Category: Giridih

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, सात सूत्री मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग

    गिरिडीह: झारखंड के हाडी जाति विकास मंच ने एक बार फिर राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को दोहराते हुए कहा गया है कि वर्षों से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जूझ रहे हाडी समुदाय को अभी तक न्याय नहीं मिला है।

    यह ज्ञापन डीसी गिरिडीह  के माध्यम से दिनांक 24 जून 2025 को सौंपा गया, जिसमें मंच की तरफ से पहले 25 जनवरी 2025 को प्रस्तुत की गई मांगों को एक बार फिर से याद दिलाया गया है। ज्ञापन में मंच ने उल्लेख किया है कि हाडी  जाति आज भी मुख्यधारा से वंचित है और उन्हें विकास योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    इनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

    1. राज्य के विभिन्न जिलों में निवासरत हाडी जाति के लोगों को स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र (स्थानीय नीति 1932) के आधार पर निर्गत किया जाए।
    2. राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति भूमिहीन हाडी जाति परिवारों को पांच डिसमिल भूमि मुफ्त में उपलब्ध कराई जाए।
    3. हाडी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाए।
      ज्ञापन में कहा गया है कि हाडी जाति की पहचान, परंपरा और रहन-सहन जनजातीय समाज से पूरी तरह मेल खाती है, फिर भी आज तक इस समुदाय को संवैधानिक दर्जा नहीं मिल पाया है। हाडी जाति विकास मंच का यह ज्ञापन सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। मंच का कहना है कि कई बार सरकार से मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे समुदाय में निराशा है। ज्ञापन के अंत में मंच ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वह स्वयं इन मांगों पर गौर करें और उचित निर्देश संबंधित विभागों को दें ताकि हाड़ू जाति को उसका हक और सम्मान मिल सके।

    यह ज्ञापन गिरिडीह के हाडी जाति प्रतिनिधियों द्वारा सौंपा गया, जिसमें हस्ताक्षरकर्ता के रूप में राजेश कुमार हाड़ी (अध्यक्ष हाड़ी जाति विकास मंच) का नाम उल्लिखित है।
    राज्य सरकार यदि हाडी जाति की मांगों को गंभीरता से लेती है, तो यह समुदाय के सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

  • गिरिडीह :रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, निदेशक अभिषेक कमल 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

    By The News Post4u

    गिरिडीह: जिले के कल्याणडीह स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। संस्थान के निदेशक और बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर अभिषेक कमल को सीबीआई की धनबाद टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिसकी पुष्टि सीबीआई एसपी पी.के. झा ने की है।

    जानकारी के मुताबिक, संस्थान परिसर में कैंटीन संचालित हो रही थी। उसी कैंटीन संचालक से अभिषेक कमल द्वारा नियमित संचालन के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। परेशान होकर संचालक ने धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सीबीआई की टीम ने मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें घूसखोरी की पुष्टि हुई।

    जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को कल्याणडीह स्थित आरएसईटीआई कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान कैंटीन संचालक द्वारा जैसे ही तयशुदा 20 हजार रुपये की राशि निदेशक को सौंपी गई, टीम ने मौके पर ही अभिषेक कमल को पकड़ लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक कमल हजारीबाग जिले के निवासी हैं। चूंकि हजारीबाग रांची के करीब है, इसलिए आगे की छानबीन रांची सीबीआई की टीम कर रही है। अभिषेक के निवास स्थान पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

    गौरतलब है कि आरएसईटीआई केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है। इस संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास का प्रशिक्षण देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस संस्थान का प्रबंधन संबंधित क्षेत्रीय बैंक ऑफ इंडिया के जिम्मे होता है।

    इस घूसकांड ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि आगे की जांच में और कौन-कौन इस मामले में शामिल पाए जाते हैं।

     

  • गिरिडीह : पंचायत सेवक की आत्महत्या से मचा हड़कंप

    बीडीओ सहित चार पर एफआईआर, परिजनों को सरकारी नौकरी का आश्वासन.

    Key point.

    • मृतक पंचायत सेवक सुखलाल महतो ने 13 जून को कीटनाशक खाया, 15 जून को रिम्स रांची में मौत.
    • आत्महत्या से पहले पत्र में बीडीओ और अन्य अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप.
    • शव के साथ 12 घंटे से अधिक चला धरना, विधायक भी हुए शामिल.
    • प्रशासन ने एफआईआर, सरकारी नौकरी और विभागीय कार्रवाई का दिया भरोसा.
    • जिलास्तरीय जांच समिति का गठन.

     By The News Post4u

    गिरिडीह (झारखंड): गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड में कार्यरत पंचायत सेवक सुखलाल महतो की आत्महत्या के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि उन्होंने बीडीओ, मुखिया के पति और दो अन्य अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर कार्यालय परिसर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया।

    आत्महत्या से पहले पत्र में लगाए थे गंभीर आरोप.

    13 जून को डुमरी प्रखंड कार्यालय परिसर में सुखलाल महतो ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्हें गंभीर हालत में रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 जून को उनका निधन हो गया। आत्महत्या से पहले सुखलाल ने एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने डुमरी बीडीओ अन्वेषा ओना, बलथरिया पंचायत की मुखिया के पति परमेश्वर नायक, रोजगार सेवक अनिल कुमार और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े बीसी पर मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

    शव के साथ 12 घंटे से अधिक धरना, विधायक भी बैठे समर्थन में.

    रविवार देर रात जब मृतक का शव डुमरी लाया गया, तो उनके परिजन और ग्रामीण प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। सोमवार दोपहर 12:30 बजे तक यह धरना जारी रहा। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो भी धरने में शामिल हो गए और मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

    वार्ता के बाद प्रशासन का फैसला: एफआईआर और नौकरी का आश्वासन.

    स्थिति को देखते हुए गिरिडीह के एसडीएम संतोष गुप्ता ने विधायक और मृतक के परिजनों से बातचीत की। वार्ता के बाद यह सहमति बनी कि जिन चार लोगों पर मृतक ने आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही, मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और पावना समेत अन्य सरकारी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।

    विधायक का आरोप: सिस्टम ने की आत्महत्या के लिए मजबूर.

    विधायक जयराम महतो ने कहा कि “अगर किसी कर्मचारी को आत्महत्या करनी पड़ी है तो इसके लिए सिस्टम जिम्मेदार है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रांची में पुलिस मृतक के बयान में नाम शामिल नहीं करना चाहती थी, जिस पर उन्होंने दबाव बनाकर यह सुनिश्चित किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

    जांच के लिए बनी कमेटी.

    14 जून को ही गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया था। इसमें अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, एसडीएम संतोष गुप्ता, डीएसपी नीरज कुमार सिंह और डॉ. रवि महर्षि शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस अपनी स्तर से भी मामले की जांच कर रही है।

    यह घटना झारखंड के सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ा संकेत है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने वादों को कितनी जल्दी और ईमानदारी से अमल में लाता है।

     

  • विश्व रक्तदान दिवस पर गिरिडीह में  स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर ली गई शपथ

    By Chandan. For The News Post4u

    गिरिडीह: विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर शनिवार को गिरिडीह के सदर अस्पताल स्थित सभाकक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना और इसके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना था।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव रहे, जिनका स्वागत सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया। ब्लड बैंक के सचिव सह रेडक्रॉस चेयरमैन अरविंद कुमार ने उन्हें मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत सिविल सर्जन द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने जिले में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसे रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों की संख्या और उन्हें मासिक रक्त की आवश्यकता की जानकारी साझा की।

    इस अवसर पर उपायुक्त श्री यादव ने उपस्थित लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ दिलाई और रक्तदान के क्षेत्र में कार्य कर रही ब्लड बैंक की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में रक्त की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

    कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले 15 व्यक्तियों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. एस.के. डोकानिया, डॉ. विकास लाल, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. साकेत, शालिनी खोवाला, मदनलाल विश्वकर्मा, डॉ. निकिता गुप्ता, रिया अग्रवाल, स्वाति बगेड़िया, विकास सिन्हा, अतेंद्र नारायण राम, बुलंद अख्तर, दानिश, सुरेंद्र यादव शामिल रहे।

    इसके अतिरिक्त अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर रक्तदान शिविरों के बेहतर आयोजन व निगरानी हेतु उपायुक्त रामनिवास यादव और सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी ब्लड बैंक के सचिव अरविंद कुमार ने निभाई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. शोहेल अख्तर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संत कुमार सहित सदर अस्पताल के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर डीएस डॉ. राजीव, डॉ. रेखा झा, डॉ. रवि महर्षि सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

     

  • गिरिडीह : ज्वेलर्स लूटकांड का पुलिस ने किया खुलासा, छह अपराधी गिरफ्तार, हथियार और जेवरात बरामद

    By The News Post4U

    गिरिडीह : जमुआ थाना क्षेत्र के पोबी मोड़ के पास 22 मई को ज्वेलर्स से हुई लूट और गोलीबारी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गिरिडीह पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने आज मीडिया को  जानकारी दी कि घटना के तुरंत बाद एसडीपीओ खोरीमहुआ राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गई थी। टीम ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई कर मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को धर दबोचा।

    गौर तलब है कि 22 मई 2025 की शाम को विशाल ज्वेलर्स के मालिक विशाल कुमार सोनी, अपनी दुकान बंद कर द्वारपहरी चौक से घर लौट रहे थे, पोबी मोड़ के आगे सुनसान रास्ते पर तीन अज्ञात अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। अपराधी एक सफेद रंग की Apache बाइक पर सवार थे। उन्होंने पिस्टल दिखाकर विशाल को डराया और उनके पास से ₹5000 नकद और कीमती जेवरात से भरा बैग लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर अपराधियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे विशाल घायल हो गए। इसके बाद अपराधी बैग लेकर फरार हो गए।

    घटना की प्राथमिकी जमुआ थाना कांड संख्या 102/2025, दिनांक 22.05.2025 को धारा 300(5) BNS 2023 और 27 Arms Act के तहत दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह पुलिस ने जांच को तेज़ किया।

    कई पुराने मामलों का भी खुलासा:
    गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अन्य तीन घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें शामिल हैं:

    1. जमुआ थाना कांड संख्या 60/2025, दिनांक 29.03.2025, धारा 300(4) BNS 2023
    2. जमुआ थाना कांड संख्या 90/2025, दिनांक 14.05.2025, धारा 304(2)/62/134/307 BNS 2023 एवं 27 Arms Act
    3. धनवार थाना कांड संख्या 43/2025, दिनांक 16.02.2025, धारा 309(4) BNS 2023

    बरामदगी:
    गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर लूट के जेवरात, दो देसी पिस्तौल, और दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। इनका इस्तेमाल अपराध में किया गया था।
    गिरफ्तार सभी छह अभियुक्तों को 14 जून 2025 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस शेष एक फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए सघन छापामारी अभियान चला रही है।

    इस कार्रवाई ने गिरिडीह में लूट और गोलीबारी जैसे अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित किया है। पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • नाइजर में अपहृत गिरिडीह के पांचों मजदूर सुरक्षित,विदेश मंत्रालय वापसी के लिए सक्रिय

    की पॉइंट :

    • घटना: 25 अप्रैल 2025
    • जगह: सकोइरा, तिल्लाबेरी, नाइजर, पश्चिम अफ्रीकी
    • अपहृत मजदूर: संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो, उत्तम महतो
    • कंपनी: कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड
    • संभावित लोकेशन: माली सीमा क्षेत्र
    • कूटनीतिक संपर्क: भारत के राजदूत, नाइजर सेना प्रमुख, ICRC, माली राजनयिक चैनल

    परवेज़ आलम.  

    गिरिडीह/रांची: पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में आतंकियों के हाथों अपहृत झारखंड के पांच मजदूरों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज़ हो गए हैं। बगोदर (गिरिडीह) के रहने वाले ये सभी मजदूर अब भी सुरक्षित हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय द्वारा संजय मेहता को भेजे गए औपचारिक पत्र में दी गई है। संजय मेहता लगातार इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय, कंपनी अधिकारियों और नाइजर स्थित भारतीय राजनयिकों के संपर्क में बने हुए हैं।

    25 अप्रैल को आतंकियों ने मजदूरों को किया था अपहृत.

    25 अप्रैल 2025 को नाइजर की राजधानी नियामे से करीब 115 किमी दूर तिल्लाबेरी प्रांत के सकोइरा इलाके में यह घटना हुई थी , जब एक पावर ट्रांसमिशन परियोजना पर काम कर रहे भारतीय मजदूरों का आतंकियों ने अपहरण कर लिया। इस हमले में 12 नाइजर सैनिक मारे गए। झारखंड के संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और उत्तम महतो उस समय वहां कार्यरत थे, जिन्हें आतंकियों ने अगवा कर लिया।

    ये सभी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड (KPIL) के तहत एक पावर ट्रांसमिशन परियोजना में कार्यरत थे।

    संजय मेहता की पहल से विदेश मंत्रालय हुआ सक्रिय.

    जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी और सामाजिक कार्यकर्ता संजय मेहता ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और विदेश मंत्रालय को विस्तृत पत्र लिखकर मामले की संवेदनशीलता से अवगत कराया।

    इसके बाद विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए भारत के राजदूत, नाइजर की सरकार और सेना के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क साधा।

    भारत के राजदूत की सेना प्रमुख से मुलाकात, मिला भरोसा.

    नाइजर में भारत के राजदूत सीता राम मीना  ने 9 मई 2025  को नाइजर के सेना प्रमुख कर्नल अब्दुर्रहमान तियानी से विशेष मुलाकात की। इस बैठक में नाइजर सेना प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि भारतीय मजदूर सुरक्षित हैं और उनकी रिहाई के प्रयास जारी हैं। सेना प्रमुख ने संकेत दिए कि ये मजदूर माली की सीमा के आसपास हो सकते हैं।

    विदेश मंत्रालय ने ICRC और अन्य एजेंसियों को किया सक्रिय.

    विदेश मंत्रालय ने संजय मेहता को भेजे पत्र में बताया कि भारतीय राजनयिकों ने माली और नाइजर में इंटरनेशनल रेड क्रॉस (ICRC) के अधिकारियों से मुलाकात की है। साथ ही नई दिल्ली स्थित ICRC और माली कार्यालय को भी सूचित किया गया है ताकि मानवीय आधार पर रिहाई सुनिश्चित कराई जा सके।

    संजय मेहता ने लिखा कई पत्र, मंत्रालय में की उच्च स्तरीय वार्ता.

    संजय मेहता ने 30 अप्रैल, 2 मई, 4 मई, 22 मई और 23 मई को विदेश मंत्रालय को पांच अलग-अलग पत्र भेजे। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अवर सचिव बीएन पांडे, अफ्रीकी मामलों के प्रभारी सेवाला नाइक मुड़े, OSD लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव कुमार से भी वार्ताएं कीं। इसके अलावा KPIL कंपनी के उच्चाधिकारियों से भी संपर्क साधा गया।

    सुरक्षित हैं मजदूर, सरकार निगरानी में जुटी.

    विदेश मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि मजदूर सुरक्षित हैं, और उनके जीवन को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। उन्हें संभवतः माली सीमा क्षेत्र में रखा गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए माली में भी राजनयिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
    मंत्रालय ने कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल को भी ICRC और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।

  • गिरिडीह : सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस ने रचा कीर्तिमान-कल्पना सोरेन

    पर्यावरण दिवस पर भी दिया गया जागरूकता का संदेश

    By The News Post4u.

    गिरिडीह: सर जेसी बोस मुख्यमंत्री बालिका उत्कृष्ट विद्यालय, गिरिडीह में बुधवार को दोहरा उत्सव देखने को मिला। एक ओर जहां विद्यालय के छात्रों ने सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर जिले का मान बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर हरित संदेश दिया गया।

    इस विशेष कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, जिनका स्वागत विद्यालय की बाल संसद की छात्राओं ने पारंपरिक तरीके से तिलक और पुष्प वर्षा कर किया। इस मौके पर जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जेएमएम नेता संजय सिंह, पूर्व विधायक केदार हाजरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।

    सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस : एक सपने की उड़ान

    समारोह की मुख्य अतिथि कल्पना सोरेन ने विद्यालय के तीन छात्राओं के राज्य टॉपर्स में शामिल होने पर स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “राज्य के 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में से सिर्फ एक विद्यालय से तीन टॉपर्स का आना इस स्कूल की मेहनत और ईमानदारी का परिचायक है। इससे पूरे गिरिडीह का नाम रोशन हुआ है।”

    उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “आपका भविष्य एक पौधे की तरह है। सिर्फ रोपने से वह नहीं बढ़ता, उसे पानी, देखभाल और ध्यान चाहिए। वैसे ही आप पढ़ाई और अनुशासन से अपने जीवन को बड़ा बना सकते हैं।”

    पर्यावरण संरक्षण की शपथ.

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी अतिथियों ने वृक्षारोपण किया और एक स्वर में कहा – “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ।” यह संदेश न केवल विद्यालय परिसर के लिए था, बल्कि पूरे समाज को हरियाली और स्वच्छता की दिशा में प्रेरित करने वाला था।

    प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया । इस मौके पर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

    मारवाड़ी युवा मंच प्रेरणा शाखा का पौधारोपण अभियान.

    इसी क्रम में, मारवाड़ी युवा मंच – प्रेरणा शाखा, गिरिडीह ने भी विश्व पर्यावरण दिवस पर समाज को हरियाली का संदेश दिया। संगठन ने 51 पौधों का रोपण कर यह संकल्प लिया कि वे आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा भविष्य देंगे।

    इस अभियान में रिया अग्रवाल और  बरखा बालासिया का योगदान सरहनीय  रहा। दोनों ने न केवल कार्यक्रम की रूपरेखा तय की, बल्कि स्वयं सक्रिय रहकर उसे सफल बनाया।

    मारवाड़ी युवा मंच प्रेरणा शाखा सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर लगातार कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला की एक मजबूत कड़ी है, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।

  • हेमंत सरकार मुझे निशाना बनाने की  साजिश रच रही है – बाबूलाल मरांडी

    By The News Post4u.

    गिरिडीह : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगते हुये कहा है कि  राज्य की वर्तमान हेमंत सरकार, अपराधियों के माध्यम से उन्हें, उनके परिजनों और करीबी सहयोगियों को निशाना बनाने की साजिश रच रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके लिए कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को “सुपारी” तक दी जा रही है।

    सोमवार को गिरिडीह में मीडिया से बात करते हुये  मरांडी ने कहा, “मुझे विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि राज्य सरकार के शीर्ष स्तर से जुड़े कुछ अत्यधिक भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति वाले अधिकारी मेरे खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। वे न केवल मेरे ऊपर हमले की योजना बना रहे हैं, बल्कि मेरे परिजनों, निकट सहयोगियों को भी झूठे मामलों में फंसाने, चरित्र हनन करने और फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के जरिए बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये सभी प्रयास उन्हें डराने और उनकी आवाज को दबाने के लिए हैं, क्योंकि उन्होंने लगातार राज्य में हो रहे भ्रष्टाचार और घोटालों का पर्दाफाश किया है।

    कई घोटालों को उजागर करने का दावा.
    मरांडी ने कहा कि उन्होंने झारखंड में चल रहे शराब घोटाले, बालू और पत्थर के अवैध खनन, जमीन और कोयले की तस्करी जैसे संगठित अपराधों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन खुलासों से बौखला गई है और अब उन्हें चुप कराने की कोशिश में जुट गई है।

    पुरानी साजिशों का भी किया उल्लेख.
    मरांडी ने याद दिलाया कि पूर्व में भी उन पर शिकारीपाड़ा क्षेत्र में उग्रवादी हमला करवाने की साजिश रची गई थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पुत्र के निधन के बाद भी वे अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं।

    “डराएंगे नहीं, झुकाएंगे नहीं”
    बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम उन लाखों लोगों की आवाज हैं जो भ्रष्टाचार, दमन और भय की राजनीति से पीड़ित हैं। हम डरने वाले नहीं हैं, और न ही झुकेंगे। सरकार चाहे जितना भी षड्यंत्र कर ले, सच को दबाया नहीं जा सकता।”

    बाबू लाल मरंडी के इस गमम्भीर आरोप ने झारखंड की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देते हैं।

  • गिरिडीह: नए उपायुक्त का चैंबर ऑफ कॉमर्स ने किया स्वागत

    उद्योग व ट्रैफिक समस्याओं पर हुई चर्चा.

    By The News Post4u.

    गिरिडीह: जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को गिरिडीह के नवपदस्थापित उपायुक्त राम निवास यादव से उनके कार्यालय कक्ष में मिला। इस अवसर पर चैंबर के सदस्यों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत और अभिनंदन किया।

    प्रतिनिधि मंडल में शामिल वरिष्ठ सदस्य अशोक जैन, अमरजीत सिंह और निर्मल झूञ्झुंवाला  ने शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उपायुक्त से औद्योगिक और व्यापारिक जगत से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद ढांचागत चुनौतियाँ, माईका उद्योग से जुड़ी समस्याएँ, तथा शहर की मुख्य सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और यातायात जाम जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

    चैंबर के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि कैसे इन समस्याओं का समाधान जिले के व्यापार और आम जनजीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल में अशोक जैन,  अमरजीत सिंह, गुणवंत सिंह के अलावा  निर्मल विश्वकर्मा, प्रदीप अग्रवाल, प्रमोद कुमार, विकास खेतान, संजय भदौरिया, मुकेश जालान, सुनील मोदी, अभिषेक  बगेरिया  और श्री निर्मल सलामपुरिया समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।

    उपायुक्त ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि जिला प्रशासन व्यापारिक संगठनों से निरंतर संवाद बनाए रखना चाहता है ताकि समस्याओं की जानकारी समय रहते मिले और गिरिडीह के समग्र विकास में कोई बाधा न आए। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी चैंबर बैठक करना चाहे, प्रशासन उन्हें हर संभव सहयोग देगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी जिला प्रशासन को चैंबर की आवश्यकता होगी, उन्हें आमंत्रित किया जाएगा।

    इस मुलाकात ने प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच सहयोग की एक सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाया है, जिससे आने वाले समय में गिरिडीह जिला औद्योगिक और सामाजिक विकास के नए आयाम छू सकेगा।

  • गिरिडीह :एजुकेशन मेले का आयोजन, छात्रों के करियर पर रहा फोकस

    By The News Post4u

    गिरिडीह: शहर के नगर भवन में शैक्षणिक दिशा और करियर निर्माण को समर्पित दो दिवसीय एजुकेशन मेला 2025 का आयोजन शनिवार से प्रारंभ हुआ। इस मेले का आयोजन HMT Hunt संस्था द्वारा किया गया, जिसका उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय सिंह , कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, डीएसपी कौसर अली, कांग्रेस नेता डॉ. समीर राज चौधरी, भाजपा नेता विनय सिंह, मुन्ना कुशवाहा, शाहनवाज अंसारी, कृष्ण मुरारी शर्मा समेत कई अन्य गणमान्य लोगों ने शिरकत की।

    विभिन्न राज्यों की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की भागीदारी.

    एजुकेशन मेले की प्रमुख आयोजक सुमन गुप्ता ने जानकारी दी कि इस मेले में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इन प्रतिनिधियों द्वारा छात्र-छात्राओं को करियर काउंसलिंग, सीधे प्रवेश (Direct Admission) की सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

    छात्रों के लिए उपयोगी पहल.

    JMM नेता संजय सिंह ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि गिरिडीह में ऐसे आयोजनों की लगातार जरूरत है ताकि यहां के विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर जानकारी और अवसर मिल सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की शैक्षणिक योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ऐसे माध्यमों से बच्चों तक सीधे पहुंच सकता है।

    सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने एजुकेशन मेले में भाग लेने वाले सभी कॉलेज प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    कांग्रेस नेता डॉ. समीर राज चौधरी ने इसे छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने बताया कि मेले में शामिल कॉलेज ई-कल्याण, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, और सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत भी प्रवेश और सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

    छात्रों की रही भागीदारी.

    कार्यक्रम के पहले दिन ही बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं शामिल  हुए। मेले का उद्देश्य इंटरमीडिएट के बाद छात्रों को सही दिशा दिखाना है। कई बार विद्यार्थी यह तय नहीं कर पाते कि आगे कौन-सा कोर्स या विषय चुनें — इस भ्रम को दूर करने के लिए विशेषज्ञ काउंसलर और कॉलेज प्रतिनिधि उनकी मदद कर रहे हैं। यह एजुकेशन मेला गिरिडीह के छात्रों के लिए न केवल जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष प्रवेश और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो इसका प्रयास किया गया है ।