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  • झारखंड विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण का प्रचार सोमवार को थमेगा, 20 नवंबर को होगा मतदान

    RANCHI : झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार अभियान सोमवार, 18 नवंबर की शाम को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद चुनाव साइलेंस पीरियड शुरू होगा, जो मतदान के दिन तक जारी रहेगा। इस चरण में 20 नवंबर को 38 विधानसभा सीटों के लिए कुल 14,218 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा

    झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने रविवार को मीडिया से बताया कि मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियां 19 नवंबर को रवाना होंगी। इस बार किसी भी बूथ पर मतदानकर्मियों को हेलीकॉप्टर के जरिए नहीं भेजा जाएगा। मतदान के दौरान 31 बूथों पर वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।

    विशेष बूथ और तैयारियां
    कुल 14,218 बूथों में से 48 बूथों को यूनिक बूथ के रूप में तैयार किया गया है।
    महिलाओं द्वारा संचालित मतदान केंद्रों की संख्या 239 होगी।
    22 मतदान केंद्र दिव्यांगजन संचालित करेंगे, जबकि 26 बूथों की जिम्मेदारी युवाओं के हाथों में होगी।
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक राज्य में 196 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री और नकदी जब्त की जा चुकी है। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन के 85 मामले दर्ज किए गए हैं।

    साइलेंस पीरियड: प्रचार पर सख्ती
    सोमवार शाम से शुरू होने वाले साइलेंस पीरियड के दौरान राजनीतिक दलों और नेताओं को प्रचार गतिविधियों से दूर रहना होगा। झारखंड के बाहर से आए किसी भी नेता को निर्वाचन क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रचार से जुड़े लोग क्षेत्र छोड़ दें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि साइलेंस पीरियड के दौरान निजी वाहनों पर किसी तरह के पोस्टर या बैनर लगाने पर भी कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

    चुनाव वाले विधानसभा क्षेत्र
    20 नवंबर को मतदान वाले प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में राजमहल, बोरियो, बरहेट, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़, महेशपुर, शिकारीपाड़ा, नाला, जामताड़ा, दुमका, मधुपुर, गिरिडीह, धनवार , डुमरी ,गांडेय ,धनबाद, बोकारो, और सिल्ली समेत 38 सीटें शामिल हैं।

    साइलेंस पीरियड का महत्व
    साइलेंस पीरियड चुनाव प्रचार थमने और मतदान शुरू होने के बीच की अवधि होती है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना किसी दबाव के अपने निर्णय लेने का समय देना है। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के प्रचार की अनुमति नहीं होती।

    झारखंड में दूसरे चरण का मतदान राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

  • राजेश यादव ने गांडेय में चलाया जनसंपर्क। गांडेय की जनता अपने सवालों पर गोलबंद होकर करेगी मतदान

    GIRIDIH :गांडेय विधानसभा क्षेत्र में फॉरवर्ड ब्लॉक प्रत्याशी राजेश यादव ने सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि, लाखों-करोड़ों खर्च करने वाले आज जो भी प्रत्याशी हैं, वे सब 23 नवंबर के बाद जनता को उनके हाल पर छोड़ देंगे। इसलिए जनता को अपनी चिंता करते हुए मतदान करना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि, गांडेय विधानसभा क्षेत्र की जनता अपने सवालों पर गोलबंद होकर बदलाव के लिए मतदान करेगी, क्योंकि उन्हें सालों-साल हो रही अपनी दुर्दशा का अंदाजा लग चुका है। श्री यादव ने लोगों से तन-मन-धन से सहयोग कर मतदान में भाग लेने की अपील की। इस अपील पर जनसंपर्क चले सभी गांवों से लोगों ने सहयोग दिया।
    बेंगाबाद के सोनबाद सहित गांडेय प्रखंड के पंडरी, ताराटांड़, बदगुंदा आदि पंचायतों के दर्जनाधिक गांवों में श्री यादव के साथ जनसंपर्क के दौरान नवीन पाण्डेय, शंभू तुरी, मोहन कोल, सुरेश यादव, टेकलाल वर्मा, शोभा चौधरी, दशरथ पंडित, विजय कुमार, लखी सिंह सहित अन्य थे।

  • हेमंत सोरेन की हुंकार: “बीजेपी के बाहरी लोग, चुनाव के बाद गायब हो जाएंगे!”

    परवेज़ आलम

    GIRIDIH :मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज गिरीडीह, गांडेय और जमुआ में अपनी चुनावी सभाओं से बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। जमुआ में उन्होंने बीजेपी के बाहरी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनाव के बाद इन बीजेपी के बाहरी नेताओं को आप टॉर्च लगाकर भी नहीं ढूंढ पाएंगे। ये सब बहुत जल्दी यहां से नौ दो ग्यारह हो जाएंगे।” श्री सोरेन ने गिरिडीह से सुदिव्य कुमार सोनू को पुनः विजय बनाने की अपील की
    सीएम सोरेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक तरफ गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज है, और दूसरी तरफ बीजेपी के पूंजीपति लोग, जिनकी नज़र सिर्फ राज्य की खनिज संपदा पर है। उनका आरोप था कि बीजेपी इन खनिज संसाधनों को अपने कारोबारी मित्रों को देना चाहती है, और इसके लिए पार्टी के नेता राज्य में गिद्ध की तरह मंडरा रहे हैं।
    गिरीडीह में सीएम ने दिशोम गुरु यानि शिबू सोरेन द्वारा किए गए संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा, “महाजनी प्रथा के खिलाफ गुरुजी ने जो संघर्ष किया था, वही आज आपकी अबुआ सरकार कर रही है। हम आपको महाजनों के चंगुल से निकालने की कोशिश कर रहे हैं और आपके आर्थिक बोझ को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।” श्री सोरेन ने गांडेय से कल्पना सोरेन को पुनः विजय बनाकर विधान सभा भेजने का लोगों से आह्वान किया
    सीएम सोरेन ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की संवैधानिक संस्थाएं अब कठपुतली बनकर नाच रही हैं, लेकिन झारखंड की जनता का आशीर्वाद अबुआ सरकार के साथ है। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड के लोग उनकी सरकार के साथ खड़े हैं और राज्य के हर कोने में जीत सुनिश्चित है, “हम बरकट्ठा भी जीत रहे हैं, हम जमुआ भी जीतेंगे।”
    सीएम ने अपने समर्थकों से यह भी कहा कि “आप सशक्त रहेंगे तो हमारा झारखंड भी मजबूत रहेगा,” और अपनी सरकार को पुनः सत्ता में लाने का भरोसा जताया।
    हेमंत सोरेन का संदेश साफ था—जनता के साथ खड़ी अबुआ सरकार को कोई भी ताकत गिरा नहीं सकती, चाहे बीजेपी के बाहरी नेता कितने भी आकर मंडराएं।

  • हेमंत सोरेन और इंडिया गठबंधन की सरकार बननी तय-कल्पना सोरेन

    GODDA/PAKUR : गांडेय की जेएमएम विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने आज महगामा और पाकुड़ में चुनावी सभाओं की। महगामा में दीपिका पांडेय सिंह औरके पक्ष में उन्होंने जनसभा की। और फिर वही हुआ, जो कल्पना का अंदाजा था – पहले चरण के मतदान में महिलाओं ने अपनी ताकत का जौहर दिखा दिया। उन्होंने इसे साफ शब्दों में कहा, “यह वो वोट है, जो हेमंत सरकार के महिला केंद्रित योजनाओं पर विश्वास की मुहर लगाता है।” मंईयां सम्मान योजना से लेकर अन्य योजनाओं तक, झारखंड की महिलाएं अब अपना हक समझ चुकी हैं।

    कल्पना ने कहा, “अब फिर से हेमंत सोरेन और इंडिया गठबंधन की सरकार बननी तय है,” मानो हवा में ताजगी का इशारा कर रहे हों। उन्हें भरोसा है कि झारखंड में खुशियों की नई शुरुआत करने के लिए उनकी सरकार फिर से आएगी। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार ने जनता के जीवन को बदलने का वादा निभाया है। मंईयां सम्मान योजना से माताओं को सम्मान मिला, बिजली बिल माफी से राहत मिली, और कृषि ऋण माफी से किसानों को नई उम्मीदें मिलीं। हर कदम में यही उम्मीद, यही उद्देश्य – “हर चेहरे पर मुस्कान, हर घर में समृद्धि।” कल्पना का कहना है, “हमने बहुत काम किए हैं, और अब झारखंड को ऊंचाइयों तक ले जाने का सफर जारी रहेगा।”

    अब वो पंछी भी आए हैं, जो राजनीति के आकाश में गिद्धों की तरह मंडरा रहे हैं। बीजेपी के बड़े नेता राज्य में हर जगह दिखाई दे रहे हैं, मानो घबराहट से भरे हुए हों। कल्पना कहती हैं, “बीजेपी के शायद ही कोई बड़े नेता बचें, जो झारखंड आकर दो-तीन सभाएं न कर चुके हों। कुछ तो यहीं कैंप किए हुए हैं, जैसे चुनाव जीतने के अलावा और कुछ नहीं बचा।”

    सोशल मीडिया पर भी कल्पना ने अपनी बात रखी। महगामा में दीपिका पांडेय सिंह के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि “महिलाओं की शक्ति अब महगामा में गूंजने वाली है।”

  • झारखंड का सर्वोच्च पुरस्कार का नाम ‘भगवान बिरसा मुंडा-भगवान सिदो कान्हू’-हेमंत

    RANCHI: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के सर्वोच्च पुरस्कार का नाम ‘भगवान बिरसा मुंडा-भगवान सिदो कान्हू’ रखा जाएगा। सोरेन ने सर्वोच्च सम्मान का नाम बिरसा मुंडा और सिदो कान्हू के नाम पर रखने के ऐलान के बाद कहा कि अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार सत्ता में आई तो इस संबंध में मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में निर्णय लिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि झारखंड के सर्वोच्च पुरस्कार का नाम ‘भगवान बिरसा मुंडा-भगवान सिदो-कान्हू पुरस्कार’ होगा। अबुआ सरकार (अपनी सरकार) की पहली कैबिनेट का यह पहला फैसला होगा।

    सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज
    झारखंड पुलिस ने 2 सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य की छवि खराब करने के लिए एक संगठिक अभियान चलाया था। बता दें कि, कुछ समय पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि बीजेपी ने उनकी छवि को खराब करने के लिए एक “शैडो अभियान” चलाया और इसके लिए लाखों रुपये खर्च किए। पार्टी ने इस खर्च का ब्योरा भी सार्वजनिक किया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसमें आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री और राज्य की छवि को बदनाम करने की कोशिश की गई।

  • माओवादियों ने एक बार फिर वोट बहिष्कार की धमकी दी है

    परवेज़ आलम
    GIRIDH : झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को लेकर है। राज्य के गिरिडीह ज़िले के पीरटांड़ और बोकारो जिले के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र बेरमो अनुमंडल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाकर मतदान का बहिष्कार करने की धमकी दी है। पुलिस को जैसे ही यह जानकारी मिली पुलिस ने पोस्टर उखाड़ फेंक दिया आर पुलिस नक्सलियों द्वारा चिपकाए गए पोस्टर मामले की जांच कर रही है। विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार शांतिपूर्ण चुनाव कराने की कोशिश मे जुटा है। जबकि नक्सली संगठन द्वारा गिरिडीह ज़िले के पीरटांड़ थाना के पालगंज मोड, बेरमो अनुमंडल में व पेक नारायणपुर थाना क्षेत्र के साडूवेरा रोड में पोस्टर के जरिए लोगों से मतदान का बहिष्कार करने की अपील की है।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कथित नक्सलियों के पोस्टर से इन क्षेत्रों में चुनाव पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। नक्सलियों ने पोस्टर में कहा है कि वोट मांगने आने वालों को वापस लौटा दें। पोस्टर में लिखा है वोट क्यों ? जल, जंगल और जमीन से बेदखल करने के लिए खिलाफ वोट का बहिष्कार करें। पोस्टर के माध्यम से नक्सलियों ने भारतीय जनता पार्टी को फासीवादी व्यवस्था का पोषक बताया है। कहा है कि किसान विरोधी कृषि कानून, मजदूर विरोधी श्रम कानून बनाने वाले फासीवादी भाजपा को पहचानो। वोट मांगने आए तो मार भगाओ। बता दे की नक्सली पिछले कई सालों से वोट बहिष्कार का नारा देती आई है पर हाल के सालों मे वोटर पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा है और नक्सली क्षेत्र मे जाम कर मतदान हुआ है ।

  • जनता ने विभाजन और नफरत की राजनीति को ठुकरा दिया।

    RANCHI: झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान ने एक अहम संदेश दिया है—जनता ने विभाजन और नफरत की राजनीति को ठुकराकर जन मुद्दों को प्राथमिकता दी है। यह दावा लोकतंत्र बचाओ अभियान (अबुआ झारखंड, अबुआ राज) ने दुमका में आयोजित एक प्रेस वार्ता में किया।

    अभियान के सदस्य, जो आदिवासी और मूलवासी अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, का कहना है कि भाजपा का सांप्रदायिक एजेंडा अब बेनकाब हो चुका है। भाजपा की ओर से धार्मिक ध्रुवीकरण के प्रयासों को जनता ने नकार दिया है। बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उछालकर भाजपा ने क्षेत्र में तनाव पैदा करने की कोशिश की, लेकिन अभियान के अनुसार, इसके कोई तथ्यात्मक प्रमाण नहीं मिले। केंद्र सरकार ने भी संसद और उच्च न्यायालय में माना है कि उनके पास घुसपैठियों का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है।
    लोकतंत्र बचाओ अभियान का आरोप है कि भाजपा ने आदिवासियों और मूलवासियों से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध रखी है। चाहे वह सीएनटी-एसपीटी कानून हो, सरना कोड, खतियान आधारित स्थानीय नीति, या जल-जंगल-जमीन के अधिकार—भाजपा ने इन पर कोई ठोस रुख नहीं लिया।
    इसके विपरीत, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने और लैंड बैंक को समाप्त करने का वादा किया है। सरना कोड को लेकर भी भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कोई बात नहीं की, जबकि झामुमो और INDIA गठबंधन इसे लागू करने की बात कर रहे हैं।
    अभियान ने भाजपा और झामुमो के घोषणापत्रों की तुलना करते हुए बताया कि सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर बड़ा फर्क दिखता है। मोदी सरकार ने आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के बजट में कटौती की, जबकि झामुमो ने बच्चों को अंडा या फल प्रतिदिन देने का वादा किया है।
    झारखंड में पेंशन के मामले में भी झामुमो ने बढ़त बनाई है। जहां केंद्र सरकार सिर्फ ₹200 पेंशन देती है, हेमंत सोरेन सरकार इसे ₹800 तक बढ़ा चुकी है और आगे ₹2500 करने की योजना है। झामुमो ने 30 लाख लोगों को पेंशन योजना का लाभ दिया, जबकि भाजपा इस मामले में चुप है।
    अभियान ने अडानी पावर प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासियों की जमीन जबरन अधिग्रहित की और झारखंड को घाटे में रखकर बांग्लादेश को बिजली दी। संथाल परगना में बिजली के अभाव को लेकर जनता में गहरी नाराजगी है।
    अभियान ने भाजपा पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के भाषणों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के संथाल परगना को अलग करने के सुझाव को आदिवासी विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया गया।
    अभियान के प्रतिनिधियों का विश्वास है कि झारखंड की जनता ने पहले चरण में नफरत की राजनीति को खारिज कर दिया है और आगे भी जल-जंगल-जमीन और अस्तित्व से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देगी। लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा के लिए जनता का रुझान स्पष्ट है—यह चुनाव सिर्फ वोट नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करेगा।

  • इस देश में नेता बहुत है, नीति बहुत है पर नियत अच्छी नहीं है-चंद्रशेखर आजाद

    गिरिडीह : आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी के संस्थापक,सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने शनिवार को राजधनवार के लाल बाजार स्थित कर्बला मैदान में एक महती जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश में नेता बहुत है, नीति बहुत है पर नियत अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू मुसलमान की बात करने वाले जाति धर्म की बात करने वाले शिक्षा की बात नहीं करते हैं रोजगार की बात नहीं करते हैं । उन्होंने बेरोजगारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज युवक बड़ी संख्या में बेरोजगार है । शिक्षा का अच्छा संस्थान नहीं है । ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या है। सिंचाई की समस्या है । उन्होंने लोगों से कहा कि वोट आपका अधिकार है इसका सही इस्तेमाल करें
    चंद्रशेखर आजाद धनवार से अपने उम्मीदवार दानिश अली के समर्थन में रैली करने के लिए आए थे। उन्होंने लोगों से साफ कहा कि चुनाव आते ही बड़े-बड़े पैसे वाले लोग, वसूख वाले लोग, बड़ी- बड़ी गाड़ियों के लोग आपके पास आएंगे, आपको अपना बंधु बताएंगे और चुनाव खत्म होते ही वह आपको पहचान से इनकार कर देंगे । वे आपको सब्जबाग दिखाएंगे पर आप डटे रहना और अपने हक़ अधिकार की लड़ाई जारी रखना । उन्होंने दानिश अली को वोट देकर विधानसभा भेजने की लोगों से अपील की सभा को धनवार के उम्मीदवार दानिश अली ने भी संबोधित करते हुये लोगों से अपने पक्ष में मतदान की अपील की।

  • भाजपा नफरत फैलाकर, जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है -तेजस्वी यादव

    मो आसिफ़
    सरिया(गिरिडीह): शनिवार को भाकपा माले ने केसवारी बाजार टांड़ में एक चुनावी सभा आयोजित की। इस सभा में पार्टी के केंद्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (आरजेडी) मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव इस बार दो विचारधाराओं के बीच का चुनाव है। एक विचारधारा संविधान बचाने, छात्रों के हाथ में किताब और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला सम्मान योजना जैसी पहल कर रही है। गरीबों के बिजली बिल और किसानों के केसीसी ऋण माफ कर रही है। दूसरी विचारधारा नफरत फैलाकर, जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने और उनके हाथों में तलवार देने का काम कर रही है।

    तेजस्वी ने भाजपा और एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड की जनता को केवल झूठे वादे दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल कर विरोधी विचारधाराओं को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लालू प्रसाद यादव को निशाना बनाने के प्रयासों की आलोचना की। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोच-समझकर फैसला करें कि कलम देने वालों का समर्थन करना है या तलवार देने वालों का।

    भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की जनता ने इंडी गठबंधन के शासनकाल में गरीबों, किसानों, महिलाओं और दलितों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को देखा है। उन्होंने भाजपा पर झारखंड के खनिज संसाधनों को पूंजीपतियों के हाथों बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनडीए का उद्देश्य झारखंड के विकास का नहीं बल्कि इसे लूटने का है। जनता को तीन तारा वाले भाकपा माले के उम्मीदवार विनोद सिंह का समर्थन कर इस सोच को रोकना होगा।

    भाकपा माले के प्रत्याशी विनोद सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के प्रतिनिधि को क्षेत्र में 5 साल का मौका दिया गया, लेकिन न तो नए स्कूल खुले, न कॉलेज बने, न सड़कों का निर्माण हुआ और न ही पुल बने। उन्होंने भाजपा पर खनिज संसाधनों को पूंजीपतियों को बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन का सबसे ज्यादा शोषण भाजपा शासन में हुआ।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता मो. इकबाल ने की और संचालन भोला मंडल ने किया। सभा को जानकी यादव, गौतम सागर राणा, अरुण सिंह, संदीप सौरभ, गोपाल रबिदास, रामधन यादव, रामदेव यादव, मुरली मनोहर मंडल, मनोहर यादव, सीताराम सिंह, हरेंद्र सिंह, संजय मोदी, अलीमुद्दीन अंसारी, केदार मंडल और गयासुद्दीन अंसारी ने भी संबोधित किया।

  • झारखंड : आचार संहिता के उल्लंघन के 83 मामले दर्ज

    रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन में मीडिया को बताया कि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक विभिन्न एजेंसियों द्वारा 2 अरब 14 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री और नकदी जब्त की गई है। आचार संहिता के उल्लंघन के 83 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक 33 मामले गढ़वा जिले में दर्ज हुए हैं।  दूसरे चरण वाले क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड टीम (FST) और स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) की तैनाती की जा रही है। वहीं, पहले चरण में मतदान समाप्त होने वाले क्षेत्रों में भारत निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुसार छूट दी जा रही है, लेकिन जिलों के बॉर्डर और चेकपोस्ट अभी भी सक्रिय रखे गए हैं।

    कुमार ने सभी प्रत्याशियों से अपील की कि वे आचार संहिता का सख्ती से पालन करें और अपने पोलिंग एजेंट और कार्यकर्ताओं को इसके प्रति जागरूक रखें। उन्होंने बताया कि पहले चरण के मतदान के दौरान प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न के अनाधिकृत उपयोग की कई शिकायतें मिलीं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, मतदान केंद्रों और उनके 200 मीटर के दायरे में प्रत्याशियों के चिह्न से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रतीक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    रवि कुमार ने यह भी कहा कि मतदान के 48 घंटे पहले शुरू होने वाले साइलेंट पीरियड में प्रत्याशी मतदाताओं से अपील करने वाले किसी भी संदेश का प्रसारण नहीं कर सकते। मीडिया को मतदान का कवरेज करने की अनुमति है, लेकिन किसी भी प्रकार की अपील या राजनीतिक बयानबाजी के प्रसारण पर रोक है।

    उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मतदान के दिन पोलिंग एजेंट्स केवल सादे कागज पर प्रत्याशी का सीरियल नंबर लिखकर मतदाताओं को दे सकते हैं। प्रत्याशी का नाम या कोई प्रतीक चिह्न कागज पर देने की अनुमति नहीं होगी।