Tag: Giridih Cyber crime

  • साइबर अपराधियों पर कड़ा प्रहार, फुरसोडीह गांव से तीन गिरफ्तार

    मनमोहन की रिपोर्ट………..

    गिरिडीह पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए है, और एक बार फिर इस मुहिम में बड़ी सफलता मिली है। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के फुरसोडीह गांव में प्रतीबिंब पोर्टल के माध्यम से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार अपराधियों में अदालत अंसारी, समीर अंसारी उर्फ इसाक अंसारी और समसुद अंसारी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिमकार्ड बरामद किए हैं। गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मीडिया को र इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी।

    गर्भवती महिलाओं को बनाते थे शिकार।

    गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ये गिरोह गर्भवती महिलाओं को मातृत्व राशि दिलाने के नाम पर ठगी करता था। इतना ही नहीं, एयरटेल पेमेंट बैंक का अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करना भी इनका तरीका था।

    छापेमारी टीम में कौन-कौन थे शामिल?

    इस सफल ऑपरेशन में साइबर डीएसपी आबिद खान, विजय कुमार (साइबर थाना प्रभारी), पुनित कुमार गौतम, गुंजन कुमार, गजेन्द्र कुमार, सोनू कुमार नाग, मो. फिरोज आलम समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

    गिरिडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा!

  • साइबर अपराध: ठगी की कहानी जानकार आप हो जाएंगे हैरान !

    गिरिडीह:गिरिडीह पुलिस ने ठगी के खेल में माहिर चार शातिर साइबर अपराधियों को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। मोहनपुर के जंगल में ये ठग अपने फर्जीपन के जाल में लोगों को फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई चट कर रहे थे। लेकिन, गिरिडीह पुलिस की फुर्ती और सूझबूझ ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार ठगों में अहिल्यापुर के पंडरिया गांव का अफजल अंसारी, मो. समीम, गांडेय के घाटकुल गांव का मो. मनीर अंसारी और रयूफ अंसारी शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी आबिद खान ने मंगलवार को मीडिया को  इसकी जानकारी दी।

    कैसे हुआ खुलासा?
    एसपी डॉ. विमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर जंगल में कुछ लोग छिपकर साइबर ठगी का खेल खेल रहे हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और इन चारों को रंगे हाथ दबोच लिया। ये अपराधी कोरियर कंपनियों की वेबसाइट पर फर्जी नंबर डालने और एयरटेल पेमेंट बैंक के फर्जी अधिकारी बनने का नाटक कर लोगों को ठगते थे।

    अफजल: साइबर ठगी का ‘महागुरु’। 
    गिरफ्तार अफजल अंसारी इस गोरखधंधे में पिछले 10 साल से सक्रिय है। कोरियर सर्विस की आड़ में उसने गूगल पर दर्जनभर फर्जी नंबर डाल रखे थे। ये नंबर जब किसी ग्राहक को कोरियर रिटर्न करने की जरूरत होती, तो उसके गिरोह के पास पहुंच जाते।

    ठगी का तरीका:

    • ग्राहक को फोन पर फर्जी डिलीवरी रिटर्न की प्रक्रिया बताई जाती।
    • उनकी गोपनीय जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल्स ले ली जाती।
    • और कुछ ही सेकंड में उनके खाते से रकम गायब!

    सावधान रहें:
    डीएसपी आबिद खान ने बताया, “अगर आप कोरियर या ऑनलाइन ऑर्डर रिटर्न कर रहे हैं, तो केवल कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। गूगल पर दिख रहे अनजान नंबरों से सतर्क रहें।”

    गिरिडीह पुलिस का बड़ा कदम।
    इस कार्रवाई ने गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की गंभीरता को साफ कर दिया है। लेकिन सवाल यह है—क्या यह गिरफ्तारी इस संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काफी है? तो दोस्तों आपका सतर्क रहना ही इन ठगों के खेल को खत्म कर सकता है!

  • गिरिडीह: पुलिस ने एक बार फिर से तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया है।

    बैंक अधिकारी बनकर और कोरोना वैक्सीन के बदले सरकारी अनुदान का झांसा देकर करते थे ठगी

    गिरिडीह: साइबर थाना पुलिस ने बेगाबाद थाना क्षेत्र के खंडोली मोड़ पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में गांडेय थाना क्षेत्र के पंदनाटाड़ निवासी साहिल अंसारी (19 वर्ष) और नजमुल अंसारी (23 वर्ष), साथ ही बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पुर्री निवासी प्रमोद यादव (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। इस संबंध में जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी आबिद खान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

    साइबर डीएसपी ने बताया कि एसपी गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि खंडोली मोड़ के पास कुछ साइबर अपराधी धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई के लिए एसपी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान ने किया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, पुअनि पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, सअनि गजेंद्र कुमार, आरक्षी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    जांच में सामने आया कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। इससे वे बैंक खातों की जानकारी चुराकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बदले ₹10,000 की सरकारी सहायता का झांसा देकर भी लोगों को धोखा देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 44/2024 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।