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  • “मोंगिया का प्लांट नहीं लगने देंगे, तो नहीं लगने देंगे!” — गूंज उठा चतरो गांव

    परवेज़ आलम.

    गिरिडीह : शनिवार को चतरो गांव का उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंझलाडीह एक बार फिर जनआवाज़ से गूंज उठा। मौका था मेसर्स मोंगिया पावर प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तारीकरण परियोजना को लेकर आयोजित पर्यावरणीय लोक सुनवाई का। लेकिन यह सुनवाई कुछ ही मिनटों में “लोक” से “विरोध सभा” बन गई।

    “स्पंज फैक्ट्री नहीं लगेगा, नहीं लगेगा…”,
    “प्रदूषण मुक्त गिरिडीह हमारा अधिकार है!”,
    “पर्यावरण के दुश्मनों होश में आओ!”
    — ये नारे पूरे गांव में गूंजते रहे।

    सुनवाई की अध्यक्षता सदर एसडीओ श्रीकांत यशवंत विस्पुते कर रहे थे। उनके साथ झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद रांची के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी रामरतन काशी, क्षेत्रीय पदाधिकारी धनबाद के विवेक कुजूर, गादी श्रीरामपुर पंचायत की मुखिया कंचन देवी और मोंगिया पावर लिमिटेड के चेयरमैन गुणवंत सिंह मोंगिया समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

    लेकिन जैसे ही एसडीओ ने सुनवाई की औपचारिक शुरुआत की — ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश, और स्लोगनों की गूंज ने माहौल को गर्मा दिया। कुछ देर के प्रयास के बाद एसडीओ ने किसी तरह लोगों को शांत कराया, और फिर ग्रामीणों ने बारी-बारी से अपनी बात रखी।

    “हम बीमार हो रहे हैं, फसलें मर रही हैं, पानी खत्म हो रहा है” — ग्रामीणों की पीड़ा

    गांव के विकास राय, विजय राय, सावित्री देवी, धनेश्वर सिंह, शत्रुघ्न राय, अरुण साव, रामेश्वर शर्मा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा —

    “कारखाने से निकलने वाला धुआं और राख हमारी ज़िंदगी में जहर घोल रहा है। बच्चे बीमार पैदा हो रहे हैं, खेतों की फसलें सूख रही हैं, और अब तो पीने का पानी भी जहरीला हो गया है।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री की डीप बोरिंग से भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है। नदियों का पानी प्रदूषित है, जिससे इंसान ही नहीं, मवेशी तक बीमार पड़ रहे हैं।

    कंपनी की दलील पर फिर भड़के लोग.

    झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी स्पंज आयरन उत्पादन क्षमता को 33 हज़ार टन से बढ़ाकर 2.64 लाख टन प्रति वर्ष करना चाहती है। साथ ही 1.98 लाख टन बिलेट उत्पादन, री-हीटिंग फर्नेस, रोलिंग मिल और 25 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट लगाने की योजना है।

    जैसे ही कंपनी के चेयरमैन गुणवंत सिंह मोंगिया ने परियोजना के फायदे गिनाने शुरू किए — भीड़ एक बार फिर उग्र हो गई।
    लोगों ने एक स्वर में कहा —

    “कुछ नहीं सुनेंगे! प्लांट नहीं लगने देंगे तो नहीं लगने देंगे!”

    विरोध इतना तीव्र था कि अंततः सुनवाई बीच में ही समाप्त करनी पड़ी।

    ग्रामीणों का साफ संदेश — ‘प्रदूषण से विकास नहीं चाहिए’

    इस लोक सुनवाई में गादी श्रीरामपुर, मोहनपुर, मंझलाडीह, चतरो, गंगापुर, अंबाडीह, भोरंडीहा और झलकडीहा समेत आसपास के गांवों से 500 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए — जिनमें महिलाओं की संख्या भी काफी रही। सभी की मांग एक ही थी —

    “पहले स्वास्थ्य और स्वच्छ हवा, बाद में उद्योग-धंधा।”

     

  • पूर्वी भारत का सबसे बड़ा स्किल और इनोवेशन हब बनेगा झारखंड का देवघर

    डिक्सन ने खोला देश का पहला बाहरी इनोवेशन सेंटर.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    देवघर : झारखंड के देवघर को जल्द ही कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक नया मुकाम मिलने जा रहा है। मंगलवार को सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने देवघर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) परिसर में देश की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया। यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा स्किलिंग और इनोवेशन सेंटर होगा।

    अगले साल तक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी.

    इस मौके पर सांसद डॉ. दुबे ने कहा कि यह सेंटर न केवल स्किल डेवलपमेंट का हब बनेगा, बल्कि यहां अगले साल मार्च तक वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर निर्माण यूनिट भी शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि यह सेंटर बेंगलुरु और पुणे से भी बड़ा आकार लेगा और यहां उद्योगों का एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार होगा।

    राष्ट्रीय स्तर के सर्टिफिकेट और रिसर्च सुविधा.

    इस सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को भारत सरकार की संस्था NIELIT (नायलेट) से सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके अलावा, यहां C-DAC और कोल इंडिया मिलकर 6G और 7G रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर काम करेंगे। साथ ही, सुपर कंप्यूटर निर्माण की दिशा में भी C-DAC योगदान देगा, जिसका उपयोग मेडिकल और एग्रीकल्चर रिसर्च में होगा। इसके अलावा BSNL का सेंटर भी यहां खोला जाएगा।

    डिक्सन का देश में पहला बाहरी इनोवेशन सेंटर.

    डिक्सन टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन सुनील बचानी ने कहा कि कंपनी के अभी देशभर में 27 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। अब तक सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उन्हीं प्लांट्स के भीतर संचालित होते थे। लेकिन देवघर का यह इनोवेशन सेंटर पहला ऐसा केंद्र है, जो किसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बाहर खोला गया है। उन्होंने बताया कि यहां युवाओं को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग मिलेगी और धीरे-धीरे इसे एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में बदला जाएगा।

    रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर.

    सुनील बचानी ने यह भी कहा कि यह सेंटर न केवल स्किलिंग के अवसर देगा बल्कि छोटे स्तर पर मोबाइल रिपेयरिंग से लेकर बड़े स्तर की टेक्नोलॉजी आधारित यूनिट खोलने में भी मददगार होगा। इससे स्थानीय युवाओं को व्यापक पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

    सांसद दुबे और मेक इन इंडिया का योगदान.

    डिक्सन चेयरमैन ने साफ कहा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की पहल से संभव हो पाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान की सराहना करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति कर चुका है और अब तक ढाई लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है।

    देवघर का यह इनोवेशन सेंटर न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत को नई पहचान देगा और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें विश्वस्तरीय कौशल और रोजगार उपलब्ध कराएगा।

     

  • सबूत के अभाव में पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित सभी आरोपी बरी

    नीरज सिंह हत्याकांड मे आठ साल बाद आया फैसला.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    धनबाद : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड  में बुधवार को आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। धनबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह सहित सभी 8 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।

    विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने यह निर्णय सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और गहमागहमी का माहौल रहा।

    स्ट्रेचर पर कोर्ट पहुंचे संजीव सिंह.

    फैसले के दिन संजीव सिंह को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्ट्रेचर पर कोर्ट लाया गया। पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिंह मेंशन से अदालत तक लेकर पहुंची। सुनवाई शुरू होने से पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश से रोक दिया गया, जिसके चलते अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हुई और अदालत ने केस की सुनवाई शुरू की।

    21 मार्च 2017 की वारदात जिसने झकझोर दिया था झारखंड.

    धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट पर 21 मार्च 2017 की शाम लगभग 7 बजे अंधाधुंध फायरिंग कर कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, पीए अशोक यादव और ड्राइवर घोलटू महतो की हत्या कर दी गई थी। यह घटना राज्य का सबसे बड़ा शूटआउट मानी जाती है।

    हत्या के बाद संजीव सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। बाद में एक आरोपी अमन सिंह की 2023 में जेल के अंदर हत्या कर दी गई, जबकि रिंकू सिंह से जुड़े मामले का ट्रायल अलग से चल रहा है।

    आठ साल लंबी कानूनी जंग.

    इस मामले में सुनवाई 6 अलग-अलग अदालतों में हुई।

    • 408 तारीखों पर पेशी हुई।
    • 3 जनवरी 2019 को 22 महीने बाद आरोप तय हुए।
    • अभियोजन पक्ष ने 74 गवाहों में से 37 गवाह और कई साक्ष्य पेश किए।
    • बचाव पक्ष ने 5 गवाहों की गवाही कराई।
    • दोनों पक्षों की बहस 49 तारीखों तक चली।
      आखिरकार, आठ साल से ज्यादा समय तक चली इस कानूनी जंग का परिणाम सभी आरोपियों की रिहाई के रूप में सामने आया।

    फैसले से पहले प्रशासन अलर्ट.

    जिला प्रशासन को पहले से आशंका थी कि फैसले के दिन दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंच सकते हैं, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है। इस कारण धारा 144 लागू की गई।

    • जैप (Jharkhand Armed Police) की एक कंपनी को सुरक्षा में लगाया गया।
    • कोर्ट परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
    • संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त भी तेज की गई।

    राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर.

    यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहा है।

    • बरी हुए संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से भाजपा विधायक हैं।
    • वहीं, नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस से झरिया की विधायक रह चुकी हैं।
      इस वजह से इस केस पर पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश की भी नज़रें थीं।
  • झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 से 28 अगस्त तक

    शिबू सोरेन के निधन के बाद दोबारा तय हुआ कार्यक्रम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र, जो दिशोम गुरु और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन के निधन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था, अब नए कार्यक्रम के अनुसार 22 अगस्त से 28 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा। विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

    इस संबंध में निर्णय विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्ताव पर लिया। नए कार्यक्रम के अनुसार सत्र में चार कार्य दिवस होंगे। हालांकि सचिवालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर सत्र की अवधि 28 अगस्त के बाद भी बढ़ाई जा सकती है, जिसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।

    मानसून सत्र का संशोधित कार्यक्रम

    • 22 अगस्त (शुक्रवार): 4 अगस्त को निर्धारित कार्य पूरे किए जाएंगे, प्रश्नकाल को छोड़कर। इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश होगा। साथ ही शोक प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।

    • 25 अगस्त (सोमवार): प्रश्नकाल, अनुपूरक बजट पर सामान्य चर्चा, मतदान और विनियोग विधेयक का पारण किया जाएगा।
    • 26 अगस्त (मंगलवार): प्रश्नकाल, राजकीय विधेयकों की प्रस्तुति और अन्य शासकीय कार्य होंगे।

    • 28 अगस्त (गुरुवार): प्रश्नकाल और गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा, लेकिन केवल उन प्रस्तावों पर जिनकी सूचना 23 जुलाई तक दी गई है।

    क्यों हुआ था स्थगित?

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मूल रूप से 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक निर्धारित था। लेकिन 4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के जननायक शिबू सोरेन के निधन के कारण पूरे सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाद में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह आग्रह किया था कि शेष बचे महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्यों को पूरा करने के लिए पुनः अनुपूरक सत्र आयोजित किया जाए।

    इस प्रकार, अब यह अनुपूरक सत्र न केवल राज्य के वित्तीय कार्यों को पूरा करने का अवसर बनेगा बल्कि गुरुजी शिबू सोरेन के योगदान को याद करने और उनके निधन पर शोक प्रस्ताव पारित करने का भी मंच होगा।

  • झारखंड में बारिश का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदला मौसम

    – कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट.

    For The News Post4u.

    रांची: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवातीय सिस्टम के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 14 जुलाई से 16 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और कुछ के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और जलजमाव की आशंका भी जताई गई है।

    किन जिलों में कब और कितनी बारिश का अनुमान?
    मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को उत्तरी और पश्चिमी झारखंड, खासकर पलामू, गढ़वा, चतरा जिलों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है।

    • कुछ क्षेत्रों में 120 से 200 मिमी तक बारिश हो सकती है।
    • अन्य जिलों में 70 से 110 मिमी तक वर्षा की संभावना है।

    कम दबाव का क्षेत्र बना कारण.
    मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका प्रभाव झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी कारण के घरों से बाहर न निकलें और खुले स्थानों पर बिजली गिरने से बचें।

    अभी तक सामान्य से 61% अधिक वर्षा.
    राज्य में इस मानसून सीज़न में अब तक 61% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में अब तक औसतन 510 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक सिर्फ 316 मिमी बारिश होती है। राजधानी रांची में हालात और भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं—जहां सामान्य रूप से 327 मिमी बारिश होती है, वहां इस बार अब तक 779 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

    जनता से अपील: अलर्ट का पालन करें, सतर्क रहें.
    प्रशासन और मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र बनाए रखें, मोबाइल अलर्ट्स और रेडियो/टीवी की सूचनाओं पर ध्यान दें। निचले इलाकों में जलजमाव से बचने और बिजली की स्थिति पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    यह लगातार हो रही बारिश जहां किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है, वहीं आम जनजीवन को इससे भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यदि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

     

  • पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के ठिकानों पर ईडी का शिकंजा कसता, कांग्रेस ने कहा- बदले की कार्रवाई

    Edited by: परवेज़ आलम
    For: The News Post4U

    रांची/हजारीबाग/बड़कागांव:
    झारखंड की राजनीति एक बार फिर ईडी की दस्तक से गरमा गई है। शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद और उनके करीबियों के रांची, हजारीबाग और बड़कागांव  सहित आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन से जुड़े एक पुराने मामले के सिलसिले में की जा रही है, जो कोल ट्रांसपोर्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर से जुड़ी एक विवादित कंपनी से संबंधित है।

    कई ठिकानों पर एक साथ दबिश.

    ईडी की टीमों ने शुक्रवार सुबह रांची के किशोरगंज, बड़कागांव और हजारीबाग  में एक साथ कार्रवाई की। रांची में अम्बा प्रसाद के निजी सहायक संजीव कुमार के आवास पर जांच चल रही है। संजीव उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन ईडी की टीम ने जांच जारी रखी। दो वाहनों में पहुंचे अधिकारियों की टीम ने चार लोगों के साथ घर के भीतर तलाशी ली, जबकि छह सशस्त्र सुरक्षाकर्मी बाहर तैनात थे।

    बड़कागांव में पूर्व विधायक के भाई अंकित उर्फ सुमित, चार्टर्ड अकाउंटेंट बादल, और कथित रूप से उनसे जुड़े बालू कारोबारियों के ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई हुई। हजारीबाग में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। बड़कागांव में अम्बा प्रसाद के करीबी पंचम कुमार, मनोज दांगी और अन्य सहयोगियों के आवास भी निशाने पर रहे।

    पिछली कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज बने आधार.

    सूत्रों के मुताबिक, मार्च 2024 में की गई छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम सुराग मिले थे। उस दौरान अम्बा प्रसाद, उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, भाई अंकित राज  समेत कई सहयोगियों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई थी। उस छापेमारी में 35 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइसेज़, फर्जी बैंक टिकट, हाथ से लिखी रसीदें, और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। माना जा रहा है कि इस बार की कार्रवाई उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

    जांच के दायरे में 10 कंपनियां.

    ईडी सूत्रों के अनुसार, अम्बा प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े कम से कम 10 कंपनियां  जांच के दायरे में हैं। ये कंपनियां खनन, भूमि खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी। ईडी की टीमें इन सभी संस्थाओं के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं।

    कांग्रेस ने बताया राजनीति से प्रेरित कार्रवाई.

    ईडी की इस ताजा छापेमारी को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता किशोरनाथ शहदेव  ने इसे चुनावी साजिश करार देते हुए कहा कि अम्बा प्रसाद को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे बिहार चुनावों  में पार्टी की तरफ से प्रभारी (ऑब्जर्वर) बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार सीबीआई और ईडी को विपक्ष के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि ईडी द्वारा अब तक की गई सभी छापेमारियों में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, फिर भी बार-बार कार्रवाई कर जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।

    राजनीतिक परिवार, पुराना प्रभाव.

    अम्बा प्रसाद झारखंड की बड़कागांव सीट से 2019 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक  चुनी गई थीं। उनके पिता योगेंद्र साव  और मां निर्मला देवी  भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। इस परिवार की इलाके में मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है, और अब उनके खिलाफ ईडी की बढ़ती कार्रवाई से राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

    अम्बा प्रसाद और उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय की नजरें टिकी हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से ईडी ने अभी तक कोई प्रेस बयान नहीं दिया है, लेकिन लगातार हो रही छापेमारियों से संकेत साफ है कि जांच लंबी और गहन हो सकती है। कांग्रेस इसे बदले की राजनीति बता रहा है .

  • साइबर ठगों ने झारखंड बीजेपी विधायक को ही लगा दिया चूना

    Edited by: परवेज़ आलम. For The News Post4U

    रांची:  झारखंड में साइबर ठगी का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें साइबर अपराधियों ने राज्य के पांकी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता को निशाना बनाते हुए 1.27 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह घटना राज्यभर में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि इस बार ठगों के जाल में कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि फंसा है।

    कैसे दिया गया ठगी को अंजाम.

    ठगों ने खुद को जीएसटी कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर विधायक से संपर्क किया और दावा किया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा में कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं, जिनकी नीलामी होने वाली है। विधायक को एक फॉर्च्यूनर कार की तस्वीर व्हाट्सएप पर भेजी गई और उसकी कीमत 12.70 लाख रुपये बताई गई। ठगों ने गाड़ी की बुकिंग के लिए 10% अग्रिम भुगतान, यानी 1.27 लाख रुपये की मांग की।

    विधायक ने अपने निजी सहायक के माध्यम से यह राशि ठगों को ट्रांसफर कर दी। ठगों ने उन्हें एक फर्जी रसीद भी भेज दी ताकि भरोसा बना रहे। लेकिन भुगतान के बाद जब विधायक ने संपर्क करने की कोशिश की, तो सभी मोबाइल नंबर बंद मिले।

    साइबर थाने में दर्ज हुई शिकायत.

    विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने इस पूरे मामले की जानकारी रांची साइबर थाने को दी और तीन अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। विधायक ने यह भी बताया कि भुगतान उन्होंने अपने निजी सहायक के खाते से कराया था।

    इसी बीच एक और साइबर ठग चढ़ा पुलिस के हत्थे.

    वहीं, दूसरी ओर रांची साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी साइबर ठग विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। विजय पर यूट्यूब पर इन्वेस्टमेंट से जुड़े फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से देशभर के लोगों से ठगी करने का आरोप है। विज्ञापन पर क्लिक करते ही लोग एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ जाते थे, जहां उन्हें मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी।

    झारखंड समेत देश के 10 से ज्यादा राज्यों में उसके खिलाफ कुल 38 मामले दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सके।

    साइबर सुरक्षा पर सवाल.

    बीजेपी विधायक के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी कितने संगठित और शातिर हो चुके हैं। अब आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इनके निशाने पर हैं। राज्य सरकार और पुलिस के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए और ज्यादा सतर्कता, तकनीकी संसाधन और जनजागरूकता की जरूरत है

    सावधानी ही सुरक्षा है – अनजान कॉल, लिंक और स्कीम से सतर्क रहें। ठगों की चालाकी आपके विवेक से ही मात खा सकती है।

  • नक्सलियों के गढ़ से विस्फोटक जखीरा बरामद: 18,000 डेटोनेटर किए गए जब्त, जंगल में ही किया गया नष्ट

    Edited By – परवेज़ आलम
    For The News Post4U

    रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को मंगलवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। जिले के टोंटो थाना क्षेत्र अंतर्गत हुसिपी गांव और आसपास के सघन जंगलों में माओवादियों के गुप्त ठिकानों पर छापेमारी के दौरान सुरक्षाबलों ने लगभग 18,000 डेटोनेटर बरामद किए हैं। यह खेप इतनी बड़ी थी कि इसे जंगल में ही बम निरोधक दस्ते द्वारा सुरक्षित ढंग से नष्ट कर दिया गया।

    सटीक गुप्त सूचना पर हुआ जॉइंट ऑपरेशन.

    पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के मुताबिक  इस ऑपरेशन को खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया। छापेमारी में झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन, और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान के दौरान यह खुलासा हुआ कि नक्सलियों ने डेटोनेटरों को जंगल में अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था। इन्हें बाद में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने या सुरंगनुमा रास्तों में विस्फोट करने के मकसद से रखा गया था।

    ओडिशा से लूटे गए थे विस्फोटक, अब झारखंड में मिले.

    इस बरामदगी का संबंध बीते 27 मई को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में हुए विस्फोटक लूटकांड से जोड़ा जा रहा है। उस दिन माओवादियों ने रेलाहातू यांको स्थित एक पत्थर खदान के पास से विस्फोटकों से भरी 200 पैकेट वाली एक वैन को लूट लिया था। बाद में वे इस वैन को झारखंड की सीमा में स्थित सारंडा के जंगलों तक ले गए और वहां विस्फोटकों को उतारकर छिपा दिया गया।

    सारंडा का जंगल: नक्सलियों का पुराना गढ़.

    सारंडा जंगल, जो झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित है, लंबे समय से नक्सलियों का रणनीतिक ठिकाना रहा है। हालांकि बीते दो वर्षों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार की जा रही घेराबंदी और तलाशी अभियानों के चलते नक्सलियों की सक्रियता काफी सीमित हो गई है। इसके बावजूद वे सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए अब भी जंगलों में आईईडी जैसे विस्फोटक उपकरण बिछाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

    विस्फोटकों से अब तक कई जाने गईं.

    पिछले दो सालों में जंगलों में बिछाए गए आईईडी विस्फोटों की चपेट में आकर कम से कम चार जवान शहीद हो चुके हैं, वहीं दस से अधिक ग्रामीणों की भी जानें गई हैं। यह ताजा बरामदगी न केवल नक्सली मंसूबों पर करारा प्रहार है, बल्कि आगामी अभियानों के लिए भी एक बड़ी राहत मानी जा रही है।

    The News Post4U की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बल अब भी इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि और भी छिपे विस्फोटक और माओवादी ठिकानों को नष्ट किया जा सके।

     

  • सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती शिबू सोरेन की तबीयत में आया सुधार

    परवेज़ आलम. For The News Post4u

    दिल्ली/रांची:  झारखंड की राजनीति के पितामह और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन   की तबीयत में सुधार की खबर ने पूरे राज्य में राहत की सांस ली है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से भर्ती 81 वर्षीय वरिष्ठ नेता ने रविवार को अपनी आंखें खोलीं। यह क्षण न केवल उनके परिवार के लिए भावनात्मक रहा, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए भी बेहद सुखद रहा।

    प्रार्थनाओं का असर: मंदिरों से अस्पताल तक दुआओं का सिलसिला. 

    बीते कई दिनों से झारखंड के कोने-कोने में उनके स्वास्थ्य लाभ की कामनाओं के साथ पूजा-अर्चना का दौर जारी था। जेएमएम और कांग्रेस के कार्यकर्ता मंदिरों, गुरुद्वारों और मस्जिदों में जाकर शांति और शक्ति की कामना कर रहे थे। रांची में रथयात्रा के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने शिबू सोरेन की तस्वीर के साथ  प्रार्थना सभा आयोजित कर उनके दीर्घायु और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष पूजा की। मंत्री  सुदिव्य कुमार सोनू ने फ़ेस बुक बॉल पर लिखा आदरणीय बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी अस्वस्थ हैं और वर्तमान में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। झामुमो के कार्यकर्ताओं और राज्य के वंचित वर्गों के लिए, वे एक महत्वपूर्ण आशा की किरण हैं।  इस चुनौतीपूर्ण समय में, मरांग बुरु दिशोम मांझी थान में मरांग बुरु संस्थान, आदिवासी समाज और उनके समर्पित कार्यकर्ताओं द्वारा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए बोंगा बुरु (पूजा पाठ) का आयोजन किया गया है। हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि बाबा जल्द स्वस्थ होकर हमारे बीच वापस आएं। मंत्री ने पुजा करते कार्यकर्ताओं की तस्वीर भी साझा की है ।

    दिल्ली में परिवार जुटा, गुरुजी की सेवा में दिन-रात लगे हैं हेमंत सोरेन. 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी और दुमका से विधायक कल्पना सोरेन, तथा परिवार के अन्य सदस्य बीते सप्ताह भर से दिल्ली में मौजूद हैं और अस्पताल में लगातार उनके साथ समय बिता रहे हैं।
    राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर कांग्रेस, भाजपा, आरजेडी, वाम दलों के नेताओं ने सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर गुरुजी की तबीयत की जानकारी ली और उनका हालचाल जाना।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात, कहा – ‘गुरुजी जल्द स्वस्थ हों‘

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी सर गंगा राम अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की जानकारी ली। राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया और दिशोम गुरु के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की।

    हल्के पैरालिटिक अटैक के बाद हुए थे भर्ती, मेडिकल निगरानी में जारी है इलाज. 

    जानकारी के अनुसार, शिबू सोरेन को कुछ दिन पहले हल्का पैरालाइसिस अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें फौरन दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह पहले से ही किडनी से जुड़ी बीमारी और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। अस्पताल के न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी देखभाल कर रही है।
    शिबू सोरेन न सिर्फ झारखंड आंदोलन का चेहरा रहे हैं, बल्कि जनजातीय अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक भी हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार की खबर उनके लाखों समर्थकों और राज्य की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई है।

     

  • शिबू सोरेन का दिल्ली में चल रहा है इलाज, झारखंडभर में नेता-कार्यकर्ताओं ने की सलामती की दुआ

    Key Points.

    • सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है शिबू सोरेन का इलाज
    • राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत कई नेता हालचाल लेने पहुंचे
    • हल्का पैरालिसिस अटैक की पुष्टि
    • झारखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुरू की प्रार्थनाएं
    • रघुवर दास और इरफान अंसारी ने जताई चिंता

    परवेज़ आलम. पॉलिटिकल करेसपांडेन्ट. The News Post4u

    झारखंड के वरिष्ठ नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत खराब  है, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका चल रहा है इलाज । अस्पताल में उनका इलाज नेफ्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर एके भल्ला की टीम कर रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें किडनी संबंधी समस्या है और इलाज के दौरान उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक भी आया है।

    मुख्यमंत्री और परिवार का दिल्ली में डेरा.

    शिबू सोरेन की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और विधायक बसंत सोरेन लगातार दिल्ली में मौजूद हैं और डॉक्टरों की देखरेख में इलाज की प्रक्रिया पर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार अपने पिता की सेहत की जानकारी ले रहे हैं।

    राष्ट्रपति और स्वास्थ्य मंत्री ने जाना हालचाल.

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को सर गंगाराम अस्पताल जाकर शिबू सोरेन का हालचाल जाना था वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी कांग्रेस के सह प्रभारी बेला प्रसाद के साथ दिल्ली पहुंचे। वे दोनों संथाल परगना के दौरे पर थे, लेकिन कांग्रेस के प्रभारी के. राजू के निर्देश पर वे दौरा छोड़कर तुरंत दिल्ली रवाना हो गए।

    डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि यह उनका नैतिक दायित्व है कि वे इस कठिन समय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के साथ रहें। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजी को स्वस्थ करके वापस लाना उनका संकल्प है।

    रघुवर दास ने भी जताई चिंता.

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी शिबू सोरेन की तबीयत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की और गुरुजी की तबीयत की जानकारी ली। बाद में रघुवर दास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक आया है, और वे भगवान जगन्नाथ से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

    पूरे झारखंड में दुआओं का दौर.

    झारखंड में जेएमएम के नेता और कार्यकर्ता शिबू सोरेन की सलामती के लिए विशेष प्रार्थनाएं कर रहे हैं। शुक्रवार को रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के अवसर पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुजी की तस्वीर के साथ पूजा-अर्चना की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। झारखंड के हर कोने से लोग गुरुजी के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रदेश की राजनीति में उनके योगदान को देखते हुए आम जनता से लेकर बड़े नेता तक, सब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना में लगे हैं।