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  • राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनाईं हेमंत सरकार की उपलब्धियां, कहा – बजट सत्र की सफलता के लिए सभी दल करें सहयोग

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र का शुभारंभ: राज्यपाल संतोष गंगवार का अभिभाषण

    झारखंड विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल संतोष गंगवार के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकास, सुशासन और जनकल्याण को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया और सभी वर्गों के कल्याण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    विकास और आधारभूत संरचना

    राज्यपाल ने बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। सड़क, पुल और रेलवे कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं मरम्मत हेतु बड़ी धनराशि आवंटित की गई है, जबकि शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। जल आपूर्ति और स्वच्छता को आधुनिक बनाने के प्रयास भी जारी हैं।

    कृषि एवं ग्रामीण विकास

    राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है। कृषि ऋण माफी योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है और उनकी फसलें बेहतर मूल्य पर बिकें, इसके लिए नई मंडियों की स्थापना की जा रही है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं शुरू की गई हैं।

    शिक्षा एवं युवाओं के लिए योजनाएं

    शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम, छात्रवृत्ति योजनाओं और उच्च शिक्षा संस्थानों में सुधार हेतु पर्याप्त बजट आवंटित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

    सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विशेष योजनाओं को लागू किया गया है।

    रोजगार एवं औद्योगिक विकास

    राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई योजनाएं लेकर आई है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत फैसले लिए गए हैं। टेक्सटाइल, खनन और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    महिला एवं बाल विकास

    महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, पोषण अभियान और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। बाल श्रम और मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों से निपटने के लिए कठोर कानून लागू किए गए हैं।

    पर्यावरण एवं सतत विकास

    पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रीन एनर्जी, वृक्षारोपण और जल संरक्षण योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सरकार सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

    कानून व्यवस्था एवं सुशासन

    राज्यपाल ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और साइबर क्राइम से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू की गई है। भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को समाप्त करने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास

    झारखंड सरकार राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।,,

    राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में झारखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और आशा जताई कि आगामी बजट इन लक्ष्यों को और मजबूती प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य झारखंड को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। इस अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हो गई है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

  • बजट सत्र: दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन कल तक के लिए स्थगित

     

    झारखंड विधानसभा में दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि, शोक प्रस्ताव पारित

    झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हाल ही में दिवंगत हुई कई प्रतिष्ठित हस्तियों और आम नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकार किया और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य और देश ने कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों को खो दिया है, जिनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके दुख में सहभागी है। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस क्षति को अपूरणीय बताया और कहा कि हम सभी उनकी यादों को संजोकर आगे बढ़ेंगे।

    इस अवसर पर विभिन्न दलों के नेताओं ने भी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।

    इन हस्तियों को किया गया याद

    विधानसभा में श्रद्धांजलि अर्पित की गई प्रमुख हस्तियों में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिग्गज उद्योगपति रतन नवल टाटा, वामपंथी नेता सीताराम येचुरी, वरिष्ठ राजनेता ओम प्रकाश चौटाला, एस.एम. कृष्णा, कुंवर नटवर सिंह, सधनु भगत, बच्चा सिंह, छत्रुराम महतो, बैरागी उरांव, गुलाब सिंह मुंडा, मनोरमा सिंह, डॉ. कृष्णानंद झा, विश्वनाथ सिंह, गणेश पासवान, प्रीतिश नंदी, जनरल पदमनाभन, शारदा सिन्हा, उस्ताद जाकिर हुसैन और श्याम बेनेगल आदि शामिल हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 को निधन हो गया। वर्ष 2004 से 2014 तक देश की बागडोर संभालने वाले सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें पद्म विभूषण, एशिया मनी अवॉर्ड और यूरो मनी अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।

    देश के दिग्गज उद्योगपति और टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का 9 अक्टूबर 2024 को निधन हुआ। वे भारतीय उद्योग जगत की अग्रणी शख्सियतों में से एक थे और उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण सहित कई सम्मान प्राप्त हुए थे। उनका निधन औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

    वामपंथी आंदोलन के प्रमुख नेता सीताराम येचुरी का 12 सितंबर 2024 को निधन हो गया। वे 2005 से 2017 तक राज्यसभा सदस्य रहे और भारतीय राजनीति में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।

    शोक प्रस्ताव पारित करने के बाद सदन की कार्यवाही 25 फरवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।