Tag: jharkhand politics

  • आदित्य साहू बने भाजपा झारखंड के नए अध्यक्ष, संगठन को मिली नई कमान

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची। झारखंड की सियासत में बुधवार को बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला, जब राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को भारतीय जनता पार्टी की झारखंड प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। पार्टी के केंद्रीय चुनाव पदाधिकारी और केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने औपचारिक रूप से उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की।

    मंगलवार को आदित्य साहू ने झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय चुनाव पदाधिकारी जुएल ओराम के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया, जिसके चलते उनका चयन निर्विरोध तय हो गया। जैसे ही इसकी घोषणा हुई, पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश देखने को मिला।

    आदित्य साहू वर्तमान में झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं और जुलाई 2022 में वे उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। इससे पहले वे झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। संगठन और संसद—दोनों स्तरों पर उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आदित्य साहू की नियुक्ति केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की एक अहम रणनीति भी मानी जा रही है। वे वैश्य समुदाय से आते हैं, जिस समुदाय में भाजपा की परंपरागत रूप से मजबूत पकड़ रही है। ऐसे में आगामी चुनावों को देखते हुए उनका अध्यक्ष बनना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से अहम कदम माना जा रहा है।

    उनके निर्वाचन की घोषणा के मौके पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद बीडी राम समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने आदित्य साहू को बधाई दी और उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर आदित्य साहू किस तरह संगठन को धार देते हैं और आने वाले राजनीतिक मुकाबलों में भाजपा को किस दिशा में ले जाते हैं।

  • झामुमो छात्र विंग का शक्ति प्रदर्शन, एकदिवसीय सम्मेलन में जुटे सैकड़ों विद्यार्थी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    सम्मेलन के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “विद्यार्थी केवल डिग्री लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि समाज, राज्य और देश का भविष्य होते हैं।”
    उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी विषय या मुद्दे पर सवाल करने की क्षमता विकसित करें।
    मंत्री ने कहा—
    “कोई कुछ कह दे, तो आँख मूंदकर उस पर भरोसा मत कीजिए। सोचिए, समझिए और सवाल उठाइए।”

    विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेब नीचे ही क्यों गिरा—यह सवाल उनके मन में आया और वहीं से गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज हुई।
    उन्होंने युवाओं को नवाचार और वैज्ञानिक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

    मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मोबाइल युवाओं पर सकारात्मक और नकारात्मक—दोनों तरह का प्रभाव डाल रहा है।
    “चुनाव आपको करना है कि आप इसे किस दिशा में ले जाते हैं,” उन्होंने कहा।

    देश की मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि कोई चाहे भारत को एक रंग में रंगने की कोशिश करे, लेकिन यह संभव नहीं है।
    “भारत को पूरी दुनिया विविधता में एकता के देश के रूप में जानती है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत और खूबसूरती है,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि जीवन में अनुशासन सबसे बड़ा हथियार है।
    उन्होंने नगर विकास मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गिरिडीह में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज बहुत जल्द शुरू होने जा रहे हैं, जो जिले के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

    झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि
    “एक अच्छा विद्यार्थी ही आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बनता है।”

    सम्मेलन के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा के नेता अभय कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने झामुमो छात्र मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी नव-शामिल छात्रों को माला पहनाकर और पार्टी का पट्टा पहनाकर संगठन में शामिल कराया।
    छात्र नेता अभय कुमार ने संगठन को पूरी ताकत से मजबूत करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, अभय सिंह, मेहताब मिर्जा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।
    कार्यक्रम में बड़ी यादव, डब्लू यादव, सुमेर वर्मा, आदित्य यादव, बिट्टू यादव, आशीष सिंह, रोहित मंडल, अंकित राज, राज पांडे, आशीष यादव, शिवम देव, रंजन वर्मा, विशाल झा, आर्यन वर्मा, प्रिंस प्रभाकर, सुजीत मंडल, पंकज साव, सागर, बंटी यादव, रोहन तूरी सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।

    सम्मेलन ने साफ संदेश दिया कि गिरिडीह में छात्र राजनीति एक नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।

     

  • विश्व अल्पसंख्यक दिवस :अल्पसंख्यक अधिकारों और उर्दू भाषा की रक्षा की उठी आवाज

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर गुरुवार को झामुमो जिला कार्यालय में एक प्रभावशाली सभा का आयोजन किया गया। सभा में अल्पसंख्यक अधिकारों, उनकी पहचान, भाषा और संस्कृति की सुरक्षा को लेकर गंभीर मंथन हुआ।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का उद्देश्य धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार सभी वर्गों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार अल्पसंख्यकों की भाषा, संस्कार और पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

    अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष चाँद रशीद अंसारी ने कहा कि यह दिवस हमें अपनी परंपरा, तहजीब और सांस्कृतिक विरासत को समाज के सामने रखने का अवसर देता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि अल्पसंख्यकों के विकास को और अधिक गति दी जाए तथा उनकी भाषाओं की संवैधानिक रूप से रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    वहीं, झामुमो जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि झारखंड में मुस्लिम, सिख, बौद्ध और ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक के रूप में रहते हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ अधिकारी बार-बार तकनीकी अड़चनें डालने का प्रयास करते हैं।
    उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उर्दू हमारी मातृभाषा है, इसके बावजूद उर्दू स्कूलों से उर्दू शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं, उर्दू की पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं और उर्दू स्कूलों में मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियां भी खत्म की जा रही हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर जल्द ही एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा।

    सभा में जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे महिला सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया।

    इस अवसर पर सरफुद्दीन, मनीर अंसारी, अनवर अंसारी, मेहताब, सुमित गुप्ता, सैफ अली, सईद अख्तर, मुस्लिम अंसारी, मो. मुमताज, जिला सह सचिव दिलीप रजक, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, भैरो वर्मा, सुमित कुमार, नुरुल हौदा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम का सफल संचालन असगर अंसारी ने किया।

    सभा का समापन अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

     

  • “पढ़ो और लड़ो” के जनक बिनोद बिहारी महतो को झामुमो ने किया याद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो केवल एक नेता नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के प्रतीक थे। उनका सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सम्मान और अधिकार के साथ जीवन जिए। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का नारा “पढ़ो और लड़ो” आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।

    संजय सिंह ने बिनोद बिहारी महतो के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आजीवन झारखंड के लोगों को शिक्षा और संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहे। उनका स्पष्ट संदेश था— “जब तक आप अपना इतिहास नहीं पढ़ेंगे, तब तक अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ नहीं पाएंगे।” यही विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।

    इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, नगर अध्यक्ष राकी सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार रजक सहित चांद रसीद, असगर अंसारी, हसनैन अली, मेहताब मिर्जा, राकेश कुमार रंजन, मुकेश यादव, राकेश गुप्ता समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    वहीं, पीरटांड़ स्थित बिनोद धाम में भी बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
    कार्यक्रम का समापन उनके संघर्ष, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के आह्वान के साथ हुआ।

  • गिरिडीह में भाजपा का धरना: चाईबासा कांड के विरोध में फूटा गुस्सा, मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

    THE NEWS POST4U.

    गिरिडीह:झारखंड के चाईबासा में एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को गिरिडीह जिला भाजपा ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।

    धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने राज्य सरकार की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की।

    धरना को संबोधित करते हुए महादेव दुबे ने कहा कि — “चाईबासा की यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की गलती नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सड़ांध को उजागर करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई हुई है, दवा आपूर्ति से लेकर उपकरण खरीद तक में भ्रष्टाचार व्याप्त है।

    दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर कमीशनखोरी के आधार पर दिए जा रहे हैं, जिससे घटिया सामग्री और सेवाएं मरीजों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने इसे राज्य की जनता के जीवन से खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल से स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।

    भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जनता अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी — हर अस्पताल में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करनी होगी।

    धरना के अंत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राज्य की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।

  • पूर्व सांसद रविंद्र राय ने सूर्या हासदा मौत मामले पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :गिरिडीह-कोडरमा के पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र राय ने रविवार को नया परिषदन भवन में प्रेसवार्ता आयोजित की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महादेव दुबे, नगर अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बग्गा, भाजपा नेता संजीत सिंह पप्पु, सुभाष चंद्र सिन्हा और जिला मीडिया प्रभारी कामेश्वर पासवान भी उपस्थित रहे।

    सूर्या हासदा की मौत पर गंभीर आरोप

    प्रेसवार्ता में रविंद्र राय ने हाल ही में हुई सूर्या हासदा की मौत को फर्जी एनकाउंटर करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक सूर्या हासदा पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था, लेकिन बाद में उसे कुख्यात अपराधी बताकर गोली मार दी गई। राय ने कहा कि भाजपा की जांच टीम ने घटनास्थल पर जाकर तथ्यों की पुष्टि की है, जिससे साफ होता है कि एनकाउंटर पूरी तरह संदिग्ध है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार अपनी साख बचाना चाहती है, तो इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए।

    जीएसटी सुधारों की सराहना

    वहीं, जीएसटी मुद्दे पर बोलते हुए रविंद्र राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “मोदी जी ने जब से GST स्लैब में कटौती की है, तब से विपक्ष की बोलती बंद हो गई है। यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है और आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।”

    उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से कैंसर समेत 33 जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया है। इसके अलावा बीमा सेवाओं और कई खाद्य पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे से मुक्त किया गया है। राय का कहना था कि इन फैसलों से समाज के हर तबके को फायदा मिलेगा और जनता की जेब पर बोझ कम होगा।

    भाजपा की रणनीति का संकेत

    प्रेसवार्ता के दौरान रविंद्र राय ने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी और हेमंत सरकार की नाकामी को बेनकाब करती रहेगी। सूर्या हासदा प्रकरण को लेकर पार्टी आंदोलन की तैयारी भी कर सकती है।

     

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सरकारी आवास बनेगा स्मृति संग्रहालय

    गुरु जी की स्मृतियों को संजोने की ऐतिहासिक पहल.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत को संरक्षित और नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मोरहाबादी स्थित गुरुजी का सरकारी आवास अब “गुरुजी स्मृति संग्रहालय” के रूप में विकसित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। डॉ. अंसारी ने कहा, “गुरुजी का आवास सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह झारखंड आंदोलन और राज्य की आत्मा का केंद्र है। यहां की हर वस्तु, हर दस्तावेज, हर स्मृति हमें उनके संघर्ष और बलिदान की याद दिलाती है। इसलिए इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन से प्रेरणा ले सकें।”

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी इसे झारखंड की अस्मिता को सहेजने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि गुरुजी का योगदान अमिट है और उनकी स्मृतियां हमेशा अमर रहेंगी। यह संग्रहालय झारखंड की लड़ाई, उसकी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक संघर्ष की गाथा को जीवित रखेगा।

    सिर्फ इतना ही नहीं, दोनों मंत्रियों ने गुरुजी की जन्मभूमि जामताड़ा के चिरुडीह गांव में भी एक भव्य पार्क और विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। चिरुडीह वही पवित्र भूमि है, जहां से शिबू सोरेन ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई की शुरुआत की थी।

    राज्य सरकार का यह निर्णय न सिर्फ शिबू सोरेन के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि झारखंड की संघर्ष यात्रा को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखने का भी संकल्प है।

  • घाटशिला उपचुनाव की तैयारी तेज, 2 सितंबर को आएगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर तैयारी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि उपचुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चल रहा है। यह काम 1 जुलाई 2025 तक जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है, उनके आधार पर किया जाएगा।

    हर वोटर का नाम सही-सही जुड़ना जरूरी.

    रवि कुमार ने कहा कि कोशिश यही है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए और कोई भी गलत नाम इसमें शामिल न हो। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करें। ये एजेंट घर-घर जाकर जांच करेंगे ताकि सही नाम सूची में जुड़ सके।

    2 सितंबर से शुरू होगा दावा और आपत्ति का मौका.

    • 2 सितंबर 2025 (मंगलवार) को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) प्रकाशित किया जाएगा।
    • 2 सितंबर से 17 सितंबर तक लोग अपना नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
    • नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, और सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होगा।
    • सब काम पूरा होने के बाद 29 सितंबर 2025 (सोमवार) को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

    मतदान केंद्रों का युक्तिकरण.

    रवि कुमार ने बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से ज्यादा वोटर हैं, वहां व्यवस्था सुधारने के लिए नए प्रबंध किए गए हैं ताकि चुनाव के दिन किसी को दिक्कत न हो।

    बैठक में कई अधिकारी और नेता शामिल.

    निर्वाचन सदन में हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य चुनाव अधिकारी भी मौजूद थे।

     

  • झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 दोषी, सात-सात साल की सजा

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची: झारखंड की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में बड़ा फैसला आया है। रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन सीआई राजकिशोर सिंह, फिरोज अख्तर, अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मणिलाल महतो और परशुराम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है और यदि वे यह राशि नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त एक-एक साल की कैद भुगतनी होगी।

    कोर्ट का निर्णय और बचाव पक्ष की दलील.

    सजा पर बहस के बाद विशेष जज श्याम नंदन तिवारी की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। फैसले के तुरंत बाद सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
    एनोस एक्का के वकील अनिल कंठ ने कहा कि इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

    15 साल पुराना जमीन घोटाला.

    यह मामला करीब 15 साल पुराना है। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर फर्जी पते और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदी। जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच उनकी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची और आसपास कई जमीनें खरीदी गईं—

    • हिनू में 22 कट्ठा
    • ओरमांझी में 12 एकड़
    • नेवरी में 4 एकड़
    • चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल

    तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से इन सौदों को अंजाम दिया गया।

    सीबीआई जांच और चार्जशीट.

    हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अगस्त 2010 में एफआईआर दर्ज की थी।

    • 2012 में चार्जशीट दाखिल हुई।
    • नवंबर 2019 में आरोप तय हुए।
      आख़िरकार 29 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में गोवर्धन बैठा को बरी कर दिया गया।

    एनोस एक्का की राजनीतिक यात्रा और विवाद.

    एनोस एक्का झारखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं।

    • उन्होंने 2005, 2009 और 2014 में सिमडेगा के कोलेबिरा से लगातार चुनाव जीते।
    • मधु कोड़ा सरकार के दौरान वे सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाते थे।
    • लेकिन आय से अधिक संपत्ति और पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या जैसे मामलों ने उनकी राजनीति पर काला साया डाल दिया।
      2014 में पारा शिक्षक हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एनोस एक्का को 2018 में उम्रकैद की सजा मिली थी। फिलहाल वे जमानत पर थे, लेकिन अब इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिए गए।

    क्यों महत्वपूर्ण है सीएनटी एक्ट?

    छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (1908) ब्रिटिश शासनकाल में आदिवासियों की जमीन को बचाने के लिए लागू किया गया था। इस कानून के तहत—

    • आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी को बेचना, गिरवी रखना या ट्रांसफर करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
    • यहां तक कि एक आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर किसी अन्य आदिवासी को जमीन नहीं बेच सकता।

    कोर्ट ने माना कि एनोस एक्का और उनके सहयोगियों ने इस कानून का खुलेआम उल्लंघन किया और निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

     

  • सबूत के अभाव में पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित सभी आरोपी बरी

    नीरज सिंह हत्याकांड मे आठ साल बाद आया फैसला.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    धनबाद : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड  में बुधवार को आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। धनबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह सहित सभी 8 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।

    विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने यह निर्णय सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और गहमागहमी का माहौल रहा।

    स्ट्रेचर पर कोर्ट पहुंचे संजीव सिंह.

    फैसले के दिन संजीव सिंह को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्ट्रेचर पर कोर्ट लाया गया। पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिंह मेंशन से अदालत तक लेकर पहुंची। सुनवाई शुरू होने से पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश से रोक दिया गया, जिसके चलते अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हुई और अदालत ने केस की सुनवाई शुरू की।

    21 मार्च 2017 की वारदात जिसने झकझोर दिया था झारखंड.

    धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट पर 21 मार्च 2017 की शाम लगभग 7 बजे अंधाधुंध फायरिंग कर कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, पीए अशोक यादव और ड्राइवर घोलटू महतो की हत्या कर दी गई थी। यह घटना राज्य का सबसे बड़ा शूटआउट मानी जाती है।

    हत्या के बाद संजीव सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। बाद में एक आरोपी अमन सिंह की 2023 में जेल के अंदर हत्या कर दी गई, जबकि रिंकू सिंह से जुड़े मामले का ट्रायल अलग से चल रहा है।

    आठ साल लंबी कानूनी जंग.

    इस मामले में सुनवाई 6 अलग-अलग अदालतों में हुई।

    • 408 तारीखों पर पेशी हुई।
    • 3 जनवरी 2019 को 22 महीने बाद आरोप तय हुए।
    • अभियोजन पक्ष ने 74 गवाहों में से 37 गवाह और कई साक्ष्य पेश किए।
    • बचाव पक्ष ने 5 गवाहों की गवाही कराई।
    • दोनों पक्षों की बहस 49 तारीखों तक चली।
      आखिरकार, आठ साल से ज्यादा समय तक चली इस कानूनी जंग का परिणाम सभी आरोपियों की रिहाई के रूप में सामने आया।

    फैसले से पहले प्रशासन अलर्ट.

    जिला प्रशासन को पहले से आशंका थी कि फैसले के दिन दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंच सकते हैं, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है। इस कारण धारा 144 लागू की गई।

    • जैप (Jharkhand Armed Police) की एक कंपनी को सुरक्षा में लगाया गया।
    • कोर्ट परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
    • संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त भी तेज की गई।

    राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर.

    यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहा है।

    • बरी हुए संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से भाजपा विधायक हैं।
    • वहीं, नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस से झरिया की विधायक रह चुकी हैं।
      इस वजह से इस केस पर पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश की भी नज़रें थीं।