गिरिडीह प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों की आवाज़, प्रशासन के आश्वासन पर थमा आंदोलन

परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू

गिरिडीह औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र आखिरकार मंगलवार की सुबह प्रशासनिक आश्वासन के बाद थमता नजर आया। अतिवीर इंडस्ट्रीज कंपनी लिमिटेड, निरंजन मेटेलिक और वेंकटेश्वर स्पंज एंड आयरन के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन गेट जाम और धरना-प्रदर्शन सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुते के हस्तक्षेप के बाद समाप्त कर दिया गया।

धरना समाप्त होने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में हुई अहम वार्ता में एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदूषण के मामले में जिला प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धनबाद के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सभी स्पंज आयरन फैक्ट्रियों का गहन निरीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदूषण से प्रभावित इलाकों का भी दौरा कर विस्तृत जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।

वार्ता के दौरान ग्रामीणों का दर्द खुलकर सामने आया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे प्रदूषण के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन संबंधित उद्योगों की ओर से अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और कचरे से गांवों की हवा, पानी और खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

एसडीओ के साथ हुई इस वार्ता में विजय विशाल राय, शुभांकर कुमार, कालेश्वर सोरेन, आजाद आलम, शिंकु मरांडी, प्रकाश टुडू, अजय तूरी, धनेश्वर राय, सुमन राय, विकाश राय, प्रदीप राय समेत कई ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद थे।

फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित हुआ है, लेकिन अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई निरीक्षण और कार्रवाई धरातल पर उतरती है या प्रदूषण से जूझ रहे ग्रामीणों का संघर्ष फिर तेज़ होगा।

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