Category: Giridih

  • लंगटा समाधि स्थल: आस्था और एकता का अभूतपूर्व संगम

    गिरिडीह: खरगडीहा स्थित लंगटा बाबा के समाधि स्थल पर इस बार भी आस्था का सैलाब उमड़ा। पौष पूर्णिमा के मौके पर हर साल की तरह इस वर्ष भी समाधि पर्व मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ ने भाईचारे और समरसता की मिसाल पेश की। अहले सुबह तीन बजे जमुआ थाना प्रभारी मणिकांत कुमार ने बाबा की समाधि पर पहली चादरपोशी कर आयोजन का शुभारंभ किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं ने चादरपोशी शुरू की, जो दिनभर जारी रही।

    लंगटा बाबा: पीड़ित मानवता के उद्धारक संत
    कहा जाता है कि 1870 में देवघर जाते समय नागा साधुओं का एक दल खरगडीहा के पुलिस थाना परिसर में रुका। सभी साधु अगले दिन रवाना हो गए, लेकिन एक साधु नग्न अवस्था में धूनी रमाए वहीं बैठे रहे। यही साधु बाद में लंगटा बाबा के रूप में विख्यात हुए। 1910 की पौष पूर्णिमा को बाबा ने महासमाधि ले ली। बाबा के जीवन में अनेक चमत्कार और लीलाएं जुड़ी हैं। उन्होंने न केवल लोगों की समस्याएं दूर कीं, बल्कि अमीर-गरीब, जाति-धर्म से परे सभी को समान रूप से सम्मान दिया।

    भाईचारे की मिसाल
    लंगटा बाबा के समाधि पर्व पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की बराबर भागीदारी होती है। परंपरा के अनुसार, सुबह हिंदू धर्मावलंबियों ने चादरपोशी की और दोपहर बाद मुस्लिम समुदाय ने अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस आयोजन में झारखंड, बिहार सहित अन्य प्रदेशों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा के प्रति आस्था का आलम ऐसा है कि उनकी समाधि पर सिर झुकाने वालों में हर वर्ग और धर्म के लोग शामिल होते हैं।

    विशेष व्यवस्थाएं और चुनौतियां
    मेले में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, लेकिन भारी भीड़ के कारण व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं। समाधिस्थल तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था, और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समाधिस्थल पर श्रद्धा निवेदित की।

    समाज को जोड़ने का संदेश
    लंगटा बाबा का समाधि पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। उनकी शिक्षाएं और साधना आज भी लोगों को प्रेम, समानता और भाईचारे का संदेश देती हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार, बाबा के दरबार में मन्नत मांगने से हर समस्या का समाधान होता है।

    लंगटा बाबा का समाधि स्थल हर वर्ष यह याद दिलाता है कि सच्ची आस्था और इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती। यही वजह है कि बाबा के प्रति आस्था अडिग है और उनका समाधि पर्व एकता और मानवता का जश्न बन चुका है।

     

  • मानवता की मिसाल बने झामुमो नेता हसनैन अली!

     

    गिरिडीह के बरगंडा इलाके की भगवानी देवी, जो गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत नाज़ुक थी क्योंकि ऑपरेशन के लिए ज़रूरी खून उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। परिजनों की आंखों में चिंता और थकावट साफ झलक रही थी क्योंकि रक्त की तलाश में वे हर दरवाज़ा खटखटा चुके थे।

    और तभी, मैदान में उतरे झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा नेता मो. हसनैन अली। जैसे ही उन्हें इस संकट की जानकारी मिली, अपने सारे निजी कार्यक्रम छोड़कर अस्पताल पहुंचे। बिना देरी किए, उन्होंने भगवानी देवी के लिए रक्तदान किया और उनकी जान बचाने का एक बड़ा काम कर दिखाया।

    “मुझे गर्व है कि मैं किसी की ज़िंदगी बचाने के काम आ सका। अभी तक 38 बार रक्तदान कर चुका हूं, और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा,” हसनैन अली ने बताया।

    यह सिर्फ रक्तदान नहीं, बल्कि यह एक संदेश है—इंसानियत सबसे ऊपर है। हसनैन अली ने यह साबित कर दिया कि एक सच्चा नेता वही है, जो जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़ा हो।

     

  • उसरी महोत्सव: पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता का महाअभियान

    गिरिडीह में उसरी महोत्सव को लेकर सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत महोत्सव स्थल, उसरी नदी का निरीक्षण कर हुई, जहां दर्जनों लोगों ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।

    समीक्षा बैठक में बड़े निर्णय।

    उसरी बचाओ अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने घोषणा की कि 12 जनवरी, रविवार को शास्त्री नगर स्थित उसरी घाट से जेपी चौक तक एक जागरूकता पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा में सैकड़ों लोग हिस्सा लेंगे। बैठक में विनय सिंह, आलोक मिश्रा और बासुदेव राम समेत कोर कमिटी के सदस्यों ने तीन दिवसीय महोत्सव के आयोजन पर विस्तार से चर्चा की।

    संयोजक राजेश सिन्हा ने बताया कि 17, 18 और 19 जनवरी को शास्त्री नगर स्थित अमित बरदियार छठ घाट पर उसरी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “जलस्रोत समाप्त हो रहे हैं, और इसे बचाने के लिए लोगों की निष्क्रियता को समाप्त करना जरूरी है।”

    महोत्सव की झलकियां।

    महोत्सव सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खेलकूद, क्विज़, पेंटिंग, भाषण प्रतियोगिता, मेहंदी, तैराकी, क्रिकेट, फुटबॉल, डांस, नाटक, कव्वाली, भजन, ग़ज़ल, कवि सम्मेलन और मुशायरा जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। महोत्सव में हजारों छात्रों के भाग लेने की संभावना है।

    विशेष अतिथि और जन सहभागिता।

    महोत्सव का उद्घाटन नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू करेंगे। इसके अलावा, गिरिडीह के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त, और डीडीसी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। सभी राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक संगठनों को भी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया है।

    नुक्कड़ नाटक और प्रचार से बढ़ेगी जागरूकता।

    पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटकों और प्रचार अभियानों को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम स्थल पर भी गुरुवार को समीक्षा की जाएगी।

    उसरी बचाओ अभियान के सपने।

    उसरी बचाओ अभियान के योगेश मलिक और एकराम ने बताया कि पिछले दस वर्षों के प्रयासों के बाद अब सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं। छिलका डैम के निर्माण और नदी में नाले के पानी को फिल्टर करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

    कोर ग्रुप की भूमिका।

    कोर ग्रुप के बबलू सानू ने बताया कि ग्रुप में 60 सक्रिय सदस्य हैं, जबकि सलाहकार कमिटी में 100 और उसरी बचाओ अभियान में हजारों लोग जुड़े हुए हैं।

    इस महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई उम्मीद की किरण नजर आ रही है। जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से इस अभियान को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

     

  • तीन युवाओं का राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हुआ चयन, जानिए कहाँ का है मामला

    गिरिडीह: गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड के रौनक कुमार मिश्रा, मोहम्मद जुबेर अहमद और गिरिडीह प्रखंड के प्रिंस कुमार पांडे ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। ये तीनों युवा 12 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हिस्सा लेंगे।

    इनकी इस सफलता पर जिला युवा अधिकारी रवि कुमार मिश्रा और जिला खेल पदाधिकारी अर्जुन बारला ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    रौनक कुमार मिश्रा ने जिला खेल कार्यालय और नेहरू युवा केंद्र, गिरिडीह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव के भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने प्रमंडलीय और राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः उपविजेता और दूसरा स्थान प्राप्त किया। अब वे झारखंड के 60 सदस्यीय दल के साथ राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2025 में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

    मोहम्मद जुबेर अहमद और प्रिंस कुमार पांडे ने “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग” ऑनलाइन प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी सफलता ने उन्हें झारखंड टीम के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का अवसर दिलाया।

    इन तीनों युवाओं की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी ने न केवल गिरिडीह जिले को गर्व महसूस कराया है, बल्कि जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है।

  • गुरू गोबिंद सिंह जी के 358वें प्रकाश पर्व पर उमड़ी आस्था की बयार

    GIRIDIH :  358वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख धर्म के दसवें गुरू, खालसा पंथ के संस्थापक, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारों में सुबह से ही शबद-कीर्तन की गूंज सुनाई दी और लंगर की सेवा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

    गिरिडीह के गुरुद्वारा में इस मौके पर विशेष दीवान सजाया गया। आकर्षक फूलों और रोशनी से सजे गुरुद्वारे में देहरादून के प्रसिद्ध रागी जत्था भाई हरप्रीत सिंह और उनकी टीम ने अपनी भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कीर्तन के माध्यम से संदेश दिया कि जीवन में सुख-शांति पाने के लिए हमें जाति-पाति का भेद मिटाकर एकता की ओर अग्रसर होना चाहिए।

    गुरुद्वारा के प्रधान मुख्य सेवक डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया और सचिव सम्मी सलूजा ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को लेकर 4 जनवरी को अखंड पाठ आरंभ किया गया था, जिसका समापन प्रकाश पर्व पर हुआ। 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक प्रभात फेरियां निकाली गईं।

    डॉ. मोंगिया ने गुरु गोबिंद सिंह जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे केवल सिख धर्म के गुरु ही नहीं थे, बल्कि एक महान दार्शनिक, प्रख्यात कवि, निडर योद्धा और संगीत प्रेमी भी थे। उन्होंने मात्र 9 वर्ष की आयु में सिखों के नेतृत्व का भार संभाला और समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर खालसा पंथ की स्थापना की।

    इस आयोजन की विशेषता रही कि लंगर की पूरी व्यवस्था झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू द्वारा की गई थी। उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा ने अपनी पुत्री के साथ माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। लंगर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।

    मौके पर डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह सलूजा, राजेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने सभी को एकता, प्रेम और सेवा की भावना से जोड़ते हुए गुरु गोबिंद सिंह जी के उपदेशों की याद दिलाई।

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने एकजुटता का लिया संकल्प,समाज सुधार की ओर कदम

    GIRIDIH : रविवार को अंबेडकर भवन में हाड़ी जाति विकास मंच का एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला कमेटी का गठन और ज़िला कमेटी द्वारा प्रमाण पत्र वितरण रहा।

    बैठक में समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया। हाड़ी समाज में विभेद पैदा करने के किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा की गई और एकजुट होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

    प्रदेश अध्यक्ष अनूप लाल हरी ने समाज सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की, वहीं प्रदेश संगठन सचिव आकाश हरि ने संगठन के सदस्यों को संगठित रहकर काम करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर पवन हरि, शाम हरि, सचिन हरि, संतोष हरि, राजा हरि, बबलू हरि, विनोद हरि, सागर हरि, राजेश हरि, अजय हरि, अनिल हरि, चंदन हरि और सनी हरि जैसे प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाड़ी समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने और समाज को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • गिरिडीह : सुरक्षा का कड़ा पहरा, एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एसपी ताज हसन की पुरानी याद  ताज़ा कर दी

    गिरिडीह: अपराध नियंत्रण और शहर की सुरक्षा को लेकर गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कमर कस ली है। शनिवार की आधी रात, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, कड़ाके की ठंड मे एसपी अचानक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर निकले । इस औचक निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। एसपी डॉ. बिमल कुमार के इस औचक निरीक्षण ने तीस साल पहले के एसपी ताज हसन की पुरानी याद ताज़ा कर दी । वे भी बारबरा इसी तरह अचानक सड़क पर निकाल जाते थे ।

    चेक पोस्ट पर सख्ती के आदेश।
    एसपी सबसे पहले उन चेक पोस्ट्स पर पहुंचे, जहां रात में वाहनों की जांच की जा रही थी। तैनात जवानों को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि रात के समय वाहनों की जांच में कोई ढिलाई न हो। खासतौर पर दोपहिया वाहनों पर पैनी नजर रखने की बात कही गई।

    रात 10 बजे के बाद दुकानें होंगी बंद।
    रात 12 बजे तक खुली रहने वाली दुकानें और गुमटियां भी एसपी की नजर से नहीं बच सकीं। उन्होंने संचालकों से सख्त लहजे में कहा कि रात 10 बजे के बाद दुकानें बंद हो जानी चाहिए। मौके पर मौजूद नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद और इंस्पेक्टर मंटू कुमार को आदेश दिया गया कि समय सीमा का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करें।

    बेवजह घूमने वालों की हुई पूछताछ।
    रात के समय सड़कों पर बाइक चलाते या पैदल घूमते लोगों से एसपी ने खुद पूछताछ की। उनसे आईडी कार्ड मांगे गए और ठोस कारण न बता पाने वालों को थाने ले जाया गया। ऐसे लोगों से कड़ी पूछताछ की गई। एसपी ने पुलिस टीम को निर्देश दिया कि रात 10-11 बजे के बाद जो भी व्यक्ति सड़कों पर बिना वजह घूमता दिखे, उसे रोककर कारण पूछा जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाए।

    अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर।
    एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि शहर में बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों, खासकर दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों का इस्तेमाल असामाजिक तत्व गिरिडीह में प्रवेश करने के लिए करते हैं। इनपर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी का यह औचक निरीक्षण और सख्त कदम गिरिडीह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास है। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां आम जनता राहत महसूस कर रही है, वहीं अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए यह सख्त संदेश भी है।

  • गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व कल , प्रभात फेरी जारी

    गिरिडीह : सिखों के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व को लेकर गिरिडीह में भक्तिमय उत्सव का दौर जारी है। रविवार को प्रभात फेरी के पांचवें दिन गिरिडीह के पंजाबी मोहल्ला गुरुद्वारा से प्रभात फेरी का आयोजन हुआ। यह फेरी शहर के विभिन्न मार्गों – मकतपुर, कालीबाड़ी चौक, मुस्लिम बाजार, बड़ा चौक होते हुए मुख्य गुरुद्वारा स्टेशन रोड तक पहुंची।

    इस दौरान सिख समुदाय के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। भक्तगण भजन-कीर्तन करते हुए पूरे माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर रहे थे। गिरती हुई ठंड और ठिठुरन भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी।

    मुख्य गुरुद्वारा पहुंचने पर प्रभात फेरी का स्वागत पुष्प वर्षा और निशान साहब पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद स्थानीय रागी जत्थों द्वारा शब्द-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

    गुरुद्वारा प्रबंधन का विशेष योगदान।
    इस आयोजन पर श्री गुरु सिंह सभा गिरिडीह के प्रधान डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया ने बताया कि प्रकाश पर्व को लेकर गुरुद्वारे में अखंड पाठ लगातार जारी है। पांच दिनों तक प्रभात फेरी के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सोमवार को मुख्य गुरुद्वारे में सुबह से ही शब्द-कीर्तन और लंगर का आयोजन होगा। उन्होंने गिरिडीह वासियों से गुरुद्वारे में आकर गुरुवाणी का श्रवण करने की अपील की।

    इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया, सचिव सरदार नरेंद्र सिंह सम्मी, डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, सरदार चरणजीत सिंह सलूजा, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार कुंवरजीत सिंह, सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार गुरु भेज सिंह कालरा, सतविंदर सिंह सलूजा, सरदार परमजीत सिंह और सरदार अजिंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।

     

  • गिरिडीह : सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम,ग्रामीणों से सीधा संवाद

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट………

    गिरिडीह जिले में सरकार और प्रशासन मिलकर वंचित समुदायों के उत्थान की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज पीरटाड़ प्रखंड के नौकोनिया गांव में एक अनोखा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं के लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

    पारंपरिक स्वागत और कल्याण योजनाओं की जानकारी।
    कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ, जहां उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागतकिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और अपील की कि सभी इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

    मनरेगा कार्ड और ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण।
    कार्यक्रम में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने जरूरतमंदों के बीच मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए। साथ ही, बढ़ती ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े और कंबल बांटे गए, ताकि ग्रामीण शीतलहर से बच सकें। उपायुक्त ने ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील भी की।

    बच्चों के लिए खेल सामग्री और शैक्षणिक सामग्रियां वितरित।
    उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई और खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल सामग्री जैसे बैट, बॉल, फुटबॉल और शैक्षणिक सामान—कॉपी, पेन, पेंसिल—साथ ही स्वेटर, जूते और मोजे वितरित किए गए। इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद में भी भाग लेना चाहिए।

    गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान।
    कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं का गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए सात्विक और पौष्टिक भोजन के महत्व पर जोर दिया। महिलाओं को उचित आहार और स्वच्छता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

    सामुदायिक पुलिसिंग: भरोसे और जुड़ाव की पहल।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने सामुदायिक पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का जरिया है। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा और भलाई प्रशासन की प्राथमिकता है।

    अधिकारियों की उपस्थिति।
    कार्यक्रम में पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीआरपीएफ के पदाधिकारी, और कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सभी ने सामुदायिक जुड़ाव को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
    गिरिडीह के सुदूर इलाकों में आयोजित यह सामुदायिक कार्यक्रम सिर्फ योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सरकार और प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों तक पहुंचने की एक सकारात्मक पहल थी। नौकोनिया गांव के इस आयोजन ने दिखाया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव की राह आसान हो जाती है।

     

  • मसला स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा का, पुलिस-व्यवसायी मिलकर बैठे

    गिरिडीह के सिरसिया स्थित सेलिब्रेशन होटल में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा और शहर में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने पर मंथन किया गया। यह बैठक गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और गिरिडीह पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।

    पुलिस और व्यवसायियों के बीच संवाद।
    बैठक में गिरिडीह सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीत वाहन उरांव, साइबर डीएसपी आबिद खान, मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम महतो, नगर थाना प्रभारी शैलेश कुमार और पचंबा थाना निरीक्षक मंटू कुमार जैसे प्रमुख पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। स्वर्ण व्यवसायियों ने शहर में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन को अपने सुझाव दिए।

    सीसीटीवी और सेंसर से सुरक्षा का आश्वासन।
    बैठक में पुलिस अधिकारियों ने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्वर्ण दुकानों में सेंसर स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी कहा कि पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

    चैंबर अध्यक्ष ने दिया भरोसा।
    चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन ने कहा, “व्यवसायियों की सुरक्षा चैंबर की प्राथमिकता है। हम उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चिंतन कर रहे हैं। सीसीटीवी और सेंसर के जरिए स्वर्ण व्यवसायियों की दुकानों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जाएगा।”

    व्यवसायियों ने दिए सुझाव।
    बैठक में स्वर्ण व्यवसायियों ने पुलिस और प्रशासन को कई सुझाव दिए, जिनमें बाजार क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ाने और रात के समय गश्त तेज करने की मांग प्रमुख रही।

    उपस्थिति और सहयोग का भरोसा।
    बैठक में गिरिडीह के कई प्रमुख स्वर्ण व्यवसायी जैसे सौरभ बर्मन, विनोद बर्मन, प्रमोद स्वर्णकार, बबलू बर्मन, अजय स्वर्णकार, बाबू, गाजू सोनार, सुमेर, चिंटू कुमार, सुबोध बर्मन और संजय उपस्थित थे। सभी ने इस पहल का स्वागत किया और अपनी ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

    अपराध पर लगाम की तैयारी।
    गिरिडीह में स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक सकारात्मक कदम है। पुलिस प्रशासन और चैंबर ऑफ कॉमर्स का यह साझा प्रयास अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि उनकी हर गतिविधि पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वहीं, व्यवसायियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है।

    यह बैठक केवल एक संवाद नहीं, बल्कि शहर में बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और व्यवसायियों के विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।