Author: The News Post4u

  • झारखंड नगर निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार बोली — “हम पूरी तरह तैयार हैं”

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड में लंबे समय से टलते नगर निकाय चुनावों पर आखिरकार मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस आनंद सेन की अदालत में अवमाननावाद याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने साफ-साफ कहा — “हम तैयार हैं, बस आदेश का इंतजार है।”

    सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव समेत कई शीर्ष अधिकारी कोर्ट में उपस्थित रहे। सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति पूरी हो चुकी है और चुनाव से जुड़ा सारा डाटा और अभिलेख तैयार हैं। सभी जरूरी दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश किए गए।

    सरकार की इस तैयारी पर अदालत ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही तीन सप्ताह के भीतर चुनाव आयोग को औपचारिक अनुशंसा भेजने का सख्त निर्देश भी दे दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    राज्य की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य चुनाव आयोग ने अपनी दलील में कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी करने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। इस पर अदालत ने आयोग से पूछा — “तीन महीने क्यों चाहिए?” और कारणों की पूरी जानकारी शपथ पत्र के रूप में दाखिल करने को कहा।

    मामले की अगली सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी।
    गौरतलब है कि इससे पहले नगर निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर अदालत ने राज्य सरकार को फटकार लगाई थी और रूल 393 के तहत मुख्य सचिव व नगर विकास विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस भी जारी किया था। यह याचिका रोशनी खलखो द्वारा दायर की गई थी।

    अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या झारखंड सरकार तय समय पर चुनावी प्रक्रिया शुरू कर पाएगी या फिर यह मामला एक बार फिर अदालत के शिकंजे में फंस जाएगा।

  • डीजीपी ने ली ऑनलाइन बैठक-दीपावली-छठ पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हुई अहम चर्चा

    चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुरोध पर हुई बैठक.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची/गिरिडीह : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रांची के आग्रह पर सोमवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दीपावली और छठ पूजा के दौरान राज्यभर में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

    बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रतिनिधियों ने पिछले डेढ़-दो वर्षों में जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर कार्यों के लिए डीजीपी का आभार ब्यक्त किया । । साथ ही एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि  गिरिडीह में करीब सात वर्ष पूर्व ट्रैफिक थाना स्थापित होने के बावजूद आज तक प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बल की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, जिसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था अभी भी असंगठित और कमजोर बनी हुई है।

    चैंबर प्रतिनिधियों ने डीजीपी को यह भी जानकारी दी कि गिरिडीह के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सदस्यों के आवासों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2016 में चैंबर के सहयोग से शहर में लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि इन कैमरों में से कितने कार्यरत हैं और कितने बंद हैं, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पर चैंबर ने पुलिस अधीक्षक गिरिडीह से अनुरोध किया कि सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि निष्क्रिय कैमरों की मरम्मत कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जा सके

    बैठक के दौरान डीजीपी ने चैंबर के प्रयासों की सराहना की और सुझाव दिया कि यदि चैंबर की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं प्रवेश द्वारों पर इंटरनेट युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, तो यह पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि अधिक से अधिक वाहन मालिक अपने वाहनों में Dash Cam (डैश कैमरा) लगाने का प्रयास करें, जिससे किसी भी आपराधिक घटना की जांच में त्वरित सहायता मिल सके।

    इस ऑनलाइन बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह  और महासचिव प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
    बैठक को राज्यस्तरीय पुलिस-व्यापारिक समन्वय का एक सकारात्मक और उपयोगी कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी त्योहारी सीजन में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

     

  • लायंस क्लब” और “महिला चौपाल” ने मिलकर आयोजित की मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष कार्यशाला

    — ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के गुरुओं ने सिखाई मन की शांति और संतुलन की कला,

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां तनाव और चिंता आम हो गई है, वहीं लायंस क्लब गिरिडीह और महिला चौपाल ने मिलकर समाज को एक नई दिशा देने की पहल की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य एवं आंतरिक संतुलन” विषय पर आर्ट ऑफ लिविंग की एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

    कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी प्रशिक्षक श्मुकेश मालव, श्रीमती संतोष मालव, खुशबू, भूषण राय सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, ध्यान (Meditation) और सकारात्मक सोच (Positive Thinking) जैसे व्यावहारिक अभ्यास सिखाए।
    इन अभ्यासों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने सीखा कि कैसे सरल तरीकों से मन को शांत रखकर जीवन की जटिल परिस्थितियों से सहजता से निपटा जा सकता है।

    प्रतिभागियों ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें भीतर से एक नई ऊर्जा और आत्मसंतुलन का अनुभव कराया।
    महिला चौपाल की सदस्या शालिनी बैसखियार ने कहा —

    “स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। ऐसी कार्यशालाएँ हमें खुद को समझने, तनावमुक्त रहने और जीवन को बेहतर ढंग से जीने की प्रेरणा देती हैं।”

    लायंस क्लब की पदाधिकारी अनिता गुप्ता और नीलम भदानी ने बताया कि इस तरह के सत्र आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके।

    कार्यक्रम का संचालन महिला चौपाल की सदस्यों ने किया।
    अंत में सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र का समापन हुआ।

    इस अवसर पर सोना प्रकाश, मीना गुप्ता, प्रीति, सुषमा, अरुणा, मीना देवी, सीमा लाल, तान्या, रूबी, आरती, रश्मि भदानी, निशा सहित कई सदस्य उपस्थित रहीं।
    कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि — यदि मन शांत है, तो जीवन स्वतः सुंदर हो जाता है।”

     

  • भाकपा (माओवादी) को गिरिडीह में बड़ा झटका

     

    एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम और पत्नी सरिता हांसदा ने किया आत्मसमर्पण

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को मिली एक बड़ी सफलता! भाकपा (माओवादी) संगठन के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उनकी पत्नी दस्ता सदस्य सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने बुधवार को गिरिडीह पुलिस के समक्ष स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

    दोनों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा – एक नई पहल” से प्रभावित होकर हथियार डालने का फैसला किया।
    आत्मसमर्पण का यह क्षण गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उपायुक्त  रामनिवास यादव, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सीआरपीएफ 154 बटालियन कमांडेंट अमित सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरी और अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में दर्ज हुआ।

    कौन हैं शिवलाल और सरिता.

    शिवलाल हेम्ब्रम निवासी टेसाफुली, थाना मधुबन — संगठन में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थे।
    वहीं उनकी पत्नी सरिता हांसदा (उम्र 19 वर्ष), निवासी चतरो, थाना खुखरा — दस्ते की सक्रिय सदस्य थीं।

    पुलिस के अनुसार, शिवलाल वर्ष 2017 में नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में उसने संतरी और रसोइए का काम किया, लेकिन जल्द ही वह माओवादी कमांडर करम दा उर्फ विवेक का अंगरक्षक बन गया।
    वर्ष 2022 में उसे एरिया कमेटी सदस्य के पद पर पदोन्नत किया गया।
    संगठन में रहते हुए शिवलाल ने हथियार और विस्फोटक छिपाने, ग्रामीणों से लेवी वसूली और पुलिस बलों पर हमलों जैसी कई नक्सली कार्रवाइयों में हिस्सा लिया। आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।

    सरिता हांसदा को 2020 में ‘जया दी’ द्वारा संगठन में शामिल किया गया था।
    दोनों ने वर्ष 2024 में विवाह किया, लेकिन बीते महीनों में संगठन के शीर्ष कमांडरों द्वारा लगातार शोषण और ग्रामीणों पर अत्याचार से दोनों का मोहभंग हो गया। सरिता हांसदा के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    मुख्यधारा की ओर वापसी.

    गिरिडीह पुलिस ने बताया कि संगठन के प्रति मोहभंग और लगातार पुलिस दबाव के चलते दोनों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
    पुलिस लगातार उनके परिजनों के संपर्क में थी और उन्हें समझा-बुझाकर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही थी।

    अब आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे।
    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवलाल के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
    सरिता के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    पुलस अधीक्षक का बयान.

    पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा —

    “शिवलाल और सरिता का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। इससे न सिर्फ संगठन कमजोर होगा, बल्कि अन्य उग्रवादियों को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।”

    उन्होंने इस आत्मसमर्पण को गिरिडीह पुलिस के लिए नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    अब नई दिशा में नया जीवन.

    दोनों नक्सली दंपती ने यह साफ कहा —

    “अब हथियार नहीं, हम समाज और परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करेंगे।”

    झारखंड सरकार की पहल “नई दिशा – एक नई पहल” एक बार फिर कारगर साबित हुई है —
    जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूंजती थी, अब वहाँ मुख्यधारा में लौटने की उम्मीदें पनप रही हैं।

     

  • 100 साल पहले आज ही के दिन गिरिडीह आए थे बापू

    गांधी आगमन शताब्दी समारोह में फिर गूंजा वही संदेश : आत्मनिर्भरता, खादी और एकता का मंत्र

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह : आज से ठीक 100 साल पहले, 7 अक्टूबर 1925 को, गिरिडीह की धरती ने एक ऐतिहासिक पल देखा था।
    यह केवल किसी व्यक्ति का आगमन नहीं था, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक चेतना का प्रवेश था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  यहां आए थे।
    चौधरानी कुसुम कुमारी देवी के आमंत्रण पर जब बापू यहाँ पहुँचे, तो गिरिडीह की मिट्टी ने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और स्त्री-जागरण का पाठ सीखा। उन्होंने यहाँ की जनता को यह सिखाया कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक और आत्मिक जिम्मेदारी भी है।
    गांधी जी का गिरिडीह आगमन हमें याद दिलाता है कि परिवर्तन किसी बड़े नारे से नहीं, बल्कि व्यक्ति के अंतर्मन से शुरू होता है। पचंबा के गोल बंगला में उनका ठिकाना बना थाऔर गिरिडीह की जनता ने पूरे जोश और श्रद्धा से उनका स्वागत किया।

    उस दौर में जब देश आज़ादी की जंग लड़ रहा था, बापू ने गिरिडीह की जनता से कहा था —

    “स्वयं के लिए नहीं, देश के लिए हर दिन आधा घंटा सूत जरूर काटें।”

    यह सिर्फ एक अपील नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला संदेश था।

    बापू की यात्रा का शताब्दी समारोह – आज फिर जाग उठा वो जज़्बा

    गिरिडीह में शुरू हुए गांधी आगमन शताब्दी समारोह में बापू की वही प्रेरणा फिर जीवंत हो उठी। जगह-जगह सभाएं, पदयात्राएं और खादी के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
    उस दौर में गांधी जी ने अपने प्रवास के दौरान कई प्रतिनिधियों से मुलाकात की, दो बड़ी सभाएं कीं और खरगडीहा गौशाला जाकर स्वतंत्रता सेनानियों से मिले, उनका हौसला बढ़ाया।

    गिरिडीह की धरती पर जन्मी थी सेवा और बलिदान की मिसाल

    गांधी जी के आगमन का असर इतना गहरा था कि उसी सभा में महिलाओं ने अपने सोने-चांदी के गहने उतारकर बापू के चरणों में समर्पित कर दिये।
    यह दान किसी दिखावे के लिए नहीं था — यह था देशबंधु चित्तरंजन दास के सम्मान में बनाए गए देशबंधु स्मारक कोष’ के लिए।
    उस दौर में आंदोलन आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, और गांधी जी ने लोगों से सहयोग की अपील की थी।

    गिरिडीह की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
    पार्वती देवी, जो स्वतंत्रता सेनानी बजरंग सहाय की पत्नी थीं, ने सभा में ही अपने कंगन, बाली और हार खोलकर दान कर दिए।
    उनकी इस प्रेरणा से सैकड़ों महिलाओं ने भी कोष में योगदान दिया।
    स्थानीय उद्योगपति, सामाजिक संगठन और खासकर माहुरी समाज ने भी गहने, जेवर और नकद दान देकर गिरिडीह को राष्ट्रीय योगदान की मिसाल बना दिया।

     100 वर्ष बाद भी वही संदेश आज भी प्रासंगिक

    आज जब देश फिर आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है, तब गांधी जी का गिरिडीह से दिया गया वह संदेश पहले से कहीं ज़्यादा मायने रखता है —
    देशहित में हर दिन कुछ न कुछ अपने हाथों से करें, ताकि आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो।”

    गिरिडीह की मिट्टी ने 100 साल पहले जिस त्याग, सेवा और एकता की कहानी लिखी थी, वह आज भी उतनी ही प्रेरक है।
    शताब्दी समारोह के बहाने एक बार फिर वही आवाज़ गूंज रही है —

    “चरखा ही नहीं, हर हाथ देश की ताकत बने।”

     

  • इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह में गरिमा और गौरव का संगम

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह  की जनरल मीटिंग ज़िला अध्यक्षा रश्मि गुप्ता के आधिकारिक दौरे के अवसर पर आयोजित की गई।

    क्लब की अध्यक्षा हेमा दत्ता, जो अपनी कर्मठता और उदार स्वभाव के लिए जानी जाती हैं, ने इस बैठक का संचालन बखूबी किया। कार्यक्रम की शुरुआत इनर व्हील प्रार्थना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

    क्लब सचिव पायल वर्मा ने मंच से क्लब की गतिविधियों और समाजसेवी अभियानों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा। इसी क्रम में क्लब के बुलेटिन ध्वनि’ का भी भव्य विमोचन किया गया — जो क्लब की उपलब्धियों और नई पहलों की झलक पेश करता है।

    ज़िला अध्यक्षा रश्मि गुप्ता, जो बिहार और झारखंड के 95 क्लबों की प्रेरणादायी लीडर हैं, महिला सशक्तिकरण की सच्ची प्रतीक के रूप में जानी जाती हैं। उनके आगमन पर सभी सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और अपने स्नेह का इज़हार किया।

    कार्यक्रम के दौरान क्लब की ओर से रश्मि गुप्ता के सम्मान में पिछले दो दिनों में कुल 8 कार्यान्वित की गईं — जो इनर व्हील क्लब के समर्पण और सेवा भावना का प्रमाण हैं।

    यह आयोजन न केवल संगठन की एकता और सक्रियता का प्रतीक था, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जब महिलाएँ साथ आती हैं, तो बदलाव की लौ और प्रखर हो उठती है।

  • गांधी आगमन शताब्दी समारोह में उपायुक्त ने दी अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जमुआ प्रखंड के खरगडीहा में सोमवार को  गांधी आगमन शताब्दी समारोह की शुरुवात एक प्रेरणादायी माहौल में हुआ ।
    इस अवसर पर डीसी रामनिवास यादव ने लंगटा बाबा समाधि स्थल  पर चादरपोशी कर समाज में एकता और शांति का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने बेसिक स्कूल खरगडीहा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को  नमन किया।

    इसके बाद डीसी रामनिवास यादव  गांधी पदयात्रा में भी कदम से कदम मिलाकर हिस्सा लिया। पदयात्रा के दौरान उन्होंने पौधारोपण कर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा —

    “महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनका जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए भी दिशा और प्रेरणा है। हमें उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण आज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

    कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ — हम गांधी के रास्ते पर चलेंगे, और प्रकृति की रक्षा करेंगे।”

  • एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर” — गिरिडीह में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच का वॉकथॉन सफलतापूर्वक संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह में रविवार की सुबह कुछ खास रही — जब शहर की सड़कों पर स्वास्थ्य और उत्साह का संगम दिखाई दिया। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित वॉकथॉन कार्यक्रम आज बड़े ही उत्साह और जोश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और “स्वस्थ समाज, सशक्त समाज” का संदेश देते हुए कदम से कदम मिलाया। लोगों के चेहरे पर ऊर्जा, जोश और सामाजिक एकता की झलक देखने लायक थी।

    इस वॉकथॉन को सफल बनाने में “मॉर्निंग क्लब”  की भूमिका अहम रही, वहीं कार्यक्रम संयोजक अभिषेक छापरिया की मेहनत और समर्पण सराहनीय रही। उनके अथक प्रयास और टीम भावना के बिना यह आयोजन संभव नहीं होता।

    मौके पर गिरिडीह शाखा के अध्यक्ष सौरभ जलान, सचिव शशांक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सूरज टिबरवाल, उपाध्यक्ष निखिल झुनझुनवाला, पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष नीलकमल भारतीय, कार्यक्रम संयोजक अभिषेक छापड़िया, रवि गाड़िया, रवि केडिया, अंकित सरावगी, राकेश मोदी, मुकेश जालान, सुबोध मोदी, विकास शर्मा, गौरव केडिया, अमर अग्रवाल, आशीष जलान, अमित तुलस्यान, अंजनी अग्रवाल, विकास बसईवाला, राजेश जैन सहित मंच की पूरी टीम मौजूद रही।

    सभी ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल बताया। मंच की पूरी टीम और मॉर्निंग क्लब को इस शानदार आयोजन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गईं।

    आइए, हम सब मिलकर ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएँ — क्योंकि “एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर, आपका साथ ही हमारी ताकत है!”

  • गांधी शताब्दी समारोह की गूंज, बच्चों की प्रतिभा और गांधी के विचारों का संगम

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह : रविवार का दिन गिरिडीह के लिए इतिहास और प्रेरणा दोनों का संगम लेकर आया। गांधी आगमन शताब्दी समारोह आयोजन समिति की ओर से सर जे.सी. बोस मुख्यमंत्री बालिका उत्कृष्ट विद्यालय का प्रांगण तालियों और जयघोष से गूंज उठा, जब शहर के 25 से अधिक सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर मौजूद थीं रामकृष्ण महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुश्री सान्याल, जेएनवी के पूर्व प्राचार्य के. ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाचार्य मुन्ना कुशवाहा, आयोजन समिति के संयोजक कृष्णकांत ,सह संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा  प्रभाकर कुमार । निर्णायक मंडल में ललित नारायण कुशवाहा, सुचित्रा बोस, राखी झुनझुनवाला और रेणु कुमारी जैसी शिक्षाविद शामिल रहीं।

    डॉ. सान्याल ने अपने संबोधन में कहा —

    “महात्मा गांधी का गिरिडीह आगमन हमारे लिए गौरव का विषय है। यह शताब्दी समारोह केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि गांधी के विचारों, दर्शन और उनके मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है।”

    कार्यक्रम के संयोजक सोमनाथ केशरी ने जानकारी दी कि समारोह के तहत कुल 6 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं — भाषण, लेख, कोलाज, चित्रकला, कविता पाठ और रंगोली।
    भाषण प्रतियोगिता में 50 से अधिक बच्चों ने “गांधी के सपनों का भारत” और “वर्तमान समय में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता” पर प्रभावशाली विचार रखे।

    कविता पाठ में बच्चों ने अपनी भावनाओं से गांधी के प्रति सम्मान प्रकट किया, वहीं चित्रकला में “गांधी और चरखा” विषय पर बनी कलाकृतियों ने सबका मन मोह लिया। रंगोली प्रतियोगिता में रंगों से सजी गांधी की छवि ने विद्यालय को सच्चे अर्थों में रंगमय बना दिया।

    आयोजन समिति ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को आगामी 7 अक्टूबर को टाउन हॉल में सम्मानित किया जाएगा, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि 6 और 7 अक्टूबर 1925 को महात्मा गांधी के गिरिडीह और खरगडीहा आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर जिला प्रशासन एवं आयोजन समिति मिलकर भव्य आयोजन कर रही है। इसमें विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं, खेलकूद कार्यक्रमों के साथ-साथ खरगडीहा से गिरिडीह तक पदयात्रा का भी आयोजन होगा।

    इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सरिता कुमारी, रवि स्वर्णकार, नीरीति केसरी, मनीषा कुमारी, अभिनीत कुमार, पूजा शर्मा, शामली मैडम, श्वेता खंडेलवाल, राजेंद्र बरनवाल, रामजी यादव, दीपाली, अनिता और नैना का विशेष योगदान रहा।

     

  • क्या झारखंड में बारिश डाल देगी दुर्गा पूजा के उत्सव पर खलल ?

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : नवरात्र के अवसर पर झारखंड का हर शहर आस्था और भक्ति से सराबोर है। राजधानी रांची से लेकर कोल्हान, संताल और पलामू तक दुर्गा पूजा की रौनक नजर आ रही है। जगह-जगह भव्य पंडाल सज चुके हैं और मां दुर्गा की प्रतिमाएं भक्तों के दर्शन के लिए स्थापित की जा चुकी हैं। अधिकांश पंडालों के पट शुक्रवार को ही खोल दिए गए थे, जबकि शेष पंडाल शनिवार से भक्तों के लिए सुलभ हो गए हैं।

    लेकिन इस उत्साह के बीच एक सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है—क्या बारिश पूजा की खुशी पर पानी फेर देगी?

    रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बढ़ाई चिंता.

    पिछले दो दिनों से झारखंड के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस कारण पंडालों की भव्य सजावट और रोशनी पर असर पड़ रहा है। कई जगह श्रद्धालुओं को पूजा स्थलों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गिरिडीह ,धनबाद, बोकारो और रांची में शुक्रवार को झमाझम बारिश के कारण पंडालों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही।

    मौसम विभाग की चेतावनी और उम्मीद.

    मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव का असर झारखंड पर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते राज्य के दक्षिणी और मध्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और गुमला समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    हालांकि राहत की बात यह है कि 28 सितंबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और नवरात्र के शेष दिनों में श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के मां दुर्गा की आराधना कर सकेंगे।

    श्रद्धालुओं में उत्साह बरकरार.

    मौसम की मार के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। सुबह-शाम भक्ति गीतों और ढाक की धुनों से पंडालों का वातावरण गूंज रहा है। जगह-जगह अष्टमी और नवमी के भोग की तैयारी जोर-शोर से हो रही है।