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  • मंईयां सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों पर गिरी गाज,जानिए कब मिलेगा 2500 रुपए

    RANCHI: झारखंड की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का बढ़ा हुआ लाभ क्रिसमस से पहले उनके खातों में पहुंचने वाला है। लेकिन हर किसी को यह राहत नहीं मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अयोग्य लाभुकों की पहचान कर उनके खातों में यह राशि रोक दी जाएगी।

    स्क्रीनिंग शुरू, अयोग्य लाभुकों पर शिकंजा। 

    राज्यभर में मंईयां सम्मान योजना के तहत 50 लाख से अधिक महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि मिलनी है। लेकिन कई महिलाएं जो इस योजना के दायरे में नहीं आतीं, फिर भी इसका लाभ ले रही थीं। ऐसे मामलों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।

    सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा है कि:

    1. गलत तरीके से लाभ लेने वालों से वसूली की जाएगी।
    2. जिन्हें पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें इस योजना से बाहर किया जाएगा।
    3. अयोग्य लाभुकों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    किन्हें नहीं मिलेगा मंईयां सम्मान योजना का लाभ?

    निम्नलिखित श्रेणियों की महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा:

    • आयकर दाता महिलाएं।
    • सरकारी कर्मी या रिटायर सरकारी कर्मियों के परिवार की महिलाएं।
    • ईपीएफओ धारक या उनके परिवार के सदस्य।
    • झारखंड से बाहर की निवासी महिलाएं।
    • एक से अधिक जिलों में लाभ लेने वाले लाभुक।

    कैबिनेट की मुहर और योजना का विस्तार। 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने का ऐलान किया था। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब इसे लागू किया जा रहा है।

    सख्ती से हो रही जांच। 

    विभाग ने सभी जिलों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि जांच के दौरान कोई अयोग्य लाभुक पाया गया, तो उसकी राशि वापस ली जाएगी और उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ। 

    मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत योग्य लाभुक महिलाओं के खातों में यह राशि जल्द ही ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद एक कार्यक्रम के दौरान इस राशि को जारी करेंगे।

  • झारखंड सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसके लिए विभागों को अनुदान राशि वापस करने का निर्देश

    झारखंड सरकार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट से अलग स्वीकृत योजनाओं पर खर्च करने के लिए ₹10,282 करोड़ की आवश्यकता है। इसे पूरा करने के लिए, सरकार ने सभी विभागों से बची हुई राशि वापस करने (सरेंडर) को कहा है। इसके लिए अंतिम तिथि 9 दिसंबर तय की गई है। सबसे बड़ा खर्च झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर होगा, जिसमें ₹7,314 करोड़ की जरूरत है। इसके अलावा, बिजली शुल्क में छूट के लिए ₹1,810 करोड़, बिरसा फसल बीमा योजना के लिए ₹250 करोड़ और बिजली टैरिफ सब्सिडी के लिए ₹767 करोड़ की आवश्यकता है।

    विभागों से धन जुटाने की योजना

    वित्त विभाग ने अनुमान लगाया है कि विभागों से लगभग ₹8,200 करोड़ जुटाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, झारखंड मिनरल्स बियरिंग लैंड सेस से ₹1,600 करोड़ और जिला खनिज फाउंडेशन से ₹490 करोड़ मिलने की उम्मीद है। अक्टूबर 2024 में लागू किए गए झारखंड मिनरल्स बियरिंग लैंड सेस से अब तक ₹400 करोड़ जमा हुए हैं और हर महीने ₹300 करोड़ मिलने की संभावना है।

    धन वापसी (सरेंडर) के नियम

    सरकार ने तय किया है कि जिन विभागों ने बजट का 50% से अधिक खर्च किया है, उन्हें 5% राशि सरेंडर करनी होगी। वहीं, 30-50% खर्च करने वाले विभागों को 10% और 30% से कम खर्च करने वाले विभागों को 20% राशि वापस करनी होगी। केंद्र प्रायोजित योजनाओं से भी फंड सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है।

    प्रमुख विभाग और योजनाएं

    सरेंडर की प्रक्रिया में योजना एवं विकास, कृषि, पशुपालन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और जल संसाधन जैसे प्रमुख विभागों को शामिल किया गया है।