Blog

  • झारखंड विधानसभा मानसून सत्र की तैयारी तेज़,1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा सत्र

    अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश, मंत्री की चिंता

    The News Post4u.

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा और इसे सुचारु व व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, रांची के एसएसपी व डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा, सभी विभागों के सचिव, जनसंपर्क विभाग के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    अध्यक्ष ने दिए निर्देश.

    विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने अधिकारियों से कहा कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग समय से पहले तैयारी पूरी कर लें और विधानसभा में आने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर तय समयसीमा में उपलब्ध कराएं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए। आगंतुकों के लिए पास प्रणाली को और सख्त करने तथा CCTV निगरानी को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक विशेष त्वरित प्रतिक्रिया दल को तैयार रखने की बात कही।

    इसके अलावा, उन्होंने सदन की कार्यवाही के डिजिटलीकरण, ध्वनि प्रणाली की गुणवत्ता, लाइव प्रसारण, मीडिया कवरेज, विधायकों की सुविधा और आगंतुक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

    मीडिया और समन्वय पर विशेष ध्यान.

    अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों के लिए उचित स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वे बिना किसी असुविधा के सदन की कार्यवाही को कवर कर सकें। साथ ही, सभी विभागों को सत्र के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया ताकि जनहित के मुद्दों पर प्रभावी और सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि इस बार का सत्र कई महत्वपूर्ण जनहित विषयों पर आधारित होगा, इसलिए सभी संबंधित पक्षों को इसकी गरिमा बनाए रखनी होगी।

    संसदीय कार्य मंत्री की चिंता.

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले बजट सत्र में शून्यकाल के तहत 391 प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन अब तक केवल 31 प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए हैं। आश्वासन समिति में 1371 मामले लंबित हैं और निवेदन समिति में 135 में से केवल 9 मामलों के ही उत्तर मिले हैं।

    उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे यह स्पष्ट होता है कि कार्यपालिका सदन के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जबतक कार्यपालिका समयबद्ध उत्तर नहीं देती, तब तक सदन की गरिमा और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहेंगे।

    इस बैठक के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार का सत्र पूरी तैयारी और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा। जनहित के सवालों पर गंभीरता से चर्चा हो और विधायकों को संतोषजनक जवाब मिले — यही सत्र की प्राथमिकता रहेगी।

     

  •  ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की ओर एक मजबूत कदम- खुली डिजिटल दुकान

    The News Post4u.

    पलामू जिले के केचकी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वित मंत्री  राधा कृष्ण किशोर और मानिका विधायक रामचंद्र सिंह की उपस्थिती मे  एक डिजिटल दुकान का उद्घाटन किया। यह दुकान स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर सखी मंडल की महिलाओं द्वारा वन विभाग के सहयोग से स्थापित की गई है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।

    “अबुआ सरकार” की इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वावलंबी बनाना है। इन डिजिटल दुकानों के माध्यम से न केवल आधार कार्ड से संबंधित सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, बैंकिंग, मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि यह ग्रामीण समुदाय की रोजमर्रा की आवश्यकताओं को भी डिजिटल माध्यम से पूरा करेंगी।

    इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, साथ ही वे तकनीकी ज्ञान और सेवा वितरण में भी दक्ष होंगी। यह प्रयास न केवल उनके आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता और सेवा पहुंच को भी मजबूत बनाएगा।

    सखी मंडल की महिलाओं द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। यह पहल यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को संसाधन, प्रशिक्षण और अवसर मिलें, तो वे समाज में बदलाव की प्रेरक शक्ति बन सकती हैं।

  • चंद्रवंशी समाज द्वारा राजीव रंजन के JPSC सफलता पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन

    जमुआ: चंद्रवंशी समाज ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा 2023 में शानदार सफलता पाने वाले राजीव रंजन के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम जगन्नाथडीह पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार के घर पर हुआ, जिसमें समाज के बड़े-बुजुर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता शामिल हुए। राजीव रंजन ने JPSC परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन किया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर समाज ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने कहा कि राजीव की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है।

    चंद्रवंशी समाज के संरक्षक अजीत कुमार पप्पू और प्रदेश अध्यक्ष भीम रवानी ने अपने भाषण में राजीव की मेहनत और लगन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजीव ने अपने परिवार ही नहीं, पूरे समाज को गर्व महसूस कराया है। कार्यक्रम में राजीव को शॉल, फूलों का गुलदस्ता और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर राजीव ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि कैसे उन्होंने मुश्किल हालात में भी पढ़ाई जारी रखी।

    राजीव ने अपने भाषण में कहा, “यह सफलता मेरे लिए एक सपना पूरा होने जैसा है। यह मेरे परिवार, शिक्षकों और समाज के सहयोग के बिना संभव नहीं था।” उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने राजीव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    समारोह में कई लोगों ने चंद्रवंशी समाज की एकता और सामाजिक कार्यों की सराहना की। समाज के सचिव ने बताया कि समाज हमेशा से शिक्षा और विकास के लिए काम करता आया है। उन्होंने कहा कि राजीव जैसी सफलताएं समाज को नई दिशा देती हैं। कार्यक्रम में दूसरे JPSC अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया जो तैयारी में लगे हुए हैं।

    इस मौके पर चंद्रवंशी समाज ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त कोचिंग की योजना भी पेश की। समाज के कोषाध्यक्ष ने बताया कि मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। इसका मकसद है कि समाज के और बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हों। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की।

    राजीव रंजन ने अपने परिवार और समाज को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक जिम्मेदारी है। उन्होंने वादा किया कि वे ईमानदारी से काम करेंगे और समाज व देश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने राजीव को अपना आदर्श बताया और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।

    कार्यक्रम के अंत में चंद्रवंशी समाज के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और प्रेरणा फैलाते हैं। यह आयोजन न सिर्फ राजीव रंजन के लिए खास था, बल्कि पूरे चंद्रवंशी समाज के लिए गर्व का पल भी था।

    इस कार्यक्रम ने यह दिखा दिया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य पाया जा सकता है। चंद्रवंशी समाज ने इस आयोजन के जरिए सिर्फ राजीव की सफलता का जश्न नहीं मनाया, बल्कि दूसरे युवाओं को भी आगे बढ़ने का हौसला दिया। यह समारोह समाज के लिए आने वाले समय में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2 दिवसीय झारखंड दौरा 31 से

    धनबाद और देवघर में अहम समारोहों की होंगी मुख्य अतिथि.

    परवेज़ आलम. 

    The News Post4u.

    धनबाद /देवघर :   देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  31 जुलाई से दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रही हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन उनकी आगवानी और सुरक्षा के लिए जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। यह दौरा विशेष रूप से आईआईटी (ISM) धनबाद और एम्स देवघर में होने वाले दीक्षांत समारोहों को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।

    1 अगस्त को धनबाद में दीक्षांत समारोह मे होंगी शामिल.

    राष्ट्रपति मुर्मू 1 अगस्त को धनबाद स्थित आईआईटी इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (आईएसएम) के 45 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह संस्थान वर्ष 1926 में स्थापित हुआ था और 2016 में इसे आईआईटी का दर्जा प्राप्त हुआ था। यह दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास है, क्योंकि राष्ट्रपति मुर्मू यहां भाग लेने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2014 में यहां आए थे।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रह सकते हैं मौजूद.

    इस कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। उनकी मौजूदगी से यह आयोजन और भी गरिमामय होने वाला है।

    देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भी लेंगी भाग.

    धनबाद के अलावा राष्ट्रपति का कार्यक्रम देवघर में भी निर्धारित है, जहां वे एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। यह संस्थान हाल ही में झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ है।

    धनबाद एयरस्पेस रहेगा नो-फ्लाइंग जोन.

    राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने सुरक्षा के तहत 31 जुलाई सुबह 10 बजे से 1 अगस्त शाम 6 बजे तक धनबाद हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, अलर्ट मोड पर प्रशासन.

    दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कमी न हो, इसके लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी, डीसी, ट्रैफिक पुलिस, और विशेष सुरक्षा दस्ते पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।

    पिछली बार स्थगित हुआ था दौरा;.

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 जून को झारखंड दौरे पर आने वाली थीं, लेकिन किसी कारणवश वह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इस बार पूरे राज्य में उनके स्वागत की तैयारियाँ पूरे उत्साह से की जा रही हैं।

    सिर्फ एक घंटे धनबाद में रुकेंगी राष्ट्रपति.

    सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए केवल एक घंटे के लिए धनबाद में ठहरेंगी। उनके कार्यक्रम को लेकर आईआईटी प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक हर स्तर पर बारीकी से तैयारियाँ की जा रही हैं।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल शैक्षणिक संस्थानों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि झारखंड के लिए एक प्रतिष्ठित अवसर भी है। आईआईटी-आईएसएम धनबाद और एम्स देवघर के दीक्षांत समारोहों में उनकी उपस्थिति राज्य के शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान देने का कार्य करेगी।

  • गिरिडीह में नकली अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई, एक गिरफ्तार, दो फरार

    The News Post4u.

    GIRIDIH : गिरिडीह पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक सिल्वर रंग की मारुति ओमनी वैन से 300 बोतल नकली अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।

    इस संबंध में खोरीमहुआ के एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन के जरिए नकली शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और डोमनपहाड़ी चौक के पास वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

    वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने मारुति ओमनी (नं. JH11H 8087) को रोककर तलाशी ली, जिसमें से रॉयल गोल्ड कप ब्रांड की 25 पेटियों में भरी 300 बोतल (750 एमएल) नकली अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मौके पर वाहन चालक गोपाल साहु (उम्र 45 वर्ष), निवासी गढ़पट्टी, थाना पचंबा को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ के दौरान गोपाल साहु ने खुलासा किया कि वह यह शराब बासुदेव साव (निवासी सोनापहाड़ी, थाना बगोदर) और मनोज यादव (निवासी पेटहंडी, थाना जमुआ) के साथ मिलकर अवैध रूप से तस्करी कर रहा था। फिलहाल पुलिस दोनों फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि गिरिडीह में अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत

    13 जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी.

    The News Post4u.

    रांची  : झारखंड में सक्रिय मानसून के चलते राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने 28 जुलाई 2025 से लेकर आगामी दिनों तक राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। इसके तहत राज्य के 13 जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में बारिश का कहर मचा सकता है मुश्किल.

    मौसम विभाग की ओर से जिन 13 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है, उनमें रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। कई इलाकों में तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    तेज बारिश और वज्रपात की आशंका.

    राज्य के पूर्वी और दक्षिणी जिलों—जैसे सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, साहिबगंज, दुमका और गोड्डा—में विशेष रूप से भारी वर्षा के साथ वज्रपात की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने लोगों को सतर्क रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

    28 से 30 जुलाई के बीच झारखंड में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

    किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी.

    बारिश की यह रफ्तार जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, वहीं किसानों के लिए यह राहत की खबर भी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, नियमित बारिश से धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। खेतों में नमी बनी रहने से फसलों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। हालांकि, अत्यधिक जलभराव और वज्रपात के कारण किसानों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

    अभी तक सामान्य से 53 फीसदी अधिक बारिश.

    इस बार झारखंड में मानसून काफी सक्रिय रहा है। 1 जून से 28 जुलाई 2025 तक राज्य में औसतन 478.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 732.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि सामान्य से करीब 53% अधिक है। इस बीच धनबाद के पूर्वी टुंडी में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    अनावश्यक यात्रा से बचें – मौसम विभाग की अपील.

    भारतीय मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से खुले मैदान, जलजमाव वाले क्षेत्र और पेड़ों के नीचे वज्रपात के दौरान जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    झारखंड में मानसून इस समय अपने सक्रिय रूप में है। जहां यह कृषि के लिए वरदान साबित हो रहा है, वहीं इसके साथ आने वाले खतरे—जैसे तेज बारिश, बिजली गिरने की घटनाएं और तेज हवाएं—जनजीवन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सावधानी और सजगता बरतने की जरूरत है।

  • गिरिडीह: सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को लेकर डीसी ने दिए सख्त निर्देश

    खाद्यान्न वितरण से लेकर ई-केवाईसी तक की गहन समीक्षा.

    The News Post4u.

    गिरिडीह समाहरणालय के सभागार में सोमवार को उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला स्तर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), मुख्यमंत्री दाल-भात योजना, चना दाल वितरण, डाकिया योजना, ग्रीन राशन कार्ड योजना, पीवीटीजी परिवारों के लिए विशेष पहल, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना जैसे कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के अद्यतन क्रियान्वयन की गहराई से समीक्षा की गई।

    खाद्यान्न वितरण की समयबद्धता पर विशेष जोर:

    उपायुक्त ने अप्रैल से जुलाई 2025 तक के खाद्यान्न वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को चेताया कि खाद्यान्न के उठाव और वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     JSFSS और NFSA योजनाएं:

    NFSA के अंतर्गत लाभुकों को राशन वितरण की स्थिति की पड़ताल की गई और JSFSS योजना के तहत हो रहे अनाज वितरण पर भी फीडबैक लिया गया। संबंधित अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट में तेजी लाने और लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    पीवीटीजी परिवारों को डाकिया योजना से लाभ:

    पीवीटीजी (अत्यंत पिछड़ा जनजातीय समूह) परिवारों तक डाकिया योजना के तहत राशन समय पर पहुंचे, इसके लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    ई-केवाईसी में तेजी:

    बैठक में छूटे हुए लाभुकों का जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कराने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने बताया कि “Mera eKYC” ऐप के ज़रिए आधार आधारित ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है। प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार नंबर डालना, OTP डालना, कैप्चा भरना और फेस स्कैन के बाद ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।

    खाद्य सामग्री का गुणवत्ता परीक्षण:

    गिरिडीह डीसी ने निर्देश दिया कि गोदाम में मौजूद किसी भी पुराने खाद्यान्न की उपयोगिता की जांच खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी से कराई जाए और उपयुक्त प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही उसका विभागीय विनिष्टीकरण किया जाए।

    अन्य योजनाएं और निर्देश:

    • मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के संचालन की स्थिति की समीक्षा
    • चना दाल, चीनी और नमक की आपूर्ति और वितरण की स्थिति
    • सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना में सभी पात्र लाभुकों तक वितरण सुनिश्चित करना
    • PGMS पोर्टल पर लंबित शिकायतों का शीघ्र निष्पादन
    • सुसुप्त राशन कार्ड और ग्रीन टू NFSA कार्ड कन्वर्जन की प्रक्रिया में तेजी
    • e-PoS मशीनों की कार्यशीलता की समीक्षा

    उपायुक्त ने बैठक के समापन पर कहा कि “राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, यही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।” उन्होंने सभी पदाधिकारियों से उत्तरदायित्व निभाने और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की।

    बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी सहायक गोदाम प्रबंधक समेत संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

  • झारखंड सरकार खेलों को बना रही विकास की रीढ़, SAJHA बैठक में लिए गए अहम फैसले

    The News Post4u.

    रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में खेलों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल को केवल शारीरिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता के माध्यम के रूप में देख रही है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को झारखंड मंत्रालय में खेल , कला व युवा मामलों के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  की अध्यक्षता में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ झारखंड (SAJHA) की कार्यकारी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    इस बैठक में राज्य के खेल परिदृश्य को सशक्त करने की दिशा में कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक का फोकस राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खेलों की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर था।

    बैठक के मुख्य बिंदु:

    खेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण.
    राज्य के विभिन्न जिलों में खेल मैदानों, स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों के उन्नयन की योजना पर चर्चा की गई। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता में रखा गया।

    ग्रामीण व जिला स्तरीय खेल संवर्धन.
    गांव-गांव तक खेलों को लोकप्रिय बनाने और प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर नियमित टूर्नामेंट्स आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।

    खिलाड़ियों का प्रशिक्षण और सहायता.
    राज्य के उभरते खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण, पोषण, मानसिक कोचिंग और आर्थिक सहायता जैसे पहलुओं में सहयोग देने की रणनीति बनाई गई।

    खेल नीति और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन.
    झारखंड की खेल नीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

    युवा प्रतिभाओं की खोज और प्रोत्साहन.
    स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्रतिभा खोज कार्यक्रम चलाकर योग्य खिलाड़ियों को चिन्हित करने तथा उन्हें विशेष छात्रवृत्ति व कोचिंग देने का प्रस्ताव आया।

    इस अवसर पर यह दोहराया गया कि हेमंत सरकार खेलों को राज्य के भविष्य का निर्माणकर्ता मानती है, और राज्य के हर बच्चे को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देना चाहती है। SAJHA की यह बैठक, खेल को समग्र नीति और प्रशासनिक एजेंडा का हिस्सा बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई है।

  • नन्हें कदमों से भक्ति का बड़ा संदेश: शिव आराधना में डूबे बच्चों ने किया जलाभिषेक

    The News Poat4u.

    गिरिडीह में आज भक्ति और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब मासूम हाथों ने शिवभक्ति की अलौकिक अनुभूति को साकार किया। मारवाड़ी युवा मंच गिरिडीह प्रेरणा शाखा द्वारा अरगाघाट रोड स्थित सूर्य मंदिर में एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे श्रद्धा भाव से नदी से जल उठाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

    ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों के बीच मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। नन्हे-मुन्नों के भोले मन से की गई पूजा ने भक्तों के हृदय को छू लिया और हर ओर भक्ति की ऊर्जा प्रवाहित होने लगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर सेवा, श्रद्धा और सांस्कृतिक मूल्यों का रोपण करना था, जो इस प्रयास में पूर्णतः सफल रहा।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों की भक्ति व उत्साह को प्रोत्साहित करने के लिए ‘बेस्ट ड्रेस अप‘, ‘सर्वश्रेष्ठ ड्रेस अप‘ और ‘बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड‘ जैसे विशेष सम्मानों की भी व्यवस्था की गई। ये पुरस्कार श्रीमती उषा खंडेलवाल और श्रीमती श्वेता बगड़िया द्वारा प्रदान किए गए। सम्मान पाने वाले बच्चों के चेहरे की मुस्कान ने यह दर्शा दिया कि उनके मन में शिवभक्ति कितनी गहराई से समाई है।

    कार्यक्रम की सफलता में जिन व्यक्तियों का विशेष योगदान रहा, उनमें शामिल हैं:

    • मारवाड़ी युवा मंच मंडल-5 की उपाध्यक्ष रिया अग्रवाल
    • गिरिडीह प्रेरणा शाखा की अध्यक्ष श्रीमती सोनू चौधरी
    • सचिव श्रीमती बरखा बालासिया
    • कोषाध्यक्ष श्रीमती स्वीटी अग्रवाल
    • तथा समर्पित महिला टीम, जिनके सतत प्रयासों से यह आयोजन सफल हुआ।

    इस तरह का आयोजन न केवल धार्मिक भावना को प्रोत्साहित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बनता है।

  • अब बिहार में विधान परिषद सदस्यों को भी कहा जाएगा “विधायक”, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    पटना :  केंद्र सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए बिहार विधान परिषद के सदस्यों (MLC) को अब “विधायक” के रूप में संबोधित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है, बल्कि इसका उद्देश्य विधानमंडल के दोनों सदनों – विधानसभा और परिषद – के बीच समानता स्थापित करना भी है।

    अब विधान परिषद सदस्य भी होंगे “विधायक”.

    बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि जिस प्रकार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य को आमतौर पर “सांसद” कहा जाता है, उसी तर्ज पर अब विधानसभा और विधान परिषद – दोनों सदनों के सदस्यों को “विधायक” कहा जाएगा।

    उन्होंने बताया कि वर्षों से विधान परिषद के सदस्यों को ‘पार्षद’ के रूप में पहचाना जाता रहा है, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती थी, खासकर उन राज्यों में जहां विधान परिषद जैसी संस्था मौजूद नहीं है। बहुत से लोग MLC को नगर निगम के पार्षद से जोड़ देते थे। ऐसे में यह नया संबोधन आम जनता के बीच समझ को आसान बनाएगा।

    समान दर्जा, बढ़ेगा सम्मान.

    यह निर्णय न सिर्फ भाषाई रूप से स्पष्टता लाएगा, बल्कि विधान परिषद के सदस्यों को भी वही सामाजिक और प्रशासनिक सम्मान दिलाएगा, जो विधानसभा के विधायकों को मिलता है। अब वे भी जनता के बीच “विधायक” की पहचान के साथ कार्य कर सकेंगे।

    दस्तावेजों में भी आएगा बदलाव.

    सरकारी और संवैधानिक दस्तावेजों में अब विधान परिषद के सदस्यों को “विधायक” के रूप में दर्ज किया जाएगा। इससे भाषा में एकरूपता आएगी और संचार में आसानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देश भर में एक समान राजनीतिक पहचान की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है।

    भविष्य के लिए संकेत.

    इस पहल को एक व्यापक सुधार के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। संभव है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इसी प्रणाली को अपनाएं, जिससे भारत के संघीय ढांचे में भाषाई और प्रशासनिक एकता और भी सशक्त हो सके।

    यह निर्णय सिर्फ एक शब्द का बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कदम है जो जन प्रतिनिधियों की पहचान को स्पष्ट, समान और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।