Category: Giridih

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा: संघर्ष, सत्ता और सतत यात्रा

    परवेज़ आलम

    झारखंड की राजनीति में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक आंदोलन की तरह है। यह संघर्ष और सत्ता की वो कहानी है, जिसने झारखंड की राजनीति को न केवल नया रूप दिया, बल्कि इसे एक अलग पहचान भी दिलाई। झारखंड आंदोलन से जन्मी यह पार्टी आज सत्ता के केंद्र में है, लेकिन क्या इसका मूल संघर्ष अभी भी वही है? क्या झामुमो अपने मूल सिद्धांतों पर कायम है या सत्ता की राजनीति में उलझ चुका है?

    झंडा मैदान से शुरू हुआ सफर

    4 मार्च 1973 को गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में एक रैली के दौरान झामुमो की नींव रखी गई थी। यह महज एक पार्टी की स्थापना नहीं थी, बल्कि झारखंडी अस्मिता की एक नई शुरुआत थी। 52 साल बाद, वही झंडा मैदान फिर से इतिहास को दोहराने जा रहा है। 4 मार्च को झामुमो अपना 52वां स्थापना दिवस मनाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई बड़े नेता शिरकत करेंगे। संध्या 5 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी।

    सज चुका है झंडा मैदान, दिख रहा सिर्फ हरा रंग

    गिरिडीह के झंडा मैदान और आसपास के इलाकों में झामुमो का रंग बिखर चुका है। 40 से अधिक तोरणद्वार लगाए गए हैं। हजारों होर्डिंग और झंडों से पूरा शहर हरे रंग में रंग चुका है। कार्यकर्ताओं में जोश है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या झामुमो केवल सत्ता तक सीमित रह गया है, या अब भी झारखंड के मूल मुद्दों पर संघर्षरत है? क्या हेमंत सरकार जनआंदोलन के उस मूलभूत लक्ष्य को पूरा कर रही है, जिसके लिए झारखंड अलग राज्य बना?

    शिबू सोरेन: 34 वर्षों से पार्टी की कमान

    झारखंड की राजनीति में एक अनोखी बात यह है कि झामुमो की कमान पिछले 34 वर्षों से एक ही व्यक्ति, शिबू सोरेन, के हाथों में है। 2021 में हुए अधिवेशन में उन्हें 10वीं बार अध्यक्ष और हेमंत सोरेन को तीसरी बार कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। यह दिखाता है कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की गुंजाइश अब भी सीमित है।

    पांच बार सत्ता में झामुमो, लेकिन क्या बदल पाया झारखंड?

    झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद से झामुमो अब तक पांच बार सत्ता में आ चुका है। दिलचस्प यह है कि हर बार मुख्यमंत्री सोरेन परिवार से ही बना।

    • 2005, 2008, 2009 में शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने।
    • 2013-14 और फिर 2019 से अब तक हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हैं।

    हालांकि, इनमें से चार सरकारें अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं। कुछ सरकारें महज़ कुछ दिन चलीं, कुछ छह महीने तो कुछ 14 महीने ही चल सकीं। सवाल यह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा बार-बार सत्ता में आने के बावजूद अपने एजेंडे को लागू करने में क्यों विफल रहा?

    2019 और 2024: ऐतिहासिक जीत, लेकिन क्या असली बदलाव आया?

    2019 में झामुमो ने 81 में से 30 सीटें जीतकर कांग्रेस और आरजेडी के साथ सरकार बनाई। 2024 में पार्टी ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की और गठबंधन ने कुल 81 में से 56 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। लेकिन क्या यह जीत सिर्फ सत्ता की जीत थी, या झारखंड के आम लोगों को भी इसका कोई फायदा हुआ? क्या इस सरकार में शिक्षा, रोजगार और जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दे हल हो पाए?

    संघर्ष के दिन: जब शिबू सोरेन को अंडरग्राउंड होना पड़ा

    झारखंड मुक्ति मोर्चा का जन्म केवल एक राजनीतिक दल के रूप में नहीं हुआ था, बल्कि यह झारखंड की अस्मिता की लड़ाई थी। जब शिबू सोरेन 12 साल के थे, तब सूदखोरों ने उनके पिता की हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने महाजनों और शोषण के खिलाफ संघर्ष शुरू किया, जो कई बार हिंसक भी हुआ। उन्हें कई बार अंडरग्राउंड होना पड़ा। आखिरकार, धनबाद के जिलाधिकारी के.बी. सक्सेना और कांग्रेस नेता ज्ञानरंजन की पहल से उन्होंने आत्मसमर्पण किया और जेल गए।

    ‘सोनोत संताल’ और ‘शिवाजी समाज’ के विलय से बनी झामुमो

    1972 में ‘सोनोत संताल’ और विनोद बिहारी महतो के नेतृत्व वाले ‘शिवाजी समाज’ के विलय से झामुमो का गठन हुआ। ट्रेड यूनियन नेता ए.के. राय की इसमें अहम भूमिका रही।

    • पहले अध्यक्ष: विनोद बिहारी महतो
    • पहले महासचिव: शिबू सोरेन

    1972 मे धनबाद के डीसी केबी सक्सेना थे वे आदिवासियों के शोषण के  विरुद्ध कड़ी कारवाई करने वाले ईमानदार अधिकारियों मे गिने जाते थे । उनकी कार्यशैली और विचारधारा ने शिबू सोरेन को काफी प्रभावित किया । डीसी केबी सक्सेना  का आकर्षण उन्हे प्रसाशन के करीब ले आया । इससे उनकी संघरशीलता बाधित हुई और  आपताकाल के दौरान उन्होने 20 सूत्री कार्यक्रम का समर्थन किया । काँग्रेस की उनकी निकटता बढ़ती गयी और विनोद बिहारी महतो तथा एके राय से दूरी बढ़ाने लगी ।  1980 के चुनाव मे शिबू सोरेन ने काँग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन कर लिया और महतो समर्थक उनसे अलग हो गए  और जेएमएम विभाजित हो गया । 1980 में शिबू सोरेन पहली बार दुमका से सांसद बने। बिहार विधानसभा चुनाव में संथाल परगना की 18 में से 9 सीटें जीतकर पार्टी ने पहली बार अपनी ताकत दिखाई।1990 मे बिहार मे जब पहली बार लालू प्रसाद की सरकार बनी तो जेएमएम ने सरकार को संरता के एवज मे सत्ता सुख का आनंद उठाया ।

    हेमंत सोरेन: नया नेतृत्व, लेकिन पुरानी राजनीति?

    2015 में जमशेदपुर अधिवेशन में हेमंत सोरेन को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया और पार्टी एक नए दौर में प्रवेश कर गई। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह नया दौर झारखंड की असली समस्याओं को हल कर सका है? आज भी आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की लड़ाई जारी है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार झारखंड की बड़ी समस्या बने हुए हैं।

    क्या झारखंड को नई राजनीति की जरूरत है?

    झामुमो की राजनीति अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रही है। सवाल यह है कि क्या झारखंड को एक नई राजनीति की जरूरत है? क्या झामुमो अपनी पारिवारिक राजनीति से बाहर निकलकर नए नेतृत्व को जगह देगा? झारखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति आज भी खराब बनी हुई है। क्या झामुमो अब भी जनआंदोलन की उस धार को बरकरार रख पाएगा?

    संघर्ष से सत्ता तक: लेकिन आगे क्या?

    झारखंड मुक्ति मोर्चा की यात्रा केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं है। यह झारखंड की आत्मा से जुड़ा आंदोलन है, जिसने राज्य को अलग पहचान दिलाई। लेकिन अब जब पार्टी सत्ता में है, तो क्या यह अपने मूल संघर्ष को भूल रही है? क्या यह पार्टी सत्ता और सिद्धांतों के बीच संतुलन बनाए रख पाएगी? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

     

  • इनर व्हील क्लब गिरिडीह सनशाइन ने सर्वाइकल कैंसर जागरूकता के लिए भव्य कार रैली का आयोजन किया

    गिरिडीह: इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य कार रैली का आयोजन किया। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह “अपराजिता” के तहत किया गया और डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन अलकनंदा बक्सी द्वारा दिए गए लक्ष्य के अनुरूप था।

    कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन

    रैली की शुरुआत पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन पूनम सहाय द्वारा गुब्बारे उड़ाकर की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वाइकल कैंसर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और जागरूकता फैलाने की शपथ ली। आयोजन में शामिल सभी कारों को विभिन्न प्रकार के संदेशों और पोस्टरों से सजाया गया था, जिससे कैंसर से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान क्लब की सदस्यों ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है, लेकिन समय रहते इसका पता चल जाए तो इसे रोका जा सकता है।

     

    रैली में उत्साहपूर्वक शामिल हुए क्लब के सदस्य

    रविवार की सुबह आयोजित इस विशेष रैली में 20 कारों ने भाग लिया, जिनमें क्लब की 40 से अधिक महिलाएँ शामिल हुईं। इस रैली का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाना और इसके रोकथाम के उपायों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाना था। गिरिडीह की मुख्य सड़कों से गुज़रती हुई इन सजी-धजी गाड़ियों ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। कारों पर लगाए गए स्लोगन और बैनर लोगों के लिए प्रेरणादायक संदेश दे रहे थे। इनमें से कुछ प्रमुख संदेश थे:

    • “सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है, जागरूकता ही सुरक्षा है!”
    • “नियमित जांच कराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं!”
    • “टीकाकरण से करें बचाव, सर्वाइकल कैंसर को भगाएं दूर!”

    सर्वश्रेष्ठ कारों को किया गया सम्मानित

    इस रैली के दौरान सबसे सुंदर और संदेशपरक तरीके से सजाई गई कारों को सम्मानित किया गया।

    • सर्वश्रेष्ठ कार: सचिन राखी झुनझुनवाला की कार को पहला स्थान प्राप्त हुआ।
    • द्वितीय स्थान: पूनम सहाय की कार को दूसरा स्थान मिला।
    • तृतीय स्थान: आईपीपी सुमन गौरीसरिया की कार तीसरे स्थान पर रही।

    इन विजेताओं को आगामी 8 मार्च को विशेष पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस तरह के आयोजनों से समाज में जागरूकता फैलाने में कितनी मदद मिलती है।

    जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने का प्रयास

    इस अभियान के तहत इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। क्लब की अध्यक्ष सोनाली तरवे ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि लोगों को सही जानकारी देना भी है, ताकि वे समय पर इस बीमारी से बचाव के लिए कदम उठा सकें।”

    क्लब सचिव राखी झुनझुनवाला ने बताया कि क्लब की सदस्य समय-समय पर विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को इस विषय पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुँच सके।

    कार्यक्रम में क्लब के सभी पदाधिकारी रहे सक्रिय

    इस कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब की कई प्रमुख सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्लब सचिव राखी झुनझुनवाला, आईपीपी सुमन गौरीसरिया, कोषाध्यक्ष स्मृति आनंद, आईएसओ सुनीता शर्मा, और संपादक दीप्ति सिन्हा ने मिलकर इस आयोजन को प्रभावशाली बनाया।

    कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी महिलाओं को जानकारी दी और बताया कि कैंसर से बचने के लिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना कितना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को अगर बार-बार असामान्य रक्तस्राव, पीठ दर्द, पेशाब में जलन, या असहजता महसूस हो रही हो तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    सर्वाइकल कैंसर क्या  है?

    सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन रोके जाने योग्य कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है। गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय  और योनि  को जोड़ने वाला निचला हिस्सा होता है।

    सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण

    सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण है। HPV एक सामान्य वायरस है, जो मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। हालांकि, यह संक्रमण आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह कैंसर में परिवर्तित हो सकता है।

    सर्वाइकल कैंसर: एक गंभीर मुद्दा

    सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है। यह एक धीमी गति से बढ़ने वाला कैंसर है, जिसे यदि प्रारंभिक अवस्था में पहचान लिया जाए तो सफलतापूर्वक उपचार किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित उपाय अपनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है:

    1. HPV टीकाकरण: यह 9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों और महिलाओं के लिए अत्यधिक प्रभावी होता है।
    2. नियमित पैप स्मीयर टेस्ट: यह जांच सर्वाइकल कैंसर के प्रारंभिक संकेतों का पता लगाने में मदद करती है।
    3. सुरक्षित यौन संबंध: जागरूकता और सुरक्षा उपाय अपनाने से इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है।
    4. स्वस्थ जीवनशैली: धूम्रपान से बचाव, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है।

    इनर व्हील क्लब का सामाजिक योगदान

    इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन हमेशा से सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित रहा है। यह क्लब न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर काम करता है, बल्कि समाज के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सक्रिय रहता है। क्लब की सदस्याओं का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।

    इनर व्हील क्लब ने इस जागरूकता अभियान के तहत कुछ प्रमुख संकल्प लिए:

    • महिलाओं को मुफ्त सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए स्थानीय अस्पतालों से संपर्क करना।
    • स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवा लड़कियों को HPV वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक करना।
    • कैंसर सर्वाइकल के अलावा अन्य प्रकार के कैंसर जैसे स्तन कैंसर पर भी जागरूकता अभियान चलाना।
    • समाज में स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी कार्य करना।

    इस आयोजन की सफलता ने साबित कर दिया कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर किसी समस्या के समाधान की दिशा में कार्य करें, तो एक बड़े बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। इस रैली ने न केवल गिरिडीह में बल्कि आसपास के इलाकों में भी सर्वाइकल कैंसर जागरूकता की एक नई लहर पैदा की है।

  • स्कॉलर B.Ed कॉलेज में पांच दिवसीय लेक्चर सीरीज का आयोजन: छात्रों के बौद्धिक विकास पर जोर

    रिपोर्ट -चन्दन पांडेय

    गिरिडीह: शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सोचने, समझने और आत्मविश्लेषण की क्षमता विकसित करना भी है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्कॉलर B.Ed कॉलेज, बनहत्ती में 1 मार्च से 5 मार्च 2025 तक पांच दिवसीय लेक्चर सीरीज का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों के बौद्धिक विकास, सकारात्मक चिंतन एवं सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना था।

    कार्यक्रम की भव्य शुरुआत

    कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला एवं डीएलएड प्रभारी डॉ. हरदीप कौर द्वारा मुख्य अतिथि गिरिडीह कॉलेज गिरिडीह के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार एवं मुख्य वक्ता डॉ. मृत्युंजय प्रसाद (प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन, विनोबा भावे यूनिवर्सिटी) को पुष्पगुच्छ एवं सॉल भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके पश्चात दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

    शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रेरणादायक विचार

    प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार इस संस्थान को नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा सिर्फ जानकारी अर्जित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका उपयोग समाज को सशक्त बनाने में होना चाहिए।

    मुख्य अतिथि डॉ. अनुज कुमार ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप भावी शिक्षक हैं, और समाज में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। आपको निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी, जिससे आप शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन ला सकें।”

    मुख्य वक्ता डॉ. मृत्युंजय प्रसाद ने अपने व्याख्यान में सकारात्मक शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “अगर शिक्षण में सकारात्मकता नहीं है, तो ऐसा शिक्षण किसी काम का नहीं। सकारात्मक शिक्षण राष्ट्र को ऊर्जा प्रदान करता है।” संस्कृत की पंक्तियों का संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि जब हम साथ-साथ खेलेंगे, खाएंगे और पढ़ेंगे, तभी हमारा देश सशक्त बनेगा।

    लेक्चर सीरीज के विषय

    इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई:

    1. सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाए रखना और छात्र व्यवहार प्रबंधन की रणनीतियाँ
    2. भाषा विकास के सिद्धांत और प्रभावी भाषा कौशल को बढ़ावा देना
    3. बाल विकास के चरण: संज्ञानात्मक, सामाजिक विकास और भावनात्मक पहलू
    4. प्रभावी पाठ योजना बनाना और उद्देश्यों को विषय वस्तु के साथ संरेखित करना
    5. 21वीं सदी के लिए प्रभावी शिक्षण रणनीतियाँ

    आयोजन समिति और सहभागिता

    इस कार्यक्रम के समन्वयक आशीष राज, डॉ. संतोष कुमार चौधरी एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। मंच संचालन की जिम्मेदारी आशीष राज और डॉ. संतोष कुमार चौधरी ने संभाली, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संतोष कुमार चौधरी द्वारा किया गया।

    इस अवसर पर डॉ. सुधांशु शेखर जमैयार, रंजीत कुमार, स्मिता कुमारी समेत अन्य सहायक प्राध्यापकगण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षु छात्रों ने भाग लिया और अपने शैक्षिक विकास के लिए इस अवसर का लाभ उठाया।

    इस पांच दिवसीय लेक्चर सीरीज से  छात्रों को न केवल शिक्षण क्षेत्र की गहरी समझ प्रदान  करेगा , बल्कि उन्हें शिक्षण के आधुनिक और प्रभावी तरीकों से भी अवगत कराया जाएगा । यह पहल भविष्य के शिक्षकों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी और शिक्षा के क्षेत्र में एक नए परिवर्तन की नींव रखेगी

     

  •  मैट्रिक की हिंदी और विज्ञान परीक्षा रद्द , जैक ने नए शेड्यूल का किया ऐलान

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक परीक्षा के दो अहम विषय—हिंदी और विज्ञान—की रद्द परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है ।  गौरतलब है कि  सोशल मीडिया पर पेपर लीक की खबर  सुर्खियां बनी थी और बाद मे जैक ने इन दोनों विषयों  की  परीक्षा रद्द कर दी  ।

    जैक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 18 फरवरी 2025 को आयोजित हिंदी (कोर्स A और B) और 20 फरवरी 2025 को हुई विज्ञान की परीक्षा को अमान्य घोषित कर दिया गया है। यानी इन परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाएगा।

    नया परीक्षा शेड्यूल जारी

    अगर आप भी उन छात्रों में शामिल हैं जिन्होंने यह परीक्षा दी थी, तो नए डेट्स नोट कर लीजिए—
    📌 हिंदी A और हिंदी B की पुनर्परीक्षा: 7 मार्च 2025 (शुक्रवार)
    📌 विज्ञान की पुनर्परीक्षा: 8 मार्च 2025 (शनिवार)

    अब छात्रों को दोबारा अपनी तैयारी करनी होगी, लेकिन सवाल यही है—बार-बार परीक्षा रद्द होने से छात्रों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा?

  • गिरिडीह: वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 15 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद!

    गिरिडीह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ वाहन चोर जिले में सक्रिय हैं। इस इनपुट के आधार पर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार  के निर्देश पर पचम्बा थाना क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान शाम करीब 4:50 बजे बनखंजो पुल के पास एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस को देखते ही वह बाइक छोड़कर भागने लगा, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने तुरंत पीछा कर उसे धर दबोचा।

    गिरफ्तार चोर का खुलासा!

    पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अभिषेक कुमार वर्णवाल उर्फ गोलू (24) बताया, जो गिरिडीह जिले के शास्त्रीनगर में रह रहा था। जब पुलिस ने बाइक के वैध कागजात मांगे, तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछने पर उसने कबूल किया कि यह बाइक 18 फरवरी 2025 को भंडारीडीह से चोरी की गई थी। इतना ही नहीं, उसने ये भी माना कि गिरिडीह के पचम्बा, नगर, मुफ्फसिल और अन्य थाना क्षेत्रों से कई और मोटरसाइकिलें चोरी की गई हैं।

    घर की पार्किंग से मिलीं 5 बाइक!

    अभिषेक ने बताया कि उसने चोरी की बाइक अपने शास्त्रीनगर स्थित घर में छिपा रखी हैं। पुलिस ने उसके बताए ठिकाने पर छापेमारी की, जहां 5 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गईं।

    और भी चौंकाने वाला खुलासा!

    अभिषेक ने पुलिस को बताया कि कुछ चोरी की बाइक चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरा निवासी लाला पासवान उर्फ लखन पासवान के पास हैं, जबकि कुछ बाइकों को चंद्रमंडी के ग्राम बाम्दा के जंगल में छिपाया गया है।

    जंगल और साथी के घर से मिलीं और मोटरसाइकिलें

    पुलिस ने तुरंत दोनों जगह छापेमारी की और 9 और बाइक बरामद कर लीं—
    ✅ लाला पासवान के घर से 5 बाइक
    ✅ सुनसान जंगल से 4 बाइक

    कुल 15 चोरी की बाइक बरामद, जांच जारी!

    अब तक कुल 15 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की जा चुकी हैं, और बाकी चोरी की गाड़ियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

    अभिषेक कुमार वर्णवाल उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके खिलाफ पचम्बा थाना में कांड संख्या 26/25, दिनांक 27.02.2025 को धारा 303(2)/317(5)/210(a)/336(3) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

  • गिरिडीह कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन

    गिरिडीह कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का शानदार आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 के प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार वर्मा मौजूद रहे।

    प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर साल 28 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहित करना है। वहीं, प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 1928 में इसी दिन भारतीय वैज्ञानिक सी. वी. रमन ने “रमन प्रभाव” की खोज की थी, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उनकी इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में 1986 में भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 के स्वयंसेवक अंकित, राहुल, रवि, रंजीत, रंजीत दास, सतीश, सुनील, राजन, रोहित आदि की विशेष उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान विज्ञान के महत्व और इसके विकास में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।

    रिपोर्ट –चन्दन पाण्डेय

  • दसवीं बोर्ड पेपर लीक: गिरिडीह से मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

    जैक प्रश्न पत्र लीक मामले में कोडरमा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड समेत छह गिरफ्तार

    कोडरमा पुलिस ने सोमवार तड़के सुबह 4 बजे नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरगंडा स्थित एक मकान में छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब 10 बजे तक चली और एसडीपीओ अनिल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने जैक पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड समेत छह युवकों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी न्यू बरगंडा के उक्त मकान में रहकर पढ़ाई करने के साथ-साथ प्रश्न पत्र लीक करने में भी संलिप्त थे।

    एसडीपीओ अनिल सिंह ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में विज्ञान के प्रश्न पत्र बरामद किए हैं। इसके अलावा, कई मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर कोडरमा ले जाया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हैं और पेपर लीक कैसे किया जा रहा था।

  • झारखंड : मैट्रिक पेपर लीक मामला: डीजीपी की बड़ी कार्रवाई,  दोषियों की होगी जल्द गिरफ्तारी

    झारखंड में मैट्रिक परीक्षा के पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूरे राज्य में इसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उच्च अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में कोडरमा और गढ़वा जिले के जांच अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

    जांच की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

    डीजीपी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर लीक कहां से हुआ। साथ ही बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं, जिससे इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य साजिशकर्ता को बेनकाब किया जा सके।

    पुलिस ने तेज की कार्रवाई, डिजिटल उपकरणों की जांच जारी

    बैठक में डीजीपी ने जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए समयबद्ध तरीके से मामले की तह तक पहुंचा जाए। पुलिस दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कमर कस चुकी है।

    जैक पेपर लीक का अब तक नहीं मिला कोई सुराग!

    हालांकि, पुलिस अब तक पेपर लीक के असली स्रोत तक नहीं पहुंच पाई है। अब तक की जांच में सिर्फ वे लोग पकड़े गए हैं, जिन्होंने लीक प्रश्नपत्र को इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे लगातार पूछताछ जारी है।

    पुलिस वायरल प्रश्नपत्र के बारकोड से उसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। कोडरमा जिला प्रशासन ने अपनी जांच के बाद JAC को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें कहा गया है कि पेपर कोडरमा से लीक नहीं हुआ है।

    संदिग्धों से हो रही पूछताछ, अफवाहों पर न दें ध्यान

    इधर, पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। इस बीच मंगलवार को होने वाली सामाजिक विज्ञान की परीक्षा को लेकर भी अफवाहों का दौर चल रहा है। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और परीक्षा की तैयारियों पर फोकस करें।

    डीजीपी की बैठक में कौन-कौन थे शामिल?

    इस अहम बैठक में आइजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज, डीआइजी हजारीबाग संजीव कुमार, डीआइजी पलामू वाई.एस. रमेश, गढ़वा और कोडरमा के एसपी भी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जाए।

    अब देखना यह होगा कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में कब तक सफलता हासिल करती है और असली गुनहगार कब तक कानून की गिरफ्त में आते हैं।

  • गिरिडीह : डीएवी स्कूलों में ऑनलाइन कानूनी साक्षरता क्लब का जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने किया उद्घाटन

    गिरिडीह: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देशानुसार गिरिडीह जिले के तीन डीएवी स्कूलों—बीएनएस डीएवी सिरसिया, श्री रामकृष्ण डीएवी सरिया और डीएवी सीसीएल—में ऑनलाइन कानूनी साक्षरता क्लब का उद्घाटन किया गया।

    इस अवसर पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष झालसा, जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने न्याय सदन, डोरंडा से इस क्लब का वर्चुअल उद्घाटन किया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और स्कूल प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया।

    उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे सम्माननीय अतिथि

    कार्यक्रम में अमित कुमार, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय), राजेश कुमार बग्गा (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम), हरिओम कुमार (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ), सुश्री सुशीला हंसदा (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी), महबूब आलम,  कुमारी रूबी, एलएडीसीएस गौरी शंकर सहाय, फैयाज अहमद, पुरुषोत्तम कुमार, रविकांत शर्मा, पैनल अधिवक्तागण मो. शाहनवाज, अमित कुमार, सूरज नयन और तृप्ति रंजना उपस्थित रहे।

    छात्रों को मिलेगा कानूनी जागरूकता का लाभ

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके मौलिक अधिकारों एवं कानूनी सेवाओं की जानकारी देना और समाज में न्याय की पहुंच को मजबूत करना था। सीसीएल डीएवी के छात्र पारस कुमार माजी को पेंटिंग प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

    गौतलब है कि झारखंड राज्य के 72 डीएवी स्कूलों में कानूनी साक्षरता क्लब का वर्चुअल उद्घाटन किया गया है। इसके माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्कूलों में नियमित रूप से कानूनी जानकारी प्रदान करेगा।

    विद्यालय प्राचार्य का आभार प्रकट

    बीएनएस डीएवी, गिरिडीह के प्राचार्य योगेश्वर शर्मा ने झालसा के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह क्लब छात्रों को कानूनी साक्षरता, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देने में सहायक होगा। उन्होंने डालसा, गिरिडीह से अनुरोध किया कि वे विधि विशेषज्ञों की सहायता से प्रतिमाह विद्यालय में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे छात्रों को कानून की बारीकियों को समझने और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर तलाशने का अवसर मिले।

    न्यायिक साक्षरता से समाज होगा सशक्त

    गिरिडीह जिले में कानूनी साक्षरता कार्यक्रम लगातार जारी हैं, जिससे छात्रों और आम नागरिकों को कानूनी प्रक्रियाओं एवं अधिकारों की जानकारी मिल रही है। आने वाले समय में ये क्लब न्यायिक जागरूकता को बढ़ावा देंगे और समाज में कानूनी ज्ञान का प्रसार करेंगे।

    रिपोर्ट- चंदन पांडे

     

  • गिरिडीह : हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार! मुंगेर से मंगाए गए थे मिस्त्री!

    रिपोर्ट-परवेज़ आलम 

    गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है! जी हां, ये कोई मामूली वर्कशॉप नहीं, बल्कि एक ऐसी फैक्ट्री थी, जहां देसी कट्टे और पिस्टल बनाए जा रहे थे! पुलिस ने छापा मारकर यहां से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में हथियार बनाने की सामग्री भी बरामद की है!

    गांव में ही चल रहा था पूरा नेटवर्क!

    पुलिस को सूचना मिली कि जमुआ थाना क्षेत्र के चपरियामो गांव में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं! जब टीम ने शनिवार देर रात रेड डाली, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था! मो दयमुद्दीन के  अर्धनिर्मित मकान में पूरी गन फैक्ट्री चल रही थी! और खास बात ये कि यहां मुंगेर से मिस्त्री बुलाकर पिस्टल तैयार करवाई जा रही थी! पुलिस ने मौके से 10 नई पिस्टल, ड्रिलिंग मशीन, लोहे के सांचे, जेनरेटर समेत कई उपकरण बरामद किए हैं!

    40 देसी कट्टे पहले ही सप्लाई हो चुके थे!

    जांच में पता चला है कि पिछले महीने ही इस फैक्ट्री में बने 40 देसी कट्टे बिहार के मुंगेर में सलीम नाम के अपराधी को सप्लाई किए गए थे! यानी गिरिडीह से लेकर मुंगेर तक अवैध हथियारों का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ था! पुलिस ने इस फैक्ट्री का संचालन कर रहे  मो दयमुद्दीन समेत 6 लोगों को धर दबोचा है! पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं!

    अब देखना होगा कि क्या पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म कर पाएगी या नहीं? झारखंड और बिहार में फैले अवैध हथियार तस्करी के इस खेल का पूरा सच क्या है? ये आने वाले दिनों में साफ होगा!