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  • पचम्बा थाना टीम की दमदार जीत, जगमनरायडीह को 3-1 से हराया,डॉ. आई. अहमद मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का आज दूसरा दिन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के तेलोडीह स्थित गांधी मैदान में सोमवार कोका दूसरा दिन बेहद रोमांचक मुकाबले का गवाह बना। पचम्बा थाना की टीम और जगमनरायडीह की टीम के बीच खेले गए मैच ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

    पहले हाफ में बढ़त.

    मैच की शुरुआत से ही पचम्बा थाना की टीम ने आक्रामक खेल दिखाया। सटीक पासिंग और तेज़ आक्रमणों के बीच टीम ने पहला गोल दागकर 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरी ओर, जगमनरायडीह की टीम ने बराबरी करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पचम्बा की मजबूत डिफेंस लाइन और गोलकीपर की सतर्कता के कारण वे पहले हाफ में गोल नहीं कर पाए।

    दूसरे हाफ का निर्णायक खेल.

    दूसरे हाफ में भी पचम्बा थाना की टीम ने दबदबा बनाए रखा। शानदार तालमेल और तेज़ रफ्तार आक्रमण के चलते टीम ने लगातार दो और गोल दागकर बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। हालांकि, पीछे चल रही जगमनरायडीह की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार दबाव बनाते हुए एक गोल करने में सफल रही। लेकिन अंत तक वे कोई और गोल नहीं कर सके और मुकाबला 3-1 से पचम्बा थाना के नाम रहा।

    नेतृत्व और उत्साह.

    पचम्बा थाना की टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी सह कप्तान राजीव कुमार कर रहे थे, जिन्होंने अपनी टीम को बेहतरीन रणनीति और हौसला दिया। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ खेल का प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना दर्शकों ने जोरदार तालियों से की।

    दर्शकों की भीड़ और गणमान्य लोगों की मौजूदगी।

    गांधी मैदान में इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के गांवों और दूर-दराज़ के इलाकों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।
    मौके पर तेलोडीह मुखिया सब्बीर आलम,पाटकर इमरान आलम , समाज सेवी इरफान आलम  समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और वॉलेंटियरों की भूमिका की सराहना की।

    खेल भावना का उदाहरण.

    टूर्नामेंट का यह दूसरा दिन सिर्फ एक जीत-हार का मुकाबला नहीं रहा, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और सामूहिक उत्साह का भी प्रतीक बना। दर्शकों ने इस टूर्नामेंट को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

     

  • सियालदह–आसनसोल इंटरसिटी सुपरफास्ट के विस्तार की मांग तेज, न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक चलाने का प्रस्ताव

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : ईस्टर्न रेलवे के जेडआरयूसीसी (ZRUCC) सदस्य मुकेश जालान ने पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर सियालदह–आसनसोल इंटरसिटी सुपरफास्ट (ट्रेन संख्या 12383/84) का विस्तार न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक किए जाने की मांग की है।

    मुकेश जालान ने अपने पत्र में बताया कि यदि यह ट्रेन गिरिडीह, जमुआ और धनवार होकर कोडरमा तक चलाई जाती है, तो इन क्षेत्रों के यात्रियों को पहली बार कोलकाता के लिए सीधी ट्रेन सेवा का लाभ मिलेगा। अब तक गिरिडीह रेलवे स्टेशन से किसी भी ट्रेन की सीधी कनेक्टिविटी कोलकाता से नहीं रही है, जबकि गिरिडीह जिला उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रेन में अतिरिक्त स्लीपर और वातानुकूलित कोच जोड़े जाएँ ताकि यात्रियों की संख्या और सुविधा दोनों बढ़ सकें। जालान का कहना है कि वर्तमान में इस ट्रेन का रखरखाव आसनसोल में होता है, जबकि व्यवहारिक रूप से इसका मेंटेनेंस सियालदह में भी कराया जा सकता है, क्योंकि ट्रेन वहाँ लगभग 6 घंटे तक खड़ी रहती है। यदि यह बदलाव किया जाए तो ट्रेन को आसनसोल के बाद मधुपुर, न्यू गिरिडीह होते हुए कोडरमा तक ले जाना और वापसी में चलाना पूरी तरह संभव है।

    उन्होंने कहा कि यह विस्तार न केवल हजारों यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

    स्थानीय यात्रियों और व्यापारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका मानना है कि यदि यह ट्रेन न्यू गिरिडीह और कोडरमा तक विस्तारित होती है, तो गिरिडीह और आस-पास के जिलों के लोगों को एक बड़ा लाभ मिलेगा और कोलकाता तक की यात्रा कहीं अधिक सहज और तेज़ हो जाएगी।

  • सीएम हेमंत सोरेन ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र

    झारखंड पर्यटन कालोगो, वेबसाइट और नई एप्लीकेशन का शुभारंभ.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड मंत्रालय में गुरुवार को एक अहम अवसर देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत विभिन्न पदों पर चयनित 19 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड पर्यटन एवं झारखंड पर्यटन विकास निगम का नया लोगो, आधिकारिक वेबसाइट और सांस्कृतिक दल प्रबंधन प्रणाली एप्लीकेशन लॉन्च किया। इस पहल को राज्य के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का प्रमुख लक्ष्य झारखंड का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा,

    “हमारी प्रतिबद्धता सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाना है। राज्य में रोज़ नए कार्य हो रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की राह मजबूत हो रही है। प्रकृति ने झारखंड को धरती के नीचे खनिज संपदा और ऊपर अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से नवाज़ा है। हमारा प्रयास है कि इन संसाधनों को सहेजते हुए झारखंड को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त पहचान दिलाई जाए।”

    उन्होंने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि युवाओं की ऊर्जा ही राज्य के विकास की असली ताकत है।

    नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी इस अवसर पर अभ्यर्थियों और विभागीय कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड अब डिजिटल युग में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा,

    “कलाकारों का डाटा संग्रह, पर्यटन विभाग का नया लोगो, वेबसाइट और एप्लीकेशन—ये सभी पहल न केवल राज्यवासियों के लिए लाभकारी होंगे बल्कि झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत करेंगे। अब डॉक्यूमेंटेशन और डिजिटल माध्यमों से देश-दुनिया के लोग झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों के बारे में आसानी से जान पाएंगे।”

    यह कार्यक्रम राज्य सरकार की दोहरी प्राथमिकताओं—युवाओं के लिए रोजगार सृजन और पर्यटन एवं संस्कृति को बढ़ावा देने—का जीवंत उदाहरण रहा। नियुक्ति पत्र वितरण से जहां नई पीढ़ी को अवसर मिले हैं, वहीं पर्यटन एवं संस्कृति से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म राज्य की संभावनाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक साबित होंगे। इस मौके पर मुख्य सचिव अल्का तिवारी और सांसद महुआ माझी भी मंच पर उपस्थित थी ।

     

  • सूर्या हांसदा की मौत के विरोध में भाजपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची/गिरिडीह :  झारखंड में राजनीतिक माहौल गुरुवार को गरमा गया जब भाजपा ने सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की कथित साजिशन हत्या की सीबीआई जांच और नगड़ी में रैयतों की खेतीहर जमीन को रिम्स-2 के नाम पर अधिग्रहित किए जाने के विरोध में राज्यभर में आक्रोश प्रदर्शन किया।

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न जिलों और प्रखंडों में अलग-अलग प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

    मरांडी ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप.

    रांची महानगर भाजपा द्वारा आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा,
    “अबुआ सरकार में आदिवासियों की हत्या और रैयतों की खेतिहर जमीन की लूट चरम पर है। सूर्या हांसदा जैसे ईमानदार और जनसेवी कार्यकर्ता को माफियाओं की मिलीभगत से मार गिराया गया।”

    मरांडी ने बताया कि सूर्या हांसदा लोकतांत्रिक तरीके से अब तक चार बार चुनाव लड़ चुके थे और कई मुकदमों से बरी हो रहे थे। वे गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाते, उनके रहने और खाने का इंतज़ाम करते थे। खनिज माफियाओं की लूट का विरोध करना ही उनकी सबसे बड़ी “गलती” थी।
    उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की शह पर फर्जी एनकाउंटर कर सूर्या की हत्या की गई। इसलिए भाजपा की मांग है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

    मरांडी ने नगड़ी की जमीन के मुद्दे पर कहा कि बिहार सरकार के समय स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि रैयतों की खेतीहर भूमि अधिग्रहित नहीं की जाएगी। “लेकिन मौजूदा हेमंत सरकार किसानों से जबरन जमीन छीन रही है। भाजपा रैयतों के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ सरकार को चेतावनी देती है,” उन्होंने कहा।

    गिरिडीह में नवीन जायसवाल ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, प्रदेश भाजपा नेता सुरेश साव , सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव , चुननु कान्त, विनय सिंह,सुभाष सिन्हा  समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही और नारेबाजी से माहौल पूरी तरह सरकार विरोधी बना रहा।

    रघुवर दास ने सरकार को दी चेतावनी.

    कांके में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सूर्या हांसदा की मौत को “फर्जी एनकाउंटर” करार दिया। उन्होंने कहा,
    “जब पूरा झारखंड शिबू सोरेन जी के निधन से शोकाकुल था, उसी समय सरकार ने एक ईमानदार आदिवासी युवक की हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि 40-50 लोगों के दस्ते ने हमला किया था, लेकिन गोली केवल सूर्या हांसदा को ही लगी। यही इस एनकाउंटर के फर्जी होने का सबसे बड़ा सबूत है।”

    दास ने अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उनके समय में कई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाए गए, लेकिन खेतीहर भूमि को कभी नहीं छीना गया।
    “हेमंत सरकार ने रैयतों की जमीन रिम्स-2 के नाम पर बेच डाली है। आज का आंदोलन प्रतीकात्मक है। अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो जनता को गोलबंद कर व्यापक जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से त्रस्त झारखंड के युवा चुप नहीं बैठेंगे और इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।”

  • एबीवीपी कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी, दो की तबीयत बिगड़ी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : स्नातक सेमेस्टर-वन के परीक्षा परिणाम में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता पिछले 24 घंटे से अधिक समय से गिरिडीह कॉलेज में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को हड़ताल के दूसरे दिन स्थिति गंभीर होती दिखी, जब दो कार्यकर्ताओं – नीरज कुमार और अनीश – की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने दोनों को स्लाइन चढ़ाकर प्राथमिक उपचार दिया।

    ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) द्वारा जारी स्नातक सेमेस्टर-वन का परिणाम बेहद लापरवाह तरीके से तैयार किया गया है। आधे से अधिक छात्रों को प्रमोट कर दिया गया है, जिससे मेहनती विद्यार्थियों का हक मारा गया है। छात्र संगठन ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया है।

    ABVP के जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी ने कहा, “हमारी मांग स्पष्ट है – परीक्षा परिणाम की पुनः समीक्षा की जाए और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगा।”

    इधर गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की जा रही है। “कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय से बातचीत शुरू कर दी है और समाधान की दिशा में पहल जारी है। हम छात्रों से अपील करते हैं कि वे अपना स्वास्थ्य खतरे में न डालें।”

    कॉलेज परिसर में माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बना हुआ है। बड़ी संख्या में छात्र हड़ताल स्थल पर जुटे हुए हैं और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • शिक्षा का सम्मान : डीसी ने टॉपर विद्यार्थियों को किया सम्मानित

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिले के मेधावी विद्यार्थियों को गुरुवार का दिन खास बना। जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उपायुक्त रामनिवास यादव ने इस वर्ष की 12वीं बोर्ड परीक्षा (सीबीएसई और झारखंड बोर्ड) में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करने वाले टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

    इस मौके पर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 12वीं आर्ट्स परीक्षा में राज्य स्तरीय तीसरा स्थान हासिल करने वाली कुमारी रितंभरा (93.2%) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने उन्हें एक लाख रुपये का चेक, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैग और प्रशस्ति पत्र भेंट किया।

    इसी तरह, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की होनहार छात्राओं में से श्रेया पाण्डेय (95.4%) को जिला स्तर पर दूसरा स्थान और लक्ष्मी कुमारी (94.6%) को तीसरा स्थान प्राप्त करने पर लैपटॉप, बैग और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    समारोह में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि –
    “इन टॉपर विद्यार्थियों की सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है। मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर ही ऐसे परिणाम संभव हो पाते हैं। मुझे विश्वास है कि यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा देगी और वे अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए और अधिक उत्साह से मेहनत करेंगे।”

    सम्मान समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे माहौल में उत्साह और गर्व की झलक साफ दिखाई दी।

  • नेपाल में अंतरिम सरकार गठन की तैयारी

    कौन हैं सुशीला कार्की जिस पर जेन-ज़ेड आंदोलनकारी जता रहे हैं भरोसा

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    काठमांडू:  नेपाल इस समय बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। लगातार बढ़ते जनाक्रोश और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अब देश में अंतरिम सरकार गठन की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। सेना और जेन-ज़ेड आंदोलनकारियों के बीच हालात सामान्य करने के लिए बातचीत भी जारी है।

    जेन-ज़ेड की वर्चुअल बैठक, सुशीला कार्की बनीं नई उम्मीद.

    ताजा घटनाक्रम में जेन-ज़ेड आंदोलनकारियों ने एक ऑनलाइन बैठक की जिसमें 5,000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में उन्होंने नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अपना नेता चुनने का ऐलान किया। माना जा रहा है कि कार्की अब अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर सकती हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्की ने युवाओं के इस फैसले पर सकारात्मक रुख दिखाया है, हालांकि उन्होंने साफ किया है कि किसी भी औपचारिक घोषणा से पहले वे सेना प्रमुख से मुलाकात करेंगी। बताया जा रहा है कि अब तक 2,500 से अधिक समर्थक औपचारिक तौर पर उनके साथ खड़े हो चुके हैं।

    कौन हैं

    • उन्होंने 1979 में वकालत की शुरुआत की थी।
    • 2009 में वे सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता न्यायाधीश बनीं।
    • 2010 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
    • 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक वे नेपाल की मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहीं।

    मुख्य न्यायाधीश बनने के एक साल के भीतर, 2017 में, उन पर महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। राजनीतिक दलों ने उन पर पूर्वाग्रह और कार्यपालिका में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। हालांकि, उस समय भारी जन समर्थन और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा। इस विवाद ने कार्की को जनता के बीच एक साहसी और निष्पक्ष चेहरा बना दिया।

    नेपाल में हालात तनावपूर्ण, कर्फ्यू लागू.

    राजनीतिक अस्थिरता के बीच देश में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। बीते दो दिनों में उपद्रव और हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सुप्रीम कोर्ट और कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों व नेताओं के घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की।

    स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसके लिए सेना ने मंगलवार रात से ही देशभर में कर्फ्यू लागू कर दिया। प्रतिबंधात्मक आदेश बुधवार शाम 5 बजे तक प्रभावी रहे और गुरुवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। राजधानी काठमांडू की सड़कों पर सेना का पहरा है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।

    नेपाल की राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। एक ओर जनता बदलाव की मांग पर अडिग है, वहीं दूसरी ओर सेना स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। इस बीच, यदि सुशीला कार्की अंतरिम सरकार की कमान संभालती हैं तो यह नेपाल की राजनीति में नई दिशा की शुरुआत हो सकती है।

     

  • इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने बच्चों को दी “गुड टच-बैड टच” की सीख

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन लगातार सकारात्मक पहल कर रहा है। इसी क्रम में क्लब की ओर से बरगंडा स्थित ब्लूमिंग बड्स प्ले स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था – “गुड टच और बैड टच”

    सत्र के दौरान विशेषज्ञों और क्लब की सदस्याओं ने बच्चों को सरल और संवेदनशील ढंग से समझाया कि कौन सा स्पर्श प्यार, देखभाल और सुरक्षा का प्रतीक है (गुड टच), और कौन सा स्पर्श उन्हें असहज या असुरक्षित महसूस करा सकता है (बैड टच)। इस जागरूकता का उद्देश्य नन्हें बच्चों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें यह सिखाना था कि किसी भी अनुचित परिस्थिति में कैसे सतर्क रहें और भरोसेमंद व्यक्तियों को तुरंत जानकारी दें।

    कार्यक्रम में बच्चों को न केवल सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई, बल्कि उनके शिक्षा-सहयोग के लिए स्टेशनरी सामग्री भी भेंट की गई। पेन, कॉपियां, पेंसिल और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामान पाकर बच्चे उत्साहित दिखे।

    इस मौके पर क्लब की पीडीसी पूनम सहाय, प्रेसिडेंट कविता राजगढ़िया, सचिव स्मृति आनंद और सदस्य तनुजा भूषण मौजूद रहीं। सभी ने बच्चों से संवाद करते हुए यह संदेश दिया कि समाज की जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल दें और उनकी मानसिक-शारीरिक सेहत का ध्यान रखें।

    इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की यह पहल न केवल बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का भी एक प्रेरक उदाहरण है।

    Inner Wheel Club of Giridih Sunshine conducted a special awareness session on ‘Good Touch and Bad Touch’ at Blooming Buds Play School, Barganda, to sensitize children about personal safety. The club also distributed stationery items to support students’ education.

  • नेपाल में राजनीतिक भूचाल: हिंसक प्रदर्शनों और बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री का  इस्तीफा

    परवेज़ आलम.

    FOR THE NEWS POST4U

    काठमांडू: नेपाल इस समय भीषण राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ छात्रों और युवाओं का आंदोलन देखते-देखते इतना बड़ा रूप ले लेगा, शायद किसी ने सोचा भी नहीं था। पिछले तीन दिनों से देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे थे, जिनमें अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 500 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात बेकाबू होते देख आखिरकार प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार देर रात इस्तीफा दे दिया था ।

    सेना की तैनाती और मंत्रियों के इस्तीफे.

    काठमांडू, पोखरा, रूपनदेही, सुनसरी और बिरगंज सहित सात बड़े शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है। संसद भवन, मंत्रियों के आवास और प्रमुख सरकारी भवनों को सुरक्षा घेरा देने के लिए सेना को तैनात किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे से पहले सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने स्वयं ओली को पद छोड़ने की सलाह दी थी।

    इससे पहले, गृहमंत्री रमेश लेखक और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल समेत तीन मंत्री पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे चुके थे, जबकि चार अन्य मंत्री भी त्यागपत्र देने की तैयारी में थे। इससे ओली पूरी तरह राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ गए थे।

    पूर्व प्रधानमंत्री देउबा और उनकी पत्नी पर हमला.

    प्रदर्शनों का हिंसक स्वरूप इतना बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा (जो नेपाल की विदेश मंत्री भी हैं) पर हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देउबा लहूलुहान हालत में दिखाई दिए। दोनों नेता गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

    उप प्रधानमंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल को भी निशाना.

    प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल पर भी फूटा। काठमांडू की एक गली में भीड़ ने उन्हें घेरकर जमकर पीटा। वायरल वीडियो में पौडेल को लात मारी जाती दिखाई दे रही है। फिलहाल उनकी स्थिति और ठिकाने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।

    ओली को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.

    इस्तीफे के बाद सेना ने प्रधानमंत्री ओली को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, भैसपति स्थित कई मंत्रियों के आवासों से भी हेलीकॉप्टर की मदद से निकासी की गई, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने वहां आगजनी और तोड़फोड़ की थी।

    आंदोलन की असली वजह.

    हालांकि सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध देर रात हटा लिया, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया बैन तक सीमित नहीं था। यह व्यापक भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और आर्थिक गिरावट के खिलाफ युवाओं का जन-आक्रोश था। खासकर Gen-Z और छात्रों की अगुवाई में यह आंदोलन तेजी से फैला और सेलिब्रिटीज तथा मानवाधिकार संगठनों के समर्थन से पूरे देश में फैल गया।

    भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी.

    भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल में विकसित हो रहे हालात को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थिति स्थिर होने तक वहां की यात्रा स्थगित कर दें. नेपाल में वर्तमान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वर्तमान निवास स्थानों पर ही रहें, सड़कों पर निकलने से बचें और पूरी सावधानी बरतें. उन्हें नेपाल के अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी स्थानीय सुरक्षा सलाह का पालन करने की भी सलाह दी जाती है. किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर, कृपया काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से सांप;अर्क की सलाह दी गयी है ।

    अंतरराष्ट्रीय प्रभाव.

    हिंसा और अशांति के चलते काठमांडू आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा। सोमवार शाम दिल्ली से काठमांडू जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E1153 और मुंबई से 6E1157 को काठमांडू एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं मिली। दोनों फ्लाइट्स को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा और बाद में अपने मूल शहरों की ओर वापस लौटना पड़ा।

    नेपाल की राजनीति अब बेहद अनिश्चित दौर में प्रवेश कर चुकी है। विपक्षी दल सत्ता परिवर्तन की तैयारी में जुटे हैं, वहीं सेना संसद भवन और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा में लगी हुई है। राजधानी काठमांडू और अन्य जिलों में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। यह संकट नेपाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।