द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: दीपों के इस पर्व से पहले गिरिडीह कॉलेज का परिसर रंगों और उत्साह से भर उठा, जब कॉलेज की एनएसएस इकाई 1 और 2 की ओर से रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दीपावली की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने रचनात्मकता और परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
आयोजन का नेतृत्व और शुभारंभ.
कार्यक्रम का नेतृत्व एनएसएस इकाई 1 के प्रोग्राम ऑफिसर प्रो. धर्मेंद्र वर्मा और इकाई 2 की प्रोग्राम ऑफिसर प्रो. श्वेता कुमारी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार थे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
प्राचार्य का प्रेरणादायक संबोधन.
अपने संबोधन में डॉ. अनुज कुमार ने सभी स्वयंसेवकों और कॉलेज परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा—
“विद्यार्थियों को दीपक की तरह जलना चाहिए, क्योंकि दीपक अंधकार को मिटाकर प्रकाश फैलाता है। शिक्षा और ज्ञान ही सच्ची रोशनी हैं, जो जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करती हैं।”
डॉ. कुमार ने यह भी घोषणा की कि दीपावली पर्व को देखते हुए कॉलेज अब अवकाश पर रहेगा।
प्रोफेसरों ने दी प्रेरणा की बात.
इस अवसर पर प्रो. धर्मेंद्र वर्मा ने कहा कि दीपक हमें यह सिखाता है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटी सी लौ भी उसे मिटा सकती है।
वहीं प्रो. श्वेता कुमारी ने कहा—
“मन रूपी दीपक के जलने से व्यक्ति अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है। दीपावली आत्मप्रेरणा और सकारात्मकता का पर्व है।”
प्रतियोगिता के परिणाम.
रंगोली प्रतियोगिता में मंजू मुर्मू ने प्रथम स्थान, मनीषा और पूनम ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान, तथा सचिन कुमार वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निर्णायक मंडल में प्रो. धर्मेंद्र वर्मा, प्रो. श्वेता कुमारी, डॉ. अनुज कुमार और श्री हीरालाल मंडल शामिल थे।
सफल आयोजन में स्वयंसेवकों की भूमिका.
कार्यक्रम की सफलता में प्रभात कुमार, जय राहुल, संदीप मंडल, रूपेश कुमार सहित एनएसएस के अन्य स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा। उनके सहयोग से यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
गिरिडीह कॉलेज परिसर में दीपावली की यह रंगीन शुरुआत न केवल छात्रों के रचनात्मक कौशल और सामाजिक सहभागिता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि युवा पीढ़ी संस्कार और सृजनशीलता दोनों में आगे है।







