राज्य में बदहाल व्यवस्था पर बीजेपी का हेमंत सरकार पर हमला, गिरिडीह सहित राज्य भर मे प्रदर्शन

By The News Post4u.

झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हल्ला बोल दिया है। गिरिडीह सहित राज्य भर के प्रखण्ड मुख्यालयों मे पार्टी ने मंगलवार को प्रदर्शन किया । पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल  मरंडी,कार्यकारी अध्यक्ष रवीन्द्र राय, विधायक मंजु देवी, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, ज़िला अध्यक्ष महादेव दुबे,वरिष्ठ नेता सुरेश साव, राजेश जैसवाल, बिनय सिंह व चुन्नुकांत सहित कई दर्जनो नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन मे शामिल हुये।

पार्टी का आरोप है कि पूरे राज्य में शासन व्यवस्था चरमराई हुई है। जनता अपराध, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के बोझ से कराह रही है, लेकिन सरकार अपने पुराने रवैये से बाहर आने को तैयार नहीं है।

बीजेपी का कहना है कि प्रदेश में हत्या, बलात्कार, लूटपाट, महिलाओं के खिलाफ अपराध आम हो गए हैं। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पार्टी ने दावा किया कि पहले कार्यकाल में खनिज संपदाओं की लूट को जिस तरह सरकारी संरक्षण मिला, वही लूट अब और संगठित हो गई है। पंचायत से लेकर सचिवालय तक भ्रष्टाचार का तंत्र मजबूत हुआ है।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर गंभीर सवाल.

भाजपा ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों का घोर अभाव है, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस की किल्लत से गरीब दम तोड़ रहे हैं। वहीं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और आधारभूत संरचना जर्जर हो चुकी है।

आयुष्मान भारत योजना भी लगभग ठप पड़ी है, बकाया भुगतान न मिलने के कारण कई अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र के छोटे अस्पतालों की स्थिति और भी दयनीय हो चुकी है।

पेंशन, किसानों और योजनाओं में अव्यवस्था.

बीजेपी ने आरोप लगाया कि वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाएं महीनों से बंद हैं, जिससे लाभार्थी दर-दर भटक रहे हैं। मातृत्व सम्मान राशि की राशि भी हजारों महिलाओं को नहीं मिली, और किसानों को धान की बिक्री के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। खाद और बीज की खरीद में कालाबाजारी चरम पर है।

भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में खानापूर्ति चल रही है, पोषण सामग्री की सप्लाई बाधित है, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाएं पूरी तरह ठप हैं।

भ्रष्टाचार और बिचौलियों का बोलबाला.

भाजपा का कहना है कि राज्य में अब बिना बिचौलिए के कोई भी सरकारी कार्य संभव नहीं है। चाहे जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो, राशन कार्ड या भूमि से संबंधित कार्य – हर जगह रिश्वत और दलाली का बोलबाला है। ग्रामीण सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई है कि आवागमन कठिन हो गया है।

स्थानीय नीति, भाषा और चुनावों पर भ्रम की स्थिति.

हेमंत सरकार पर आरोप है कि वह स्थानीय नीति, नियोजन नीति और भाषा विवाद में राज्य को उलझा कर मूल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। नगर निकाय चुनाव अब तक नहीं कराए गए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में जनता का प्रतिनिधित्व शून्य हो गया है और प्रशासनिक अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं।

भाजपा की मांग.

भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के समक्ष 14 प्रमुख मांगें रखीं, जिनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाना है। प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता मिले।
  • थाना प्रभारियों को उनके क्षेत्र में अपराधों के लिए जवाबदेह बनाया जाए।
  • किसानों को धान बिक्री का भुगतान शीघ्र मिले और खाद-बीज की कालाबाजारी रोकी जाए
  • प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो।
  • पेसा अधिनियम लागू किया जाए और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
  • पेंशन योजनाएं पुनः शुरू की जाएं (वृद्धा, विधवा, दिव्यांग)।
  • शिक्षकों व चिकित्सकों के रिक्त पद भरे जाएं और +2 विद्यालयों में भाषावार शिक्षक नियुक्त हों।
  • सरकारी अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं (दवा, ऑक्सीजन, एम्बुलेंस, टीका) सुनिश्चित हों।
  • ग्रामीण अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए।
  • जर्जर सड़कों व भवनों की मरम्मत कराई जाए।
  • बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकाला जाए।

भाजपा का ऐलान – “जनता के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी”

भाजपा ने ऐलान किया है कि एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए वह राज्य में जनता की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरती रहेगी। हेमंत सरकार को चेतावनी दी जाती है कि वह अपनी कार्यसंस्कृति में सुधार लाए, जनता से किए गए वादों को निभाए और राज्य को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करे।”

इस तरह, भाजपा ने हेमंत सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

 

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