JSSC के CGL परीक्षा : छात्रों का आंदोलन और प्रशासन की चुनौती

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परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..

रांची : छात्रों का विरोध तेज हो गया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के CGL 2023 के परिणाम रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र आंदोलनरत हैं। रांची का नामकुम इलाका, जहां आयोग का कार्यालय स्थित है, अब इस आंदोलन का केंद्र बन चुका है।

15 दिसंबर: प्रदर्शन की तैयारी। 
सूत्रों के अनुसार, 15 दिसंबर को 4000-5000 छात्रों के रांची स्थित JSSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की संभावना है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि CGL परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है।

छात्रों की मांग और आरोप।
छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा के परिणामों में पारदर्शिता का अभाव है। 21 और 22 सितंबर की परीक्षाओं के परिणाम में बड़ा अंतर देखा गया। कटऑफ जारी नहीं करना और कम अंकों वाले छात्रों का चयन कई सवाल खड़े करता है।

वहीं, विपक्षी दल भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

प्रशासन अलर्ट पर। 
रांची पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हर थाना और जिला सतर्क कर दिया गया है। 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू है।

छात्रों का हौसला बुलंद। 
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अपने अधिकारों के लिए हम मजबूती से खड़े हैं। सरकार को जवाब देना होगा।”

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव। 
जब महतो छात्रों से मिलने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन छात्रों की रणनीति से महतो वहां से सुरक्षित निकल गए।

क्या है आगे?
16 दिसंबर को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ ही JSSC कार्यालय के बाहर महाघेराव की योजना है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

यह आंदोलन न केवल परीक्षा में सुधार की मांग है, बल्कि झारखंड केयुवाओं की नई राजनीतिक चेतना और संघर्षशीलता का प्रतीक भी बन चुका है।

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