सरकार की योजनाओं को जनकल्याण के लिए प्रभावी बनाएँ अधिकारी -मंत्री अन्नपूर्णा देवी

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गिरिडीह : जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक गुरुवार को  समाहरणालय स्थित सभागार कक्ष में आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कोडरमा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री, श्रीमतीने की। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर व्यापक चर्चा की गई। साथ ही, पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा और उन पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने वर्तमान में संचालित योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी।

चर्चा के मुख्य बिंदु और निर्देश:

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में प्रगति और चुनौतियों की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। लंबित मुद्दों को तत्काल हल करने पर जोर दिया गया।

पेयजल और स्वच्छता:

पेयजल योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने उपायुक्त की अगुवाई में एक निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। यह समिति परियोजनाओं की सतत निगरानी करेगी और क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेगी।

बुनियादी ढांचा विकास:

सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक अलग समिति के गठन की घोषणा की गई। इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र:

स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर चर्चा हुई। सिविल सर्जन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों। बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर स्टाफ की उपस्थिति पर निगरानी रखी जाएगी।

सामाजिक कल्याण योजनाएं:

सामाजिक कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के सतत निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए।

शिक्षा क्षेत्र:

जर्जर विद्यालय भवनों की स्थिति पर चर्चा हुई। जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित अभियंताओं को विद्यालय भवनों का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

बिजली आपूर्ति:

बिजली बिल और आपूर्ति से संबंधित शिकायतों को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ने कार्यपालक अभियंता को इन शिकायतों को त्वरित सुलझाने और सही बिलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों की राय:

बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और कौशल विकास योजनाओं जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति पर अपने विचार साझा किए।

  • बगोदर विधायक नागेंद्र  महतो ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के विकास पर जोर देते हुए सभी विभागों से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की अपील की।
  • जमुआ विधायक मंजु कुमारी  ने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता बनाए रखने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
  • डुमरी विधायक जयराम महतो ने समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं आम जनता तक सुगमता से पहुंचे। उन्होंने कहा, “कार्य की गुणवत्ता के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सभी अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”

बैठक का समापन केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के इस संदेश के साथ हुआ कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता, गुणवत्ता, और सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है। सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सरकार की योजनाओं को जनकल्याण के लिए प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया।

 

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