झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत

13 जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी.

The News Post4u.

रांची  : झारखंड में सक्रिय मानसून के चलते राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने 28 जुलाई 2025 से लेकर आगामी दिनों तक राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। इसके तहत राज्य के 13 जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में बारिश का कहर मचा सकता है मुश्किल.

मौसम विभाग की ओर से जिन 13 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है, उनमें रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। कई इलाकों में तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

तेज बारिश और वज्रपात की आशंका.

राज्य के पूर्वी और दक्षिणी जिलों—जैसे सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, साहिबगंज, दुमका और गोड्डा—में विशेष रूप से भारी वर्षा के साथ वज्रपात की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने लोगों को सतर्क रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

28 से 30 जुलाई के बीच झारखंड में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी.

बारिश की यह रफ्तार जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, वहीं किसानों के लिए यह राहत की खबर भी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, नियमित बारिश से धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। खेतों में नमी बनी रहने से फसलों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। हालांकि, अत्यधिक जलभराव और वज्रपात के कारण किसानों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

अभी तक सामान्य से 53 फीसदी अधिक बारिश.

इस बार झारखंड में मानसून काफी सक्रिय रहा है। 1 जून से 28 जुलाई 2025 तक राज्य में औसतन 478.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 732.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि सामान्य से करीब 53% अधिक है। इस बीच धनबाद के पूर्वी टुंडी में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

अनावश्यक यात्रा से बचें – मौसम विभाग की अपील.

भारतीय मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से खुले मैदान, जलजमाव वाले क्षेत्र और पेड़ों के नीचे वज्रपात के दौरान जाने से बचने की सलाह दी गई है।

झारखंड में मानसून इस समय अपने सक्रिय रूप में है। जहां यह कृषि के लिए वरदान साबित हो रहा है, वहीं इसके साथ आने वाले खतरे—जैसे तेज बारिश, बिजली गिरने की घटनाएं और तेज हवाएं—जनजीवन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सावधानी और सजगता बरतने की जरूरत है।

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