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रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में खेलों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल को केवल शारीरिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता के माध्यम के रूप में देख रही है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को झारखंड मंत्रालय में खेल , कला व युवा मामलों के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अध्यक्षता में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ झारखंड (SAJHA) की कार्यकारी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में राज्य के खेल परिदृश्य को सशक्त करने की दिशा में कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक का फोकस राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खेलों की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर था।
बैठक के मुख्य बिंदु:
खेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण.
राज्य के विभिन्न जिलों में खेल मैदानों, स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों के उन्नयन की योजना पर चर्चा की गई। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता में रखा गया।
ग्रामीण व जिला स्तरीय खेल संवर्धन.
गांव-गांव तक खेलों को लोकप्रिय बनाने और प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर नियमित टूर्नामेंट्स आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
खिलाड़ियों का प्रशिक्षण और सहायता.
राज्य के उभरते खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण, पोषण, मानसिक कोचिंग और आर्थिक सहायता जैसे पहलुओं में सहयोग देने की रणनीति बनाई गई।
खेल नीति और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन.
झारखंड की खेल नीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
युवा प्रतिभाओं की खोज और प्रोत्साहन.
स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्रतिभा खोज कार्यक्रम चलाकर योग्य खिलाड़ियों को चिन्हित करने तथा उन्हें विशेष छात्रवृत्ति व कोचिंग देने का प्रस्ताव आया।
इस अवसर पर यह दोहराया गया कि हेमंत सरकार खेलों को राज्य के भविष्य का निर्माणकर्ता मानती है, और राज्य के हर बच्चे को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देना चाहती है। SAJHA की यह बैठक, खेल को समग्र नीति और प्रशासनिक एजेंडा का हिस्सा बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई है।







