कई आपराधिक मामलों में था वांटेड.
The News Post4u.
रांची/गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ में पूर्व भाजपा प्रत्याशी और कुख्यात अपराधी सूर्या नारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा मारा गया। पुलिस के अनुसार, हांसदा के खिलाफ गोड्डा और साहिबगंज जिलों के विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज थे, जिनमें आगजनी, हमले और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल हैं।
देवघर से गिरफ्तारी, जंगल में मुठभेड़ में मौत.
दुमका के जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि गोड्डा पुलिस ने रविवार को सूर्या हांसदा को देवघर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने छुपाए हथियारों और साथियों के ठिकानों का खुलासा किया। इसी सुराग पर पुलिस दल उसे लालमटिया के घने वन क्षेत्र में लेकर पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि मौके पर हथियार बरामदगी के दौरान हांसदा ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इसी बीच, उसके साथियों ने भी पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें सूर्या हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
राजनीतिक सफर: चार बार चुनावी किस्मत आजमाई, हर बार हार
सूर्या हांसदा का नाम केवल अपराध जगत में ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी चर्चा में रहा है। उसने चार बार विधानसभा चुनाव लड़े—
- 2024: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से बोरियो सीट पर चुनाव लड़ा, मात्र 2,937 वोट मिले।
- 2019: भाजपा प्रत्याशी के रूप में बोरियो से चुनाव लड़ा, 59,441 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहा। इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काटकर हांसदा को मौका दिया था।
- 2014 और 2009: झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) से इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना किया।

गंभीर अपराधों में लिप्त.
सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा रहा है। सबसे चर्चित मामला 9 जनवरी 2020 का है, जब गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक के पास अडानी कंपनी की वाटर पाइपलाइन परियोजना में लगे वाहनों में आग लगा दी गई थी। जांच में सामने आया कि इस घटना की साजिश हांसदा ने रची थी।
इसके अलावा, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, हांसदा कई महीनों से फरार था और उस पर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
