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  • पेंशनधारियों के लिए खुशखबरी, अब एक साथ मिलेगा तीन महीने की पेंशन

    झारखंड के 11.80 लाख पेंशनधारियों को तीन माह की पेंशन एक साथ मिलेगी

    झारखंड के 11,80,191 पेंशनधारियों को इस माह तीन महीने की पेंशन एक साथ मिलने जा रही है। इससे पहले उन्हें सितंबर तक की पेंशन प्राप्त हो चुकी थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं में देरी के कारण अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लंबित थी। यह देरी केंद्र सरकार से निधि जारी न होने के कारण हुई थी। अब केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि उपलब्ध करा दी है, जिससे पेंशन वितरण संभव हो सका है।

    राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के तहत हर माह 1000 रुपये की राशि दी जाती है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा आवंटित धनराशि के अलावा बाकी राशि राज्य सरकार प्रदान करती है। पेंशन की निकासी तभी होती है जब दोनों सरकारों का योगदान उपलब्ध होता है।

    समाज कल्याण विभाग के अनुसार, जल्द ही पेंशन वितरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लाभुकों को प्रदान की जा सके। गौरतलब है कि राज्य सरकार को जून तक केंद्र सरकार से पेंशन राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के नौ महीने बीतने के बावजूद छह महीने की राशि नहीं मिली थी।

    झारखंड में कुल 9,02,998 वृद्ध, 2,51,780 विधवा और 25,413 दिव्यांग लाभुक पेंशन प्राप्त करते हैं। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के बीपीएल वृद्धों को 1000 रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों को 1500 रुपये (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त योगदान) दिया जाता है। विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को भी 1000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।

    पलामू जिले में सबसे अधिक 88,577 पेंशनधारी हैं, जिनमें 76,108 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। रांची, गढ़वा, धनबाद, गोड्डा, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग और दुमका समेत अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लाभुक हैं, जिन्हें जल्द ही उनकी लंबित पेंशन राशि प्राप्त होगी।

  • झारखंड बजट सत्र पर चर्चा के लिए 21 फरवरी को स्पीकर की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने शुरू की बजट सत्र की तैयारियां।

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने आगामी बजट सत्र की तैयारियों को तेज कर दिया है। सत्र के सुचारू संचालन और जनहित से जुड़े अधिकतम मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए 21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    वहीं, भाजपा ने अब तक अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी दिन राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और अन्य प्रमुख विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों से समय पर विधेयकों और प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि स्पीकर के साथ अबुआ बजट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा हुई है। बजट तैयारियों का कार्य अंतिम चरण में है, जिसके लिए कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ आम जनता से भी सुझाव लिए गए हैं। आगामी बजट राज्य के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। झारखंड का यह बजट सत्र राज्य की प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।

  • Giridih: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मासिक अपराध सेमिनार आयोजित

    गिरिडीह:

    12 फरवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध सेमिनार  का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक गिरिडीह ने लंबित मामलों की समीक्षा की और उनके त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।

    इसके साथ ही, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित एंटी-क्राइम चेकिंग के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए अनुसंधानकर्ताओं को बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत प्रशिक्षण देने की बात कही गई।

    लंबित वारंट और कुर्की मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। साथ ही, E-Sakshya ऐप में सात साल या उससे अधिक सजा वाले मामलों की घटनास्थल और गवाह के बयान को 24 घंटे के भीतर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।

    सीएमपीएस के अंतर्गत गवाहों को निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होकर गवाही देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, IGOT Karmayogi ऐप के उपयोग की जानकारी साझा की गई।

    डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और नाटकीय प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया।

    अंत में, आगामी शब-ए-बारात पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

  • HEC पर गंभीर संकट: केंद्र सरकार ने सहायता देने से किया इनकार,29 महीने से कर्मचारियों नहीं मिला वेतन

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के पुनरुद्धार को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है। यह जानकारी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सांसद राजेश रंजन के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

    स्वयं संसाधन जुटाकर वेतन देना होगा

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एचईसी कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत एक स्वतंत्र कानूनी इकाई है। इसलिए कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए इसे अपने स्वयं के संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी।

    2024-25 में अब तक 4.5 महीने का वेतन दिया गया

    एचडी कुमारस्वामी के अनुसार, लगातार हो रहे घाटे के कारण एचईसी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। इसका असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ा है, जो अनियमित हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक कर्मचारियों को मात्र साढ़े चार महीने का वेतन दिया गया है।

    25 से 29 महीने का वेतन बकाया

    केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि एचईसी के कर्मचारियों और अधिकारियों का 25 महीने का वेतन बकाया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह अवधि 29 महीने की है। सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में एचईसी कर्मियों के तीन साल से लंबित वेतन भुगतान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग रखी थी।

    बकाया वेतन के लिए कर्मचारियों का आंदोलन जारी

    एचईसी के सैकड़ों कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण अधिकारी और कर्मचारी कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

  • रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैट के आवंटन के लिए लॉटरी, सोमवार से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

    रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैटों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन की शुरुआत सोमवार से हो गई है। आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय लाल पासवान ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 मार्च तक जारी रहेगी।

    उन्होंने बताया कि रांची के बाद हजारीबाग और फिर जमशेदपुर में भी लॉटरी के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जमशेदपुर में एक, दो और तीन बेडरूम के कुल 241 पुराने फ्लैट उपलब्ध हैं, जिनमें एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और इडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट शामिल हैं। इच्छुक आवेदक इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

    सोमवार को वे आदित्यपुर स्थित आवास बोर्ड कार्यालय में कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता और अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर नए प्रोजेक्ट लाने की योजना पर काम हो रहा है, जिसके लिए कार्यपालक अभियंता से प्रस्ताव मांगा गया है।

  • सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में केवल JTET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम जारी होगा, JSSC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकारा

    जेएसएससी परीक्षा: केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम होगा जारी

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक विद्यालयों में सहायक आचार्य पदों की प्रतियोगिता परीक्षा में केवल झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस परीक्षा में शामिल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास अभ्यर्थियों का परिणाम जारी नहीं किया जाएगा।

    राज्य सरकार और जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी के आदेश को लागू करने का निर्णय लिया है। इस आदेश में झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है, जबकि CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया गया है।

    गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति नियमों में संशोधन के बाद CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को परिमल कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

    जेएसएससी ने मंगलवार को एक आधिकारिक सूचना जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी और इसकी प्रति अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार संचालित होगी। उल्लेखनीय है कि J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद यह फैसला आया।

  • रांची में नई आपातकालीन मोचन प्रणाली शुरू, एक बटन दबाते ही मिलेगी मदद

    रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक नई आपातकालीन मोचन प्रणाली की शुरुआत की गई है, जिससे नागरिक किसी भी दुर्घटना या अपराध की सूचना महज एक बटन दबाकर दे सकेंगे। इस पहल की जानकारी एक अधिकारी ने सोमवार को दी।

    महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे ‘आपातकालीन कॉल बॉक्स’

    ‘रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन’ द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर अत्याधुनिक संचार प्रणाली से लैस ‘आपातकालीन कॉल बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं। इन बॉक्सों को पीले रंग में रंगा गया है और इनमें एक प्रमुख लाल बटन लगा हुआ है।

    बिना मोबाइल के सीधे मदद का विकल्प

    एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अब लोग आपात स्थिति में बिना मोबाइल फोन या किसी नंबर को याद किए बिना भी सीधे सरकारी एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं।

    आपातकाल में तुरंत सहायता

    विज्ञप्ति में बताया गया कि यदि कोई दुर्घटना या अपराध घटित होता है, तो व्यक्ति लाल बटन दबाकर सीधे ‘कमांड कंट्रोल सेंटर’ से जुड़ सकता है। इसके बाद, पुलिस और संबंधित एजेंसियां तुरंत सहायता के लिए मौके पर पहुंच जाएंगी। इस सुविधा से रांची के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    50 महत्वपूर्ण स्थानों पर हुई स्थापना

    इस नई प्रणाली के तहत कांके रिंग रोड, सहजानंद चौक, शनि मंदिर चौक, हमरू चौक, अरगोड़ा चौक और सुजाता चौक सहित कुल 50 प्रमुख चौराहों पर कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। इससे शहर के लोग किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तक अपनी बात सीधे पहुंचा सकेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

  • महाकुंभ शब्द ने किया चमत्कार,15 साल बाद परिवार से मिले प्रकाश महतो, जानिए क्या है मामला

    कोडरमा: झारखंड के प्रकाश महतो के परिवार से पुनर्मिलन की कहानी इन दिनों चर्चा में है। करीब डेढ़ दशक से अपने परिजनों से दूर रहे प्रकाश के लिए महाकुंभ शब्द किसी चमत्कार से कम नहीं साबित हुआ। प्रयागराज महाकुंभ मेले का नाम सुनते ही उनकी यादों के बंद दरवाजे खुल गए, जिससे वे अपने परिवार से फिर से जुड़ पाए।

    महाकुंभ शब्द से जुड़ी यादें बनीं पुनर्मिलन की वजह

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान कर रहे हैं। लेकिन, इस मेले का असर कोलकाता से करीब 800 किलोमीटर दूर रानीगंज में भी देखने को मिला। जब एक होटल में काम कर रहे प्रकाश महतो ने महाकुंभ  शब्द सुना, तो उनके मन में अपने घर की यादें उमड़ पड़ीं। यह सुनते ही होटल मालिक सुमित साव को शक हुआ और उन्होंने प्रकाश से उनके परिवार के बारे में पूछताछ की। इंटरनेट के जरिए कोडरमा पुलिस से संपर्क किया गया, जिससे उनकी पहचान की पुष्टि हुई और परिवार तक खबर पहुंची।

    परिजन मान चुके थे मृत, डेथ सर्टिफिकेट बनवाने की थी तैयारी

    प्रकाश महतो, जो झारखंड के मरकच्चो थाना क्षेत्र के कदोडीह गांव के निवासी हैं, 9 मई 2010 को काम के सिलसिले में कोलकाता गए थे। वहां कोलकाता नगर निगम में कार्यरत प्रकाश मानसिक अस्थिरता के कारण रास्ता भटक गए और लापता हो गए। परिजनों ने उनकी खोजबीन की और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, परिवार ने उन्हें मृत मान लिया और उनका डेथ सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

    बच्चों ने 15 वर्षों तक पिता की सिर्फ तस्वीरें देखीं

    जैसे ही परिवार को प्रकाश महतो के जीवित होने की खबर मिली, उनकी पत्नी गीता देवी, बेटे सुजल और बेटी रानी तुरंत रानीगंज पहुंचे। सालों बाद पति और पिता को देखकर पूरा परिवार भावुक हो गया। जिन बच्चों ने अब तक सिर्फ पिता की तस्वीरें देखी थीं, वे उन्हें सामने पाकर खुशी से रो पड़े।

    इस दौरान यह भी सामने आया कि कोलकाता नगर निगम ने प्रकाश को मृत मानते हुए उनके परिवार को नौकरी की पेशकश कर दी थी। वहीं, उनकी पत्नी गीता देवी ने मजदूरी कर बच्चों की परवरिश की। लेकिन अब, 15 साल बाद प्रकाश महतो के घर लौटने से परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं।

  • IPS संजय आनंद लाठकर को मिली नई जिम्मेदार परमाणु ऊर्जा विभाग देंगे योगदान

    1995 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी संजय आनंद लाठकर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत परमाणु ऊर्जा विभाग में आईजी (सुरक्षा) के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने स्वीकृति दे दी है। यह नियुक्ति उनकी पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और 30 सितंबर 2028 तक या अगले आदेशों तक, जो भी पहले हो, दो वर्ष के लिए लागू रहेगी। इस दौरान उनका वेतन मैट्रिक्स स्तर 14 से अस्थायी रूप से स्तर 15 तक बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में, संजय लाठकर झारखंड पुलिस में एडीजी (अभियान) के पद पर कार्यरत हैं।