द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : भारतीय जनता पार्टी की नेत्री शालिनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में की गई जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दरों में कमी का सीधा असर अब देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर देखने को मिलेगा। यह फैसला महँगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ जनता की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करेगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ़्तार देगा. शालिनी आज मीडिया से बात कर रही थी ।
उन्होने कहा कि रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएँ और सेवाएँ अब पहले से सस्ती हो जाएँगी। खाद्य सामग्री, घरेलू सामान और कई उपभोक्ता वस्तुओं पर घटे हुए टैक्स का लाभ सीधे लोगों तक पहुँचेगा। इससे महँगाई के दबाव से जूझ रही आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
व्यापार और कारोबार में बढ़ावा
जीएसटी दरों में कमी से बिक्री में तेजी आने की संभावना है। बाज़ार में माँग बढ़ेगी, जिससे उद्योग जगत और छोटे कारोबारियों को नई ऊर्जा मिलेगी। यह कदम ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को भी मजबूत करेगा और निवेश का माहौल बेहतर बनाएगा।
रोजगार सृजन की संभावना
उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ उद्योगों में नए अवसर पैदा होंगे। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में इज़ाफा होगा, जिससे बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।
आर्थिक मजबूती की दिशा में कदम
हालाँकि अल्पकाल में सरकार का राजस्व घट सकता है, लेकिन दीर्घकाल में उपभोग और व्यापार के बढ़ने से टैक्स संग्रह में इज़ाफा होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
सरकार का जनहितैषी निर्णय
शालिनी का मानना है कि यह निर्णय सरकार की जन-हितैषी नीति को दर्शाता है और भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे जहाँ एक ओर सामाजिक संतुलन कायम रहेगा, वहीं दूसरी ओर देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी यह बड़ा योगदान साबित होगा।







