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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे को लेकर तैयारियां तेज

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे को लेकर तैयारियां तेज

    मुख्य सचिव  ने दिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल पुख्ता करने के निर्देश.

    For The News Post4u.

    रांची : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  के झारखंड के  दो दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने मंगलवार को देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा से लेकर कार्यक्रम संचालन तक हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी। 31 जुलाई से 1 अगस्त तक राष्ट्रपति झारखंड मे रहेंगी ।

    ADVT.

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राष्ट्रपति के झारखंड प्रवास के दौरान हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि देवघर में सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कांवरिया पथ को बिना प्रभावित किए राष्ट्रपति के एयरपोर्ट से एम्स तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर लिया गया है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुर्मू का पूर्व निर्धारित झारखंड दौरा 10-11 जून को अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया था। उस समय भी तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के झारखंड दौरे को यादगार और गरिमामय” बनाने का निर्देश दिया था, जिसे इस बार भी दोहराया गया।

    कार्यक्रमों का ब्यौरा:

    • राष्ट्रपति देवघर में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।
    • इसके बाद वे धनबाद स्थित IIT (ISM) के दीक्षांत समारोह में भी शिरकत करेंगी।
    • रांची में भी उनके कुछ निर्धारित कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की हर व्यवस्था के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की।

    • वाणिज्य कर विभाग के सचिव अमिताभ कौशल और आईजी अखिलेश कुमार झा को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।
    • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को पब्लिक एड्रेस सिस्टम और मीडिया व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।

    प्रमुख तैयारियों पर हुई चर्चा:

    • राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों पर मंच व्यवस्था, राष्ट्रीय गान, रेड कार्पेट और बुके, कारकेड और आउट राइडर्स,
    • फोटोग्राफरों के लिए खुले वाहन, बैगेज वैन, छाता, ध्वनि विस्तारक यंत्र,
    • प्रमुख अतिथियों की सूची, मंच से बोलने वालों की सूची,
    • देवघर एयरपोर्ट से एम्स तक की सुरक्षा व्यवस्था,
    • चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन व्यवस्था,
    • राष्ट्रपति के साथ आनेवाले अतिथियों के ठहराव और भोजन जैसी व्यवस्थाओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

    देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों ने भी अपने-अपने जिलों में राष्ट्रपति के संपूर्ण प्रवास के लिए ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि राष्ट्रपति के प्रत्येक कार्यक्रम प्रोटोकॉल के अनुरूप और शिष्टाचार पूर्ण वातावरण में संपन्न होंगे।

    मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्रपति का यह दौरा ना केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा को भी ऊंचाई दे सके।

  • हजारीबाग: एसडीओ की पत्नी अनिता की मौत,FIR

    हजारीबाग: एसडीओ की पत्नी अनिता की मौत,FIR

    हजारीबाग : हजारीबाग सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अशोक कुमार की पत्नी अनिता कुमारी की मौत हो गई है। अनिता करीब 65% तक जल चुकी थीं, और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दर्दनाक घटना ने परिवार और प्रशासन, दोनों को हिला कर रख दिया है।

    एफआईआर में एसडीओ समेत परिवार के चार लोग नामजद. 
    अनिता के भाई राजू कुमार गुप्ता ने लोहसिंघना थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर में एसडीओ अशोक कुमार, उनके पिता दुर्योधन साव, छोटे भाई शिवनंदन कुमार, और उनकी पत्नी रिंकू देवी को आरोपी बनाया गया है।

    राजू का आरोप है कि उनकी बहन अनिता ने कई बार कहा था कि उनके पति का किसी और महिला से अवैध संबंध है। यही वजह दोनों के बीच लगातार विवाद का कारण बनती थी। एक बार दोनों परिवारों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हुई थी। उस वक्त एसडीओ ने कथित तौर पर कहा था, “आगे से शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा।”

    ‘कहां जाना है जाओ, मैं एसडीओ हूं!’
    राजू के मुताबिक, इस घटना से पहले भी एसडीओ और उनके परिवार की ओर से धमकियां दी गई थीं। अशोक कुमार ने कथित तौर पर कहा था, “जहां जाना है जाओ, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं अनुमंडल पदाधिकारी हूं। तुम सबको बर्बाद कर दूंगा।”

    सुबह की घटना, भाई ने फोन पर दी सूचना. 
    राजू ने बताया कि 26 दिसंबर की सुबह 8:45 बजे एसडीओ के भाई शिवनंदन का फोन आया। उन्होंने केवल इतना कहा कि अनिता जल गई है और फोन काट दिया। इसके बाद राजू ने दोबारा कॉल किया, तो पता चला कि अनिता को हजारीबाग के अस्पताल से बोकारो के बीजीएच रेफर किया जा रहा है। घटना कब और कैसे हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।जब परिवार बोकारो पहुंचा, तो अनिता को बुरी तरह झुलसा हुआ पाया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल भेजा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    एसडीओ का पक्ष: ‘खुद पर तेल डालकर लगाई आग.
    एसडीओ अशोक कुमार ने इस पूरे मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा, “गुरुवार की सुबह मेरी पत्नी मॉर्निंग वॉक के लिए तैयार हो रही थीं। घर में रंग-रोगन का काम चल रहा है। मैंने उन्हें बाहर जाने से रोका, तो वह नाराज हो गईं। फिर गुस्से में खुद पर तेल डालकर आग लगा ली।”एसडीओ का दावा है कि उन्हें बचाने की कोशिश में उनके हाथ भी जल गए।

    मौत पर उठ रहे सवाल.
    इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वास्तव में आत्महत्या का मामला है, जैसा कि एसडीओ दावा कर रहे हैं? या फिर यह घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का परिणाम है? पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    हजारीबाग की यह घटना बताती है कि परिवार और समाज के बीच अधिकार और जिम्मेदारी का संतुलन कितना अहम है।

  • सीएम का निर्देश: झारखंड में लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त  करें

    सीएम का निर्देश: झारखंड में लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त करें

    रांची से खबर…….

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि झारखंड में बेहतर लॉ एंड ऑर्डर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुनियोजित अपराधों पर रोक लगाने के लिए चिन्हित अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए।

    अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अवैध खनन पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “अवैध माइनिंग राज्य की छवि को धूमिल कर रही हैनदियों से बालू और मिट्टी के अवैध उठाव पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। इससे नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार करें।

    साइबर अपराध पर सख्त नजर
    मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध को राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार करें। बैठक में झारखंड साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि जल्द से जल्द टेक्निकल सेल का गठन करें और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति करें। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर साइबर अपराध को नियंत्रित किया जा सकता है।

    ‘प्रतिबिंब ऐप’ से मिली कामयाबी
    बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘प्रतिबिंब ऐप’ के जरिए 330 साइबर अपराधियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक 1281 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 3493 सिम कार्ड और 2524 मोबाइल जब्त किए गए हैं।

    नशे और अफीम की खेती पर कड़े कदम
    मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने और अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश दिए।

    इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव (गृह विभाग) वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री के इस निर्देश से साफ है कि झारखंड सरकार राज्य में अपराध और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • राजस्व संग्रहण का एक्शन प्लान बनाएं-CM

    रिपोर्ट: रांची से …….

    झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक में कहा, “राजस्व संग्रहण का एक्शन प्लान बनाएं।” उन्होंने यह भी समझाया कि विभागों के बीच समन्वय की कमी से राजस्व का पहिया थम जाता है। यह तो सही बात है, लेकिन क्या सचमुच विभागों के बीच तालमेल की कमी ही अकेली समस्या है?

    बोर्ड, निगम और एजेंसियां: नया बिजनेस मॉडल?
    मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य की एजेंसियों और बोर्ड को “बिजनेस मॉडल” में बदला जाए।

    सीएसआर पर नजर: कंपनियों से क्या उम्मीदें?
    बैठक में कहा गया कि राज्य में कार्यरत कंपनियों और उद्योगों की सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पूछा कि कंपनियां सीएसआर में कितना खर्च करती हैं और उसका उपयोग कहां होता है, इसकी जानकारी सरकार को क्यों नहीं है?
    राजस्व का सच: कौन करेगा खर्च की निगरानी?
    राजस्व की बर्बादी रोकने और स्थापना व्यय को नियंत्रित करने की बात हुई। यह अच्छा है कि सरकार को राजस्व प्रबंधन की चिंता है। लेकिन क्या यह चिंता तभी उभरती है जब खजाना खाली होता है?
    राज्य में पहले भी राजस्व उगाही के नाम पर आम जनता पर नए कर लगाए गए हैं। सवाल यह है कि इस बार सरकार का एक्शन प्लान जनता की सहूलियत के लिए बनेगा या उन पर नई आर्थिक मार के रूप में सामने आएगा?

    दिखेगी समन्वय की तस्वीर?
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समन्वय बनाने की सलाह दी। लेकिन सच यह है कि जब तक राजनीति और प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होगा, विकास की रफ्तार थमी रहेगी। सवाल सिर्फ समन्वय का नहीं है, बल्कि इरादे का भी है।

    राज्य की जनता इस बैठक से निकलने वाले एक्शन प्लान पर नजरें गड़ाए बैठी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राजस्व बढ़ाने की यह कवायद जनता की भलाई के लिए होगी, या फिर मुनाफे की नई स्क्रिप्ट का हिस्सा।

    (झारखंड के राजस्व संकट और उसके समाधान के लिए मुख्यमंत्री की बैठक पर आधारित रिपोर्ट।)