साइबर अपराध: ठगी की कहानी जानकार आप हो जाएंगे हैरान !

गिरिडीह:गिरिडीह पुलिस ने ठगी के खेल में माहिर चार शातिर साइबर अपराधियों को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। मोहनपुर के जंगल में ये ठग अपने फर्जीपन के जाल में लोगों को फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई चट कर रहे थे। लेकिन, गिरिडीह पुलिस की फुर्ती और सूझबूझ ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार ठगों में अहिल्यापुर के पंडरिया गांव का अफजल अंसारी, मो. समीम, गांडेय के घाटकुल गांव का मो. मनीर अंसारी और रयूफ अंसारी शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी आबिद खान ने मंगलवार को मीडिया को  इसकी जानकारी दी।

कैसे हुआ खुलासा?
एसपी डॉ. विमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर जंगल में कुछ लोग छिपकर साइबर ठगी का खेल खेल रहे हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और इन चारों को रंगे हाथ दबोच लिया। ये अपराधी कोरियर कंपनियों की वेबसाइट पर फर्जी नंबर डालने और एयरटेल पेमेंट बैंक के फर्जी अधिकारी बनने का नाटक कर लोगों को ठगते थे।

अफजल: साइबर ठगी का ‘महागुरु’। 
गिरफ्तार अफजल अंसारी इस गोरखधंधे में पिछले 10 साल से सक्रिय है। कोरियर सर्विस की आड़ में उसने गूगल पर दर्जनभर फर्जी नंबर डाल रखे थे। ये नंबर जब किसी ग्राहक को कोरियर रिटर्न करने की जरूरत होती, तो उसके गिरोह के पास पहुंच जाते।

ठगी का तरीका:

  • ग्राहक को फोन पर फर्जी डिलीवरी रिटर्न की प्रक्रिया बताई जाती।
  • उनकी गोपनीय जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल्स ले ली जाती।
  • और कुछ ही सेकंड में उनके खाते से रकम गायब!

सावधान रहें:
डीएसपी आबिद खान ने बताया, “अगर आप कोरियर या ऑनलाइन ऑर्डर रिटर्न कर रहे हैं, तो केवल कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। गूगल पर दिख रहे अनजान नंबरों से सतर्क रहें।”

गिरिडीह पुलिस का बड़ा कदम।
इस कार्रवाई ने गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की गंभीरता को साफ कर दिया है। लेकिन सवाल यह है—क्या यह गिरफ्तारी इस संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काफी है? तो दोस्तों आपका सतर्क रहना ही इन ठगों के खेल को खत्म कर सकता है!

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