गिरिडीह में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी गई श्रद्धांजलि

चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यालय में शोक सभा का हुआ आयोजन.

The News Post4u.

गिरिडीह : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक “दिशोम गुरु” शिबू सोरेन के निधन के बाद राज्यभर में शोक की लहर है। उनकी स्मृति में गिरिडीह के बरगंडा स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में एक शोकसभा का आयोजन किया गया, जहां अलग-अलग व्यापारिक और पेशेवर संगठनों ने मिलकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

 संयुक्त रूप से हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम.

इस शोकसभा का आयोजन चैंबर ऑफ कॉमर्स, वस्त्र व्यवसायी संघ, माईका एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन और सीए एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में सभी संगठनों ने एक सुर में कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आंदोलन की मिसाल थे। उन्होंने अपने जीवन की प्रत्येक सांस को झारखंड के हक, हकूक और अस्मिता के लिए समर्पित कर दिया।

चित्र पर पुष्पांजलि, याद किए गए योगदान.

कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुई। उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सभा में वक्ताओं ने झारखंड राज्य के गठन में शिबू सोरेन के ऐतिहासिक योगदान, आदिवासियों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों के लिए उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा “उन्होंने सिर्फ नारे नहीं दिए, बल्कि आंदोलन खड़ा किया। शोषितों की आवाज बने और झारखंडियों के अधिकारों के लिए पूरी जिंदगी लड़ते रहे। उन्हें यूं ही नहीं दिशोम गुरु कहा गया।”

दिशोम गुरु का जाना – एक अपूरणीय क्षति.

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि शिबू सोरेन का निधन केवल झारखंड नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके विचार, उनका साहस और उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे। “आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं, तब यह खालीपन हर उस व्यक्ति को महसूस हो रहा है जो न्याय, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई से जुड़ा रहा है।”

इस अवसर पर गिरिडीह के व्यापार और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें शामिल रहे. माइका स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अशोक पांड्या, राजेंद्र बगेड़िया, संजय भूदोलिया, अरविंद राजगढ़िया, लख्खी गोरीसरिया, राजेंद्र भारतीया,चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव प्रमोद कुमार, सीए एसोसिएशन के विकाश खेतान, सुनील मोदी, दिनेश खेतान, संजय जैन, अंकित बगेड़िया, श्रवण केडिया, विकास बगेड़िया, वस्त्र व्यवसायी संघ के राजेश सुराना, नीलकमल भारतीया व दीपक मोदी।  सभी ने  शिबू सोरेन के विचारों को जीवित रखने और उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

 

 

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