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  • 10 मई को रांची में होगी ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल की अहम बैठक

    10 मई को रांची में होगी ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल की अहम बैठक

    गृह मंत्री अमित शाह और कई मुख्यमंत्री होंगे शामिल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
    परवेज़ आलम.
    रांची। झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर एक अहम राष्ट्रीय बैठक की मेज़बानी करने जा रही है। 10 मई को यहां ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल (पूर्वी क्षेत्र परिषद) की 27वीं बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस बैठक में बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री समेत चारों राज्यों के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
    अहम नीतिगत मसलों पर होगा विचार-विमर्श.
    इस बैठक में चारों राज्यों के बीच सीमा विवाद, आंतरिक सुरक्षा, अंतरराज्यीय परिवहन, सामाजिक कल्याण योजनाएं, और आर्थिक समन्वय जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही बैठक में क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान, विकास परियोजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक तालमेल पर भी विचार किया जाएगा।
    गौरतलब है कि ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल का गठन राज्यों के बीच बेहतर संवाद, समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। यह मंच विकास कार्यों को गति देने और नीतिगत अड़चनों को सुलझाने का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है।
    रांची पुलिस अलर्ट मोड में, डीआईजी की अगुवाई में सुरक्षा तैयारियां.
    बैठक को देखते हुए रांची पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। गुरुवार को रांची के डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने शहर के सभी महत्वपूर्ण पुलिस पदाधिकारियों — सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, सभी डीएसपी और थानेदारों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
    इस बैठक में वीआईपी सुरक्षा, रूट प्लानिंग, ट्रैफिक कंट्रोल, और मीटिंग वेन्यू व होटल्स की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए।
    डीआईजी सिन्हा ने कहा,
    “सभी संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो। हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय योजना बनाई गई है।”
    रूट मैप और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस.
    गृह मंत्री और अन्य वीआईपी के आगमन के दौरान यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है। पुलिस टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता को भी अनावश्यक परेशानी न हो।
    रांची में इस समय सुरक्षा अभ्यास (Security Drill) भी शुरू हो चुका है, जिसमें बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और स्पेशल ब्रांच की सक्रिय भूमिका रहेगी।
    झारखंड के लिए बड़ी जिम्मेदारी और अवसर.
    केंद्र और राज्यों के शीर्ष नेतृत्व के इस महत्त्वपूर्ण जमावड़े से न केवल नीति-निर्माण में झारखंड की भूमिका सुदृढ़ होगी, बल्कि राज्य को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से एक सशक्त मंच भी मिलेगा। स्थानीय प्रशासन के लिए यह आयोजन एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा भी है, जिसमें सुरक्षा, प्रबंधन और समन्वय की क्षमता को परखा जाएगा।

    10 मई को रांची राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहेगा। यह बैठक जहां क्षेत्रीय विकास को नई दिशा दे सकती है, वहीं इसके सफल आयोजन से झारखंड की प्रशासनिक और राजनीतिक साख को भी बल मिलेगा।

  • रांची से लापता नाबालिग बहनें कर्नाटक में मिलीं, पुलिस जल्द करेगी खुलासा

    रांची से लापता नाबालिग बहनें कर्नाटक में मिलीं, पुलिस जल्द करेगी खुलासा

    रांची: झारखंड की राजधानी से रहस्यमय तरीके से लापता हुईं दो नाबालिग बहनों को पुलिस ने कर्नाटक से बरामद कर लिया है। 11 जनवरी की शाम से गायब इन बहनों को बेंगलुरु से वापस रांची लाया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक अपहरण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके रांची पहुंचने के बाद सच सामने आने की उम्मीद है।

    गायब होने की कहानी:

    रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की रहने वाली ये दोनों बहनें 11 जनवरी को आधार कार्ड ठीक करवाने के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, दोनों मंगल टॉवर से घर लौटने के लिए ऑटो में बैठी थीं। लेकिन रास्ते में उन्हें शक हुआ कि ऑटो चालक किसी और दिशा में जा रहा है। घबराई लड़कियों ने अपने पिता को फोन किया, लेकिन ऑटो चालक ने उनका फोन छीन लिया। इसके बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।

    स्पेशल टीम का कमाल।

    परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रांची प्रक्षेत्र के आईजी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और टेक्निकल सेल की मदद से लड़कियों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस को जानकारी मिली कि लड़कियां कर्नाटक में हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों बहनों को बरामद कर लिया गया। दोनों नाबालिग बहनों के गायब होने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका था। विपक्षी दलों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी परिजनों से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने भरोसा दिया था कि लड़कियों को जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा, और अब यह भरोसा सच में बदल चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि मामला अपहरण का था या फिर कुछ और। दोनों बहनों की रांची वापसी के बाद घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

    झारखंड में लड़कियों  की सुरक्षा को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था, या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है? जवाबों का इंतजार सभी को है। परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……