लायंस क्लब” और “महिला चौपाल” ने मिलकर आयोजित की मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष कार्यशाला

— ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के गुरुओं ने सिखाई मन की शांति और संतुलन की कला,

द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

गिरिडीह : आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां तनाव और चिंता आम हो गई है, वहीं लायंस क्लब गिरिडीह और महिला चौपाल ने मिलकर समाज को एक नई दिशा देने की पहल की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य एवं आंतरिक संतुलन” विषय पर आर्ट ऑफ लिविंग की एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी प्रशिक्षक श्मुकेश मालव, श्रीमती संतोष मालव, खुशबू, भूषण राय सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, ध्यान (Meditation) और सकारात्मक सोच (Positive Thinking) जैसे व्यावहारिक अभ्यास सिखाए।
इन अभ्यासों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने सीखा कि कैसे सरल तरीकों से मन को शांत रखकर जीवन की जटिल परिस्थितियों से सहजता से निपटा जा सकता है।

प्रतिभागियों ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें भीतर से एक नई ऊर्जा और आत्मसंतुलन का अनुभव कराया।
महिला चौपाल की सदस्या शालिनी बैसखियार ने कहा —

“स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। ऐसी कार्यशालाएँ हमें खुद को समझने, तनावमुक्त रहने और जीवन को बेहतर ढंग से जीने की प्रेरणा देती हैं।”

लायंस क्लब की पदाधिकारी अनिता गुप्ता और नीलम भदानी ने बताया कि इस तरह के सत्र आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके।

कार्यक्रम का संचालन महिला चौपाल की सदस्यों ने किया।
अंत में सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र का समापन हुआ।

इस अवसर पर सोना प्रकाश, मीना गुप्ता, प्रीति, सुषमा, अरुणा, मीना देवी, सीमा लाल, तान्या, रूबी, आरती, रश्मि भदानी, निशा सहित कई सदस्य उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि — यदि मन शांत है, तो जीवन स्वतः सुंदर हो जाता है।”

 

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