Category: KODERMA

  • झारखंड के माइका उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, दिल्ली में होगी बड़ी बैठक

    झारखंड के माइका उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, दिल्ली में होगी बड़ी बैठक

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    नई दिल्ली/गिरिडीह: झारखंड के बहुचर्चित माइका उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही, जिससे इस पहल की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    बैठक के दौरान कोडरमा और गिरिडीह के माइका बेल्ट की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। खासतौर पर माइका खनन से जुड़े श्रमिकों की समस्याएं, उद्योग में पारदर्शिता की कमी, रोजगार के सीमित अवसर और माइका एसोसिएशन व वर्कर संगठनों की लंबित मांगों पर फोकस किया गया।

    दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि माइका उद्योग को नई दिशा देने के लिए सभी हितधारकों—उद्योग प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों—को एक मंच पर लाना जरूरी है। इसी कड़ी में जल्द ही नई दिल्ली में एक व्यापक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जहां ठोस और दीर्घकालिक समाधान पर विचार किया जाएगा।

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि माइका खनन को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल झारखंड के माइका बेल्ट—खासकर गिरिडीह और कोडरमा—के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

    इस पहल का स्वागत करते हुए भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष मुकेश जालान ने कहा कि “यह कदम माइका उद्योग के पुनरुत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार के प्रयासों से न केवल उद्योग मजबूत होगा, बल्कि हजारों श्रमिक परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।”

    उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित दिल्ली बैठक से ठोस परिणाम सामने आएंगे और गिरिडीह–कोडरमा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

  • ………..और मुकाबला डिप्टी मेयर की कुर्सी का, नया राजनीतिक “मैच” शुरू

    ………..और मुकाबला डिप्टी मेयर की कुर्सी का, नया राजनीतिक “मैच” शुरू

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    झारखंड की सियासत में मेयर चुनाव के बाद अब एक नया राजनीतिक “मैच” शुरू हो चुका है—और यह मुकाबला है डिप्टी मेयर की कुर्सी का। नौ नगर निगमों में पार्षदों की गिनती, बैठकों का दौर, सम्मान समारोह और डिनर डिप्लोमेसी… सब कुछ तेज हो गया है। आइए समझते हैं कि इस वक्त झारखंड के नगर निगमों में किसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है और कहां किस तरह की राजनीतिक हलचल है।

    मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की जंग

    मेयर चुनाव खत्म होते ही अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर के पद पर टिक गई है। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो—तीनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट करने में जुट गए हैं। नगर निगमों में इस पद के लिए लॉबिंग और लामबंदी तेज हो गई है। पार्षदों के सम्मान समारोह हो रहे हैं, बैठकों का दौर चल रहा है और कई जगहों पर “डिनर डिप्लोमेसी” भी देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कहीं हॉर्स ट्रेडिंग न हो जाए। ऐसे में दल अपने पार्षदों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आखिरी वक्त में क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने।

    रांची में डिनर डिप्लोमेसी और शक्ति प्रदर्शन.

    राजधानी रांची में डिप्टी मेयर की रेस काफी दिलचस्प हो गई है।

    • भाजपा ने पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
    • इस बैठक में 53 में से 42 पार्षदों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

    • कांग्रेस नेताओं ने एक बड़े होटल में पार्षदों के साथ डिनर मीटिंग की।
    • इस बैठक में 37 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षदों ने डिप्टी मेयर के नाम तय करने का अधिकार पार्टी को दे दिया है।

    गिरिडीह में झामुमो की मजबूत स्थिति

    गिरिडीह नगर निगम में समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। यहां मेयर पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार की जीत के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर भी झामुमो समर्थित पार्षद ही बनेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के पास यहां 10 से भी कम पार्षदों का समर्थन है, जबकि झामुमो समर्थित पार्षदों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। लालों राइन व सुमित कुमार दोनों jmm से हैं के बीच ही रश काशी चल रही है ।

    हजारीबाग और मेदिनीनगर में ये नाम आगे।

    राज्य के अन्य नगर निगमों में भी डिप्टी मेयर को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है।

    • मेदिनीनगर: कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
    • हजारीबाग: यहां मिताली रश्मि का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है

    धनबाद, देवघर और आदित्यपुर में कांटे की टक्कर।

    कुछ नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    • धनबाद: यहां अरुण चौहान और सुमन सिंह के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। अरुण चौहान को झामुमो का समर्थन मिलने की चर्चा है।
    • देवघर: पहली बार की पार्षद टीप चटर्जी डिप्टी मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
    • चास: यहां पांच से छह पार्षदों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
    • आदित्यपुर और मानगो: इन दोनों नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं।

    कब होगा शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर का चुनाव.

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कब होगा। अलग-अलग नगर निगमों में शपथ ग्रहण और चयन की तारीखें तय कर दी गई हैं।

    • देवघर नगर निगम – 13 मार्च
    • हजारीबाग नगर निगम – 13 मार्च
    • मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
    • गिरिडीह नगर निगम – 16 मार्च
    • आदित्यपुर नगर निगम – 16 मार्च
    • मानगो नगर निगम – 17 मार्च
    • चास नगर निगम – 17 मार्च
    • धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
    • रांची नगर निगम – 19 मार्च

    अंतिम तस्वीर अभी बाकी.

    कुल मिलाकर झारखंड के नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्षदों की संख्या, दलों की रणनीति और आखिरी वक्त की राजनीतिक चालें—इन सबके बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसके सिर सजता है डिप्टी मेयर का ताज। आने वाले कुछ दिन झारखंड की नगर राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।

  • JMM की हो गयी शालिनी, कोडरमा की पूर्व जिप अध्यक्ष रही है

    JMM की हो गयी शालिनी, कोडरमा की पूर्व जिप अध्यक्ष रही है

    CM हेमंत सोरेन की मोजूदगी मे ली सदस्यता

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    कोडरमा / गिरिडीह :  कोडरमा की सियासी ज़मीन पर आज झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी ताकत का खुला प्रदर्शन किया। झामुमो के सदस्यता समारोह में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मौजूद रहे, और इसी मंच से राजनीति की एक अहम तस्वीर भी साफ हो गई।

    जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष और आजसू की वरिष्ठ नेत्री शालिनी गुप्ता ने गुरुवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो का दामन थाम लिया। मंच पर मौजूद थे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू—और माहौल था पूरी तरह सियासी उत्साह से भरा हुआ।

    कोडरमा में आयोजित इस सदस्यता समारोह में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शालिनी गुप्ता को औपचारिक रूप से झामुमो की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम में झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे, जो इस बदलाव को अपने आप में बड़ा संकेत मान रहे हैं।
    हेमंत सोरेन ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह झामुमो के बढ़ते कुनबे और जनता के मजबूत भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता लगातार झामुमो की नीतियों और सरकार के काम पर भरोसा जता रही है।

    वहीं, झामुमो में शामिल होने के बाद शालिनी गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि झामुमो की सरकार आदिवासी, मूलवासी समेत समाज के हर वर्ग का ख्याल रख रही है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
    शालिनी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया। साथ ही उनके क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भी यही इच्छा थी, और उसी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने झामुमो में शामिल होने का निर्णय लिया।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का जो सपना देखा गया था, वह आज जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।
    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के हर गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही हैं और सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर काम कर रही है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के विकास को देखकर भाजपा असहज है और केंद्र सरकार द्वारा राज्य की योजनाओं की राशि रोकी जा रही है।

    महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में झारखंड में कई कंपनियां निवेश करेंगी, जिससे युवाओं को रोजगार और नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।

    कुल मिलाकर, कोडरमा से उठी यह सियासी तस्वीर साफ संकेत दे रही है—झामुमो लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है, और आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है।

     

  • खेल महोत्सव युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम- अन्नपूर्णा देवी

    खेल महोत्सव युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम- अन्नपूर्णा देवी

    सांसद खेल महोत्सव–2025 का समापन

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव–2025 का समापन आज खेल, संस्कृति और युवा ऊर्जा के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुआ। +2 उच्च विद्यालय, पलौंजिया (बिरनी) का मैदान तालियों की गूंज, खिलाड़ियों के उत्साह और विजेताओं की मुस्कान से सराबोर नजर आया। समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह पूरी तरह उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत छऊ नृत्य ने समूचे माहौल को झारखंड की सांस्कृतिक चेतना से भर दिया। वीरता, अनुशासन और परंपरा की त्रिवेणी बने इस नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इस महोत्सव ने संख्या ही नहीं, संभावनाओं का भी रिकॉर्ड बनाया। सांसद खेल महोत्सव–2025 के अंतर्गत कुल 8603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 6285 खिलाड़ियों ने मैदान में उतरकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
    महोत्सव में 13 खेल विधाओं का आयोजन किया गया, जिनमें साइक्लोथॉन, एथलेटिक्स, शॉट पुट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, जैवलिन थ्रो, शतरंज, टेबल टेनिस, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल और पारंपरिक खेल लगोरी (सेवन स्टोन्स) शामिल रहे।

    प्रतियोगिताओं के समापन पर 363 विजेता और 363 उपविजेता खिलाड़ियों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह क्षण न केवल पुरस्कार का था, बल्कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सपनों की पहचान का भी था।

    समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और नेतृत्व की सीख देता है। ऐसे आयोजन युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की धरती खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है और सही मंच मिलने पर यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।

    सांसद सह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि खेल महोत्सव युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन “फिट युवा – विकसित भारत” के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं।

    वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव ने हजारों युवाओं को एक साझा मंच दिया है, जहां खेल के माध्यम से भाईचारा, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है। उन्होंने भविष्य में और भी व्यापक स्तर पर ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में सांसद काली चरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, उज्ज्वल दास, प्रदीप प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम, जिला अध्यक्ष अनूप जोशी एवं महादेव दुबे, जिला प्रभारी रोहित लाल सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक उपाध्यक्ष, विनय शर्मा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दिनेश यादव, मुख्य समन्वयक मुकेश जालान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर खेलना, हजारों खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करना और सम्मान प्राप्त करना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। कई खिलाड़ियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

  • सियालदह–आसनसोल इंटरसिटी सुपरफास्ट के विस्तार की मांग तेज, न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक चलाने का प्रस्ताव

    सियालदह–आसनसोल इंटरसिटी सुपरफास्ट के विस्तार की मांग तेज, न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक चलाने का प्रस्ताव

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : ईस्टर्न रेलवे के जेडआरयूसीसी (ZRUCC) सदस्य मुकेश जालान ने पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर सियालदह–आसनसोल इंटरसिटी सुपरफास्ट (ट्रेन संख्या 12383/84) का विस्तार न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक किए जाने की मांग की है।

    मुकेश जालान ने अपने पत्र में बताया कि यदि यह ट्रेन गिरिडीह, जमुआ और धनवार होकर कोडरमा तक चलाई जाती है, तो इन क्षेत्रों के यात्रियों को पहली बार कोलकाता के लिए सीधी ट्रेन सेवा का लाभ मिलेगा। अब तक गिरिडीह रेलवे स्टेशन से किसी भी ट्रेन की सीधी कनेक्टिविटी कोलकाता से नहीं रही है, जबकि गिरिडीह जिला उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रेन में अतिरिक्त स्लीपर और वातानुकूलित कोच जोड़े जाएँ ताकि यात्रियों की संख्या और सुविधा दोनों बढ़ सकें। जालान का कहना है कि वर्तमान में इस ट्रेन का रखरखाव आसनसोल में होता है, जबकि व्यवहारिक रूप से इसका मेंटेनेंस सियालदह में भी कराया जा सकता है, क्योंकि ट्रेन वहाँ लगभग 6 घंटे तक खड़ी रहती है। यदि यह बदलाव किया जाए तो ट्रेन को आसनसोल के बाद मधुपुर, न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक ले जाना और वापसी में चलाना पूरी तरह संभव है।

    उन्होंने कहा कि यह विस्तार न केवल हजारों यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

    स्थानीय यात्रियों और व्यापारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका मानना है कि यदि यह ट्रेन न्यू गिरिडीह और कोडरमा तक विस्तारित होती है, तो गिरिडीह और आस-पास के जिलों के लोगों को एक बड़ा लाभ मिलेगा और कोलकाता तक की यात्रा कहीं अधिक सहज और तेज़ हो जाएगी।

  • झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत

    झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत

    13 जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी.

    The News Post4u.

    रांची  : झारखंड में सक्रिय मानसून के चलते राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने 28 जुलाई 2025 से लेकर आगामी दिनों तक राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। इसके तहत राज्य के 13 जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में बारिश का कहर मचा सकता है मुश्किल.

    मौसम विभाग की ओर से जिन 13 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है, उनमें रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। कई इलाकों में तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    तेज बारिश और वज्रपात की आशंका.

    राज्य के पूर्वी और दक्षिणी जिलों—जैसे सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, साहिबगंज, दुमका और गोड्डा—में विशेष रूप से भारी वर्षा के साथ वज्रपात की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने लोगों को सतर्क रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

    28 से 30 जुलाई के बीच झारखंड में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

    किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी.

    बारिश की यह रफ्तार जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, वहीं किसानों के लिए यह राहत की खबर भी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, नियमित बारिश से धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। खेतों में नमी बनी रहने से फसलों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। हालांकि, अत्यधिक जलभराव और वज्रपात के कारण किसानों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

    अभी तक सामान्य से 53 फीसदी अधिक बारिश.

    इस बार झारखंड में मानसून काफी सक्रिय रहा है। 1 जून से 28 जुलाई 2025 तक राज्य में औसतन 478.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 732.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि सामान्य से करीब 53% अधिक है। इस बीच धनबाद के पूर्वी टुंडी में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    अनावश्यक यात्रा से बचें – मौसम विभाग की अपील.

    भारतीय मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से खुले मैदान, जलजमाव वाले क्षेत्र और पेड़ों के नीचे वज्रपात के दौरान जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    झारखंड में मानसून इस समय अपने सक्रिय रूप में है। जहां यह कृषि के लिए वरदान साबित हो रहा है, वहीं इसके साथ आने वाले खतरे—जैसे तेज बारिश, बिजली गिरने की घटनाएं और तेज हवाएं—जनजीवन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सावधानी और सजगता बरतने की जरूरत है।

  • जंगली हाथी के साथ रील बना रह था सद्दाम,फिर जो हुआ …..

    जंगली हाथी के साथ रील बना रह था सद्दाम,फिर जो हुआ …..

    वन विभाग की चेतावनियों के बावजूद रील बनाने की सनक ने ले ली जान.

    परवेज़ आलम.

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    कोडरमा (झारखंड): झारखंड के कोडरमा जिले में रील बनाने की कोशिश में एक युवक की जान चली गई। सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने की चाहत ने 30 वर्षीय सद्दाम अंसारी को इस कदर अंधा कर दिया कि वह जंगली हाथियों के झुंड के पास जाकर उनके साथ सेल्फी और रील बनाता रहा। लेकिन यह दुस्साहसिक कदम उसकी मौत का कारण बन गया।

    हाथी के गुस्से का शिकार बना युवक.

    यह हादसा मरकच्चो थाना क्षेत्र के सलैया पहाड़ी के जंगलों में हुआ। स्थानीय निवासी सद्दाम अंसारी, जो बेलडीह गांव का रहने वाला था और पेशे से मार्बल मिस्त्री था, अपने दो दोस्तों के साथ जंगल में पहुंचे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि इलाके में हाथियों का झुंड देखा गया है। वहां पहुंचकर सद्दाम हाथियों के बेहद करीब जाकर मोबाइल से वीडियो शूट करने लगा और सेल्फी लेने लगा।

    इसी दौरान झुंड में से एक हाथी अचानक आक्रामक हो गया और युवक की ओर दौड़ पड़ा। सद्दाम के दोनों दोस्त किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, लेकिन सद्दाम का पैर झाड़ियों में फंस गया और वह गिर गया। गुस्साए हाथी ने उसे उठाकर पटक दिया और फिर पैरों से बुरी तरह कुचल डाला।

    इलाज के दौरान तोड़ा दम.

    घायल अवस्था में ग्रामीणों ने सद्दाम को तुरंत कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रांची पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।

    ADVT.

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं.

    यह कोई पहली घटना नहीं है जब हाथियों के हमले में इंसानी जान गई हो। इससे पहले मार्च महीने में झारखंड के सिमडेगा और गुमला जिलों में भी जंगली हाथियों ने चार ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला था। इसके बावजूद लोग अब भी बिना सुरक्षा उपायों के जंगली क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाते देखे जाते हैं।

    प्रशासन और वन विभाग की अपील.

    वन विभाग ने बार-बार चेतावनी दी है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाकर रखें और बिना अनुमति जंगलों में प्रवेश न करें। रील और सोशल मीडिया के लिए अपनी जान खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है।

    यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि वाइल्डलाइफ से छेड़छाड़ या लापरवाही सिर्फ अवैध ही नहीं, घातक भी हो सकती है।