रगति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की।

    धार्मिक आस्था और झारखंड की पहचान.
    बाबा बैद्यनाथ और बासुकीनाथ धाम न केवल झारखंड की धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर भी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह धार्मिक दौरा झारखंड की परंपरा और धार्मिक भावनाओं से जुड़ाव को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल धार्मिक महत्त्व को बल दिया है, बल्कि राज्य के विकास और जनहित के लिए उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है।