गिरिडीह में मनाया जाएगा गांधी-शताब्दी समारोह

महात्मा गांधी के गिरिडीह प्रवास के 100 वर्ष पूरे होने पर होगा विशेष आयोजन, पदयात्रा से लेकर संगोष्ठियों तक कई कार्यक्रम

द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

गिरिडीह : महात्मा गांधी के ऐतिहासिक गिरिडीह प्रवास को सौ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इसी उपलक्ष्य में अक्टूबर 2025 में गांधी-शताब्दी समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को परिसदन भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समारोह की तैयारियों की जानकारी साझा की गई।

समारोह के संयोजक कृष्णकांत और सह-संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी 6 अक्टूबर 1925 को देवघर से वर्तमान गिरिडीह जिला के खरगडीहा पहुंचे थे और इसके बाद दो दिनों तक गिरिडीह में प्रवास किया था। 7 अक्टूबर को वे गिरिडीह से मधुपुर के लिए प्रस्थान कर गए थे। इन दो दिनों के दौरान गांधीजी ने खादी, आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता आंदोलन में जनता की भागीदारी पर जोर देते हुए गिरिडीहवासियों को प्रेरित किया था। उनके इस प्रवास ने यहां के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी।

ऐतिहासिक यात्रा की स्मृतियों को जीवित करने का प्रयास.

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 6–7 अक्टूबर 1925 की इस ऐतिहासिक यात्रा को स्मरणीय बनाने के लिए गिरिडीह और खरगडीहा में कई सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम होंगे। उद्देश्य है कि गांधीजी की शिक्षाओं और स्मृतियों को पुनः जीवित करते हुए युवा पीढ़ी और बच्चों को हमारी समृद्ध विरासत व स्वतंत्रता संग्राम की मूल भावना से जोड़ा जाए।

समारोह के प्रमुख आकर्षण.

समारोह के अंतर्गत कई आयोजन प्रस्तावित हैं –

  • गांधी दर्शन और विचारधारा पर संगोष्ठी
  • खेलकूद प्रतियोगिताएं
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • दो दिवसीय पदयात्रा – खरगडीहा से पचम्बा तक

समिति की संरचना और सहयोग.

समारोह की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 31 सदस्यीय केंद्रीय समिति का गठन किया गया है। समिति में शिक्षाविद, पत्रकार, समाजसेवी और बुद्धिजीवी शामिल हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयोजक-द्वय के साथ पत्रकार राकेश सिन्हा, लक्ष्मी अग्रवाल, आलोक रंजन, रितेश सराक, प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा, विलियम जैकब, समाजसेवी धरणीधर प्रसाद, शंकर पाण्डेय, राजेश सिन्हा, रामजी यादव, मनुवर हसन बंटी, सैयद सबिह अशरफ, दिलीप मंडल, चंदर वर्मा और दिवस कुमार उपस्थित थे।

केंद्रीय समिति में सतीश कुंदन, बैद्यनाथ, बैजनाथ प्रसाद बैजू, रामदेव विश्वबंधु, उमेश तिवारी, सुरेश शक्ति, अरुण शर्मा, आलम अंसारी, रोहित दास, जयकुमार मिश्र, बद्री दास, नवीन सिन्हा, प्रो. बलभद्र, प्रो. प्रफुल्ल सिंह सहित अन्य सदस्य भी जुड़े हुए हैं।

समिति ने अपील की है कि इस ऐतिहासिक अवसर को सफल बनाने में गिरिडीह के सभी नागरिक, बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठन सक्रिय सहयोग दें ताकि गांधीजी के आगमन के शताब्दी वर्ष को गरिमामयी और स्मरणीय बनाया जा सके।

 

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