Category: Jharkhand

  • गिरिडीह में चौकीदार पद पर सीधी भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण का कार्यक्रम घोषित

    गिरिडीह जिले में चौकीदार संवर्ग के पदों पर सीधी भर्ती हेतु आयोजित लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक माप, जाँच, और दौड़ का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी:

    05 दिसंबर 2024 (गुरुवार):
    स्थान – गिरिडीह स्टेडियम, गिरिडीह
    रोल नंबर – 0100001 से 0900715 तक

    06 दिसंबर 2024 (शुक्रवार):
    स्थान – मुफस्सिल थाना के निकट
    रोल नंबर – 1000003 से 1301004 तक

    07 दिसंबर 2024 (शनिवार):
    रिजर्व दिन (यदि आवश्यक हो)।

    महत्वपूर्ण निर्देश:
    अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, और सरकारी फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस) अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा।

    सभी सफल अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच अपने संबंधित स्थान पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।

  • रांची DC मंजूनाथ भजंत्री ने ली सुप्रीम कोर्ट की शरण, दाखिल की स्पेशल लीव पिटीशन; जानिए क्या है मामला

    झारखंड की राजधानी रांची के वर्तमान उपायुक्त और आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। अपनी याचिका में, रांची डीसी ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें चुनावी कार्यों से दूर रखने का निर्देश दिया गया था। मंजूनाथ भजंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।

    गौरतलब है कि उनकी याचिका अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।

    हाईकोर्ट के आदेश का विवरण

    झारखंड हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और उन्हें चुनावी कार्यों से अलग रखने का आदेश जारी किया था। इसके बाद, उन्हें चुनावी कार्यों से दूर कर दिया गया और विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने पर उन्हें रांची डीसी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह वरुण रंजन को रांची डीसी नियुक्त किया गया।

    हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण के बाद राज्य सरकार ने मंजूनाथ भजंत्री को पुनः रांची का उपायुक्त नियुक्त कर दिया। उन्होंने शुक्रवार को ही पदभार संभाला है।

  • झारखंड में मिली हार के कारणो की तलाश मे जुटी बीजेपी

    झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली भारी हार के बाद अब पार्टी हार के कारणों की तलाश में जुट गई है। इसके लिए 30 नवंबर और 1 दिसंबर को राज्य स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे। साथ ही, हारने वाले प्रत्याशी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, प्रमंडलीय प्रभारी और कोर कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने इसे बेहद महत्वपूर्ण बैठक बताते हुए कहा कि इसमें हार के कारणों को गहराई से समझने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि चुनाव परिणाम से कार्यकर्ताओं में नाराजगी स्वाभाविक है, और इसे वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा जाएगा।

    संगठन में बदलाव की संभावना

    शनिवार और रविवार को प्रदेश स्तर पर बैठकें होंगी, जिनमें चुनाव प्रबंधन समिति, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्षों की बैठकें शामिल हैं। इसके बाद 3 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा होगी। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, जिलाध्यक्ष और प्रभारियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    इस चुनाव में बीजेपी के कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा, जिनमें नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, मुख्य सचेतक बिरंची नारायण, विधायक अनंत ओझा, भानु प्रताप शाही, अमित मंडल, गीता कोड़ा और सीता सोरेन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी की हार का एक बड़ा कारण स्थानीय मुद्दों की अनदेखी और बाहरी नेताओं को टिकट देना रहा। समीक्षा बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि पार्टी आगे क्या कदम उठाने वाली है।

  • JAC: आज से मैट्रिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी, आवेदन करने की अंतिम तिथि यह है।

    झारखंड में मैट्रिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया आज, 30 नवंबर से शुरू हो गई है। छात्र 14 दिसंबर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में जैक ने अधिसूचना जारी कर दी है। जो छात्र देर से आवेदन करना चाहते हैं, वे 15 से 21 दिसंबर के बीच विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भर सकते हैं। बिना विलंब शुल्क वाले आवेदनों का सत्यापन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 17 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि विलंब शुल्क के साथ आए आवेदनों का सत्यापन 23 दिसंबर तक होगा।

    साल 2024 की इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए भी आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। छात्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। झारखंड में बोर्ड परीक्षाएं हर साल फरवरी में आयोजित होती हैं, और इस बार भी परीक्षाएं उसी महीने में होने की संभावना है।

  • झारखंड में अगले 3 महीनों में 28,368 पदों पर भर्तियां होंगी, परिणाम का इंतजार जारी है।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में ही निर्देश दिया है कि नियुक्ति परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जाए। इसके बाद, जेपीएससी और जेएसएससी लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएंगी। इन नियुक्तियों के पूरी होने से राज्य के करीब 50,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से सहायक आचार्य के 26,001 पद, जेएसएससी सीजीएल के 2025 पद, सिविल सेवा के 342 पद, और झारखंड पुलिस में 4919 आरक्षी पदों पर बहाली महत्वपूर्ण है। सहायक आचार्य, सीजीएल और सिविल सेवा परीक्षाओं का परिणाम अगले तीन महीनों में जारी हो सकता है, क्योंकि इन परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है और अभ्यर्थी परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • भगवान बिरसा मुंडा के वंशज को अंतिम विदाई: पीएम सीएम ने दी श्रद्धांजलि

    रांची से रिपोर्ट …..

    भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा के निधन की खबर ने झारखंड के आदिवासी समाज को गहरे शोक में डाल दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद रिम्स अस्पताल पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगल मुंडा को श्रद्धांजलि दी।

    उलिहातू में शोक की लहर। 
    मंगल मुंडा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव उलिहातू पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बिरसा मुंडा के गांव में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। मंगल मुंडा के पिता सुखराम मुंडा, मां लखिमनी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। शुक्रवार को आदिवासी परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    दुर्घटना के बाद इलाज के लिए भेजा गया था रिम्स । 
    मंगल मुंडा 25 नवंबर को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें खूंटी से रांची के रिम्स अस्पताल लाया गया, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डॉक्टरों को उनके इलाज में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए। उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई थी।

    मुख्यमंत्री का रिम्स दौरा  ।
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन खुद रिम्स पहुंचे और मंगल मुंडा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के वंशज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले।

    मंगल मुंडा का निधन । 
    सिर में गंभीर चोटों के कारण तमाम प्रयासों के बावजूद मंगल मुंडा को बचाया नहीं जा सका। 28 नवंबर की रात 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके छोटे भाई ने सोशल मीडिया पर इस दुखद समाचार को साझा किया, जिसके बाद से आदिवासी समाज में शोक की लहर है।

    भगवान बिरसा के वंशज को अंतिम विदाई । 
    45 वर्षीय मंगल मुंडा के निधन ने एक बार फिर भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और आदिवासी समाज के संघर्ष को याद करने का मौका दिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। लेकिन

  • गिरिडीह का थाना: अमित शाह के हाथों सम्मानित

    खास रिपोर्ट. परवेज़ आलम……..

    झारखंड के उस थाने की, जिसने पूरे देश में झारखंड का नाम रोशन कर दिया है।
    अमित शाह ने दिया सम्मान!
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाने को देश के तीन सर्वश्रेष्ठ थानों में शामिल होने का गौरव दिलाते हुए सम्मानित किया।
    इस सम्मान को तत्कालीन थाना प्रभारी राणा जंगबहादुर सिंह ने 29 नवंबर को भुवनेश्वर मे ग्रहण किया। यह पुरस्कार हर साल गृह मंत्रालय द्वारा देश के सबसे बेहतरीन थानों को दिया जाता है।
    निमियाघाट को क्यों मिला यह अवार्ड?
    आप सोच रहे होंगे कि निमियाघाट थाना आखिर क्यों चुना गया?
    👉 आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार।
    👉 थाने की साफ-सफाई और सुविधाएं।
    👉 दिव्यांगों के लिए रैंप और पुलिसकर्मियों की फिटनेस के इंतजाम।
    👉 सीसीटीवी और फायर सेफ्टी जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं।
    इन सभी मानकों पर खरा उतरते हुए निमियाघाट थाना इस बार देश के शीर्ष तीन थानों में अपनी जगह बना सका।
    झारखंड का नाम राष्ट्रीय मंच पर!
    इस सम्मान ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों और गांवों की पुलिसिंग भी राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन सकती है। निमियाघाट थाना अब पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन चुका है।
    राणा जंगबहादुर सिंह: इस सफलता के असली हीरो!
    थाने की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे तत्कालीन थाना प्रभारी राणा जंगबहादुर सिंह का नाम है। उनके नेतृत्व में यह थाना हर मानक पर खरा उतरा और अब अमित शाह के हाथों ट्रॉफी लेने के बाद यह उपलब्धि झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है।
    क्या यह झारखंड पुलिस के लिए नई शुरुआत है?
    यह सवाल अब झारखंड की पुलिसिंग व्यवस्था के लिए प्रेरणा है। क्या निमियाघाट की इस सफलता को राज्य के बाकी थाने भी अपना सकेंगे?
    झारखंड पुलिस ने क्या नया मानक स्थापित किया है?
    ऐसे समय में, जब पुलिसिंग को अक्सर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, निमियाघाट थाना यह दिखाता है कि सही दिशा, नेतृत्व और जनता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ पुलिस सिस्टम कितनी बेहतरीन बन सकती है।

  • फेंगल तूफान: झारखंड में क्या होगा असर? जानिए पूरा अपडेट!”

    रांची से रिपोर्ट……

    बंगाल की खाड़ी में बने नए चक्रवातीय तूफान ‘फेंगल’ की, जो झारखंड के मौसम पर कुछ खास असर डालने वाला है। चलिए, विस्तार से समझते हैं।
    फेंगल तूफान का क्या है हाल?
    25 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव ने अब चक्रवातीय तूफान का रूप ले लिया है। इसे नाम दिया गया है ‘फेंगल।’ मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह तूफान अगले 24 घंटों में तमिलनाडु के तट को पार करेगा। इसके बाहरी बादल और दक्षिण-पश्चिमी हवा का रुख झारखंड की ओर होगा। तो अब सवाल उठता है – रांची और झारखंड के अन्य हिस्सों में इसका क्या असर होगा?
    रांची और झारखंड का मौसम कैसा रहेगा?
    👉 हल्की धुंध और बादल:
    रांची और आसपास के इलाकों में सुबह के वक्त हल्की धुंध और बादल छाए रहेंगे। हालांकि मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा।
    👉 ठंड बढ़ेगी:
    दिन में तापमान में गिरावट आएगी, यानी ठंड का एहसास बढ़ने वाला है। लेकिन रात में बादल छाए रहने की वजह से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
    👉 दो दिसंबर तक असर:
    मौसम विभाग का कहना है कि दो दिसंबर तक हल्के बादल और ठंड का यह मिजाज रहेगा। उसके बाद फेंगल का असर खत्म हो जाएगा और फिर असली ठंड की एंट्री होगी।
    दो दिसंबर के बाद क्या होगा?
    दो दिसंबर के बाद झारखंड में ठंड तेजी से बढ़ेगी। तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। तो अपने स्वेटर और जैकेट्स तैयार कर लीजिए, क्योंकि भीषण ठंड आपके दरवाजे पर दस्तक देने वाली है।
    क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक?
    झारखंड के मौसम और फेंगल तूफान के बारे में जानकारी देते हुए मौसमव वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची समेत झारखंड के ऊपर हल्के स्तर के बादल छाए रहेंगे। दिन के तापमान में गिरावट होगी और ठंड बढ़ेगी। ‘फेंगल‘ का असर दो दिसंबर तक रह सकता है। इस दौरान तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिसंबर के बाद और तेजी से ठंड बढ़ेगी। तो  तैयारी कर लीजिएठंड का स्वागत करने की।

  • झारखंड की ‘सोरेन गाथा’

    रिपोर्ट: परवेज़ आलम……..

    हेमंत सोरेन का नाम झारखंड की राजनीति में महज एक नेता का नहीं, बल्कि संघर्ष, दृढ़ता और विजयी संकल्प का प्रतीक बन चुका है। गुरुवार को जब उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो यह केवल एक पद ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि एक ऐसा क्षण था जो बताता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।

    तीन मोर्चों पर अकेले लड़ाई, सबको चौंकाया .

    हेमंत सोरेन के लिए यह चुनावी सफर आसान नहीं था। तीन मोर्चे थे—कानूनी संकट, पार्टी का आंतरिक संघर्ष, और विपक्षी हमले। 2023 में भूमि घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों और गिरफ्तारी ने उनकी राजनीतिक यात्रा को सबसे चुनौतीपूर्ण बना दिया। लेकिन पांच महीने जेल में बिताने के बाद जब उन्होंने जमानत पर रिहाई पाई, तो उनका यह कहना कि “यह साजिश थी, आदिवासियों की आवाज को दबाने की कोशिश,” पूरे झारखंड में गूंज उठा।

    पार्टी के भीतर बगावत से निपटना भी किसी युद्ध से कम नहीं था। झामुमो को संगठित रखते हुए उन्होंने कांग्रेस और राजद जैसे गठबंधन सहयोगियों को भी विश्वास में बनाए रखा। और विपक्ष ? भाजपा के तीखे हमलों और राजनीतिक चालों के बावजूद, सोरेन का लचीला नेतृत्व और अदम्य साहस झारखंड की जनता के लिए भरोसे का आधार बना रहा।

    संघर्षों से सफलता तक की कहानी .

    हेमंत सोरेन का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है। 10 अगस्त 1975 को झारखंड के नेमरा गांव में जन्मे सोरेन अपने पिता और झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी माने गए। लेकिन उनके सफर में कठिनाइयां कम नहीं थीं। 2009 में राज्यसभा सदस्य के तौर पर शुरुआत करने वाले सोरेन को जल्दी ही राज्य की राजनीति में गहराई तक उतरना पड़ा।       2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने वाले हेमंत, झारखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। लेकिन यह कार्यकाल अधिक लंबा नहीं चला। 2014 में भाजपा सत्ता में आ गई और सोरेन विपक्ष में बैठ गए।

    जनता के लिए नायक, विरोधियों के लिए चुनौती .

    हेमंत सोरेन ने हर बार झारखंड की जनता के मुद्दों को अपने एजेंडे में रखा। उनकी योजनाओं ने सामाजिक सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों पर खासा ध्यान दिया। ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को आर्थिक सहारा, किसानों के ऋण माफी का ऐलान, और ‘आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार’ जैसी योजनाओं ने उन्हें जनता के बीच खासा लोकप्रिय बना दिया।

    उनकी यह योजनाएं केवल विकास के वादे नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्र में जनता को लाने की कोशिश थी। और यही कारण है कि विपक्ष की तमाम कोशिशों के बावजूद वे झारखंड के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद नेताओं में अपनी जगह बनाए हुए हैं।

    हेमंत की जीत: झारखंड की उम्मीदें

    चुनावों के नतीजों ने साबित कर दिया कि हेमंत सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंड की उम्मीदों का चेहरा बन चुके हैं। उनकी चौथी पारी झारखंड को नई दिशा देने के लिए कितनी सफल होगी, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन इस वक्त, उनकी कहानी न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

    झारखंड की जंग में अकेले उतरकर उन्होंने न केवल जीत हासिल की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब जनता का भरोसा साथ हो, तो कोई भी लड़ाई मुश्किल नहीं होती।

     

  • झारखंड में सोरेन युग की नई शुरुआत : स्टीफन मरांडी होगें प्रोटेम स्पीकर

     परवेज़ आलम की रिपोर्ट……..

    हेमंत सोरेन ने गुरुवार शाम शपथ ली और उसी वक्त से झारखंड को बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए। शपथ ग्रहण के बाद जब वे प्रोजेक्ट भवन स्थित झारखंड मंत्रालय पहुंचे, तो यह महज औपचारिकता नहीं, बल्कि नए इरादों का ऐलान था। डेढ़-दो घंटे की बैठक में फैसले ऐसे हुए, जो न केवल झारखंड के प्रशासन को नई दिशा देंगे, बल्कि सियासत के बदलते मिजाज का भी संकेत दे गए।

    स्टीफन मरांडी फिर बने प्रोटेम स्पीकर
    हेमंत सोरेन ने एलान किया कि झारखंड विधानसभा का पहला सत्र 9 से 12 दिसंबर के बीच आयोजित होगा। नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी जेएमएम के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी को दी गई है। यह नाम केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि गठबंधन की परंपरा और पुराने भरोसे का प्रतीक है।

    मंईयां सम्मान योजना: महिलाओं के लिए बड़ी राहत
    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को दिसंबर महीने से ₹2500 देने का निर्देश दिया। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगस्त से नवंबर तक ₹1000-1000 ट्रांसफर किए गए थे, अब यह राशि बढ़ाकर ₹2500 कर दी गई है।

    केंद्र से ₹1.36 लाख करोड़ वसूली: कानूनी कार्यवाही शुरू
    हेमंत सोरेन का कहना है कि झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ केंद्रीय सरकारी उपक्रमों पर बकाया है। इस रकम की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई शुरू की जाएगी। झारखंड जैसे राज्य के लिए यह पैसा केवल बकाया नहीं, बल्कि विकास की उम्मीद है।

    खनिज टैक्स की समीक्षा और आय के नए स्रोत
    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड, देश के सबसे पिछड़े राज्यों में है। राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए खनन क्षेत्र में टैक्स की समीक्षा की जाएगी। अदालत में लंबित टैक्स मामलों का समाधान भी प्राथमिकता में रहेगा।

    सिपाही भर्ती और परीक्षा कैलेंडर का एलान
    हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया। सिपाही भर्ती प्रक्रिया को सुधारने के साथ ही उन्होंने सभी सरकारी रिक्तियों के लिए 1 जनवरी 2025 तक परीक्षा कैलेंडर प्रकाशित करने का निर्देश दिया।

    असम के चाय बागान मजदूरों पर सर्वदलीय समिति
    राज्य के आदिवासी समुदाय की दशा-दिशा पर ध्यान देते हुए, असम के चाय बागानों में मजदूरी कर रहे झारखंड के मूलवासियों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए सर्वदलीय समिति गठित करने की घोषणा की गई।

    हेमंत सोरेन का यह कार्यकाल झारखंड को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक नई शुरुआत है। शपथ से लेकर पहले दिन के फैसलों तक, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बदलाव के लिए आई है।

    सोरेन के इरादे साफ हैं। फैसले तेज हैं। अब देखना यह होगा कि इस नई दिशा को प्रशासन कितना अमलीजामा पहनाता है।