Category: Jharkhand

  • एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को राष्ट्रपति पदकों

    The News Post4u.

    झारखंड पुलिस के लिए इस स्वतंत्रता दिवस पर गर्व का अवसर आने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए राज्य के एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में वीरता, राष्ट्रपति और सराहनीय सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की है।

    इस सूची में शामिल अधिकारी और जवानों को 15 अगस्त के दिन औपचारिक रूप से सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वालों में पांच पुलिस अधिकारी और कर्मी को वीरता पदक, एक को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, जबकि 11 को सराहनीय सेवा पदक मिलेगा।

    वीरता पदक प्राप्त करने वाले

    इन पदकों को उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और बहादुरी का प्रदर्शन किया। झारखंड से इस सम्मान के लिए चुने गए नाम हैं:

    • सब-इंस्पेक्टर विनय कुमार
    • हेड कॉन्टेबल प्रमोद राय
    • कांस्टेबल वेद प्रकाश महतो
    • कांस्टेबल रामचंद्र महतो
    • कांस्टेबल कृष्णा मुर्मू

    राष्ट्रपति पदक (विशिष्ट सेवा) प्राप्त करने वाले

    • हवलदार कैलाश कुमार श्रेष्ठा — जिन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में उत्कृष्ट कार्य और अनुकरणीय सेवा से विभाग का मान बढ़ाया।

    सराहनीय सेवा पदक प्राप्त करने वाले

    ये पदक उन पुलिसकर्मियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अनुशासन, समर्पण और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इस श्रेणी में झारखंड पुलिस के 11 अधिकारी और कर्मी शामिल हैं:

    • आईपीएस अनुरंजन किस्पोट्टा
    • डीएसपी मनोज कुमार राय
    • इंस्पेक्टर असित मोदी
    • एसआई दीपक पुंज
    • एएसआई महेंद्र महतो
    • हवलदार विजय थापा
    • कांस्टेबल विदेशी मांझी
    • कांस्टेबल अजय कुमार दुबे
    • हवलदार रंजीता कुजूर
    • कांस्टेबल पुष्पा औरैया
    • कांस्टेबल दीपक कुमार सिंह

    झारखंड पुलिस के लिए यह सम्मान न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि उन जवानों के साहस और प्रतिबद्धता की भी पहचान है जो अपने कर्तव्य के प्रति हर परिस्थिति में समर्पित रहते हैं।

     

  • शिबू सोरेन के श्राद्ध में 5 लाख लोगों की मेज़बानी की तैयारी

    वीआईपी के लिए बने चार हेलीपैड, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

    परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    रामगढ़, नेमरा :  झारखंड की राजनीति के पुरोधा और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु  शिबू सोरेन के श्राद्ध भोज की तैयारियां इन दिनों पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। अनुमान है कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में करीब चार से पांच लाख लोग शामिल होंगे, जिसके लिए पांच विशाल पंडाल और अस्थायी रसोईघरों की व्यवस्था की गई है।

    वीआईपी के लिए विशेष इंतज़ाम.

    देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, कांग्रेस अध्यक्ष, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और विशिष्ट मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया है। वीआईपी आवागमन को ध्यान में रखते हुए चार हेलीपैड तैयार किए गए हैं — जिनमें से तीन शिबू सोरेन के घर के पास और एक लगभग तीन किलोमीटर दूर बनाया गया है। 16 अगस्त को होने वाले संस्कार भोज के दिन, विशेष अतिथियों के लिए अलग पार्किंग की सुविधा भी होगी।

    स्थानीय आमंत्रण झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला कमेटियों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शिबू सोरेन के पैतृक आवास के 300 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी है, जहां केवल वीआईपी और करीबी लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।

    ग्रामीणों और मेहमानों के लिए व्यवस्था.

    श्राद्ध भोज के लिए तैयार पांच पंडालों में बैठकर भोजन करने की सुविधा होगी। सभी पंडालों के पास ही बड़े-बड़े रसोई घर बनाए गए हैं। विशेष अतिथियों का भोजन शिबू सोरेन के घर के पीछे परोसा जाएगा। कार्यक्रम स्थल तक केवल वीआईपी वाहन ही पहुंचेंगे; आम लोगों के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से लोगों को पंडाल तक लाएंगे।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम.

    कार्यक्रम के दौरान नेमरा को छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। 9 आईपीएस अधिकारी 14 से 16 अगस्त तक और 40 डीएसपी 12 से 17 अगस्त तक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए विशेष आदेश जारी कर दिए हैं।

    गांव में आम आदमी की तरह सीएम सोरेन.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं, जहां वे पिता के श्राद्ध कर्म में एक आम ग्रामीण की तरह हिस्सा ले रहे हैं। संथाल समाज और गांव के लोगों के साथ बैठकों में वे हर विधि-विधान की योजना पर चर्चा कर रहे हैं, साथ ही भोज के मेन्यू से लेकर मेहमानों की सेवा तक पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं।

    पिता की विरासत को जीते हुए हेमंत सोरेन गांव की गलियों और खेत-खलिहानों में घूमते हैं, किसानों से बात करते हैं और जल, जंगल, ज़मीन की रक्षा पर चर्चा करते हैं। उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए सत्ता का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है — एक सीख जो उन्हें सीधे पिता से मिली है।

    जल, जंगल और ज़मीन: पहचान और संकल्प

    सीएम ने स्पष्ट कहा कि जल, जंगल और ज़मीन झारखंड की पहचान और अस्तित्व का आधार हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार इन संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वे मानते हैं कि यह केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, समृद्ध झारखंड देने का वादा है।

    विरासत का विस्तार.

    गांव की मिट्टी, उसकी खुशबू और हरियाली की ठंडक में हेमंत सोरेन आज भी अपने पिता की परछाईं की तरह दिखते हैं। जनसेवा, सादगी और संघर्ष की वही परंपरा, जिसे दिशोम गुरु ने दशकों तक निभाया, अब मुख्यमंत्री अपने कामों के जरिये आगे बढ़ा रहे हैं।

  • अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आज़ाद नेमरा पहुँचकर दिवंगत शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

    The News Post4u.

    रामगढ़/नेमरा/रांची: झारखंड की राजनीति के पुरोधा, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए आज नेमरा गांव में श्रद्धालुओं और नेताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना जारी रहा, जहां आमजन से लेकर देश के बड़े नेता तक श्रद्धा-सुमन अर्पित करने पहुंचे।

    अखिलेश यादव का भावुक पल.
    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अखिलेश यादव मंगलवार को नेमरा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत नेता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक बसंत सोरेन समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
    मुलाकात के दौरान वे रूपी सोरेन से बातचीत करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सेवा और जनहित के लिए समर्पण का प्रतीक रहा है, जिसे देश और झारखंड कभी नहीं भूल पाएगा।

    चंद्रशेखर आज़ाद ने भी दी श्रद्धांजलि.
    इससे पहले नगीना लोकसभा से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद भी मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। चंद्रशेखर आज़ाद ने शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए इस कठिन घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

    नेमरा में उमड़ी भीड़, गुरुजी को जननायक के रूप में किया याद.
    श्रद्धांजलि देने वालों में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, वकील, किसान, मजदूर और आम ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने गुरुजी को ‘जननायक’ के रूप में याद किया और कहा कि उनका जीवन आदिवासी, वंचित और शोषित समाज की आवाज़ बनकर बीता।
    आज उनके श्राद्ध कर्म के सातवें दिन सुबह से ही नेमरा गांव में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। घर के आंगन से लेकर आस-पास की गलियों तक लोगों की कतारें लगी थीं।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में बदलाव.
    इसी बीच, रांची से यह खबर आई कि 15 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की जगह राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार करेंगे। परंपरा के अनुसार, हर साल स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री रांची में और राज्यपाल दुमका में ध्वजारोहण करते हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री के पारिवारिक शोक के कारण यह बदलाव किया गया है।
    राजभवन से जारी सूचना में बताया गया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने स्वीकृति दे दी है। साथ ही, इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन में होने वाला पारंपरिक ‘एट होम’ कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है, जो कि गुरुजी के सम्मान में लिया गया निर्णय है।

    गुरुजी की विरासत अमर रहेगी.
    नेमरा में मौजूद लोगों का कहना था कि शिबू सोरेन न सिर्फ एक नेता थे, बल्कि संघर्ष, सादगी और सेवा की मिसाल थे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

  • गिरिडीह: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की

    The News Post4u.

    गिरिडीह: आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगलवार को भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने गिरिडीह के शास्त्री नगर स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराकर अभियान का शुभारंभ किया।

    इस मौके पर श्री साव ने कहा कि तिरंगा हमारी शान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों पर तिरंगा अवश्य लगाएं। यह पहल न केवल राष्ट्र की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि एक सशक्त भारत की पहचान भी है।

    उन्होंने कहा, “हमारा राष्ट्रीय ध्वज केवल स्वतंत्रता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी एकता, अखंडता और सांस्कृतिक धरोहर की अमर पहचान है। इस गौरवपूर्ण अभियान में शामिल होकर अपने घर, कार्यालय और दुकानों पर तिरंगा फहराएं, और राष्ट्र के प्रति सम्मान को दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त करें।”

    श्री साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को भारत की विविधताओं में निहित सुंदरता, अनेकता में एकता और 140 करोड़ देशवासियों की अटूट देशभक्ति का अद्भुत प्रतीक बताया।

  • झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा ने दिवंगत शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

     

    गिरिडीह: झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा, गिरिडीह ने पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष उमाचरण प्रसाद साहू ने की, जबकि संचालन धर्म प्रकाश ने संभाला। सभा में गिरिडीह जिला तैलिक साहू सभा के अध्यक्ष बालगोविंद साहू, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज गिरिडीह के अध्यक्ष राहुल बर्मन, रेडक्रॉस के चेयरमैन अरविंद कुमार , समाज के उपाध्यक्ष संजय कुमार साहू और हरगौरी साहू, झारखंड स्टेट बार एसोसिएशन के सदस्य परमेश्वर मंडल, महेंद्र मंडल, दशरथ प्रसाद और अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित थे।

    वक्ताओं ने अपने संबोधन में गुरुजी के सामाजिक, राजनीतिक और आंदोलनकारी योगदान को विस्तार से याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन हमेशा आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे और झारखंड के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

    सभा के दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

    इस अवसर पर सत्य प्रकाश साहा, प्रदीप कुमार साव, राहुल कुमार, सुबोध गुप्ता, सीताराम साहू, चंद्रकांत मंडल, चनो मंडल, प्रमोद अग्रवाल, रवि साव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।

  • गिरिडीह में डीटीओ का सघन वाहन जांच अभियान, नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी

    गिरिडीह/पचंबा: जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संतोष कुमार ने सोमवार को पचंबा थाना के पास दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मौके पर खड़े होकर वाहनों के परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

    अंडरएज और नियम तोड़ने वाले चालक पकड़े गए
    जांच के क्रम में कई वाहन चालक नियम तोड़ते हुए पकड़े गए—

    • अंडरएज वाहन चालक
    • बिना हेलमेट चलने वाले चालक
    • ट्रिपल राइडिंग करने वाले
    • बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले

    डीटीओ ने सभी को मौके पर कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन साफ शब्दों में कहा कि अगली बार नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा पर सख्त हिदायत.
    संतोष कुमार ने सभी चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा में चलना और वैध दस्तावेज रखना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

    वाहन शोरूम का निरीक्षण भी किया.
    इससे पूर्व डीटीओ ने गिरिडीह के विभिन्न वाहन शोरूमों का निरीक्षण किया। उन्होंने बोड़ो स्थित पैगजियो शिव कमर्शियल और बिशनपुर स्थित महिंद्रा शोरूम का दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रेड लाइसेंस और अन्य आवश्यक कागजातों की जांच की।

    डीटीओ ने कहा कि विभाग का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन सुनिश्चित करना है।

  • सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू

    झारखंड-बिहार से 50 से अधिक टीमें पहुंचीं.

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    गिरिडीह: खेल भावना, सांस्कृतिक एकता और युवाओं के उत्साह से भरे माहौल में सोमवार से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू हो गया। झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से आई 50 से अधिक विद्यालयी टीमें अपने-अपने स्कूल के झंडों के साथ जब मैदान में उतरीं तो दृश्य बेहद मनमोहक हो गया। रंग-बिरंगी ड्रेस में सजे छात्र-छात्राओं ने मैदान पर ‘विविधता में एकता’ की भावना को जीवंत कर दिया।

    भव्य उद्घाटन.
    प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार सुबह 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में शामिल प्रमुख अतिथियों में स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्राचार्या शालिनी कवला, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज ,डी.एल.एड स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्रमुख हरदीप कौर, बीएनएस डीएवी के प्राचार्य सचिन गर्ग, सीसीएल डीएवी के प्राचार्य ओ.पी. गोयल, ऑब्जर्वर गोविंद झा, योगेश पांडेय, तकनीकी सदस्य प्रसाद महतो, विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा, निदेशक रमनप्रीत कौर सलूजा, प्राचार्या ममता शर्मा, उप प्राचार्य सूरज कुमार लाला, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर रूपा मुद्रा, स्पोर्ट्स पर्सन धनंजय राय, घनश्याम रजक और अजय सिंह शामिल रहे।

    उद्देश्य और महत्व।
    उद्घाटन के बाद विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने कहा—

    “यह कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक समागम और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा लगातार कई वर्षों से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतियोगिता के आयोजन का अवसर मिलना हमारे प्रबंधन और तैयारियों की गुणवत्ता का प्रमाण है।”

    उन्होंने बताया कि सभी आने वाली टीमों के लिए आवास, भोजन और खेल संबंधी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, और विद्यालय की पूरी टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    प्रतियोगिता का आगाज रोमांचक मुकाबलों से
    प्रतियोगिता का पहला मुकाबला अंडर-17 बालक वर्ग में दून ग्लोबल और साउथ पॉइंट बुंडू के बीच खेला गया। इसके बाद प्रतिभा पलवान स्कूल और लेडी के.सी. रॉय स्कूल के बीच दूसरा मैच हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने जोरदार खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया।

  • गरीबी के कारण शव नहीं ला सके, पुतला बनाकर अंतिम संस्कार

    राष्ट्रीय यादव सेना का प्रतिनिधिमंडल मृत प्रवासी मजदूर के परिवार को किया  आर्थिक सहयोग

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    गिरिडीह/जमुआ: जमुआ प्रखंड के प्रतापपुर पंचायत में रहने वाले प्रवासी मजदूर सीताराम यादव की मौत हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा में हो गई थी। आर्थिक तंगी के कारण परिवार उनका शव गांव नहीं ला सका और मजबूरी में पुतला बनाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह संवेदनशील मामला राष्ट्रीय यादव सेना के संज्ञान में आते ही संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को गांव पहुंचा और मृतक के परिजनों से मुलाकात की।

    परिजनों की समस्या सुनी, दी आर्थिक सहायता.
    प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय यादव सेना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने किया। उन्होंने मृतक के परिवार से विस्तार से बातचीत की, उनकी समस्याओं को जाना और मौके पर आर्थिक सहयोग दिया। साथ ही स्थानीय मुखिया सुखदेव यादव से मृतक के परिवार को अंबेडकर आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
    इसके अलावा, स्थानीय डीलर से तुरंत राशन उपलब्ध कराया गया। संगठन ने आश्वासन दिया कि मृतक की पत्नी के बैंक खाते में और भी आर्थिक मदद भेजी जाएगी और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले सभी लाभ दिलाने में पूरा सहयोग किया जाएगा।

    संगठन ने दिया साथ का भरोसा.
    जिला सचिव इंद्रदेव यादव ने कहा कि ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय यादव सेना हमेशा अपने समाज के लोगों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल संगठन की ओर से प्रारंभिक आर्थिक मदद और राशन दिया गया है, और आगे भी हर संभव सहायता जारी रहेगी।

    प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे.
    इस मौके पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, जिला सचिव इंद्रदेव यादव, जमुआ प्रखंड संरक्षक एवं आजसू नेता शंकर यादव, प्रखंड अध्यक्ष ललन यादव, जिला उपाध्यक्ष रामजी यादव, प्रदीप यादव, रघुनंदन यादव, देवरी से प्रवीण यादव, पप्पू यादव, सुधीर यादव, स्थानीय मुखिया सुखदेव यादव, राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गिरेंद्र यादव, आकाश कुमार, विकास कुमार, पीयूष कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

  • झारखंड में होगा वोटरों का ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ SIR

    गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा.

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    देवघर/गोड्डा: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि बिहार की तर्ज पर अब झारखंड में भी चुनाव आयोग वोटरों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करेगा। इस अभियान के तहत मतदाता सूची की व्यापक और विशेष समीक्षा की जाएगी, जिसमें दोहरे नाम, फर्जी वोट और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। श्री दुबे सोमवार को देवघर में मीडिया से मुखातिब थे ।

    श्री दुबे ने कहा कि अक्सर एक ही व्यक्ति का नाम तीन-चार जगह मतदाता सूची में दर्ज होता है। SIR के बाद ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और व्यक्ति को केवल उसी स्थान पर मतदान का अधिकार होगा, जहां वह वास्तविक रूप से निवास करता है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही वोट देने की उम्र 18 वर्ष करने और एक मतदाता का नाम सिर्फ एक जगह रखने की व्यवस्था की थी, जिसे संसद ने मंजूरी दी थी।

    ‘बांग्लादेशियों से छीनेगा वोट डालने का अधिकार’
    सांसद ने दावा किया कि SIR लागू होने से झारखंड में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे, जिससे उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस ने चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल किया है और अब विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सस्ती राजनीति कर रहा है।

    राहुल गांधी पर निशाना.
    श्री दुबे ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रीय हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

    क्या है SIR?
    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत—

    • मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है
    • फर्जी और दोहरे नाम हटाए जाते हैं
    • मृत मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जाते हैं
    • नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं

    यह प्रक्रिया आमतौर पर विधानसभा या लोकसभा चुनाव से पहले की जाती है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों तथा फर्जी वोटिंग पर रोक लगाई जा सके।

  • BJP और जयराम महतो की पार्टी से चुनाव लड़ चुका सूर्या हांसदा एनकाउंटर में ढेर

    कई आपराधिक मामलों में था वांटेड.

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    रांची/गोड्डा:  झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ में पूर्व भाजपा प्रत्याशी और कुख्यात अपराधी सूर्या नारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा मारा गया। पुलिस के अनुसार, हांसदा के खिलाफ गोड्डा और साहिबगंज जिलों के विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज थे, जिनमें आगजनी, हमले और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल हैं।

    देवघर से गिरफ्तारी, जंगल में मुठभेड़ में मौत.
    दुमका के जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि गोड्डा पुलिस ने रविवार को सूर्या हांसदा को देवघर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने छुपाए हथियारों और साथियों के ठिकानों का खुलासा किया। इसी सुराग पर पुलिस दल उसे लालमटिया के घने वन क्षेत्र में लेकर पहुंचा।

    पुलिस का कहना है कि मौके पर हथियार बरामदगी के दौरान हांसदा ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इसी बीच, उसके साथियों ने भी पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें सूर्या हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    राजनीतिक सफर: चार बार चुनावी किस्मत आजमाई, हर बार हार
    सूर्या हांसदा का नाम केवल अपराध जगत में ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी चर्चा में रहा है। उसने चार बार विधानसभा चुनाव लड़े—

    • 2024: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से बोरियो सीट पर चुनाव लड़ा, मात्र 2,937 वोट मिले।
    • 2019: भाजपा प्रत्याशी के रूप में बोरियो से चुनाव लड़ा, 59,441 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहा। इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काटकर हांसदा को मौका दिया था।
    • 2014 और 2009: झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) से इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना किया।

    गंभीर अपराधों में लिप्त.
    सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा रहा है। सबसे चर्चित मामला 9 जनवरी 2020 का है, जब गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक के पास अडानी कंपनी की वाटर पाइपलाइन परियोजना में लगे वाहनों में आग लगा दी गई थी। जांच में सामने आया कि इस घटना की साजिश हांसदा ने रची थी।

    इसके अलावा, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, हांसदा कई महीनों से फरार था और उस पर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।