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  • 16 साल पुराने अफीम खेती मामले में 27 आरोपी बरी, विशेष अदालत ने कहा- आरोप साबित नहीं हुए

    गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह में 16 वर्ष पुराने अफीम की अवैध खेती और कारोबार से जुड़े मामले में विशेष न्यायाधीश प्रथम कंवलजीत चोपड़ा की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 27 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाता है।

    2010 में दर्ज हुआ था मामला

    बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने बताया कि 14 फरवरी 2010 को लोकाय नयनपुर थाना में तत्कालीन अवर निरीक्षक आर.के. शाह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में लुकाई नयनपुर गांव के 29 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

    पुलिस का आरोप था कि आरोपी अपनी जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती करते थे और उसका कारोबार भी करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 8 किलोग्राम अफीम बरामद करने का दावा किया था। जांच पूरी होने के बाद विशेष न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।

    बचाव पक्ष ने उठाए कई तकनीकी सवाल

    सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने अदालत में दलील दी कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए मादक पदार्थ को कानून के अनुरूप प्रमाणित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि जांच और साक्ष्य में कई ऐसी खामियां हैं, जिनसे अभियोजन के पूरे मामले पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भोले-भाले ग्रामीण पिछले 16 वर्षों से अदालत के चक्कर लगा रहे थे, जबकि अभियोजन पक्ष समयबद्ध और प्रभावी तरीके से मामले को साबित करने में असफल रहा। मुकदमे के दौरान एक आरोपी की मृत्यु भी हो गई।

    अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?

    अपर लोक अभियोजक अशोक दास ने अदालत में कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने अदालत से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    अदालत ने क्यों किया बरी?

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से कई संदेह उत्पन्न होते हैं। आपराधिक मामलों में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाता है। इसी आधार पर अदालत ने 27 आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।

    16 साल बाद मिली राहत

    मामले के कई आरोपी अब 80 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं। लंबे समय तक मुकदमा झेलने के बाद अदालत का फैसला आने पर आरोपियों और उनके परिजनों में राहत और खुशी का माहौल देखा गया।

    बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह “न्याय की जीत” है और अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष फैसला सुनाया।

  • ओबीसी का जनगणना को लेकर गिरिडीह में प्रदर्शन, 2027 की जनगणना में अलग कॉलम की मांग

    द न्यूज़ पोस्ट फॉर यू  डेस्क

    गिरिडीह । वर्ष 2027 की जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम शामिल करने तथा सभी जातियों की जाति आधारित जनगणना कराने की मांग को लेकर गिरिडीह में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तलेप्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पटवा ने किया, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा विशेष रूप से मौजूद रहे।

    रैली के उपरांत मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपते हुए आगामी जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए पृथक कॉलम और व्यापक जातिगत जनगणना की मांग उठाई।

    सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम के बजाय जमीनी स्तर पर भौतिक रूप से कराई जानी चाहिए, ताकि आंकड़ों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 1931 तक देश में नियमित रूप से जाति आधारित जनगणना होती थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया, जिससे विभिन्न वर्गों की वास्तविक जनसंख्या का आंकलन प्रभावित हुआ।

    नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र में रही विभिन्न सरकारों ने जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर ओबीसी समाज की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार, प्रतिनिधित्व और भागीदारी दिलाने के लिए है।

    कार्यक्रम को बहुजन मुक्ति पार्टी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा और बहुजन क्रांति मोर्चा का भी समर्थन प्राप्त हुआ। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए, जिससे शहर का माहौल आंदोलनमय बना रहा।

    सभा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, प्रो. जागेश्वर यादव, अधिवक्ता कामेश्वर प्रसाद यादव, मुखिया दामोदर कुमार साहू, रीतलाल प्रसाद वर्मा, जयनारायण दास, भीखी राम पासवान, अरविंद नागवंशी, सूरज यादव, संतोष प्रसाद यादव और शाहिद रजा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रवीण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

    इस अवसर पर बिनोद कुमार स्वर्णकार, गुलाम शाकिर, सुरेश दास, दामोदर राणा, निर्मल बौद्ध, किशोरी रविदास, महेंद्र रजक, शक्ति पासवान, अजय दास, विश्वनाथ साव, मुमताज अंसारी, बजरंगी दास, मो. असलम, मुख्तार अंसारी, प्रकाश दास, राजेश कुमार रवि, सतीश कुमार और रुपलाल दास सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

     

  • SIR-2026 अभियान शुरू: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उपायुक्त की अहम बैठक, अफवाहों से बचने की अपील

    The News Post4U Desk

    गिरिडीह, 04 जून 2026। जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त ने बताया कि SIR-2026 अभियान के तहत बूथ स्तरीय पदाधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे तथा भरे हुए प्रपत्र प्राप्त करेंगे। यदि किसी परिवार से संपर्क नहीं हो पाता है तो BLO तीन बार प्रयास करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क स्थापित किया जाएगा।

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं है। बल्कि मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

    बैठक में सभी राजनीतिक दलों से निर्धारित समय के भीतर BLA-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

    निर्वाचन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 05 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। दावा एवं आपत्ति 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक प्राप्त किए जाएंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।

    अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं से हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र प्राप्त होंगे, उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं निर्धारित अवधि में प्रपत्र जमा नहीं करने वाले मतदाता दावा-आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 एवं घोषणा प्रपत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा निर्वाचन विभाग के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • हार्डकोर इनामी नक्सली नेमचंद महतो को 8 वर्ष की सजा, आर्म्स एक्ट मामले में अदालत का फैसला

    गिरिडीह: गिरिडीह के तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत चोपड़ा की अदालत ने हार्डकोर और इनामी नक्सली नेमचंद महतो को आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत उस पर कुल 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

    यह मामला वर्ष 2018 में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के केंदुआडीह में चलाए गए विशेष कांबिंग ऑपरेशन से जुड़ा हुआ है। उस समय तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा के नेतृत्व में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक सर्च अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान नेमचंद महतो सहित कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था तथा उनके पास से हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी।

    मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने नेमचंद महतो को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।

    सरकारी वकील अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में कई अन्य नक्सलियों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें महिला नक्सली शीला दी और रामदयाल महतो समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में ट्रायल की प्रक्रिया जारी है।

    अदालत के इस फैसले को नक्सल गतिविधियों के विरुद्ध चल रही कानूनी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • गिरिडीह में सोलर सिस्टम की लीथियम बैट्री में धमाका, तीन मंजिला मकान की छत पर लगी आग

    गिरिडीह। नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरगंडा वार्ड संख्या 10 में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 9:30 बजे एक तीन मंजिला आवासीय भवन की छत पर स्थापित सोलर सिस्टम की लीथियम बैट्री में अचानक जोरदार धमाका होने के बाद आग लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोगों, गृहस्वामी और दमकल विभाग की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    जानकारी के अनुसार गृहस्वामी प्रदीप कुमार ने चार-पांच दिन पहले ही अपने घर की छत पर सोलर पैनल और लीथियम बैट्री आधारित सक्षम सोलर सिस्टम लगवाया था। बुधवार सुबह अचानक बैट्री में तेज धमाका हुआ, जिसके बाद छत से धुआं उठने लगा। धमाके की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग घबरा गए।

    सूचना मिलते ही परिजन छत पर पहुंचे तो देखा कि सोलर सिस्टम की बैट्री धू-धू कर जल रही है। इसके बाद स्थानीय लोगों और घरवालों ने बाल्टी समेत अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण आग को फैलने से रोक लिया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण लीथियम बैट्री में धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

    इस घटना में लीथियम बैट्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी व्यक्ति के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर आग का पता नहीं चलता, तो यह घटना एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।

    फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

  • गिरिडीह में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा आयोजन, 74 हजार से अधिक मामलों का निपटारा, 12 करोड़ से ज्यादा की राजस्व प्राप्ति

    जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निष्पादन हुआ, जिससे हजारों लोगों को त्वरित राहत मिली। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 71,654 प्री-लिटिगेशन मामलों और 3,004 लंबित मामलों का सफल निष्पादन किया गया। वहीं विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षकारों को कुल 12 करोड़ 46 लाख 93 हजार 739 रुपये की राशि प्राप्त हुई।

    कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण पूरे झारखंड के न्यायालयों में किया गया, जिसे गिरिडीह न्यायमंडल के न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों ने देखा।

    इस दौरान वाहन दुर्घटना मामलों के पीड़ितों को बड़ी राहत देते हुए 1 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक राशि के चेक भी वितरित किए गए। इस पहल ने पीड़ित परिवारों के चेहरों पर उम्मीद और राहत की मुस्कान लौटाई।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय देने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जहां पक्षकारों को वर्षों पुराने मामलों से राहत मिलती है, वहीं न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।

    उन्होंने बताया कि लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, सिविल विवाद, बैंक ऋण, वाहन दुर्घटना, बिजली, वन विभाग, उत्पाद, माप-तौल और खाद्य सुरक्षा विभाग से जुड़े मामलों का निष्पादन किया गया।

    वहीं सफदर अली नैयर ने राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए लोगों से आगे बढ़कर अपने मामलों का समाधान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सौहार्द और आपसी समझ को मजबूत करते हैं।

    राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए कुल 13 पीठों का गठन किया गया था। सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पारा लीगल वॉलंटियर्स और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मिलकर मामलों के त्वरित निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समन्वय से कई लाभुकों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया।

    गिरिडीह न्यायमंडल में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत ने न सिर्फ हजारों मामलों का समाधान किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आपसी सहमति और संवाद के जरिए न्याय को तेज, सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है।

  • जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लें: उपायुक्त

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : डीसी रमनिवास यादव ने जिलेवासियों से जनगणना-2027 के तहत चल रहे स्व-गणना अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जनगणना-2027 देश के विकास की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अभियान है, जिसमें हर नागरिक की सहभागिता बेहद जरूरी है।

    उपायुक्त ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 1 मई से 15 मई तक चल रहा है, जिसके अंतर्गत लोग स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी गणना कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी आधारित पंजीकरण करना होगा।

    उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बाद नागरिक अपने राज्य, जिला और क्षेत्र का चयन करते हुए डिजिटल मैप पर अपने घर को चिन्हित कर मकान सूचीकरण एवं स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया के बाद एक SE-ID (Self Enumeration ID) जारी होगा, जिसे सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है।

    उपायुक्त ने जानकारी दी कि 15 मई के बाद जब प्रगणक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे, तब यह SE-ID साझा करने से पूरी प्रक्रिया और अधिक आसान एवं तेज हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के कई नागरिक पहले ही इस डिजिटल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं और अब प्रशासन चाहता है कि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल होकर जिले को बेहतर भागीदारी वाला जिला बनाएं।

    उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह सरकार की भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों, संसाधनों के वितरण और नीतियों का आधार भी है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का सही और समय पर डेटा देना देशहित में बेहद महत्वपूर्ण है।

    तकनीकी समस्या या किसी प्रकार की सहायता के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट के माध्यम से जागरूकता वीडियो, फ्लायर्स और जरूरी जानकारियां भी साझा की जा रही हैं, ताकि लोग आसानी से स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकें।

  • गिरिडीह:सलेया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज

     

     ZRUCC सदस्य अरुण जोशी ने GM को लिखा पत्र

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  गिरिडीह-कोडरमा रेलखंड पर स्थित सलेया रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। दक्षिण पूर्व रेलवे के ZRUCC सदस्य Arun Kumar Joshi ने पूर्व-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह को पत्र लिखकर ट्रेन संख्या 13513/14 आसनसोल-हटिया एक्सप्रेस तथा 14049/10 गोड्डा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का ठहराव सलेया स्टेशन पर सुनिश्चित करने की मांग की है।

    अपने पत्र में अरुण जोशी ने कहा है कि सलेया स्टेशन गिरिडीह शहर के पंचबा क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जिसके आसपास लगभग पचास से अधिक गांव बसे हुए हैं। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ शहर से भी काफी नजदीक है, जिसके कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    उन्होंने बताया कि स्टेशन तक पहुंचने के लिए टेंपो और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत होती है। बावजूद इसके, रांची और नई दिल्ली की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें यहां से गुजरती तो हैं, लेकिन उनका ठहराव नहीं होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सलेया स्टेशन नया होने के बावजूद शुरुआत से ही यहां ट्रेनों के ठहराव की मांग की जाती रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव यहां शुरू किया जाता है, तो इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा।

    अरुण जोशी ने जनहित का हवाला देते हुए महाप्रबंधक से आग्रह किया है कि गिरिडीह-कोडरमा रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेन संख्या 13513/14 आसनसोल-हटिया एक्सप्रेस और 14049/10 गोड्डा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का ठहराव सलेया स्टेशन पर जल्द से जल्द दिया जाए, ताकि गिरिडीह और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।

     

  • झारखंड के माइका उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, दिल्ली में होगी बड़ी बैठक

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    नई दिल्ली/गिरिडीह: झारखंड के बहुचर्चित माइका उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही, जिससे इस पहल की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    बैठक के दौरान कोडरमा और गिरिडीह के माइका बेल्ट की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। खासतौर पर माइका खनन से जुड़े श्रमिकों की समस्याएं, उद्योग में पारदर्शिता की कमी, रोजगार के सीमित अवसर और माइका एसोसिएशन व वर्कर संगठनों की लंबित मांगों पर फोकस किया गया।

    दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि माइका उद्योग को नई दिशा देने के लिए सभी हितधारकों—उद्योग प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों—को एक मंच पर लाना जरूरी है। इसी कड़ी में जल्द ही नई दिल्ली में एक व्यापक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जहां ठोस और दीर्घकालिक समाधान पर विचार किया जाएगा।

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि माइका खनन को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल झारखंड के माइका बेल्ट—खासकर गिरिडीह और कोडरमा—के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

    इस पहल का स्वागत करते हुए भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष मुकेश जालान ने कहा कि “यह कदम माइका उद्योग के पुनरुत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार के प्रयासों से न केवल उद्योग मजबूत होगा, बल्कि हजारों श्रमिक परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।”

    उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित दिल्ली बैठक से ठोस परिणाम सामने आएंगे और गिरिडीह–कोडरमा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर अहम बैठक, CCTV सुधार पर जोर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह: शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुफस्सिल थाना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो के कार्यालय कक्ष में हुई, जिसमें नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला और कोयलांचल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन शामिल हुए।

    बैठक के दौरान शहर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसमें यह सामने आया कि ऑरेंज मीडिया द्वारा लगाए गए अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं और फिलहाल उपयोग के लायक नहीं हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है और अपराध की घटनाओं की जांच में भी कठिनाई हो रही है।

    कैमरों की स्थिति पर चिंता.

    यह भी चर्चा में सामने आया कि कई व्यापारियों ने अपने घरों और दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, लेकिन अधिकतर कैमरे अंदर की ओर लगे हैं और सड़क का दृश्य रिकॉर्ड नहीं कर पाते। इस वजह से अपराधियों की पहचान करने में पुलिस को परेशानी होती है।

    व्यापारियों से सहयोग की अपील.

    दोनों थाना प्रभारियों ने शहर के व्यवसायियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में कम से कम एक या दो सीसीटीवी कैमरे ऐसे लगवाएं, जो मुख्य सड़क की ओर फेस करते हों। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    पूरे जिले में CCTV लगाने की योजना.

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि गिरिडीह के शहरी और ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह पहल अनुमंडल प्रशासन के प्रयास से और स्थानीय विधायक एवं नगर आवास मंत्री Sudivya Kumar Sonu के सहयोग से आगे बढ़ रही है।

    मंत्री से मुलाकात का निर्णय.

    यह निर्णय लिया गया कि दोनों चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि जल्द ही मंत्री से समय लेकर मुलाकात करेंगे, ताकि इस योजना को जल्द लागू कराया जा सके और जिले की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।