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  • हेमंत सोरेन ने दिया झारखंड की महिलाओं को नए साल का तोहफा

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………………

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। ‘मंईयां सम्मान योजना‘ के तहत 56.61 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में ₹1415.44 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई। यह समारोह रांची के नामकुम स्थित खोजाटोली के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी।

    जैसे ही राशि ट्रांसफर की गई, वहां उपस्थित महिलाओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की महिलाओं के सपनों को पंख देने वाला कदम बताया। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, “हमारे राज्य की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। हमने वादा किया था कि राज्य की आधी आबादी को उनका हक दिलाएंगे, और आज हमने उस वादे को निभाया है।” मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आप अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह राशि न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आपके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मददगार साबित होगी। अब आप बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतों और अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकती हैं।”

    महिला सशक्तिकरण की नई दिशा।

    ‘मंईयां सम्मान योजना’ की शुरुआत अगस्त 2024 में हुई थी। पहले इस योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹1000 मासिक मानदेय दिया जा रहा था, जिसे दिसंबर 2024 से ₹2500 कर दिया गया। यह योजना झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए महिलाओं के बीच गहरी पैठ बनाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    महिला और पुरुष: एक हल के दो बैल।

    मुख्यमंत्री ने अपनी बात को सरल लेकिन गहरे संदेश के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “महिला और पुरुष एक हल के दो बैल हैं। जब तक दोनों साथ नहीं चलेंगे, राज्य और देश का विकास संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं अपनी क्षमता और बुद्धिमत्ता से राज्य को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    चुनावी राजनीति पर तीखा कटाक्ष।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा, “जब हमने महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा की, तो विपक्ष ने मजाक उड़ाया। जब ₹2500 की बात की, तो वे इसे अव्यावहारिक बताने लगे। लेकिन हमने साबित कर दिया कि झारखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता वास्तविक है।”

    महिलाओं को मिली नई ऊर्जा।

    कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। समारोह के दौरान महिलाओं ने तख्तियां लहराकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेमंत सोरेन ने भी महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं।

    अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाएंगी महिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के जरिए हम झारखंड की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाने जा रहे हैं। महिलाओं को अब अपने फैसले खुद लेने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर मिलेगा।” उन्होंने यह भी चेताया कि इस धनराशि का गलत इस्तेमाल न हो।

    झारखंड की तस्वीर बदलेगी।

    मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की गरीबी और पिछड़ेपन के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान झारखंड की आधी आबादी को न केवल सशक्त बनाएगा, बल्कि राज्य को नई दिशा में ले जाने का माध्यम भी बनेगा। झारखंड की महिलाएं अब नई उम्मीदों और सपनों के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं। यह योजना उनके जीवन को बदलने का एक मजबूत आधार बन सकती है।

     

  • गुरू गोबिंद सिंह जी के 358वें प्रकाश पर्व पर उमड़ी आस्था की बयार

    GIRIDIH :  358वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख धर्म के दसवें गुरू, खालसा पंथ के संस्थापक, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारों में सुबह से ही शबद-कीर्तन की गूंज सुनाई दी और लंगर की सेवा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

    गिरिडीह के गुरुद्वारा में इस मौके पर विशेष दीवान सजाया गया। आकर्षक फूलों और रोशनी से सजे गुरुद्वारे में देहरादून के प्रसिद्ध रागी जत्था भाई हरप्रीत सिंह और उनकी टीम ने अपनी भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कीर्तन के माध्यम से संदेश दिया कि जीवन में सुख-शांति पाने के लिए हमें जाति-पाति का भेद मिटाकर एकता की ओर अग्रसर होना चाहिए।

    गुरुद्वारा के प्रधान मुख्य सेवक डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया और सचिव सम्मी सलूजा ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को लेकर 4 जनवरी को अखंड पाठ आरंभ किया गया था, जिसका समापन प्रकाश पर्व पर हुआ। 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक प्रभात फेरियां निकाली गईं।

    डॉ. मोंगिया ने गुरु गोबिंद सिंह जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे केवल सिख धर्म के गुरु ही नहीं थे, बल्कि एक महान दार्शनिक, प्रख्यात कवि, निडर योद्धा और संगीत प्रेमी भी थे। उन्होंने मात्र 9 वर्ष की आयु में सिखों के नेतृत्व का भार संभाला और समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर खालसा पंथ की स्थापना की।

    इस आयोजन की विशेषता रही कि लंगर की पूरी व्यवस्था झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू द्वारा की गई थी। उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा ने अपनी पुत्री के साथ माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। लंगर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।

    मौके पर डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह सलूजा, राजेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने सभी को एकता, प्रेम और सेवा की भावना से जोड़ते हुए गुरु गोबिंद सिंह जी के उपदेशों की याद दिलाई।

  • “मंईयां सम्मान योजना के तहत आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महिलाओं के खाते में ₹5000 स्थानांतरित करेंगे

    Ranchi
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज, 6 जनवरी को मंईयां सम्मान योजना के तहत 56 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करेंगे। यह आयोजन रांची के नामकुम में होगा, जिसमें राज्य के 24 जिलों से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

    गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पहले 28 दिसंबर को आयोजित होने वाला था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम सोमवार, 6 जनवरी को आयोजित होगा। मुख्यमंत्री महिलाओं के खातों में 2500 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वहीं, जिन महिलाओं को दिसंबर में भुगतान नहीं मिला था, उनके खातों में एक साथ 5000 रुपए भेजे जाएंगे।

  • झारखंड : मंइयां सम्मान योजना का भव्य आगाज कल,तीन लाख महिलाएं होंगी सहभागी

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………

    सोमवार को राजधानी रांची के नामकुम में झारखंड सरकार मंइयां सम्मान योजना के तहत ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, जिसमें लाभुक महिलाओं के लिए मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

    महिलाओं के खाते में हर महीने ₹2500।

    पहले इस योजना के तहत ₹1000 मासिक दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। प्रायोगिक तौर पर दिसंबर माह में कुछ लाभार्थी महिलाओं के खाते में यह राशि ट्रांसफर की गई थी। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

    भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र।

    कार्यक्रम में झारखंड की लोक संस्कृति का भी जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध नागपुरी गायक पवन राय, कुडुख गायक सुरेंद्र कुजूर और सादरी गायक इग्नेश कुमार अपनी सुरमयी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं पारंपरिक पाइका और छऊ नृत्य जैसे लोकनृत्यों के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

    तीन लाख महिलाओं की भागीदारी, पुख्ता सुरक्षा इंतजाम।

    इस राज्यस्तरीय समारोह में करीब तीन लाख महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रैप की चार कंपनियां और प्रमुख चौक-चौराहों पर क्यूआरटी टीम को आंसू गैस दस्ते के साथ तैयार रखा गया है।

    सुविधाओं और यातायात का रखा गया विशेष ध्यान।

    लाभार्थियों के लिए भोजन, पानी, और बैठने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वाहनों को व्यवस्थित पार्किंग स्थल पर खड़ा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात सुचारू रखने के लिए शहर के कुछ मार्गों को वन-वे किया गया है और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

    प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में।

    रविवार को रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर ड्यूटी संभालने के निर्देश दिए। मौके पर डीडीसी दिनेश यादव, रांची एसडीओ उत्कर्ष कुमार, और ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल भी मौजूद थे।

    झारखंड की संस्कृति का संदेश।

    यह समारोह झारखंड की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नए आयाम तक पहुंचाने का प्रयास है। मंइयां सम्मान योजना के जरिए सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का जो अवसर दिया है, वह झारखंड के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने एकजुटता का लिया संकल्प,समाज सुधार की ओर कदम

    GIRIDIH : रविवार को अंबेडकर भवन में हाड़ी जाति विकास मंच का एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला कमेटी का गठन और ज़िला कमेटी द्वारा प्रमाण पत्र वितरण रहा।

    बैठक में समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया। हाड़ी समाज में विभेद पैदा करने के किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा की गई और एकजुट होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

    प्रदेश अध्यक्ष अनूप लाल हरी ने समाज सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की, वहीं प्रदेश संगठन सचिव आकाश हरि ने संगठन के सदस्यों को संगठित रहकर काम करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर पवन हरि, शाम हरि, सचिन हरि, संतोष हरि, राजा हरि, बबलू हरि, विनोद हरि, सागर हरि, राजेश हरि, अजय हरि, अनिल हरि, चंदन हरि और सनी हरि जैसे प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाड़ी समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने और समाज को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • CM ने लॉन्च किया ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और ऐप, जनता से मांगे सुझाव

    रांची: वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को जनभागीदारी के साथ तैयार करने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री सुदिव्य सोनू, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “जनता की राय और भागीदारी से ही हम झारखंड को सतत विकास के पथ पर आगे ले जा सकते हैं।” उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे पोर्टल और ऐप के माध्यम से अपने बहुमूल्य सुझाव देकर राज्य के आगामी बजट को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।

    सोशल मीडिया के जरिए अपील.
    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर जनता को संदेश देते हुए कहा कि झारखंड के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए ‘अबुआ बजट’ की प्रक्रिया में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस पहल में शामिल होकर राज्य के लिए अपने विचार साझा करें।

    जन सहभागिता की ओर कदम.
    यह पहल झारखंड सरकार के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें राज्य की नीतियों और योजनाओं में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। अबुआ बजट पोर्टल और ऐप जनता को अपनी राय सीधे सरकार तक पहुंचाने का मंच प्रदान करते हैं।

    कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। अब देखना यह होगा कि जनता की भागीदारी से बजट निर्माण में कौन-कौन से नवाचार देखने को मिलते हैं।

  • गिरिडीह : सुरक्षा का कड़ा पहरा, एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एसपी ताज हसन की पुरानी याद  ताज़ा कर दी

    गिरिडीह: अपराध नियंत्रण और शहर की सुरक्षा को लेकर गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कमर कस ली है। शनिवार की आधी रात, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, कड़ाके की ठंड मे एसपी अचानक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर निकले । इस औचक निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। एसपी डॉ. बिमल कुमार के इस औचक निरीक्षण ने तीस साल पहले के एसपी ताज हसन की पुरानी याद ताज़ा कर दी । वे भी बारबरा इसी तरह अचानक सड़क पर निकाल जाते थे ।

    चेक पोस्ट पर सख्ती के आदेश।
    एसपी सबसे पहले उन चेक पोस्ट्स पर पहुंचे, जहां रात में वाहनों की जांच की जा रही थी। तैनात जवानों को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि रात के समय वाहनों की जांच में कोई ढिलाई न हो। खासतौर पर दोपहिया वाहनों पर पैनी नजर रखने की बात कही गई।

    रात 10 बजे के बाद दुकानें होंगी बंद।
    रात 12 बजे तक खुली रहने वाली दुकानें और गुमटियां भी एसपी की नजर से नहीं बच सकीं। उन्होंने संचालकों से सख्त लहजे में कहा कि रात 10 बजे के बाद दुकानें बंद हो जानी चाहिए। मौके पर मौजूद नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद और इंस्पेक्टर मंटू कुमार को आदेश दिया गया कि समय सीमा का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करें।

    बेवजह घूमने वालों की हुई पूछताछ।
    रात के समय सड़कों पर बाइक चलाते या पैदल घूमते लोगों से एसपी ने खुद पूछताछ की। उनसे आईडी कार्ड मांगे गए और ठोस कारण न बता पाने वालों को थाने ले जाया गया। ऐसे लोगों से कड़ी पूछताछ की गई। एसपी ने पुलिस टीम को निर्देश दिया कि रात 10-11 बजे के बाद जो भी व्यक्ति सड़कों पर बिना वजह घूमता दिखे, उसे रोककर कारण पूछा जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाए।

    अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर।
    एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि शहर में बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों, खासकर दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों का इस्तेमाल असामाजिक तत्व गिरिडीह में प्रवेश करने के लिए करते हैं। इनपर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी का यह औचक निरीक्षण और सख्त कदम गिरिडीह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास है। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां आम जनता राहत महसूस कर रही है, वहीं अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए यह सख्त संदेश भी है।

  • गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व कल , प्रभात फेरी जारी

    गिरिडीह : सिखों के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व को लेकर गिरिडीह में भक्तिमय उत्सव का दौर जारी है। रविवार को प्रभात फेरी के पांचवें दिन गिरिडीह के पंजाबी मोहल्ला गुरुद्वारा से प्रभात फेरी का आयोजन हुआ। यह फेरी शहर के विभिन्न मार्गों – मकतपुर, कालीबाड़ी चौक, मुस्लिम बाजार, बड़ा चौक होते हुए मुख्य गुरुद्वारा स्टेशन रोड तक पहुंची।

    इस दौरान सिख समुदाय के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। भक्तगण भजन-कीर्तन करते हुए पूरे माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर रहे थे। गिरती हुई ठंड और ठिठुरन भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी।

    मुख्य गुरुद्वारा पहुंचने पर प्रभात फेरी का स्वागत पुष्प वर्षा और निशान साहब पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद स्थानीय रागी जत्थों द्वारा शब्द-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

    गुरुद्वारा प्रबंधन का विशेष योगदान।
    इस आयोजन पर श्री गुरु सिंह सभा गिरिडीह के प्रधान डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया ने बताया कि प्रकाश पर्व को लेकर गुरुद्वारे में अखंड पाठ लगातार जारी है। पांच दिनों तक प्रभात फेरी के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सोमवार को मुख्य गुरुद्वारे में सुबह से ही शब्द-कीर्तन और लंगर का आयोजन होगा। उन्होंने गिरिडीह वासियों से गुरुद्वारे में आकर गुरुवाणी का श्रवण करने की अपील की।

    इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया, सचिव सरदार नरेंद्र सिंह सम्मी, डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, सरदार चरणजीत सिंह सलूजा, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार कुंवरजीत सिंह, सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार गुरु भेज सिंह कालरा, सतविंदर सिंह सलूजा, सरदार परमजीत सिंह और सरदार अजिंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।

     

  • गिरिडीह : सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम,ग्रामीणों से सीधा संवाद

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट………

    गिरिडीह जिले में सरकार और प्रशासन मिलकर वंचित समुदायों के उत्थान की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज पीरटाड़ प्रखंड के नौकोनिया गांव में एक अनोखा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं के लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

    पारंपरिक स्वागत और कल्याण योजनाओं की जानकारी।
    कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ, जहां उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागतकिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और अपील की कि सभी इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

    मनरेगा कार्ड और ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण।
    कार्यक्रम में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने जरूरतमंदों के बीच मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए। साथ ही, बढ़ती ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े और कंबल बांटे गए, ताकि ग्रामीण शीतलहर से बच सकें। उपायुक्त ने ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील भी की।

    बच्चों के लिए खेल सामग्री और शैक्षणिक सामग्रियां वितरित।
    उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई और खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल सामग्री जैसे बैट, बॉल, फुटबॉल और शैक्षणिक सामान—कॉपी, पेन, पेंसिल—साथ ही स्वेटर, जूते और मोजे वितरित किए गए। इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद में भी भाग लेना चाहिए।

    गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान।
    कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं का गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए सात्विक और पौष्टिक भोजन के महत्व पर जोर दिया। महिलाओं को उचित आहार और स्वच्छता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

    सामुदायिक पुलिसिंग: भरोसे और जुड़ाव की पहल।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने सामुदायिक पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का जरिया है। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा और भलाई प्रशासन की प्राथमिकता है।

    अधिकारियों की उपस्थिति।
    कार्यक्रम में पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीआरपीएफ के पदाधिकारी, और कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सभी ने सामुदायिक जुड़ाव को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
    गिरिडीह के सुदूर इलाकों में आयोजित यह सामुदायिक कार्यक्रम सिर्फ योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सरकार और प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों तक पहुंचने की एक सकारात्मक पहल थी। नौकोनिया गांव के इस आयोजन ने दिखाया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव की राह आसान हो जाती है।

     

  • गोगो दीदी योजना: JMM का BJP पर तीखा हमला

    रांची से रिपोर्ट ………………

    झारखंड में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने गोगो दीदी योजना में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार निशाना साधा है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुये उन्होंने भाजपा पर जनता से पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाया।

    वसूले गए पैसों की रिकवरी कराएगी सरकार।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “चुनाव से पहले भाजपा ने गोगो दीदी योजना के नाम पर जनता को ठगा। 500-500 रुपये लेकर फॉर्म भरवाए गए, लेकिन यह योजना केवल छलावा थी। अब हमारी सरकार उन पैसों की रिकवरी कराएगी। साथ ही, हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि गोगो दीदी योजना को पूरे देश में लागू किया जाए और महिलाओं को हर महीने ₹2100 दिए जाएं।”

    महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने का वादा।
    JMM  नेता ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। “हमने दिसंबर से मंईयां सम्मान राशि को ₹2500 करने का वादा किया था, जो पूरा किया गया। झारखंड देश का पहला राज्य है, जिसने 56 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता दी है। जिन महिलाओं के खातों में दिसंबर का पैसा नहीं पहुंचा, उनके खातों में एक साथ ₹5000 डाले जाएंगे।”

    बाबूलाल मरांडी पर निशाना।
    सुप्रियो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर कटाक्ष करते हुए कहा, भाजपा विधानसभा गठन के बाद भी विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर पाई है । अपने कार्यकाल में भाजपा ने कभी एमएसपी पर धान की खरीद नहीं की। किसानों को केवल झूठे सपने दिखाए गए, और सैकड़ों किसानों ने अपनी जान गंवाई।

    भाजपा के कुचक्र से बचने की अपील।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने युवाओं से भाजपा के कुचक्र में न फंसने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार इस वर्ष सभी सरकारी नियुक्तियां पूरी करेगी। युवाओं को हर छोटी-बड़ी बात पर न्यायालय जाने की जरूरत नहीं है। अगर ठोस सबूत हो, तो राज्य सरकार को अवगत कराएं। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”

    भाजपा पर ‘भ्रमजाल’ फैलाने का आरोप।
    सुप्रियो ने कहा कि भाजपा झारखंड में केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कुचक्र और झूठे वादों से राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास कर रही है।

    झारखंड की जनता जागरूक हो रही है।
    सुप्रियो ने कहा कि झारखंड की जनता अब भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि JMM सरकार महिलाओं, किसानों और युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विकास के लिए काम करती रहेगी।
    झारखंड की राजनीति में गोगो दीदी योजना को लेकर JMM और BJP  के बीच तीखी तकरार जारी है।