Category: Jharkhand

  • गायत्री परिवार ने श्रद्धा और भक्ति से मनाया माता भगवती देवी शर्मा का महाप्रयाण दिवस

    जिलेभर में हुए अखंड जप और सामूहिक महायज्ञ.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह:  अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से रविवार को गिरिडीह जिले के विभिन्न हिस्सों में माता भगवती देवी शर्मा के महाप्रयाण दिवस पर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ गिरिडीह के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने एक घंटे का अखंड जप और सामूहिक गायत्री महायज्ञ सम्पन्न किया। उपस्थित साधकों ने राष्ट्र के कल्याण, समाज की समृद्धि और व्यक्तिगत जीवन में स्वास्थ्य, सुख तथा उज्ज्वलता की मंगलकामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।

    गायत्री परिवार गिरिडीह के प्रमुख कामेश्वर सिंह ने बताया कि माता भगवती देवी शर्मा का महाप्रयाण वर्ष 1994 में भाद्रपद पूर्णिमा के दिन हुआ था। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण के उपरांत चार वर्षों तक उन्होंने मिशन का नेतृत्व किया और देश-विदेश में अनेक अश्वमेध महायज्ञों का आयोजन किया। उन्होंने महिलाओं को आध्यात्मिक और सामाजिक नेतृत्व की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नारी जागरण अभियान की शुरुआत की। महिला मंडलों को महायज्ञ संचालन का अधिकार देना उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है, जिसके परिणामस्वरूप आज लाखों महिलाएं नियमित रूप से गायत्री उपासना और सामाजिक जागरण के कार्यों में सक्रिय हैं।

    महाप्रयाण दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले के ग्राम लेदा और ग्राम गुरहा में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें साप्ताहिक गायत्री महायज्ञ, सामूहिक जप और मंत्र लेखन अभियान का शुभारंभ हुआ। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक जागरण और एकजुटता का संदेश फैलाना रहा।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश कुमार राम, भवानी प्रसाद वर्मा, किशोरी शर्मा, राम प्रसाद नायक, संजय चौरसिया, काशी प्रसाद, बुधन चंद यादव, किशुन महतो, शिवप्रसाद राम, विशेश्वर साव, मनोज शर्मा, अनिल कुमार साव, बलराम विश्वकर्मा, रेखा देवी, संगीता साव, सरिता साव, माधुरी गुप्ता, स्नेहलता देवी, पूनम गुप्ता और पूनम देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

  • गर्ल्स हाई स्कूल, पचंबा में छात्राओं के लिए स्वास्थ्य एवं जागरूकता पर विशेष सत्र

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के पचंबा स्थित गर्ल्स हाई स्कूल में शनिवार को छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन समाजसेवी श्रीमती भावना सहाय और श्रीमती पूनम सहाय ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को यौन, प्रजनन, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना था।

    नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) दिल्ली की डायरेक्टर कम्युनिकेशन, श्रीमती भावना सहाय ने छात्राओं को यौन और प्रजनन स्वास्थ्य की बारीकियों से परिचित कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में समझाया कि किशोरावस्था में जागरूकता और सही जानकारी का होना बेहद जरूरी है। इस क्रम में उन्होंने छात्राओं को ‘अदिति एआई चैटबॉट’ से भी रूबरू कराया। यह चैटबॉट एनएबी दिल्ली की निःशुल्क सेवा है, जो महिलाओं और लड़कियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराती है।

    श्रीमती सहाय ने छात्राओं को चैटबॉट के उपयोग की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की। उन्होंने बताया कि महिलाएँ और किशोरियाँ इस सेवा का लाभ व्हाट्सऐप नंबर 80765 51617 पर आसानी से उठा सकती हैं।

    इसी दौरान श्रीमती पूनम सहाय ने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए संतुलित जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्राओं को तनाव प्रबंधन, नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार से जुड़ी व्यवहारिक टिप्स साझा किए।

    कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राएँ बेहद उत्साहित दिखीं। कई छात्राओं ने सवाल पूछे और जिज्ञासापूर्वक चैटबॉट के इस्तेमाल के बारे में जानकारी ली। सत्र के अंत में उपस्थित सभी ने माना कि इस तरह के कार्यक्रम किशोरियों के आत्मविश्वास और जागरूकता को बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

  • विकास की हकीकत: गर्भवती महिला फिर खाट पर ढोई गई अस्पताल

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड से एक बार फिर झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। सड़क और एंबुलेंस सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को गर्भवती महिला को खाट पर डालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तिसरी तक पहुंचाना पड़ा।

    यह घटना सप्ताह भर में दूसरी बार हुई है। इससे पहले सलगी सोरेन को खाट पर टांगकर अस्पताल पहुंचाया गया था और अब तालको मरांडी को भी उसी स्थिति का सामना करना पड़ा। दोनों ही मामलों में ग्रामीणों ने खाट को स्ट्रेचर और अपने कंधों को एंबुलेंस का पहिया बनाकर महिला को कई किलोमीटर तक ढोया।

    सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था.
    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही एंबुलेंस समय पर मिलती है। मजबूरी में खाट पर मरीजों को ले जाना पड़ता है। लोग कटाक्ष करते हुए कह रहे हैं कि अब “खटिया ही एंबुलेंस” बन चुकी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई किरकिरी.
    इधर, सोशल मीडिया पर एंबुलेंस से “रील्स” बनाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मरीजों के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है, तो रील्स बनाने के लिए एंबुलेंस कैसे उपलब्ध हो जाती है?

    राजनीतिक प्रतिक्रिया.
    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस वायरल वीडियो को साझा कर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य बताता है कि स्वास्थ्य सेवाएँ कितनी लचर हो चुकी हैं। जब मरीजों के लिए एंबुलेंस नहीं है और उन्हें खाट पर लादकर अस्पताल ले जाया जा रहा है, तब “विकास” का असली चेहरा साफ दिखाई देता है।

  • गिरिडीह सहित पूरे झारखंड में धूमधाम से मनाया गया मिलाद-उन-नबी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : आज पूरे झारखंड, खासकर गिरिडीह जिले में मिलाद-उन-नबी का पर्व बड़े ही अकीदत और जोश-ओ-ख़रोश के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12वीं तारीख को पैगंबर हज़रत मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है।

    सुबह से ही शहर की गलियों और चौक-चौराहों पर जश्न का माहौल देखने को मिला। मौलाना आज़ाद चौक, बीबीसी रोड, स्टेशन रोड, विट्टी बाज़ार, कोल्डीहा, भंडारीडीह, मोहनपुर, बरवाडीह और बुढ़ियाखाद समेत जिलेभर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े-बड़े जुलूस निकाले। इन जुलूसों में नन्हें बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग तक शामिल हुए और इस्लामी परचम लहराते नज़र आए।

    गिरिडीह के विधायक और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू भी मौलाना आज़ाद चौक से लेकर बरवाडीह करबला मैदान तक जुलूस में शरीक हुए और क़ियादत की। उनके साथ इरशाद अहमद वारिस, हाजी सईद अख़्तर, मो. चाँद सहित कई अन्य मुस्लिम रहनुमा भी मौजूद थे।

    करबला मैदान में एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलेमा, इमाम और वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को मानवता के लिए अनमोल बताया। वक्ताओं ने कहा कि पैगंबर का जीवन इंसानियत, समानता, मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल है, जिसे अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

    इतिहास के पन्नों को देखें तो 570 ईस्वी में मक्का की पवित्र धरती पर हज़रत मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्म हुआ था। उन्होंने ताउम्र लोगों को नफरत छोड़कर अमन और इंसाफ़ की राह अपनाने की शिक्षा दी।

    आज के दिन मस्जिदों और मदरसों में कुरान-ख़्वानी हुई, विशेष दुआएं की गईं और जुलूसों के ज़रिए मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया गया। पूरा शहर रोशनी और सजावट से जगमगाता नज़र आया। बच्चे, नौजवान और बुज़ुर्ग सभी ने इस दिन को उत्साह और श्रद्धा से मनाया और यह संकल्प लिया कि पैगंबर के बताए रास्ते पर चलकर समाज में मोहब्बत और इंसानियत को बढ़ावा देंगे।

    आज जब दुनिया में नफरत और बंटवारे की आवाज़ें तेज हो रही हैं, मिलाद-उन-नबी हमें यह याद दिलाता है कि मोहम्मद साहब की असल तालीम अमन, बराबरी और इंसानियत के लिए थी।

  • जीएसटी दरों में कटौती से जनता को राहत और व्यापार की तरक्की का रास्ता-शलिनी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : भारतीय जनता पार्टी की नेत्री शालिनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में की गई जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दरों में कमी का सीधा असर अब देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर देखने को मिलेगा। यह फैसला महँगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ जनता की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करेगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ़्तार देगा. शालिनी आज मीडिया से बात कर रही थी ।

    उन्होने कहा कि रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएँ और सेवाएँ अब पहले से सस्ती हो जाएँगी। खाद्य सामग्री, घरेलू सामान और कई उपभोक्ता वस्तुओं पर घटे हुए टैक्स का लाभ सीधे लोगों तक पहुँचेगा। इससे महँगाई के दबाव से जूझ रही आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

    व्यापार और कारोबार में बढ़ावा

    जीएसटी दरों में कमी से बिक्री में तेजी आने की संभावना है। बाज़ार में माँग बढ़ेगी, जिससे उद्योग जगत और छोटे कारोबारियों को नई ऊर्जा मिलेगी। यह कदम ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को भी मजबूत करेगा और निवेश का माहौल बेहतर बनाएगा।

    रोजगार सृजन की संभावना

    उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ उद्योगों में नए अवसर पैदा होंगे। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में इज़ाफा होगा, जिससे बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।

    आर्थिक मजबूती की दिशा में कदम

    हालाँकि अल्पकाल में सरकार का राजस्व घट सकता है, लेकिन दीर्घकाल में उपभोग और व्यापार के बढ़ने से टैक्स संग्रह में इज़ाफा होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

    सरकार का जनहितैषी निर्णय

    शालिनी का मानना है कि यह निर्णय सरकार की जन-हितैषी नीति को दर्शाता है और भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे जहाँ एक ओर सामाजिक संतुलन कायम रहेगा, वहीं दूसरी ओर देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी यह बड़ा योगदान साबित होगा।

     

  • शिक्षक दिवस पर स्कूलों में विशेष आयोजन, बच्चों ने शिक्षकों को समर्पित की प्रस्तुतियाँ

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : पूरे देश की तरह गिरिडीह जिले में भी शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिरसिया स्थित बद्रीनारायण साहा डीएवी पब्लिक स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल, गिरिडीह में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें छात्रों ने शिक्षकों के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।

    डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजन.

    कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्राचार्य सचिन गर्ग ने विद्यालय परिसर में स्थापित देश के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद छात्रों ने शिक्षकों के सम्मान में एक से बढ़कर एक गीत, नृत्य और कविताएँ प्रस्तुत कर समां बाँध दिया।

    छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य सचिन गर्ग ने कहा कि “शिक्षक एक कुम्हार की तरह होते हैं, जो अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से छात्रों को जीवन की सुंदर आकृति प्रदान करते हैं। विद्यार्थी जब समाज में उत्कृष्ट कार्य करते हैं तो वही शिक्षक की असली सफलता होती है।”
    उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय के विकास में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी को कोई समस्या या सुझाव है, तो वे विद्यालय से साझा करें। संस्था हमेशा सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है। प्राचार्य ने इस अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएँ भी दीं।

    दिल्ली पब्लिक स्कूल में उत्सव.

    इसी क्रम में दिल्ली पब्लिक स्कूल, गिरिडीह में भी डॉ. राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में उल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर त्रिलोचन सिंह सलूजा, चेयरमैन ऋषि सिंह सलूजा, सत्प्रीत कौर, प्राचार्या डॉ. सोनी तिवारी तथा सभी शिक्षकों ने मिलकर डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथि और प्राचार्या ने केक काटकर समारोह का उद्घाटन किया।

    कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया। सीनियर छात्रों ने हास्य नाटक पेश कर दर्शकों को खूब गुदगुदाया, वहीं जूनियर छात्राओं ने रंगारंग नृत्य-संगीत से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

    पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के हेड ब्वाय अंकित चौधरी और हेड गर्ल एंजिल चौधरी ने किया। सीनियर छात्रों ने मंच संचालन से लेकर आयोजन की सफलता तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अंत में प्राचार्या डॉ. सोनी तिवारी ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देते हैं।” वहीं चेयरमैन ऋषि सिंह सलूजा ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों के योगदान को अमूल्य बताया।

     

  • गिरिडीह में एकता कल्चरल फाउंडेशन का दूसरा स्थापना दिवस संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिले में कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यरत एकता कल्चरल फाउंडेशन का दूसरा स्थापना दिवस बुधवार देर रात बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गिरिडीह के पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहबादी शामिल हुए।

    गौरतलब है कि फाउंडेशन ने महज दो साल में अब तक 34 सफल कार्यक्रम आयोजित कर जिले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि गिरिडीह के सांस्कृतिक इतिहास में संगठन को एक अलग पहचान देती है।

    कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शाहबादी ने कहा कि –
    “कला और संस्कृति किसी भी समाज की आत्मा होती है। एकता कल्चरल फाउंडेशन जिस तरह से संगीत और कलाकारों को मंच उपलब्ध करा रहा है, वह सराहनीय है। मैं हमेशा फाउंडेशन के साथ खड़ा हूं।”

    फाउंडेशन का विजन और योजनाएँ.

    फाउंडेशन के चेयरमैन राजेश सिन्हा ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य गिरिडीह के सभी कलाकारों को आगे बढ़ाने और उन्हें उचित पहचान दिलाने का है। उन्होंने बताया कि फिलहाल फाउंडेशन में 60 सदस्य सक्रिय हैं और जल्द ही 100 सदस्यों का लक्ष्य पूरा करने की योजना है। सिन्हा ने यह भी कहा कि बहुत जल्द जिले के सभी सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर एक बड़ा संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    अध्यक्ष बब्लू सानू ने कहा कि संगठन का सपना है कि गिरिडीह का नाम न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत में रोशन हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंच पर प्रस्तुति देने के लिए सदस्यता आवश्यक होगी, ताकि कार्यक्रमों की गरिमा बनी रहे। केवल विशेष कलाकारों को इस नियम से छूट दी जाएगी।

    सहभागिता.

    आयोजन में बड़ी संख्या में कलाकार और समर्थक मौजूद रहे,पंकज शर्मा,कासिम खां,सुभाष कुमार
    ताहिर इमाम, संदीप अग्रवाल, सैयूम, विक्रम शर्मा, मुजम्मिल, उदय सिंह, अजय ताती, बाबू, तौसीफ, श्रवण कुमार, अजीत यादव, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।

    इसके अलावा विशेष अतिथि गायक प्रकाश जी और अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को सुरमयी बना दिया।

     

  • गिरिडीह : मिलाद-उन-नबी को लेकर निकाला गया फ्लैग मार्च

    प्रशासन और पुलिस का शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: मिलाद-उन-नबी पर्व को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने किया। उनके साथ सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत विष्पुते, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, नगर थाना प्रभारी समेत कई पुलिस पदाधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

    फ्लैग मार्च की शुरुआत बड़ा चौक से हुई। यह मार्च मुस्लिम बाजार, मौलाना आजाद चौक, टॉवर चौक होते हुए भंडारीडीह और पचंबा तक गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने पैदल मार्च करते हुए स्थानीय नागरिकों को शांति और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया।

    अधिकारियों ने मार्च के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय प्रबुद्धजनों और गणमान्य लोगों से मुलाकात की। उनसे प्रशासन को सहयोग देने की अपील की गई ताकि पर्व शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

    डीसी और एसपी ने लोगों से कहा कि त्योहार खुशी और भाईचारे का प्रतीक है, इसलिए इसे सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने साफ किया कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • गिरिडीह में राधा स्वामी संगठन पर सवाल, शमीम अख्तर की गिरफ्तारी से खुली पोल

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिले में राधा स्वामी संगठन का विवादित चेहरा सामने आने लगा है। बीती रात पचम्बा पुलिस ने संगठन से जुड़े शमीम अख्तर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शमीम अख्तर 2024 के विधानसभा चुनाव में जागरूक जनता पार्टी  के प्रत्याशी के रूप में गांडेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, शमीम अख्तर लंबे समय से राधा स्वामी संगठन के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहा था। गाड़ी फाइनेंस कराने और 40 प्रतिशत तक छूट दिलाने का लालच देकर वह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। बताया जा रहा है कि उसने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ऐंठे।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शमीम अख्तर अपनी मीठी बातों और संगठन के प्रभावशाली नाम का इस्तेमाल कर विश्वास जीत लेता था। पर जब लोगों को वादे पूरे न होते दिखे, तब जाकर ठगी का पूरा खेल खुलकर सामने आया।

    अब राधा स्वामी संगठन शमीम अख्तर से दूरी बनाने की कोशिश कर रहा है। संगठन से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि शमीम को संगठन से पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर वह इतने समय से संगठन के नाम पर ठगी कर रहा था, तो संगठन की नज़र इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ी?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नागेश्वर मंडल ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मांग की है कि राधा स्वामी संगठन के क्रियाकलापों की उच्च स्तरीय जांच हो। नागेश्वर मंडल का आरोप है कि संगठन से जुड़े लोग आम जनता से ठगी कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

    अब निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर हैं कि यह पूरा घोटाला किस हद तक फैला हुआ है और इसमें और कौन-कौन शामिल है। लेकिन इतना तय है कि राधा स्वामी संगठन और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियां अब सवालों के घेरे में आ चुकी हैं।

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सरकारी आवास बनेगा स्मृति संग्रहालय

    गुरु जी की स्मृतियों को संजोने की ऐतिहासिक पहल.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत को संरक्षित और नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मोरहाबादी स्थित गुरुजी का सरकारी आवास अब “गुरुजी स्मृति संग्रहालय” के रूप में विकसित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। डॉ. अंसारी ने कहा, “गुरुजी का आवास सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह झारखंड आंदोलन और राज्य की आत्मा का केंद्र है। यहां की हर वस्तु, हर दस्तावेज, हर स्मृति हमें उनके संघर्ष और बलिदान की याद दिलाती है। इसलिए इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन से प्रेरणा ले सकें।”

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी इसे झारखंड की अस्मिता को सहेजने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि गुरुजी का योगदान अमिट है और उनकी स्मृतियां हमेशा अमर रहेंगी। यह संग्रहालय झारखंड की लड़ाई, उसकी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक संघर्ष की गाथा को जीवित रखेगा।

    सिर्फ इतना ही नहीं, दोनों मंत्रियों ने गुरुजी की जन्मभूमि जामताड़ा के चिरुडीह गांव में भी एक भव्य पार्क और विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। चिरुडीह वही पवित्र भूमि है, जहां से शिबू सोरेन ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई की शुरुआत की थी।

    राज्य सरकार का यह निर्णय न सिर्फ शिबू सोरेन के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि झारखंड की संघर्ष यात्रा को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखने का भी संकल्प है।