Category: Giridih

  • फोर लेन सड़क निर्माण को मिली नई रफ्तार, नगर निगम ने हटाया अतिक्रमण

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह : शहर में चल रहे फोर लेन सड़क निर्माण कार्य में बाधा बन रहे अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार को गिरिडीह नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने नटराज चौक से कोऑपरेटिव बैंक तक सड़क किनारे बनी दुकानों को हटाने की मुहिम चलाई और कुल 24 दुकानों को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह अभियान नगर प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    कार्रवाई के दौरान हल्की झड़प, लेकिन प्रशासन रहा सख्त.

    कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध किया और निगम कर्मियों के साथ बहस की स्थिति बनी, लेकिन नगर निगम और प्रशासनिक टीम की सख्त और संयमित कार्रवाई के कारण स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया। कई दुकानदारों ने माहौल बिगड़ने से पहले ही स्वेच्छा से अपनी दुकानें खाली कर दीं।

    न्यायालय के आदेश के बाद हुई कार्रवाई.

    नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, जिन दुकानों को हटाया गया, उनके संचालकों ने पहले नगर निगम के नोटिस के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई लंबे समय तक टलती रही, लेकिन हाल ही में अदालत ने निगम के पक्ष में निर्णय दिया। अदालत के आदेश के बाद दुकानदारों को पर्याप्त समय देकर नोटिस जारी किया गया था, फिर भी कई लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया।

    उप नगर आयुक्त के नेतृत्व में चला अभियान.

    इस अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार ने किया। अभियान में सहायक उप नगर आयुक्त अशोक हासदा, दंडाधिकारी विनोद कुमार, अर्बन प्लानर मंजूर आलम और नगर थाना पुलिस बल की टीम मौजूद रही। उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि,

    “अदालत के आदेश के बाद भी कई दुकानदारों ने सड़क किनारे कब्जा बनाए रखा था, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। मजबूरन निगम को सख्ती दिखानी पड़ी।”

    फोर लेन परियोजना को मिलेगी नई गति.

    नगर निगम की इस निर्णायक कार्रवाई के बाद अब कल्याणडीह से टावर चौक तक बन रहे फोर लेन सड़क निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह सड़क न केवल शहर के यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नया आयाम देगी।

    नगर निगम का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जहां-जहां सड़क निर्माण या सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा बने अतिक्रमण मिलेंगे, वहां ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

     

  • इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन में सजी भावनाओं और परंपराओं की शाम

    वरिष्ठ सदस्य सम्मान और दीपावली मिलन समारोह रहा यादगार.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने हाल ही में दो विशेष आयोजनों — वरिष्ठ सदस्य सम्मान समारोह और दीपावली मिलन — का सफल आयोजन किया। दोनों कार्यक्रम न केवल भावनाओं से ओतप्रोत रहे, बल्कि एकता, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश भी देते दिखे।

     वरिष्ठ सदस्यों को समर्पित स्नेहपूर्ण शाम.

    15 अक्टूबर को नेचर व्यू में आयोजित वरिष्ठ सदस्य सम्मान समारोह का वातावरण स्नेह और आत्मीयता से भरा हुआ था। क्लब की वरिष्ठ सदस्याओं के स्वागत के लिए पारंपरिक तिलक, पुष्पवर्षा और काव्यपाठ का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में रैम्प वॉक और मनोरंजक खेलों की भी शानदार प्रस्तुति हुई, जिसमें वरिष्ठ सदस्याओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सभी का दिल जीत लिया।
    क्लब की ओर से वरिष्ठ सदस्याओं को सैश, क्राउन और उपहार भेंट किए गए। कई वरिष्ठ सदस्याओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह का आत्मीय और सम्मानजनक आयोजन उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा।

     “स्वदेशी और पर्यावरण-संवेदनशील दीपावली” का संदेश..

    क्लब ने इस वर्ष दीपावली मिलन समारोह को एक विशेष थीम — “स्वदेशी और पर्यावरण-संवेदनशील दीपावली” — के तहत मनाया। आयोजन में सदस्याओं ने मिट्टी के दीयों से परिसर को रोशन किया और स्वदेशी सामग्रियों का प्रयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई, दीप और उपहार बांटकर प्रेम और सौहार्द्र के इस पर्व को उल्लासपूर्वक मनाया।

     नेतृत्व और सहभागिता से सजी आयोजन की सफलता

    इन दोनों भावनात्मक आयोजनों का नेतृत्व पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन पूनम सहाय और क्लब अध्यक्ष कविता राजगढ़िया ने किया।
    क्लब की चार्टर्ड अध्यक्ष रंजना, सचिव स्मृति आनंद, कोषाध्यक्ष मनीषा कपिसावे, और सदस्याएं — सुमन गौरीसरिया, तनुजा सहाय, सुनीता बरनवाल, तनुजा भूषण, सुषमा जैन, उषा डोकानियां, उषा केडिया, सुनीता सिन्हा और संगीता सिंह — की सक्रिय भागीदारी ने दोनों आयोजनों को यादगार बना दिया।

    समारोहों ने यह साबित किया कि जब परंपरा, पर्यावरण और अपनापन एक साथ जुड़ते हैं, तो सामाजिक सौहार्द्र की एक नई रोशनी पूरे समाज में फैलती है।

     

  • गिरिडीह में जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, 45 हजार के नकली नोट बरामद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिले की पुलिस ने एक बार फिर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देशन में बुधवार की रात जमुआ थाना क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। चितरडीह रोड स्थित चंदा मोड़ से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को यह सूचना मिली थी कि कुछ युवक जाली नोटों की सप्लाई करने के इरादे से जमुआ इलाके में सक्रिय हैं। सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए खोरीमहुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। दल में जमुआ, धनवार, घोड़थम्भा और हिरोडीह थाना के अधिकारी और जवान शामिल थे।

    रात करीब 8 बजे पुलिस टीम चंदा मोड़ पहुंची, जहां चार युवक दो मोटरसाइकिलों के साथ संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखकर सभी भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल की तत्परता से दो युवकों को मौके पर ही दबोच लिया गया। गिरफ्तार युवकों की पहचान अभिषेक कुमार राणा (ग्राम फुफंदी, थाना बेगाबाद) और नितीन कुमार (ग्राम बेरिया, थाना हिरोडीह) के रूप में हुई है।

    तलाशी के दौरान दोनों के पास से 45 हजार रुपये के जाली नोट, दो मोबाइल फोन और एक यामाहा एफजेडएस मोटरसाइकिल (संख्या JH11AK 4856) बरामद की गई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे पूरे जिले में नकली नोटों की सप्लाई करते हैं और इससे पहले भी कई बार स्थानीय बाजारों में जाली नोटों को खपाने का प्रयास कर चुके हैं।

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जमुआ थाना में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, फरार दो अन्य आरोपियों — योगेश मंडल और राज उर्फ राजेश मंडल — की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

    इस कार्रवाई में जमुआ थाना प्रभारी मणिकांत कुमार, धनवार थाना प्रभारी सत्येन्द्र कुमार पाल, घोड़थम्भा ओपी प्रभारी धमेन्द्र अग्रवाल, हिरोडीह थाना प्रभारी महेश चन्द्रा सहित जमुआ थाना के कई पुलिसकर्मी शामिल थे।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि “जाली नोटों के कारोबार से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।”

     

  • अवैध विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़— एक गिरफ्तार

    भारी मात्रा में शराब और सामग्री जब्त.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के कटरियाटांड़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध विदेशी शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।

    जानकारी के अनुसार, अवर निरीक्षक उत्पाद रवि रंजन के नेतृत्व में यह छापामारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 116 बोतल अवैध विदेशी शराब, 120 लीटर स्पिरिट, 2000 पीस लेबल, 5000 पीस ढक्कन, 1000 पीस होलोग्राम, 3 लीटर कैरामल, तथा शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए।

    मौके से एक अभियुक्त पवन पासवान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह जिले में लंबे समय से सक्रिय था और त्योहारों से पहले बड़ी खेप तैयार करने की योजना बना रहा था।

    अभियान में अवर निरीक्षक रवि रंजन के साथ गृह रक्षक जवानों और स्थानीय पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी। मिली जानकारी के अनुसार, जिले में इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि शांति व्यवस्था को प्रभावित न कर सके।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में नकली या अवैध शराब की बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें ताकि अपराधियों पर शीघ्र कार्रवाई की जा सके।

  • डीजीपी ने ली ऑनलाइन बैठक-दीपावली-छठ पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हुई अहम चर्चा

    चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुरोध पर हुई बैठक.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची/गिरिडीह : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रांची के आग्रह पर सोमवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दीपावली और छठ पूजा के दौरान राज्यभर में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

    बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रतिनिधियों ने पिछले डेढ़-दो वर्षों में जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर कार्यों के लिए डीजीपी का आभार ब्यक्त किया । । साथ ही एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि  गिरिडीह में करीब सात वर्ष पूर्व ट्रैफिक थाना स्थापित होने के बावजूद आज तक प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बल की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, जिसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था अभी भी असंगठित और कमजोर बनी हुई है।

    चैंबर प्रतिनिधियों ने डीजीपी को यह भी जानकारी दी कि गिरिडीह के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सदस्यों के आवासों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2016 में चैंबर के सहयोग से शहर में लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि इन कैमरों में से कितने कार्यरत हैं और कितने बंद हैं, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पर चैंबर ने पुलिस अधीक्षक गिरिडीह से अनुरोध किया कि सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि निष्क्रिय कैमरों की मरम्मत कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जा सके।

    बैठक के दौरान डीजीपी ने चैंबर के प्रयासों की सराहना की और सुझाव दिया कि यदि चैंबर की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं प्रवेश द्वारों पर इंटरनेट युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, तो यह पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि अधिक से अधिक वाहन मालिक अपने वाहनों में Dash Cam (डैश कैमरा) लगाने का प्रयास करें, जिससे किसी भी आपराधिक घटना की जांच में त्वरित सहायता मिल सके।

    इस ऑनलाइन बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह  और महासचिव प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
    बैठक को राज्यस्तरीय पुलिस-व्यापारिक समन्वय का एक सकारात्मक और उपयोगी कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी त्योहारी सीजन में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

     

  • लायंस क्लब” और “महिला चौपाल” ने मिलकर आयोजित की मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष कार्यशाला

    — ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के गुरुओं ने सिखाई मन की शांति और संतुलन की कला,

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां तनाव और चिंता आम हो गई है, वहीं लायंस क्लब गिरिडीह और महिला चौपाल ने मिलकर समाज को एक नई दिशा देने की पहल की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में “मानसिक स्वास्थ्य एवं आंतरिक संतुलन” विषय पर आर्ट ऑफ लिविंग की एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

    कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी प्रशिक्षक श्मुकेश मालव, श्रीमती संतोष मालव, खुशबू, भूषण राय सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, ध्यान (Meditation) और सकारात्मक सोच (Positive Thinking) जैसे व्यावहारिक अभ्यास सिखाए।
    इन अभ्यासों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने सीखा कि कैसे सरल तरीकों से मन को शांत रखकर जीवन की जटिल परिस्थितियों से सहजता से निपटा जा सकता है।

    प्रतिभागियों ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें भीतर से एक नई ऊर्जा और आत्मसंतुलन का अनुभव कराया।
    महिला चौपाल की सदस्या शालिनी बैसखियार ने कहा —

    “स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। ऐसी कार्यशालाएँ हमें खुद को समझने, तनावमुक्त रहने और जीवन को बेहतर ढंग से जीने की प्रेरणा देती हैं।”

    लायंस क्लब की पदाधिकारी अनिता गुप्ता और नीलम भदानी ने बताया कि इस तरह के सत्र आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके।

    कार्यक्रम का संचालन महिला चौपाल की सदस्यों ने किया।
    अंत में सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र का समापन हुआ।

    इस अवसर पर सोना प्रकाश, मीना गुप्ता, प्रीति, सुषमा, अरुणा, मीना देवी, सीमा लाल, तान्या, रूबी, आरती, रश्मि भदानी, निशा सहित कई सदस्य उपस्थित रहीं।
    कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि — “यदि मन शांत है, तो जीवन स्वतः सुंदर हो जाता है।”

     

  • भाकपा (माओवादी) को गिरिडीह में बड़ा झटका

     

    एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम और पत्नी सरिता हांसदा ने किया आत्मसमर्पण

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को मिली एक बड़ी सफलता! भाकपा (माओवादी) संगठन के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उनकी पत्नी दस्ता सदस्य सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने बुधवार को गिरिडीह पुलिस के समक्ष स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

    दोनों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति “नई दिशा – एक नई पहल” से प्रभावित होकर हथियार डालने का फैसला किया।
    आत्मसमर्पण का यह क्षण गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उपायुक्त  रामनिवास यादव, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सीआरपीएफ 154 बटालियन कमांडेंट अमित सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरी और अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में दर्ज हुआ।

    कौन हैं शिवलाल और सरिता.

    शिवलाल हेम्ब्रम निवासी टेसाफुली, थाना मधुबन — संगठन में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थे।
    वहीं उनकी पत्नी सरिता हांसदा (उम्र 19 वर्ष), निवासी चतरो, थाना खुखरा — दस्ते की सक्रिय सदस्य थीं।

    पुलिस के अनुसार, शिवलाल वर्ष 2017 में नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में उसने संतरी और रसोइए का काम किया, लेकिन जल्द ही वह माओवादी कमांडर करम दा उर्फ विवेक का अंगरक्षक बन गया।
    वर्ष 2022 में उसे एरिया कमेटी सदस्य के पद पर पदोन्नत किया गया।
    संगठन में रहते हुए शिवलाल ने हथियार और विस्फोटक छिपाने, ग्रामीणों से लेवी वसूली और पुलिस बलों पर हमलों जैसी कई नक्सली कार्रवाइयों में हिस्सा लिया। आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।

    सरिता हांसदा को 2020 में ‘जया दी’ द्वारा संगठन में शामिल किया गया था।
    दोनों ने वर्ष 2024 में विवाह किया, लेकिन बीते महीनों में संगठन के शीर्ष कमांडरों द्वारा लगातार शोषण और ग्रामीणों पर अत्याचार से दोनों का मोहभंग हो गया। सरिता हांसदा के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    मुख्यधारा की ओर वापसी.

    गिरिडीह पुलिस ने बताया कि संगठन के प्रति मोहभंग और लगातार पुलिस दबाव के चलते दोनों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
    पुलिस लगातार उनके परिजनों के संपर्क में थी और उन्हें समझा-बुझाकर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही थी।

    अब आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे।
    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवलाल के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
    सरिता के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    पुलस अधीक्षक का बयान.

    पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा —

    “शिवलाल और सरिता का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। इससे न सिर्फ संगठन कमजोर होगा, बल्कि अन्य उग्रवादियों को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।”

    उन्होंने इस आत्मसमर्पण को गिरिडीह पुलिस के लिए नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    अब नई दिशा में नया जीवन.

    दोनों नक्सली दंपती ने यह साफ कहा —

    “अब हथियार नहीं, हम समाज और परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करेंगे।”

    झारखंड सरकार की पहल “नई दिशा – एक नई पहल” एक बार फिर कारगर साबित हुई है —
    जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूंजती थी, अब वहाँ मुख्यधारा में लौटने की उम्मीदें पनप रही हैं।

     

  • 100 साल पहले आज ही के दिन गिरिडीह आए थे बापू

    गांधी आगमन शताब्दी समारोह में फिर गूंजा वही संदेश : आत्मनिर्भरता, खादी और एकता का मंत्र

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह : आज से ठीक 100 साल पहले, 7 अक्टूबर 1925 को, गिरिडीह की धरती ने एक ऐतिहासिक पल देखा था।
    यह केवल किसी व्यक्ति का आगमन नहीं था, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक चेतना का प्रवेश था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  यहां आए थे।
    चौधरानी कुसुम कुमारी देवी के आमंत्रण पर जब बापू यहाँ पहुँचे, तो गिरिडीह की मिट्टी ने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और स्त्री-जागरण का पाठ सीखा। उन्होंने यहाँ की जनता को यह सिखाया कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक और आत्मिक जिम्मेदारी भी है।
    गांधी जी का गिरिडीह आगमन हमें याद दिलाता है कि परिवर्तन किसी बड़े नारे से नहीं, बल्कि व्यक्ति के अंतर्मन से शुरू होता है। पचंबा के गोल बंगला में उनका ठिकाना बना थाऔर गिरिडीह की जनता ने पूरे जोश और श्रद्धा से उनका स्वागत किया।

    उस दौर में जब देश आज़ादी की जंग लड़ रहा था, बापू ने गिरिडीह की जनता से कहा था —

    “स्वयं के लिए नहीं, देश के लिए हर दिन आधा घंटा सूत जरूर काटें।”

    यह सिर्फ एक अपील नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला संदेश था।

    बापू की यात्रा का शताब्दी समारोह – आज फिर जाग उठा वो जज़्बा

    गिरिडीह में शुरू हुए गांधी आगमन शताब्दी समारोह में बापू की वही प्रेरणा फिर जीवंत हो उठी। जगह-जगह सभाएं, पदयात्राएं और खादी के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
    उस दौर में गांधी जी ने अपने प्रवास के दौरान कई प्रतिनिधियों से मुलाकात की, दो बड़ी सभाएं कीं और खरगडीहा गौशाला जाकर स्वतंत्रता सेनानियों से मिले, उनका हौसला बढ़ाया।

    गिरिडीह की धरती पर जन्मी थी सेवा और बलिदान की मिसाल

    गांधी जी के आगमन का असर इतना गहरा था कि उसी सभा में महिलाओं ने अपने सोने-चांदी के गहने उतारकर बापू के चरणों में समर्पित कर दिये।
    यह दान किसी दिखावे के लिए नहीं था — यह था देशबंधु चित्तरंजन दास के सम्मान में बनाए गए ‘देशबंधु स्मारक कोष’ के लिए।
    उस दौर में आंदोलन आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, और गांधी जी ने लोगों से सहयोग की अपील की थी।

    गिरिडीह की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
    पार्वती देवी, जो स्वतंत्रता सेनानी बजरंग सहाय की पत्नी थीं, ने सभा में ही अपने कंगन, बाली और हार खोलकर दान कर दिए।
    उनकी इस प्रेरणा से सैकड़ों महिलाओं ने भी कोष में योगदान दिया।
    स्थानीय उद्योगपति, सामाजिक संगठन और खासकर माहुरी समाज ने भी गहने, जेवर और नकद दान देकर गिरिडीह को राष्ट्रीय योगदान की मिसाल बना दिया।

     100 वर्ष बाद भी वही संदेश आज भी प्रासंगिक

    आज जब देश फिर आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है, तब गांधी जी का गिरिडीह से दिया गया वह संदेश पहले से कहीं ज़्यादा मायने रखता है —
    “देशहित में हर दिन कुछ न कुछ अपने हाथों से करें, ताकि आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो।”

    गिरिडीह की मिट्टी ने 100 साल पहले जिस त्याग, सेवा और एकता की कहानी लिखी थी, वह आज भी उतनी ही प्रेरक है।
    शताब्दी समारोह के बहाने एक बार फिर वही आवाज़ गूंज रही है —

    “चरखा ही नहीं, हर हाथ देश की ताकत बने।”

     

  • इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह में गरिमा और गौरव का संगम

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह  की जनरल मीटिंग ज़िला अध्यक्षा रश्मि गुप्ता के आधिकारिक दौरे के अवसर पर आयोजित की गई।

    क्लब की अध्यक्षा हेमा दत्ता, जो अपनी कर्मठता और उदार स्वभाव के लिए जानी जाती हैं, ने इस बैठक का संचालन बखूबी किया। कार्यक्रम की शुरुआत इनर व्हील प्रार्थना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

    क्लब सचिव पायल वर्मा ने मंच से क्लब की गतिविधियों और समाजसेवी अभियानों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा। इसी क्रम में क्लब के बुलेटिन ‘ध्वनि’ का भी भव्य विमोचन किया गया — जो क्लब की उपलब्धियों और नई पहलों की झलक पेश करता है।

    ज़िला अध्यक्षा रश्मि गुप्ता, जो बिहार और झारखंड के 95 क्लबों की प्रेरणादायी लीडर हैं, महिला सशक्तिकरण की सच्ची प्रतीक के रूप में जानी जाती हैं। उनके आगमन पर सभी सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और अपने स्नेह का इज़हार किया।

    कार्यक्रम के दौरान क्लब की ओर से रश्मि गुप्ता के सम्मान में पिछले दो दिनों में कुल 8 कार्यान्वित की गईं — जो इनर व्हील क्लब के समर्पण और सेवा भावना का प्रमाण हैं।

    यह आयोजन न केवल संगठन की एकता और सक्रियता का प्रतीक था, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जब महिलाएँ साथ आती हैं, तो बदलाव की लौ और प्रखर हो उठती है।

  • गांधी आगमन शताब्दी समारोह में उपायुक्त ने दी अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जमुआ प्रखंड के खरगडीहा में सोमवार को  गांधी आगमन शताब्दी समारोह की शुरुवात एक प्रेरणादायी माहौल में हुआ ।
    इस अवसर पर डीसी रामनिवास यादव ने लंगटा बाबा समाधि स्थल  पर चादरपोशी कर समाज में एकता और शांति का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने बेसिक स्कूल खरगडीहा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को  नमन किया।

    इसके बाद डीसी रामनिवास यादव  गांधी पदयात्रा में भी कदम से कदम मिलाकर हिस्सा लिया। पदयात्रा के दौरान उन्होंने पौधारोपण कर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा —

    “महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनका जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए भी दिशा और प्रेरणा है। हमें उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण आज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

    कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ — “हम गांधी के रास्ते पर चलेंगे, और प्रकृति की रक्षा करेंगे।”