रांची
हेमंत सरकार की कैबिनेट बैठक आज प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा में आयोजित की जाएगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने इसकी जानकारी दी है। जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक बुधवार, 29 जनवरी को अपराह्न 4:00 बजे से झारखंड मंत्रालय के प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में संपन्न होगी।
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हेमंत कैबिनेट की बैठक आज, हो सकते हैं कई बड़े फैसले
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झारखंड में नए सचिवालय निर्माण की प्रक्रिया हुई तेज, 35 एकड़ भूमि पर बनेगा परिसर
झारखंड में नया सचिवालय भवन बनाने की योजना तेज़ी से आगे बढ़ रही
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड सरकार के नए सचिवालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। धुर्वा के कुटे क्षेत्र में स्थित नए विधानसभा भवन के समीप 35 एकड़ भूमि पर सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2022 में अधिकृत समिति द्वारा मंजूरी दी गई थी।
पहले इस परियोजना का कार्यान्वयन जुडको (झारखंड अर्बन डेवलपमेंट कंपनी) को सौंपा गया था, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को दे दी गई है। विभाग नए सचिवालय के डिजाइन को तैयार करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
गौरतलब है कि झारखंड के अलग राज्य बनने के 22 वर्षों के दौरान एक स्थायी सचिवालय का निर्माण नहीं हो सका। वर्ष 2000 में एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) से किराए पर जगह लेकर अस्थायी सचिवालय बनाया गया था। जगह की कमी के कारण, सरकार को अलग-अलग स्थानों पर आधा दर्जन से अधिक भवनों में सचिवालय और इससे जुड़े अन्य कार्यालयों को संचालित करना पड़ा, जो अब भी जारी है।
इससे पहले, जुडको ने रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्थित कन्वेंशन सेंटर की नौ एकड़ भूमि पर सचिवालय के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाई थी। नई दिल्ली की मेसर्स सीपी कुकरेजा आर्किटेक्ट द्वारा तैयार डिजाइन के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। सचिवालय का निर्माण करीब एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में किया जाना था। हालांकि, बाद में कन्वेंशन सेंटर को सचिवालय के लिए छोटा और अनुपयुक्त मानते हुए निर्माण स्थल को बदलने का निर्णय लिया गया।
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नक्सली दंपती गिरफ्तार, सेंट्रल कमेटी के इनामी सदस्य के दस्ते से जुड़े होने का खुलासा
झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता विवेक के दस्ते में शामिल पति-पत्नी को गिरिडीह पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए नक्सलियों की पहचान तालेश्वर हांसदा उर्फ सेरमा और उनकी पत्नी मालती मुर्मू उर्फ गुड़ी उर्फ गुड़िया के रूप में हुई है। तालेश्वर गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र के गणियाडीह और मालती मधुबन थाना क्षेत्र के टेसाफुली की रहने वाली है।
जंगली क्षेत्र में छापेमारी से गिरफ्तारी.
गिरफ्तारी की पुष्टि गिरिडीह के एएसपी अभियान सुरजीत कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को सूचना मिली थी कि टेसाफुली के जंगली पहाड़ी इलाके में माओवादी दस्ते की गतिविधियां देखी गई हैं। इसके बाद एसपी और सीआरपीएफ 154 बटालियन के कमांडेंट के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम में एएसपी अभियान, सीआरपीएफ के सेकंड कमान अधिकारी, एसडीपीओ डुमरी, और डुमरी, पीरटांड व मधुबन के थाना प्रभारियों को शामिल किया गया। छापेमारी के दौरान नक्सली दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 9 एमएम पिस्टल और गोलियां बरामद की गईं।
प्रमुख नक्सली दस्ते से जुड़ाव।
पूछताछ के दौरान दंपती ने स्वीकार किया कि वे प्रतिबंधित नक्सली संगठन के बड़े नेता प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ करण दा के दस्ते के सक्रिय सदस्य थे। एएसपी अभियान ने बताया कि दंपती से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में सुरक्षाबलों की प्रभावी भूमिका।
इस सफल अभियान में एएसपी अभियान सुरजीत कुमार, सीआरपीएफ के सेकेंड कमान अधिकारी दलजीत सिंह भाटी, एसडीपीओ डुमरी सुमित प्रसाद, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार यादव, मधुबन थाना प्रभारी जगन्नाथ पान, पीरटांड थाना प्रभारी दीपेश कुमार, महिला चौकीदार मैनवा देवी, और सशस्त्र बलों की टीम ने हिस्सा लिया।
पुलिस की उपलब्धि।
इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। माओवादी संगठन के खिलाफ चल रहे अभियान में यह कार्रवाई सुरक्षाबलों के आत्मविश्वास को और बढ़ाएगी। पूछताछ में मिली जानकारियां संगठन के अन्य सदस्यों और गतिविधियों पर चोट पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह के अभियानों से पुलिस और सीआरपीएफ का ऑपरेशन माओवादियों के लिए लगातार चुनौती बनता जा रहा है।
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झारखंड: मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर कराने का झांसा देने वाला गिरोह का भंडाफोड़
परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट ………..
झारखंड में पुलिस-प्रशासन के अफसरों को मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रांची पुलिस ने इस गिरोह के पाँच शातिर सदस्यों को हिरासत में लिया था पर फिलवक्त इन आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है । इस गिरोह ने कई आईपीएस, डीएसपी और दारोगा को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने आरोपियों के व्हाट्सएप चैट और लेन-देन के सबूत खंगालने रही है।
गुप्त सूचना से हुआ खुलासा.
रांची कोतवाली थाने में दर्ज एक सनहा के आधार पर पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है । खबर थी कि यह गिरोह अधिकारियों के तबादले, पोस्टिंग और ठेका मैनेज करने का झांसा देकर बड़ी रकम वसूल रहा था। इसके बाद हिंदपीढ़ी और चुटिया थाना क्षेत्रों में दबिश देकर गिरोह के प्रमुख सदस्य सज्जाद उर्फ मुन्ना और कैप्टन सिंह सलूजा को हिरासत में लिया गया। इनसे पूछताछ के बाद जमशेदपुर के अयान सरकार, हल्दीपोखर के चंदन लाल और रांची के सूर्य प्रभात को भी गिरफ्तार किया गया।
राजनीतिक कनेक्शन से जुड़े तार।
पुलिस की पहली जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों का राजनीतिक कनेक्शन है। अयान सरकार भाजपा नेता बाबूलाल सोरेन के कारोबारी साझेदार बताए जा रहे हैं। चंदन लाल भी सोरेन के साथ मिलकर काम करता है। वहीं, सूर्य प्रभात भाजपा युवा मोर्चा का पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुका है, जबकि कैप्टन सिंह सलूजा भाजपा के एक राज्यसभा सदस्य के करीबी माने जाते हैं।
डेढ़ करोड़ की ठगी का शक।
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है। हालांकि फंसने के डर से कोई भी पीड़ित अधिकारी सामने नहीं आ रहा है, जिससे पुलिस के लिए जांच को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
मोबाइल और चैट की जांच जारी।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि किन-किन अधिकारियों को ठगा गया है और यह गिरोह किस तरह से काम कर रहा था।
सीआईडी जांच की संभावना।
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी से जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के खिलाफ और भी ठोस सबूत जुटाए जा सकते हैं।
आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया।
फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है, लेकिन जांच जारी है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी है ताकि झारखंड में ऐसी ठगी के खेल पर लगाम लगाई जा सके।
झारखंड में अधिकारियों को निशाना बनाकर चल रहे इस ठगी के खेल के भडाफोड़ ने प्रशासनिक महकमे मे खलबली मचा दी है ।
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सामाजिक कार्यों की अग्रणी संस्था: इनर व्हील क्लब
क्लब यात्री शेड का उद्घाटन और सामाजिक सेवाओं की पेश की मिशाल
चंदन पांडे की रिपोर्ट……………
गिरिडीह: इनर व्हील क्लब गिरिडीह ने अपने सामाजिक कार्यों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन अलकनंदा बख्शी के आधिकारिक दौरे के अवसर पर पपरवाटांड़ में एक और यात्री शेड का उद्घाटन किया। यह शेड शहर में क्लब द्वारा बनाया गया पाँचवाँ यात्री शेड है, जो यात्रियों को छाया और विश्राम का एक सुरक्षित स्थान प्रदान करेगा।
इसके साथ ही क्लब ने अपने 35वें चार्टर दिवस को भी यादगार बना दिया। इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई मध्य विद्यालय में कई ज़रूरी सुविधाओं का प्रावधान किया गया। विद्यालय को असामाजिक तत्वों से सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्री वॉल पर कंटीले तारों की घेराबंदी की गई। बच्चों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पीने के पानी और हाथ धोने के लिए अलग-अलग नल लगाए गए। इसके अलावा, प्लंबिंग से जुड़ी समस्याओं को हल किया गया और छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम में क्लब की कई प्रमुख सदस्या उपस्थित रहीं, जिनमें डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन अलकनंदा बख्शी, क्लब अध्यक्ष डॉक्टर रूपाश्री खैतान, वाइस प्रेसिडेंट हेमा दत्ता, सेक्रेटरी निवेदिता पोद्दार, ट्रेज़रर डॉक्टर पायल वर्मा, एडिटर सोनी कंधवे, सीजीआर रेखा तर्वे, डिस्ट्रिक्ट वाइस चेयरमैन रश्मि गुप्ता, पास्ट इंटरनेशनल एडिटर प्रभा रघुनंदन, पास्ट डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन रुही अहमद, और अन्य सदस्याएं शामिल थीं।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले अन्य सदस्यों में आराधना, उमा, साध्वी सिंह, चित्रलेखा डे, नौशाबा अहमद, और डॉली हलधर भी थीं, जिन्होंने क्लब की सामाजिक सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
इन प्रयासों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि इनर व्हील क्लब गिरिडीह समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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JBVNL को एक महीने में मिली 17 हजार से ज्यादा शिकायतें, स्मार्ट मीटर पर उठाए ये अहम कदम
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने सहायता शिविर का आयोजन किया
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने उपभोक्ताओं की बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए सहायता शिविर आयोजित किया है। यह शिविर 17 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलना था, लेकिन 23 जनवरी तक 17,259 मामलों में से 16,446 का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 813 मामले अभी लंबित हैं। विभाग का कहना है कि शेष मामलों को जल्द हल कर लिया जाएगा।सहायता शिविर में उपभोक्ताओं को मोबाइल नंबर पंजीकरण, स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी, ज्यादा बिजली बिल, बिल न मिलने, सिक्योरिटी डिपोजिट, अकाउंट संबंधी समस्याएं, और ऑनलाइन पेमेंट की दिक्कतें जैसी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। डेढ़ महीने के इस शिविर का लक्ष्य शहरी क्षेत्र के 3.5 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने का था, लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही यह सेवा मिल पाई है।
सर्किल के अधीक्षण अभियंता डीएन साहू ने बताया कि शिविर 31 जनवरी तक जारी रहेगा। स्मार्ट मीटर से संबंधित नंबर अपडेट करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर शिविर की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
जियाडा में विकास योजनाओं पर चर्चा
पंचम वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आदित्यपुर स्थित जियाडा सभागार में एक अहम बैठक हुई। इसमें नगर निगम और औद्योगिक क्षेत्र की विकास योजनाओं और समस्याओं पर विचार किया गया।अध्यक्ष ने चाईबासा के नीमडीह में स्टील उद्योग के लिए अधिग्रहित 697 एकड़ जमीन पर उद्योग न लगने के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर स्टील उद्योग नहीं आ पा रहा है तो यह भूमि अन्य उद्योगों को आवंटित की जाए।
औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट की खराब स्थिति पर उद्योगपतियों ने चिंता जताई और इन समस्याओं को जल्द सुलझाने की मांग की। साथ ही, आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स के मुद्दे को लेकर जियाडा और नगर निगम के अधिकारियों को मिलकर समाधान निकालने की सलाह दी गई।
यह बैठक जियाडा और नगर निगम के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से हुई, ताकि औद्योगिक विकास में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान हो सके।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान: राज्य में जल्द भरी जाएंगी 48,000 रिक्तियां
झारखंड में युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकारी नौकरियों और नई योजनाओं की घोषणा
झारखंड के युवाओं के लिए गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ी घोषणा की। दुमका पुलिस लाइन में तिरंगा फहराने के बाद उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 48,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। सीएम ने कहा कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक 46,000 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं और 5,000 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। शेष पदों पर भर्ती जल्द ही पूरी की जाएगी।
सारथी योजना से युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत अब तक 5 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। मनरेगा के तहत पलायन रोकने के लिए 2,430 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 7,625 युवाओं को 438 करोड़ रुपये का लोन भी दिया गया है।
पंचायत स्तर के स्कूल बनेंगे मॉडल स्कूल
राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4,041 पंचायत स्तरीय स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 650 छात्रों को 40 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार युवाओं और छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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90 करोड़ का प्राइवेट जेट खरीदकर सुर्खियों के केंद्र मे है सुरेश जालान
परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..
झारखंड के गिरिडीह जिले के नामचीन उद्योगपति सुरेश जालान इन दिनों हर तरफ चर्चा में हैं। चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या सोशल मीडिया, हर जगह सुरेश जालान और उनके 90 करोड़ के प्राइवेट जेट की बात हो रही है। यह 10 सीटों वाला लग्जरी विमान जब से बोड़ो हवाई अड्डा के हैंगर में पहुंचा है, तभी से सुरेश जालान लाइमलाइट में हैं।

कौन हैं सुरेश जालान?
गिरिडीह के निवासी सुरेश जालान न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जाने-माने उद्योगपति हैं। देश के सबसे अमीर कारोबारियों की सूची में उनकी रैंकिंग 299वें स्थान पर है। उनका कारोबार भारत के पांच राज्यों में फैला हुआ है। उनकी कंपनी विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण करती है और झारखंड के सबसे बड़े कार्बन रिसोर्स अलकतरा कारखाने के मालिक के रूप में वे उद्योग जगत में अपनी खास पहचान रखते हैं।

सिंगापुर से आया लग्जरी जेट।
सुरेश जालान का यह प्राइवेट जेट स्विट्जरलैंड से गिरिडीह एयरपोर्ट, जिसे बोड़ो हवाई अड्डा कहा जाता है, लाया गया। इसके बाद इसे सिंगापुर भेजे जाने की भी खबर है। यह प्राइवेट जेट न केवल उनकी आर्थिक सफलता का प्रतीक है, बल्कि उनके उभरते हुए व्यापार साम्राज्य को भी दर्शाता है।
कंपनी का विशाल कारोबार।
सुरेश जालान की कंपनी भारत में इलेक्ट्रोड पेस्ट की सबसे बड़ी और एकमात्र उत्पादक मानी जाती है, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 1.20 लाख मीट्रिक टन है। इसके अलावा उनकी कंपनी कैल्सिनेड पेट्रोलियम कोक, इलेक्ट्रिकली कैल्सिनेड एन्थ्रेसाइट, रैमिंग पेस्ट, काब्युर्सराइजर और इंजेक्शन कार्बन जैसे उत्पादों का भी निर्माण करती है।
90 करोड़ का यह प्राइवेट जेट सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि उनकी उपलब्धियों और समृद्धि की उड़ान को दर्शाता है। झारखंड के इस उद्योगपति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, जुनून और सही रणनीति के साथ कोई भी ऊंची उड़ान भर सकता है।
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गिरिडीह में ब्लास्ट,एक की मौत
गिरिडीह : शीतलपुर में देर रात उमेश दास के घर में जबरदस्त ब्लास्ट होने से एक महिला की मौत हो गई। जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल है । घटना में उमेश दास की सास की मौत हो गई। जबकि उमेश दास, उसकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल है। जिसे बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया है। ब्लास्ट कि वजह का पता नहीं चल पाया है। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि घर की दीवार से अलग होकर छत ऊपर की ओर उठ गई। -
झारखंड : नक्सलवाद का सफाया सुनिश्चित-डीजीपी अनुराग गुप्ता
झारखंड पुलिस ने नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए 248 नक्सलियों को गिरफ्तार किया। साथ ही, दबिश के चलते 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। मुठभेड़ों में 9 नक्सलियों को मार गिराया गया। डीजीपी अनुराग गुप्ता ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कहा, “इस वर्ष नक्सलवाद का सफाया सुनिश्चित है।”
श्री गुप्ता ने कहा कि झारखंड में वर्ष 2024 नक्सलवाद और अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के लिए याद किया जाएगा। पुलिस ने इस साल बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए न केवल नक्सलियों को कड़ा संदेश दिया, बल्कि संगठित अपराध, मादक पदार्थ तस्करी, और साइबर अपराध के मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
डीजीपी ने संविधान के प्रति समर्पण की बात करते हुए कहा, “हमें झारखंड को नक्सल और अपराध मुक्त बनाते हुए इसे समृद्ध और शांतिपूर्ण राज्य में बदलने की दिशा में काम करना है।”

संगठित अपराध और आतंकवाद पर शिकंजा.
राज्य पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ भी मजबूत कार्रवाई की, जिसमें 154 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आतंकवाद के खिलाफ विशेष अभियान में एटीएस ने अलकायदा के 4 आतंकवादियों को पकड़ा। ये गिरफ्तारियां झारखंड पुलिस की सतर्कता और प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
मादक पदार्थ तस्करों और साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई.
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 1362 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया। साथ ही, 1.82 करोड़ रुपये की अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए।
साइबर अपराध के मामलों में, 1869 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 67.20 करोड़ रुपये की राशि फ्रिज की और 3 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पीड़ितों को वापस लौटाई।जन शिकायत समाधान: पुलिस-जनता की साझेदारी
राज्य में जनता की समस्याओं को त्वरित हल करने के लिए विशेष जन शिकायत समाधान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए की गई है।