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  • JSSC कैंपस से देवेंद्रनाथ महतो को पुलिस ने हिरासत में लिया और विरोध कर रहे अभ्यर्थियों को खदेड़ते हुए वहां से हटाया

    SSC-CGL परीक्षा के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया JSSC कार्यालय में शुरू हो चुकी है। इस दौरान विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। खबर लिखे जाने तक कुछ उम्मीदवारों और छात्रों का आंदोलन अपने चरम पर था। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी JSSC कैंपस में जमा हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़कर परिसर से बाहर कर दिया। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्रनाथ महतो को पुलिस ने हिरासत में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ उम्मीदवार JSSC कैंपस के आसपास की कॉलोनियों में छिपते हुए भी देखे गए। पूरे कैंपस क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    गौरतलब है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक की शिकायतों को लेकर रांची के नामकुम स्थित आयोग कार्यालय में हजारों छात्रों के जुटने की संभावना थी। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। JSSC कार्यालय के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है, और सुरक्षा के लिए करीब 1500 जवान तैनात किए गए हैं। इन जवानों को लाठी, टियर गैस और रबर बुलेट जैसे उपकरण दिए गए हैं। आयोग कार्यालय के आसपास का इलाका पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है।

  • JSSC परिसर की सुरक्षा को कड़ा किया गया, छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए धारा-144 लागू की गई।

    जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक के मामले को लेकर आज रांची के नामकुम स्थित आयोग कार्यालय के बाहर भारी संख्या में छात्रों के एकत्र होने की संभावना है। छात्रों के संभावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। जेएसएससी कार्यालय के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है, और सुरक्षा के लिए 1500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इन जवानों के पास लाठी, आंसू गैस, और रबर बुलेट जैसे उपकरण उपलब्ध हैं। पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

    रांची डीसी कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची ने अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के पास धारा 144 (सीआरपीसी की धारा 163 के तहत) लागू की है। इसके तहत इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या धरना देना अब अवैध होगा।

    छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए आयोग कार्यालय के आसपास के पूरे इलाके में सख्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। नामकुम क्षेत्र में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शन को नियंत्रित किया जा सके। जिला प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के आक्रामक या हिंसक प्रदर्शन से बचें। ऐसे कृत्य न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं, बल्कि छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और करियर पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी हिंसक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो छात्रों के भविष्य में पुलिस वेरिफिकेशन और नौकरी पाने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। आजकल सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हो चुका है, और नकारात्मक रिकॉर्ड आपकी करियर संभावनाओं को बाधित कर सकता है।

    छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दें। यदि परीक्षा से जुड़ी कोई समस्या या शिकायत है, तो उसे शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से उठाएं। आक्रामकता या हिंसक प्रदर्शन से कोई समाधान नहीं निकलेगा और यह न तो छात्रों के हित में है और न ही समाज के।

  • JSSC के CGL परीक्षा : छात्रों का आंदोलन और प्रशासन की चुनौती

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..

    रांची : छात्रों का विरोध तेज हो गया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के CGL 2023 के परिणाम रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र आंदोलनरत हैं। रांची का नामकुम इलाका, जहां आयोग का कार्यालय स्थित है, अब इस आंदोलन का केंद्र बन चुका है।

    15 दिसंबर: प्रदर्शन की तैयारी। 
    सूत्रों के अनुसार, 15 दिसंबर को 4000-5000 छात्रों के रांची स्थित JSSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की संभावना है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि CGL परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है।

    छात्रों की मांग और आरोप।
    छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा के परिणामों में पारदर्शिता का अभाव है। 21 और 22 सितंबर की परीक्षाओं के परिणाम में बड़ा अंतर देखा गया। कटऑफ जारी नहीं करना और कम अंकों वाले छात्रों का चयन कई सवाल खड़े करता है।

    वहीं, विपक्षी दल भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

    प्रशासन अलर्ट पर। 
    रांची पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हर थाना और जिला सतर्क कर दिया गया है। 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू है।

    छात्रों का हौसला बुलंद। 
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अपने अधिकारों के लिए हम मजबूती से खड़े हैं। सरकार को जवाब देना होगा।”

    पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव। 
    जब महतो छात्रों से मिलने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन छात्रों की रणनीति से महतो वहां से सुरक्षित निकल गए।

    क्या है आगे?
    16 दिसंबर को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ ही JSSC कार्यालय के बाहर महाघेराव की योजना है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

    यह आंदोलन न केवल परीक्षा में सुधार की मांग है, बल्कि झारखंड केयुवाओं की नई राजनीतिक चेतना और संघर्षशीलता का प्रतीक भी बन चुका है।

  • JSSC ने CGL परीक्षा का परिणाम जारी किया

    रांची से मिली खबर के मुताबिक…….

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया। इस परीक्षा के अंतर्गत कुल 2,025 पदों के लिए 2,231 अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए बुलाया गया है। आयोग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि प्रमाणपत्रों की जांच 16 से 20 दिसंबर 2024 के बीच नामकोम, रांची स्थित आयोग कार्यालय में होगी।

    प्रमाणपत्र जांच का समय और प्रक्रिया
    प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया रोजाना दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को उनके क्रमांक के आधार पर जांच के लिए बुलाया गया है, जिसकी जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी निर्धारित तिथि से एक घंटा पहले जांच स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें।

    प्रमाणपत्र जांच का मतलब अंतिम चयन नहीं
    आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्रों की जांच के लिए बुलाया जाना, अंतिम चयन की पुष्टि नहीं करता है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य अभ्यर्थियों को भी जांच के लिए बुलाया जा सकता है। अभ्यर्थियों से अनुरोध किया गया है कि वे नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।

    परीक्षा के दौरान विवाद
    यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी, जिसमें 6 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगे थे। हालांकि, राजभवन के निर्देश पर हुई जांच में इन आरोपों के पुख्ता सबूत नहीं मिले। आयोग की समिति ने भी किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद परिणाम जारी करने का निर्णय लिया।अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट उनके नॉर्मलाइज्ड अंकों के आधार पर तैयार की गई है। चयनित उम्मीदवार jssc.nic.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। साथ ही, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का पूरा शेड्यूल भी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

    नोट: चयनित उम्मीदवारों से समय पर दस्तावेज़ सत्यापन के लिए उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।