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    हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी गिरफ्तार,पुलिस की बड़ी कामयाबी

    गिरिडीह:  झारखंड और बिहार की सीमावर्ती इलाके में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी उर्फ सुनील मरांडी को गिरफ्तार कर लिया। भाकपा माओवादी का यह दुर्दांत सदस्य कई नक्सली वारदातों का मुख्य आरोपी है।

    गुप्त सूचना से मिली सफलता।

    गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को खबर मिली कि तालो मरांडी जंगल के रास्ते अपने रिश्तेदार के घर जा रहा है। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर तालो मरांडी को गिरफ्तार कर लिया।

    तालो मरांडी पर दर्ज हैं गंभीर मामले.

    गिरफ्तार नक्सली तालो मरांडी बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के नेहालडीह गांव का रहने वाला है। गिरिडीह एसपी ने बताया कि वह 2020 में भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में हुई नक्सली घटनाओं का मुख्य आरोपी है। गुनियाँथर पंचायत में जमीन के अंदर छिपाकर रखे विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और निर्माणाधीन पुल के ठेकेदार से लेवी वसूली की घटनाओं में तालो का नाम प्रमुखता से सामने आया था। तालो के खिलाफ झारखंड और बिहार में कुल चार मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला विस्फोटक बरामदगी का है, जिसमें भेलवाघाटी थाना कांड संख्या 07/20 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा, 2020 में ठेकेदार और सुरक्षा गार्ड से मारपीट व धमकी के मामले में भी वह वांछित था।

    पुलिस टीम की भूमिका।

    इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार, एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद, और भेलवाघाटी थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। एसएसबी की 35 बी टीम के सहयोग से इस अभियान को अंजाम दिया गया।

    तालो मरांडी के खिलाफ पुराने केस।

    तालो के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में चकाई थाना क्षेत्र के दो प्रमुख कांड शामिल हैं। इनमें 2018 का मामला (कांड संख्या 91/18) और 2019 का मामला (कांड संख्या 11/19) प्रमुख हैं, जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए थे।

    पुलिस की कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा संदेश।

    गिरिडीह पुलिस की यह कामयाबी नक्सलवाद के खिलाफ जारी मुहिम में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगी।

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट..