Category: Politics

  • पूर्व सांसद रविंद्र राय ने सूर्या हासदा मौत मामले पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :गिरिडीह-कोडरमा के पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र राय ने रविवार को नया परिषदन भवन में प्रेसवार्ता आयोजित की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महादेव दुबे, नगर अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बग्गा, भाजपा नेता संजीत सिंह पप्पु, सुभाष चंद्र सिन्हा और जिला मीडिया प्रभारी कामेश्वर पासवान भी उपस्थित रहे।

    सूर्या हासदा की मौत पर गंभीर आरोप

    प्रेसवार्ता में रविंद्र राय ने हाल ही में हुई सूर्या हासदा की मौत को फर्जी एनकाउंटर करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक सूर्या हासदा पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था, लेकिन बाद में उसे कुख्यात अपराधी बताकर गोली मार दी गई। राय ने कहा कि भाजपा की जांच टीम ने घटनास्थल पर जाकर तथ्यों की पुष्टि की है, जिससे साफ होता है कि एनकाउंटर पूरी तरह संदिग्ध है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार अपनी साख बचाना चाहती है, तो इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए।

    जीएसटी सुधारों की सराहना

    वहीं, जीएसटी मुद्दे पर बोलते हुए रविंद्र राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “मोदी जी ने जब से GST स्लैब में कटौती की है, तब से विपक्ष की बोलती बंद हो गई है। यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है और आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।”

    उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से कैंसर समेत 33 जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया है। इसके अलावा बीमा सेवाओं और कई खाद्य पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे से मुक्त किया गया है। राय का कहना था कि इन फैसलों से समाज के हर तबके को फायदा मिलेगा और जनता की जेब पर बोझ कम होगा।

    भाजपा की रणनीति का संकेत

    प्रेसवार्ता के दौरान रविंद्र राय ने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी और हेमंत सरकार की नाकामी को बेनकाब करती रहेगी। सूर्या हासदा प्रकरण को लेकर पार्टी आंदोलन की तैयारी भी कर सकती है।

     

  • गिरिडीह में राधा स्वामी संगठन पर सवाल, शमीम अख्तर की गिरफ्तारी से खुली पोल

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिले में राधा स्वामी संगठन का विवादित चेहरा सामने आने लगा है। बीती रात पचम्बा पुलिस ने संगठन से जुड़े शमीम अख्तर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शमीम अख्तर 2024 के विधानसभा चुनाव में जागरूक जनता पार्टी  के प्रत्याशी के रूप में गांडेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, शमीम अख्तर लंबे समय से राधा स्वामी संगठन के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहा था। गाड़ी फाइनेंस कराने और 40 प्रतिशत तक छूट दिलाने का लालच देकर वह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। बताया जा रहा है कि उसने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ऐंठे।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शमीम अख्तर अपनी मीठी बातों और संगठन के प्रभावशाली नाम का इस्तेमाल कर विश्वास जीत लेता था। पर जब लोगों को वादे पूरे न होते दिखे, तब जाकर ठगी का पूरा खेल खुलकर सामने आया।

    अब राधा स्वामी संगठन शमीम अख्तर से दूरी बनाने की कोशिश कर रहा है। संगठन से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि शमीम को संगठन से पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर वह इतने समय से संगठन के नाम पर ठगी कर रहा था, तो संगठन की नज़र इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ी?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नागेश्वर मंडल ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मांग की है कि राधा स्वामी संगठन के क्रियाकलापों की उच्च स्तरीय जांच हो। नागेश्वर मंडल का आरोप है कि संगठन से जुड़े लोग आम जनता से ठगी कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

    अब निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर हैं कि यह पूरा घोटाला किस हद तक फैला हुआ है और इसमें और कौन-कौन शामिल है। लेकिन इतना तय है कि राधा स्वामी संगठन और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियां अब सवालों के घेरे में आ चुकी हैं।

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सरकारी आवास बनेगा स्मृति संग्रहालय

    गुरु जी की स्मृतियों को संजोने की ऐतिहासिक पहल.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत को संरक्षित और नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मोरहाबादी स्थित गुरुजी का सरकारी आवास अब “गुरुजी स्मृति संग्रहालय” के रूप में विकसित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। डॉ. अंसारी ने कहा, “गुरुजी का आवास सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह झारखंड आंदोलन और राज्य की आत्मा का केंद्र है। यहां की हर वस्तु, हर दस्तावेज, हर स्मृति हमें उनके संघर्ष और बलिदान की याद दिलाती है। इसलिए इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन से प्रेरणा ले सकें।”

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी इसे झारखंड की अस्मिता को सहेजने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि गुरुजी का योगदान अमिट है और उनकी स्मृतियां हमेशा अमर रहेंगी। यह संग्रहालय झारखंड की लड़ाई, उसकी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक संघर्ष की गाथा को जीवित रखेगा।

    सिर्फ इतना ही नहीं, दोनों मंत्रियों ने गुरुजी की जन्मभूमि जामताड़ा के चिरुडीह गांव में भी एक भव्य पार्क और विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। चिरुडीह वही पवित्र भूमि है, जहां से शिबू सोरेन ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई की शुरुआत की थी।

    राज्य सरकार का यह निर्णय न सिर्फ शिबू सोरेन के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि झारखंड की संघर्ष यात्रा को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखने का भी संकल्प है।

  • घाटशिला उपचुनाव की तैयारी तेज, 2 सितंबर को आएगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर तैयारी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि उपचुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चल रहा है। यह काम 1 जुलाई 2025 तक जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है, उनके आधार पर किया जाएगा।

    हर वोटर का नाम सही-सही जुड़ना जरूरी.

    रवि कुमार ने कहा कि कोशिश यही है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए और कोई भी गलत नाम इसमें शामिल न हो। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करें। ये एजेंट घर-घर जाकर जांच करेंगे ताकि सही नाम सूची में जुड़ सके।

    2 सितंबर से शुरू होगा दावा और आपत्ति का मौका.

    • 2 सितंबर 2025 (मंगलवार) को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) प्रकाशित किया जाएगा।
    • 2 सितंबर से 17 सितंबर तक लोग अपना नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
    • नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, और सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होगा।
    • सब काम पूरा होने के बाद 29 सितंबर 2025 (सोमवार) को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

    मतदान केंद्रों का युक्तिकरण.

    रवि कुमार ने बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से ज्यादा वोटर हैं, वहां व्यवस्था सुधारने के लिए नए प्रबंध किए गए हैं ताकि चुनाव के दिन किसी को दिक्कत न हो।

    बैठक में कई अधिकारी और नेता शामिल.

    निर्वाचन सदन में हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य चुनाव अधिकारी भी मौजूद थे।

     

  • झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने लालू प्रसाद यादव से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर की चर्चा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    पटना: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। यहाँ उन्होंने राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके हालचाल पूछे।

    मुलाकात के दौरान हेमंत सोरेन और लालू प्रसाद यादव के बीच देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, सामाजिक न्याय की चुनौतियों और आर्थिक स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इस दौरान राबड़ी देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य और राजद के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

    लालू यादव को बताया संघर्ष और न्याय की राजनीति का प्रतीक.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात के बाद कहा कि लालू प्रसाद यादव भारतीय राजनीति में संघर्ष और न्याय की राजनीति के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने हमेशा गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। सोरेन ने कहा कि लालू यादव जैसे नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मजबूती होती है।
    उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड और बिहार के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से गहरे हैं। दोनों राज्य मिलकर काम करेंगे, तो विकास की गति और भी तेज होगी।

    वोटर अधिकार यात्रा में बोले सोरेन – “यह चुनाव देश का संकल्प होगा”

    इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन अवसर पर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव सिर्फ राज्य की दिशा तय नहीं करेगा, बल्कि यह देश की दशा और दिशा का भी निर्धारण करेगा।
    उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा धनबल और बाहुबल के सहारे सत्ता में आने की कोशिश करती है। केंद्रीय एजेंसियों – सीबीआई और ईडी – का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे भी झूठे मामलों में जेल भेजा गया, लेकिन जेल जाने के बावजूद हमने झारखंड की जनता का हौसला टूटने नहीं दिया। अगर हम जेल में नहीं होते, तो झारखंड में लोकसभा चुनाव में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाती।

    भाजपा पर ‘वोट चोरी‘ का आरोप.

    हेमंत सोरेन ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आज भाजपा सत्ता में ‘वोट चोरी’ के सहारे बनी हुई है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि वर्षों से भाजपा इस गोरखधंधे का सहारा लेती रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि आज इस खेल का पर्दाफाश सबके सामने हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला तभी संभव है जब विपक्ष और जनता एकजुट होकर इसका सामना करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा – “जब हम सब मिलकर खड़े होंगे, तो कोई ताकत हमें रोक नहीं पाएगी।”

    वोटर सूची पुनरीक्षण पर उठाए सवाल.

    बिहार की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विशेष और गहन पुनरीक्षण को एक साथ जोड़कर जो प्रक्रिया अपनाई गई है, वह गलत है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

     

  • झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 दोषी, सात-सात साल की सजा

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची: झारखंड की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में बड़ा फैसला आया है। रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन सीआई राजकिशोर सिंह, फिरोज अख्तर, अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मणिलाल महतो और परशुराम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है और यदि वे यह राशि नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त एक-एक साल की कैद भुगतनी होगी।

    कोर्ट का निर्णय और बचाव पक्ष की दलील.

    सजा पर बहस के बाद विशेष जज श्याम नंदन तिवारी की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। फैसले के तुरंत बाद सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
    एनोस एक्का के वकील अनिल कंठ ने कहा कि इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

    15 साल पुराना जमीन घोटाला.

    यह मामला करीब 15 साल पुराना है। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर फर्जी पते और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदी। जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच उनकी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची और आसपास कई जमीनें खरीदी गईं—

    • हिनू में 22 कट्ठा
    • ओरमांझी में 12 एकड़
    • नेवरी में 4 एकड़
    • चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल

    तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से इन सौदों को अंजाम दिया गया।

    सीबीआई जांच और चार्जशीट.

    हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अगस्त 2010 में एफआईआर दर्ज की थी।

    • 2012 में चार्जशीट दाखिल हुई।
    • नवंबर 2019 में आरोप तय हुए।
      आख़िरकार 29 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में गोवर्धन बैठा को बरी कर दिया गया।

    एनोस एक्का की राजनीतिक यात्रा और विवाद.

    एनोस एक्का झारखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं।

    • उन्होंने 2005, 2009 और 2014 में सिमडेगा के कोलेबिरा से लगातार चुनाव जीते।
    • मधु कोड़ा सरकार के दौरान वे सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाते थे।
    • लेकिन आय से अधिक संपत्ति और पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या जैसे मामलों ने उनकी राजनीति पर काला साया डाल दिया।
      2014 में पारा शिक्षक हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एनोस एक्का को 2018 में उम्रकैद की सजा मिली थी। फिलहाल वे जमानत पर थे, लेकिन अब इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिए गए।

    क्यों महत्वपूर्ण है सीएनटी एक्ट?

    छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (1908) ब्रिटिश शासनकाल में आदिवासियों की जमीन को बचाने के लिए लागू किया गया था। इस कानून के तहत—

    • आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी को बेचना, गिरवी रखना या ट्रांसफर करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
    • यहां तक कि एक आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर किसी अन्य आदिवासी को जमीन नहीं बेच सकता।

    कोर्ट ने माना कि एनोस एक्का और उनके सहयोगियों ने इस कानून का खुलेआम उल्लंघन किया और निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

     

  • सबूत के अभाव में पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित सभी आरोपी बरी

    नीरज सिंह हत्याकांड मे आठ साल बाद आया फैसला.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    धनबाद : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड  में बुधवार को आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। धनबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह सहित सभी 8 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।

    विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने यह निर्णय सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और गहमागहमी का माहौल रहा।

    स्ट्रेचर पर कोर्ट पहुंचे संजीव सिंह.

    फैसले के दिन संजीव सिंह को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्ट्रेचर पर कोर्ट लाया गया। पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिंह मेंशन से अदालत तक लेकर पहुंची। सुनवाई शुरू होने से पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश से रोक दिया गया, जिसके चलते अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हुई और अदालत ने केस की सुनवाई शुरू की।

    21 मार्च 2017 की वारदात जिसने झकझोर दिया था झारखंड.

    धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट पर 21 मार्च 2017 की शाम लगभग 7 बजे अंधाधुंध फायरिंग कर कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, पीए अशोक यादव और ड्राइवर घोलटू महतो की हत्या कर दी गई थी। यह घटना राज्य का सबसे बड़ा शूटआउट मानी जाती है।

    हत्या के बाद संजीव सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। बाद में एक आरोपी अमन सिंह की 2023 में जेल के अंदर हत्या कर दी गई, जबकि रिंकू सिंह से जुड़े मामले का ट्रायल अलग से चल रहा है।

    आठ साल लंबी कानूनी जंग.

    इस मामले में सुनवाई 6 अलग-अलग अदालतों में हुई।

    • 408 तारीखों पर पेशी हुई।
    • 3 जनवरी 2019 को 22 महीने बाद आरोप तय हुए।
    • अभियोजन पक्ष ने 74 गवाहों में से 37 गवाह और कई साक्ष्य पेश किए।
    • बचाव पक्ष ने 5 गवाहों की गवाही कराई।
    • दोनों पक्षों की बहस 49 तारीखों तक चली।
      आखिरकार, आठ साल से ज्यादा समय तक चली इस कानूनी जंग का परिणाम सभी आरोपियों की रिहाई के रूप में सामने आया।

    फैसले से पहले प्रशासन अलर्ट.

    जिला प्रशासन को पहले से आशंका थी कि फैसले के दिन दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंच सकते हैं, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है। इस कारण धारा 144 लागू की गई।

    • जैप (Jharkhand Armed Police) की एक कंपनी को सुरक्षा में लगाया गया।
    • कोर्ट परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
    • संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त भी तेज की गई।

    राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर.

    यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहा है।

    • बरी हुए संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से भाजपा विधायक हैं।
    • वहीं, नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस से झरिया की विधायक रह चुकी हैं।
      इस वजह से इस केस पर पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश की भी नज़रें थीं।
  • कोयला खनन के बाद जमीन रयैत को वापस हो- हेमंत सोरेन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में कोयला खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, खनन क्षेत्रों का सतत विकास और राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व पर गहन चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कहा कि कोयला खनन कार्य पूरा हो जाने के बाद जिस भूमि का अधिग्रहण किया गया है, उसे केंद्र सरकार राज्य सरकार को लौटाए, ताकि उसे पुनः मूल रैयतों को दिया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी और स्थानीय समुदाय लंबे समय से अपनी भूमि खोने के कारण संकट झेल रहे हैं, इसलिए उनकी जमीन उन्हें लौटाना ही न्यायोचित होगा।

    इसके अलावा उन्होंने खनन प्रभावित इलाकों में लोगों के पुनर्वास, पर्यावरणीय सुरक्षा, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खनन परियोजनाओं से प्राप्त लाभ में झारखंड के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन सिर्फ केंद्र के हित तक सीमित न रहकर राज्य के विकास में भी सहायक बने।

    केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री की बातों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य और केंद्र मिलकर समस्याओं का समाधान खोजेंगे और झारखंड के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास और यहां के लोगों की भलाई के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य सचिव अलका तिवारी, खान सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल सिन्हा, सीएमपीडीआई के सीएमडी मनोज कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, सीसीएल के सीएमडी नीलेंदु कुमार सिंह और बीसीसीएल के डीटी एम.के. अग्रवाल शामिल थे। उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट था कि बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस निर्णय की दिशा में एक कदम है।

  • संविधान संशोधन बिल के विरोध में झामुमो का गरजता प्रदर्शन, गिरिडीह टावर चौक पर पुतला दहन.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क
    गिरिडीह : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान संशोधन बिल ने झारखंड की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इसी कड़ी में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गिरिडीह शहर के टावर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
    इस बिल में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री किसी मामले में 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसे स्वतः अपने पद से हट जाना होगा। झामुमो ने इसे लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह कानून विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनकी आवाज़ दबाने की साजिश है।
    प्रदर्शन का माहौल.
    टावर चौक का माहौल विरोधी नारों से गूंज उठा। “केंद्र सरकार होश में आओ”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” और “झारखंड विरोधी बिल वापस लो” जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, युवा और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वे सब एक स्वर में केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने और तानाशाही थोपने का आरोप लगाते रहे।
    नेताओं के तीखे आरोप,
    प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिये खासतौर पर झारखंड की सत्तारूढ़ सरकार को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि जनता की आवाज़ होते हैं, लेकिन इस कानून के जरिए उन्हें डराने-धमकाने और बेअसर करने की कोशिश हो रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया तो राज्यभर में और भी बड़े आंदोलन होंगे।
    जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी से भी जुटे कार्यकर्ता
    गिरिडीह के साथ-साथ जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनता को बताया जा सके कि केंद्र सरकार किस तरह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है।
    विरोध की आहट और आगामी रणनीति.
    झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन की धार और तेज की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस कानून का विरोध करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें।
    नेता और कार्यकर्ता मौजूद.
    पुतला दहन और विरोध कार्यक्रम में महालाल सोरेन, केदार हाज़रा, अजीत कुमार पप्पू, शहनवाज अंसारी, दिलीप मंडल, प्रणव वर्मा, कोलेश्वर सोरेन, नुनूराम किस्कू, दिलीप रजक, विजय सिंह, राकेश रॉकी, हलधर राय, चाँद रशीद, चांदमल मरांडी, प्रधान मुर्मू, सुमित कुमार, राकेश रंजन, ओम प्रकाश वर्मा, भैरव वर्मा, अभय सिंह, शिवम आजाद, मो. मज़ीद, इम्तियाज़ अख़री, नारायण यादव, मो. हसनैन, मो. आबिद, अशोक राम, किसुन सोरेन, अनवर अंसारी, राकेश सिंह टुनन्ना, लोकनाथ सहाय, बाबूराम हाँसदा, मो. अकील सोनू, महावीर मुर्मू, बिरजू मरांडी, दीपक पांडेय, विवेक सिन्हा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    इस गरमाए माहौल के बीच झामुमो ने साफ चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन बिल को वापस नहीं लिया, तो जनता के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

  • नगर विकास मंत्री ने दो करोड़ की 14 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

     

    नई पेयजल योजना पर भी काम जल्द-मंत्री

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 14 योजनाओं का शिलान्यास किया।

    इस मौके पर मंत्री ने सबसे पहले स्टेशन रोड स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी योजनाओं की आधारशिला रखी।

    कार्यक्रम में उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक, झामुमो नेता अजीत कुमार पप्पू, राकेश रंजन, रॉकी सिंह, सईद अख्तर, सैफ अली गुड्डु सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

    दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी राहत.

    सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से किया जा रहा है। आगामी दुर्गा पूजा के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए ही प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं का चयन किया गया है।

    पेयजल संकट के समाधान की दिशा में पहल.

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में पुराने शहरी पेयजलापूर्ति योजना को वर्तमान परिस्थितियों के लिए अपर्याप्त बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के हिसाब से अब नई योजना की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में अभी भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण नागरिक परेशान हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरिडीह शहर को एक नई पेयजल आपूर्ति योजना की सौगात जल्द मिलेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने पर विचार चल रहा है।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाए और हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।