कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए 3 नाम,किसकी खुलेगी किस्मत

रांची:झारखंड में 9 दिसबंर से 12 दिसंबर तक विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। इससे पहले सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गया है। सीएम आवास में आज सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई है। वहीं विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस को भी विधायक दल का नेता मिल सकता है।झारखंड में कांग्रेस की राजनीति का केंद्र इन दिनों विधायक दल के नेता का चयन बन गया है। झारखंड विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले प्रदेश कांग्रेस इस अहम पद के लिए अपने नेता की घोषणा कर सकती है। पार्टी ने पहले ही विधायक दल की बैठक कर केंद्रीय नेतृत्व को यह अधिकार सौंप दिया है कि वह नेता का चयन करे।

तीन नाम रेस में:

कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है:

  1. प्रदीप यादव: उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
  2. डॉ. रामेश्वर उरांव: पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता उरांव भी दावेदारी में हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट से उनकी छुट्टी के बाद उन्हें इस पद के जरिए संतुष्ट किया जा सकता है।
  3. नमन विक्सल कोंगाड़ी: युवा और उभरते नेता के रूप में कोंगाड़ी का नाम चर्चा में है। अगर प्रदीप यादव को नेता चुना जाता है, तो कोंगाड़ी को उपनेता बनाया जा सकता है।

निर्णय की घड़ी:

सूत्रों के अनुसार, रविवार रात या सोमवार सुबह तक कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा हो सकती है। इस निर्णय के साथ विधानसभा सत्र की रणनीति पर भी फोकस होगा।

सत्ताधारी गठबंधन की बैठक:

विधानसभा सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इंडिया गठबंधन के सभी विधायक इस बैठक में शामिल होंगे, जो दोपहर 3 बजे रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित होगी।

बीजेपी भी मैदान में:

जहां कांग्रेस और सत्ताधारी गठबंधन अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपनी योजना पर काम शुरू कर दिया है। विधानसभा सत्र को लेकर पार्टी अपने विधायकों के साथ लगातार बैठकों में जुटी हुई है।

कांग्रेस का दांव:

यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है। प्रदीप यादव की वरिष्ठता, उरांव की सुलहकारी छवि, या कोंगाड़ी की युवा जोश—इनमें से किसे मौका मिलेगा, इसका जवाब सोमवार तक मिलने की उम्मीद है।

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