गिरिडीह: गिरिडीह के तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत चोपड़ा की अदालत ने हार्डकोर और इनामी नक्सली नेमचंद महतो को आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत उस पर कुल 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला वर्ष 2018 में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के केंदुआडीह में चलाए गए विशेष कांबिंग ऑपरेशन से जुड़ा हुआ है। उस समय तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा के नेतृत्व में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक सर्च अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान नेमचंद महतो सहित कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था तथा उनके पास से हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने नेमचंद महतो को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
सरकारी वकील अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में कई अन्य नक्सलियों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें महिला नक्सली शीला दी और रामदयाल महतो समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में ट्रायल की प्रक्रिया जारी है।
अदालत के इस फैसले को नक्सल गतिविधियों के विरुद्ध चल रही कानूनी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








