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  • झारखंड: अब सड़क सुरक्षा होगी और भी मजबूत !

    RANCHI: अब सड़क सुरक्षा होगी और भी मजबूत! झारखंड में चार पहिया, सार्वजनिक सेवा वाहन और व्यावसायिक वाहनों में ट्रैफिकिंग डिवाइस और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा, बल्कि आपराधिक घटनाओं पर भी नज़र रखी जा सकेगी।

    क्या है खास:
    ट्रैफिकिंग डिवाइस और पैनिक बटन का एक्सेस सीधे परिवहन, ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा अधिकारियों के पास रहेगा। इसका मतलब है कि किसी भी आपात स्थिति में वाहन की लाइव जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

    नियम की खास बातें:

    • 1 जनवरी 2019 से पहले बने पुराने वाहनों में भी ये डिवाइस लगवाना अनिवार्य होगा।
    • वाहन निर्माता कंपनियां अब इन उपकरणों को फिट करके ही अपने वाहन बेचेंगी।

    सरकार ने उठाए ठोस कदम:
    सड़क सुरक्षा की लीड एजेंसियां वाहन निर्माता कंपनियों से सीधा संवाद करेंगी, ताकि इस नए नियम को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। परिवहन विभाग ने इस पर अधिसूचना जारी कर दी है और अगले आदेश के बाद इसे लागू किया जाएगा।

    वाहन मालिकों की जिम्मेदारी:
    वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके चालक ट्रैफिकिंग डिवाइस और पैनिक बटन का सही उपयोग जानें। छेड़छाड़ करने पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर डिवाइस में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसे ठीक कराना अनिवार्य होगा।

    स्कूल बसों में पहले से मौजूद ट्रैकिंग सिस्टम:
    वर्तमान में स्कूल बसों में ट्रैफिकिंग डिवाइस पहले से ही लगाया गया है, जिससे उनकी निगरानी की जा रही है। यह कदम बाकी वाहनों के लिए भी सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।

    झारखंड सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा देगा।

  • झारखंड में मंईयां सम्मान योजना :लाभुकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

    RANCHI: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना ने हेमंत सोरेन सरकार की सत्ता में वापसी में निर्णायक भूमिका निभाई। चुनाव के चार महीने पहले शुरू की गई इस योजना का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। चुनावी नतीजों के बाद सिर्फ 15 दिनों में इस योजना के लाभुकों की संख्या में पांच लाख की बढ़ोतरी हुई, जो अब बढ़कर 64 लाख 62 हजार तक पहुंच चुकी है।

    चुनाव से पहले और बाद का अंतर
    महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग के अनुसार, चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने तक इस योजना के तहत पंजीकृत लाभुकों की संख्या 59 लाख थी। चुनाव के बाद 15 दिनों के भीतर यह आंकड़ा 64 लाख पार कर गया। इनमें से 53 लाख 65 हजार 345 लाभुकों को सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

    क्रिसमस पर महिलाओं को मिलेगा बड़ा तोहफा
    दिसंबर में महिलाओं के खातों में इस योजना के तहत 1000 रुपये के बजाय 2500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि 18 से 20 दिसंबर के बीच रिलीज होने की संभावना है, ताकि क्रिसमस से पहले इसे महिलाओं के बैंक खाते में पहुंचाया जा सके। इसके बाद हर महीने महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

    गलत लाभ लेने वालों पर सख्त कार्रवाई
    सरकार ने इस योजना के तहत गलत तरीके से लाभ उठाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। समाज कल्याण आयुक्त ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि जो लोग केंद्र या राज्य सरकार से जुड़ी किसी भी संस्था में कार्यरत हैं, उन्हें योजना का लाभ लेने से रोका जाए। ऐसे मामलों में वसूली का आदेश भी जारी किया गया है।

    21 जिलों में लाभुकों की संख्या 1 लाख से अधिक
    राज्य के 24 में से 21 जिलों में योजना के लाभुकों की संख्या एक लाख से अधिक है। सबसे अधिक लाभुक रांची जिले में हैं, जहां 5.23 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 4.29 लाख के खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी। वहीं, सबसे कम लाभ सिमडेगा जिले में है, जहां 83 हजार महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं।

    खूंटी, लोहरदगा और सिमडेगा पिछड़े
    केवल तीन जिले, लोहरदगा, खूंटी और सिमडेगा, ऐसे हैं जहां लाभुकों की संख्या एक लाख से कम है। बाकी जिलों में यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

    मंईयां सम्मान योजना ने न केवल महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुधार लाया है बल्कि चुनावी राजनीति में भी अपनी अहमियत साबित की है।