Category: Giridih

  • गिरिडीह में भाजपा का धरना: चाईबासा कांड के विरोध में फूटा गुस्सा, मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

    THE NEWS POST4U.

    गिरिडीह:झारखंड के चाईबासा में एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को गिरिडीह जिला भाजपा ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।

    धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने राज्य सरकार की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की।

    धरना को संबोधित करते हुए महादेव दुबे ने कहा कि — “चाईबासा की यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की गलती नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सड़ांध को उजागर करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई हुई है, दवा आपूर्ति से लेकर उपकरण खरीद तक में भ्रष्टाचार व्याप्त है।

    दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर कमीशनखोरी के आधार पर दिए जा रहे हैं, जिससे घटिया सामग्री और सेवाएं मरीजों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने इसे राज्य की जनता के जीवन से खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल से स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।

    भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जनता अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी — हर अस्पताल में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करनी होगी।

    धरना के अंत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राज्य की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।

  • भारत की एकता और शक्ति के प्रतीक दो महान नेताओं को गिरिडीह कांग्रेस ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि


     चन्दन  नीतू  की रिपोर्ट.

    गिरिडीह: आज का दिन राष्ट्र की आत्मा को झकझोर देने वाला और प्रेरणा से भर देने वाला रहा। एक ओर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, जिन्होंने बिखरे भारत को एक सूत्र में पिरोया — तो दूसरी ओर भारत की आयरन लेडी इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि, जिनके साहस ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दी।
    इन्हीं दो महान आत्माओं की याद में गिरिडीह जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    कार्यक्रम की शुरुआत दोनों नेताओं के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से हुई।
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा —

    “आज हम उस लौह पुरुष को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में बांधकर आधुनिक भारत की नींव रखी। सरदार पटेल केवल नेता नहीं, बल्कि भारत की एकता के शिल्पकार थे। वहीं, इंदिरा गांधी का अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा है।”

    उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की मजबूत नींव रखी और भारत को “शक्ति और स्वाभिमान” का प्रतीक बनाया।

    “1971 के युद्ध में पाकिस्तान के विभाजन के बाद बांग्लादेश का निर्माण — यह उस लौह इच्छाशक्ति का परिणाम था, जिसने दुनिया को भारत की ताकत दिखा दी,” उन्होंने कहा।

    वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नरेश वर्मा ने कहा —

    “आज का दिन सिर्फ याद करने का नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का दिन है। सरदार पटेल की एकता और इंदिरा गांधी के साहस का संगम ही भारत की असली पहचान है।”

    कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यालय एक भावनात्मक माहौल से भर गया। “जय भारत, जय इंदिरा, जय पटेल” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

    इस अवसर पर अशोक विश्वकर्मा, पप्पू विश्वकर्मा, मदन विश्वकर्मा, पंकज कुमार सागर, इरफान अली, गुलाम मुस्तफा, साबिर अहमद खान, परेश नाथ मित्र, अमित कुमार सिन्हा, मनोज कुमार राय, अनिमेष देव, सिकंदर अंसारी, मोहम्मद अली खान, मोहम्मद निजाम, समीम मुखिया, कृष्ण सिंह, शहाबुद्दीन खान, सरफराज अंसारी, सोहेल परमेश्वर मेहता, विनीत भास्कर, मोहम्मद टार्जन, पुरुषोत्तम चौधरी, मोहम्मद सोहेल, सोनू खान, क्यामुल अंसारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    यह कार्यक्रम न सिर्फ श्रद्धांजलि सभा थी, बल्कि भारत की एकता, त्याग और नेतृत्व की विरासत को फिर से याद करने का संकल्प भी।

     

  • “मोंगिया का प्लांट नहीं लगने देंगे, तो नहीं लगने देंगे!” — गूंज उठा चतरो गांव

    परवेज़ आलम.

    गिरिडीह : शनिवार को चतरो गांव का उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंझलाडीह एक बार फिर जनआवाज़ से गूंज उठा। मौका था मेसर्स मोंगिया पावर प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तारीकरण परियोजना को लेकर आयोजित पर्यावरणीय लोक सुनवाई का। लेकिन यह सुनवाई कुछ ही मिनटों में “लोक” से “विरोध सभा” बन गई।

    “स्पंज फैक्ट्री नहीं लगेगा, नहीं लगेगा…”,
    “प्रदूषण मुक्त गिरिडीह हमारा अधिकार है!”,
    “पर्यावरण के दुश्मनों होश में आओ!”
    — ये नारे पूरे गांव में गूंजते रहे।

    सुनवाई की अध्यक्षता सदर एसडीओ श्रीकांत यशवंत विस्पुते कर रहे थे। उनके साथ झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद रांची के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी रामरतन काशी, क्षेत्रीय पदाधिकारी धनबाद के विवेक कुजूर, गादी श्रीरामपुर पंचायत की मुखिया कंचन देवी और मोंगिया पावर लिमिटेड के चेयरमैन गुणवंत सिंह मोंगिया समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

    लेकिन जैसे ही एसडीओ ने सुनवाई की औपचारिक शुरुआत की — ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश, और स्लोगनों की गूंज ने माहौल को गर्मा दिया। कुछ देर के प्रयास के बाद एसडीओ ने किसी तरह लोगों को शांत कराया, और फिर ग्रामीणों ने बारी-बारी से अपनी बात रखी।

    “हम बीमार हो रहे हैं, फसलें मर रही हैं, पानी खत्म हो रहा है” — ग्रामीणों की पीड़ा

    गांव के विकास राय, विजय राय, सावित्री देवी, धनेश्वर सिंह, शत्रुघ्न राय, अरुण साव, रामेश्वर शर्मा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा —

    “कारखाने से निकलने वाला धुआं और राख हमारी ज़िंदगी में जहर घोल रहा है। बच्चे बीमार पैदा हो रहे हैं, खेतों की फसलें सूख रही हैं, और अब तो पीने का पानी भी जहरीला हो गया है।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री की डीप बोरिंग से भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है। नदियों का पानी प्रदूषित है, जिससे इंसान ही नहीं, मवेशी तक बीमार पड़ रहे हैं।

    कंपनी की दलील पर फिर भड़के लोग.

    झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी स्पंज आयरन उत्पादन क्षमता को 33 हज़ार टन से बढ़ाकर 2.64 लाख टन प्रति वर्ष करना चाहती है। साथ ही 1.98 लाख टन बिलेट उत्पादन, री-हीटिंग फर्नेस, रोलिंग मिल और 25 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट लगाने की योजना है।

    जैसे ही कंपनी के चेयरमैन गुणवंत सिंह मोंगिया ने परियोजना के फायदे गिनाने शुरू किए — भीड़ एक बार फिर उग्र हो गई।
    लोगों ने एक स्वर में कहा —

    “कुछ नहीं सुनेंगे! प्लांट नहीं लगने देंगे तो नहीं लगने देंगे!”

    विरोध इतना तीव्र था कि अंततः सुनवाई बीच में ही समाप्त करनी पड़ी।

    ग्रामीणों का साफ संदेश — ‘प्रदूषण से विकास नहीं चाहिए’

    इस लोक सुनवाई में गादी श्रीरामपुर, मोहनपुर, मंझलाडीह, चतरो, गंगापुर, अंबाडीह, भोरंडीहा और झलकडीहा समेत आसपास के गांवों से 500 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए — जिनमें महिलाओं की संख्या भी काफी रही। सभी की मांग एक ही थी —

    “पहले स्वास्थ्य और स्वच्छ हवा, बाद में उद्योग-धंधा।”

     

  • गिरिडीह को मिलेगी जाम से मुक्ति, बरगंडा चर्च मोड़ से कॉलेज तक बनेगी टू-लेन सड़क

    -शहर को मिलेगी नई रफ्तार.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह शहरवासियों के लिए एक खुशखबरी है — लंबे समय से जाम और संकरी सड़कों की परेशानी झेल रहे लोगों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। बरगंडा चर्च से कॉलेज मोड़ तक की सड़क को अब आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को टू लेन विद पेव्ड शोल्डर के रूप में तैयार किया जाएगा।

    वर्तमान में यह सड़क सिर्फ 7 मीटर चौड़ी है, लेकिन अब इसे 10 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इतना ही नहीं, दोनों ओर 2-2 मीटर के पथ-वे (footpaths) भी बनाए जाएंगे, जिससे पैदल यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

    यह महत्वाकांक्षी परियोजना नगर विकास मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रिय पहल का नतीजा है। उनके प्रयासों से आरसीडी विभाग ने इस परियोजना को मंज़ूरी दी है। विभाग का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या में भारी आएगी, वाहनों की आवाजाही सुचारू होगी और लोगों को रोज़ाना के आवागमन में बड़ा सुधार महसूस होगा।

    इसी के साथ नगर निगम ने व्हीटी बाजार रोड को फोरलेन बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। यदि यह योजना भी अमल में आती है, तो गिरिडीह शहर की सड़कों पर सफ़र करना अब किसी सज़ा नहीं बल्कि एक राहत भरा अनुभव होगा।

    शहर के लोगों का कहना है — “अगर ये काम तय समय में हो जाए, तो गिरिडीह की तस्वीर ही बदल जाएगी।”
    सच कहा जाए, तो यह परियोजना गिरिडीह के विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।

  • उदनाबाद-गांडेय मार्ग पर उसरी नदी पुल क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों का परिचालन ठप

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिला मुख्यालय से सटे उदनाबाद होते हुए गांडेय और जामताड़ा को जोड़ने वाले उसरी नदी पर बने पुराने पुल की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल के ऊपर के कई पायों (pillars) में दरारें पड़ने और कुछ हिस्सों के धंस जाने के कारण प्रशासन ने बड़े वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    यह पुल झारखंड की दो प्रमुख राजनीतिक हस्तियों — राज्य के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदीव्य कुमार सोनू और गांडेय विधायक डॉ. कल्पना सोरेन मुर्मू — के क्षेत्र को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यही पुल हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता रहा है।

    20 साल पुराना पुल, अब बदहाल स्थिति में.

    इस पुल का निर्माण लगभग 20 से 21 वर्ष पूर्व, तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के शासनकाल में कराया गया था। शुरुआती वर्षों में यह पुल मजबूत और सुरक्षित माना जाता था। लेकिन समय के साथ मरम्मत और देखरेख की अनदेखी ने इसकी स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी मालवाहक ट्रकों के लगातार दबाव से पुल की नींव कमजोर पड़ गई है। अब पिलरों में दरारें दिखने लगी हैं और कुछ हिस्से धंसने भी लगे हैं.

     जनजीवन पर असर और दुर्घटना की आशंका.

    पुल क्षतिग्रस्त होने से गिरिडीह-गांडेय-जामताड़ा मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन रुक गया है। नतीजतन व्यापारिक गतिविधियाँ और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
    ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग न होने से छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों को भी अब जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजरना पड़ रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

    सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता.

    सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के दोनों जनप्रतिनिधियों — मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू और विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू — से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
    उन्होंने कहा कि “जनहित में आवश्यक है कि विभाग के विशेषज्ञ इंजीनियरों से पुल की तकनीकी जाँच कराई जाए और मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो, अन्यथा कभी भी अनहोनी हो सकती है।”

    शीघ्र हो पहल.

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पुल न केवल गिरिडीह-गांडेय को जोड़ता है, बल्कि जामताड़ा और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लिए भी एक प्रमुख मार्ग है।
    लोगों की अपेक्षा है कि राज्य सरकार शीघ्र इस पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की घोषणा करे, ताकि आवागमन सामान्य हो सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।

     

  • महिलाओं की आत्मनिर्भरता और बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

    –इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की प्रेरक पहल.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह की सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को एक नया आयाम देने का कार्य किया है इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने।
    महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण को समर्पित दो अनूठी पहलों के माध्यम से क्लब ने यह साबित किया कि यदि नीयत नेक हो, तो बदलाव सिर्फ संभव नहीं—अपरिहार्य हो जाता है। “संरक्षण सेंटर” में हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल.

    चन्दनडीह स्थित संरक्षण सेंटर में क्लब द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के चेहरों पर खुशियों की चमक साफ झलक रही थी।
    जहाँ “हुनर” के बच्चों को रोज़ शिक्षा दी जाती है, वहीं इस अवसर पर क्लब की महिलाओं ने बच्चों को मिठाइयाँ और ड्रॉइंग से संबंधित सामग्री भेंट की। रंग-बिरंगी पेंसिल और मुस्कुराते चेहरे—पूरा वातावरण मानो खुशियों की रंगोली बन गया।

    इसके बाद क्लब ने सेंटर में कार्यरत महिलाओं को नैपकिन बनाने हेतु कपड़े और सिलाई की आवश्यक सामग्रियाँ प्रदान कीं। इसका उद्देश्य था—महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना, ताकि वे अपने हुनर से उपयोगी वस्तुएँ तैयार कर आत्मनिर्भर बन सकें।

    कार्यक्रम में PDC पूनम सहाय, चार्टर प्रेजिडेंट रंजना बगेरिया, प्रेसिडेंट कविता राजगड़िया, और सदस्या तनुजा भूषण की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।सभी ने एक स्वर में कहा—“समाज का सच्चा विकास तभी संभव है जब महिलाएँ और बच्चे, दोनों शिक्षित और आत्मनिर्भर बनें।”

    सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा की दिशा में कदम.

    सामाजिक जिम्मेदारी का एक और सुंदर उदाहरण देखने को मिला नवजीवन नर्सिंग होम में, जहाँ क्लब ने नवजीवन नर्सिंग होम और गिरिडीह रोटरी कपल के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा हेतु वैक्सीनेशन कार्यक्रम आयोजित किया।

    इस पहल के तहत 9 बच्चियों को वैक्सीन का दूसरा डोज़ और 5 बच्चियों को पहला डोज़ लगाया गया।
    यह सिर्फ एक वैक्सीनेशन कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक जागरूकता अभियान था — महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देने का संकल्प।

    इस अवसर पर क्लब की प्रेसिडेंट कविता राजगड़िया, IPP सोनाली टरवे, सेक्रेटरी स्मृति आनंद, चार्टर प्रेजिडेंट रंजना बगेरिया, शशि केडिया, सुनीता बर्नवाल सहित कई अन्य महिलाएँ उपस्थित रहीं।
    सभी ने बच्चियों को शुभकामनाएँ दीं और उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    एक संदेश, अनेक प्रेरणाएँ.

    इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की ये दोनों पहल केवल सामाजिक कार्य नहीं हैं, बल्कि यह मानवता की नई परिभाषा हैं।
    जहाँ एक ओर यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम है।

    क्लब की इन गतिविधियों ने साबित किया है कि जब समाज की महिलाएँ जागरूक और संगठित होती हैं, तो बदलाव की गूंज हर घर तक पहुँचती है।

  • हत्या का आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागा, आम लोगों की सूझबूझ से कुछ ही मिनटों में दबोचा गया

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  सोमवार दोपहर गिरिडीह जिला कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हत्या के एक आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भाग निकलने की कोशिश कर दी।
    हथकड़ी पहने हुए आरोपी को भागते देख कुछ पलों के लिए पुलिस भी सन्न रह गई, लेकिन आम लोगों की हिम्मत और फुर्ती ने एक बड़ी घटना को टाल दिया

    हत्या के मामले में पेशी के लिए लाया गया था आरोपी.

    जानकारी के अनुसार, धनवार थाना क्षेत्र के गरडीह गांव निवासी बच्चू सिंह (25 वर्ष) को पुलिस सोमवार को अदालत में पेश करने लाई थी।
    बच्चू सिंह पर हाल ही में 55 वर्षीय रवींद्र सिंह की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप है।
    पुलिस उसे पेशी के लिए कोर्ट परिसर में लेकर आई थी, तभी अचानक उसने मौका पाकर भागने की कोशिश की.

    हथकड़ी लगी होने के बावजूद चकमा देकर भागा.

    बताया गया कि जैसे ही पुलिसकर्मी उसे कोर्ट के गेट की ओर लेकर जा रहे थे,
    बच्चू सिंह अचानक झटका देकर भागने लगा। हाथों में हथकड़ी लगी होने के बावजूद उसने तेज़ी से टॉवर चौक की ओर दौड़ लगा दी।अचानक हुए इस घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों के होश उड़ा दिए और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
    राहगीर और वकील कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी सड़क की ओर निकल गया।

    आम लोगों ने दिखाई बहादुरी, अम्बेडकर चौक के पास पकड़ा गया.

    लेकिन भागते आरोपी की किस्मत ज़्यादा देर साथ नहीं दे सकी। अम्बेडकर चौक के पास पंच मंदिर के समीप मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने उसे रोकने का साहस दिखाया।
    लोगों ने मिलकर आरोपी को घेर लिया और हथकड़ी में ही उसे पकड़ लिया।
    सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चू सिंह को फिर से अपनी हिरासत में ले लिया।

     

    लोगों की सतर्कता से बची बड़ी घटना.

    स्थानीय लोगों की सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया से पुलिस को बड़ी राहत मिली।
    यदि आरोपी भागने में सफल हो जाता, तो यह गिरिडीह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था।
    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में लोगों की बहादुरी और सजगता की सराहना की जा रही है

    पुलिस पर उठे सवाल, जांच शुरू

    घटना के बाद पुलिस विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है।
    कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर हथकड़ी पहने आरोपी का भाग निकलना,
    सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी और लापरवाही दोनों को उजागर करता है।
    एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,
    इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

    गिरिडीह के नागरिकों ने दिया मिसाल.

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में गिरिडीह के लोग
    कानून-व्यवस्था की रक्षा के लिए आगे आने से नहीं हिचकते।
    जहां एक ओर पुलिस की चूक सामने आई,वहीं आम नागरिकों की सूझबूझ और साहस ने न केवल आरोपी को भागने से रोका, बल्कि एक संभावित बड़ी घटना को भी टाल दिया।

     

  • बिहार चुनाव में JMM को बड़ा झटका, नहीं हुआ एक भी नामांकन

    — मंत्री बोले “राजद-कांग्रेस की धूर्त राजनीति का शिकार हुई पार्टी”

    परवेज़ आलम.

    गिरिडीह:  बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी इस बार बिहार की किसी भी विधानसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी, क्योंकि नामांकन की अंतिम तिथि (सोमवार) बीत जाने तक जेएमएम का कोई उम्मीदवार पर्चा दाखिल नहीं कर सका।

    इस अप्रत्याशित स्थिति के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने औपचारिक रूप से महागठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी है।
    यह घोषणा झारखंड सरकार के मंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की।

    राजद और कांग्रेस ने दिखाई राजनीतिक धूर्तता.

    पत्रकारों से बातचीत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने तीखे शब्दों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस दोनों पर गंभीर आरोप लगाए।
    उन्होंने कहा —

    “राजद और कांग्रेस ने जो किया है, वह राजनीतिक धूर्तता की पराकाष्ठा है। हमें जानबूझकर गठबंधन की प्रक्रिया से बाहर रखा गया। इसका परिणाम जल्द ही सबके सामने होगा।”

    मंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब जेएमएम बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा नहीं है, और पार्टी किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी।

    सीट शेयरिंग पर अटका मामला, 13 दिनों तक होता रहा इंतज़ार.

    मंत्री सोनू ने बताया कि 7 अक्टूबर को पटना में सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन की बैठक हुई थी।
    वे अपने सहयोगी विनोद पांडेय के साथ इस बैठक में शामिल हुए थे।
    जेएमएम को उम्मीद थी कि पार्टी को कुछ सीटें मिलेंगी, ताकि बिहार में भी उसका राजनीतिक विस्तार हो सके।

    लेकिन मंत्री के अनुसार,

    “7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक राजद ने चालबाजी का खेल खेला, और कांग्रेस ने उस पर मौन सहमति दी।
    जब तक नामांकन की तिथि समाप्त हुई, हमें जानबूझकर दरकिनार कर दिया गया।”

    उन्होंने इसे “साजिशन बहिष्कार” बताया और कहा कि राजद-कांग्रेस की मिलीभगत ने जेएमएम की चुनावी योजनाओं पर पानी फेर दिया।

    अगर पहले साफ़ बोलते, तो हम अकेले मैदान में उतर जाते.

    मंत्री सोनू ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि अगर राजद और कांग्रेस को जेएमएम को सीट नहीं देनी थी, तो यह बात पहले ही स्पष्ट करनी चाहिए थी।

    “हम झारखंड से बिहार तक एकजुटता और क्षेत्रीय सहयोग का संदेश देना चाहते थे, लेकिन हमें राजनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि प्रतिद्वंद्वी समझा गया,”
    मंत्री सोनू ने कहा।

    उन्होंने आगे कहा —

    “7 से 20 अक्टूबर तक हमें सिर्फ छल का सामना करना पड़ा। यह सब सोची-समझी चाल थी, जिसमें कांग्रेस ने राजद का पूरा साथ दिया। अब इसका खामियाजा दोनों दलों को भुगतना पड़ेगा। क्यूकि JMM देश की अकेली  पार्टी है जिसका आदिवासी समाज मे ब्यापक जननधर है और बिहार की कई सीटों पर महागठबंधन को  JMM की उपेक्षा भारी पड़ेगी ।

    महागठबंधन की एकता पर बड़ा सवाल.

    जेएमएम के महागठबंधन से अलग होने के ऐलान से बिहार महागठबंधन की एकता पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टूट न केवल महागठबंधन की साख को कमजोर करेगी, बल्कि झारखंड-बिहार के क्षेत्रीय तालमेल और गठबंधन राजनीति की विश्वसनीयता पर भी असर डालेगी।

    बिहार की सियासत में जहां एक ओर गठबंधन की मजबूती की बातें हो रही थीं, वहीं अब जेएमएम का यह कदम आने वाले दिनों में नए समीकरण और नए गठजोड़ों की शुरुआत कर सकता है।

    फिलहाल का निष्कर्ष.

    झारखंड मुक्ति मोर्चा ने साफ़ कर दिया है कि वह अब बिहार मे महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगा और झारखंड मे महागठबंधन के रहने पर भी समीक्षा होगी ।
    मंत्री सोनू के बयान से यह भी स्पष्ट है कि यह अलगाव किसी सीट या सौदेबाज़ी  का नहीं, बल्कि विश्वास और सम्मान की राजनीति  का मामला है।

    बिहार के चुनावी मैदान में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि
    क्या राजद-कांग्रेस इस झटके से उबर पाते हैं,
    या फिर झारखंड से उठी यह नाराज़गी
    बिहार की सियासत की नई कहानी लिख देगी।

  • पुलिस की बड़ी सफलता:सीएससी सेंटर डकैती कांड का खुलासा, दो गिरफ्तार

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : भरकट्टा ओपी क्षेत्र के ग्राम चिताखारो में 8 अक्टूबर की रात हुई सीएससी सेंटर डकैती कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गिरिडीह पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    विशेष टीम का गठन और पुलिस की रणनीति.

    घटना के बाद गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बगोदर-सरिया SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने लगातार क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर 16 अक्टूबर को गांडेय थाना की पुलिस के सहयोग से ग्राम डहुआटांड में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और खुलासे.

    पकड़े गए अपराधियों की पहचान कारू कुमार वर्मा और रितेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने न केवल अपनी संलिप्तता स्वीकार की, बल्कि अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए। उनके बयान के अनुसार, मोहित मंडल और छोटू मंडल भी इस डकैती में शामिल थे।

    घटना की पूरी साजिश.

    अभियुक्तों ने खुलासा किया कि घटना से एक दिन पहले, यानी 7 अक्टूबर की शाम, तीन अपराधी अपाचे बाइक से चिताखारो पहुंचे थे और सीएससी सेंटर की बारीकी से रैकी (निरीक्षण) की थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि सेंटर संचालक के पास करीब 10 लाख रुपये नकद रखे हुए हैं। इसके बाद, 8 अक्टूबर की रात छह अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सेंटर पहुंचे, पीछे की कुंडी तोड़ी और घर में घुस गए।

    डकैती की वारदात और बरामदगी.

    पिस्टल के बल पर अपराधियों ने सीएससी संचालक के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की। वे घर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो कैमरे, नगदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सभी चोरी किए गए सामानों को बरामद कर लिया है।

    अभी भी फरार चार आरोपी.

    फिलहाल, चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने कहा है कि जल्द ही सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा और अपराध के इस नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।

     

  • गिरिडीह कॉलेज में रंगोली प्रतियोगिता के साथ मनाई गयी दीपावली की पूर्व संध्या

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  दीपों के इस पर्व से पहले गिरिडीह कॉलेज का परिसर रंगों और उत्साह से भर उठा, जब कॉलेज की एनएसएस इकाई 1 और 2 की ओर से रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दीपावली की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने रचनात्मकता और परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

    आयोजन का नेतृत्व और शुभारंभ.

    कार्यक्रम का नेतृत्व एनएसएस इकाई 1 के प्रोग्राम ऑफिसर प्रो. धर्मेंद्र वर्मा और इकाई 2 की प्रोग्राम ऑफिसर प्रो. श्वेता कुमारी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार थे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

    प्राचार्य का प्रेरणादायक संबोधन.

    अपने संबोधन में डॉ. अनुज कुमार ने सभी स्वयंसेवकों और कॉलेज परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा—

    “विद्यार्थियों को दीपक की तरह जलना चाहिए, क्योंकि दीपक अंधकार को मिटाकर प्रकाश फैलाता है। शिक्षा और ज्ञान ही सच्ची रोशनी हैं, जो जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करती हैं।”

    डॉ. कुमार ने यह भी घोषणा की कि दीपावली पर्व को देखते हुए कॉलेज अब अवकाश पर रहेगा।

    प्रोफेसरों ने दी प्रेरणा की बात.

    इस अवसर पर प्रो. धर्मेंद्र वर्मा ने कहा कि दीपक हमें यह सिखाता है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटी सी लौ भी उसे मिटा सकती है।
    वहीं प्रो. श्वेता कुमारी ने कहा—

    “मन रूपी दीपक के जलने से व्यक्ति अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है। दीपावली आत्मप्रेरणा और सकारात्मकता का पर्व है।”

    प्रतियोगिता के परिणाम.

    रंगोली प्रतियोगिता में मंजू मुर्मू ने प्रथम स्थान, मनीषा और पूनम ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान, तथा सचिन कुमार वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    निर्णायक मंडल में प्रो. धर्मेंद्र वर्मा, प्रो. श्वेता कुमारी, डॉ. अनुज कुमार और श्री हीरालाल मंडल शामिल थे।

    सफल आयोजन में स्वयंसेवकों की भूमिका.

    कार्यक्रम की सफलता में प्रभात कुमार, जय राहुल, संदीप मंडल, रूपेश कुमार सहित एनएसएस के अन्य स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा। उनके सहयोग से यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

    गिरिडीह कॉलेज परिसर में दीपावली की यह रंगीन शुरुआत न केवल छात्रों के रचनात्मक कौशल और सामाजिक सहभागिता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि युवा पीढ़ी संस्कार और सृजनशीलता दोनों में आगे है।