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  • उर्दू किसी एक धर्म की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है – अंजुमन उर्दू सम्मेलन में बोले मंत्री इरफान अंसारी

    झारखंड में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द का पहला राज्य सम्मेलन संपन्न

    रांची के पुरानी विधानसभा भवन में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द, झारखंड का पहला राज्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के पहले सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव अतहर फारूकी ने की, जिसमें सम्मेलन के संयोजक एम. जेड. खान ने संयोजक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में अंजुमन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया।

    उर्दू के सम्मान और विकास पर जोर

    सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू किसी विशेष धर्म से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह एक भारतीय भाषा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने उर्दू को उसका उचित सम्मान न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इस भाषा से प्रेम करने वालों की संख्या कम नहीं है। उन्होंने उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस सत्र में जालिब वतनी की पुस्तक “उड़ान” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सुशील साहिल (गोड्डा), मुफ्ती सईद आलम (गिरिडीह), हसन निज़ामी (धनबाद), जफरुल्लाह सादिक (हजारीबाग), जमशेद कमर (रांची) आदि ने अपने विचार साझा किए। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को उर्दू भाषा में डॉ. मोहम्मद रेहाना अली ने प्रस्तुत किया।

    सम्मेलन में उर्दू के प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श

    सभा को संबोधित करते हुए सुभाषिनी अली ने कहा कि उर्दू को उसकी सही पहचान तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उर्दू को केवल मुसलमानों की भाषा समझना एक बड़ी गलतफहमी है। इस भाषा की उन्नति के लिए इसे आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने और अधिक जनप्रिय बनाने के प्रयास करने होंगे। साथ ही, उन्होंने उर्दू साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद की जरूरत पर भी जोर दिया।

    दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. यासीन अंसारी ने की, जबकि संचालन एम. जेड. खान ने किया। इस सत्र में सांसद महुआ माजी ने कहा कि हिंदी और उर्दू का संबंध “मां और मौसी” की तरह है। इस सम्मेलन में झारखंड के 22 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उर्दू के विकास को लेकर पारित प्रस्ताव

    इस सत्र में उर्दू भाषा के संवर्धन से जुड़े 13 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

    • साहित्य एवं उर्दू अकादमी का गठन
    • उर्दू सेल और उर्दू निदेशालय की स्थापना
    • उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति

    साहित्यकारों की भागीदारी

    सम्मेलन में उर्दू और हिंदी के कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम थे – वीना श्रीवास्तव, अपराजिता, एम. एल. सिंह, के. के. सिंह, सुशील साहिल, रेहाना, नजमा नाहिद, आलम आरा, फरहत जहां, शाजिया शबनम, डॉ. अंजार, मो. शकील, शोएब, कनक चौधरी आदि।

    यह सम्मेलन झारखंड में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वक्ताओं ने उर्दू को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, इसे शिक्षा प्रणाली में मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान उर्दू भाषा को अधिक मान्यता दिलाने के लिए विभिन्न सुझाव और संकल्प पारित किए गए।

    उल्लेखनीय है कि अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द की स्थापना 1882 में हुई थी, और इससे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, शिबली नोमानी जैसी महान विभूतियों का संबंध रहा है।

  • देवघर AIIMS के नर्सिंग अधिकारी से Telegram पर लिंक भेजकर 10 लाख रुपये की ठगी

    झारखंड में साइबर ठगी का कहर जारी, एम्स देवघर के नर्सिंग अधिकारी बने शिकार

    झारखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटना में, एम्स देवघर के एक नर्सिंग अधिकारी साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए और 10.82 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें Telegram लिंक भेजकर अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली।

    Telegram लिंक से हुई ठगी

    मामला 8 फरवरी का है, जब एम्स देवघर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी दिनेश चौधरी को एक Telegram लिंक भेजा गया। यह लिंक “Amazon Working Benefit Group” से जुड़ा था, जिससे जुड़ने के बाद उन्हें ऑनलाइन टास्क करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में उन्हें अमेज़न कार्ट में कपड़े और खिलौने जोड़ने का काम सौंपा गया और इसके बदले 150 रुपये दिए गए।

    ठगी का तरीका

    धीरे-धीरे ठगों ने नर्सिंग अधिकारी से अधिक टास्क पूरा करने के लिए पैसे जमा करने के लिए कहा। इस दौरान, उन्होंने पांच बार में 28,500 रुपये जमा करवाए। इसके बाद, क्रेडिट स्कोर सुधारने के नाम पर 2 लाख रुपये और फिर क्रिप्टो करेंसी फंड ट्रांसफर व सरकारी टैक्स के नाम पर 1,55,856 रुपये ऐंठ लिए।

    इतना ही नहीं, ठगों ने झांसा दिया कि उनकी कमाई का रिटर्न 6,23,427 रुपये हो चुका है, लेकिन वह उनके खाते में नहीं आए। इसके बाद वीआईपी चैनल अकाउंट खोलने के बहाने 80,000 रुपये और सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 25,000 रुपये की मांग की गई। इस तरह, कुल मिलाकर नर्सिंग अधिकारी से 10.82 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

    साइबर थाना में दर्ज हुई शिकायत

    ठगी का अहसास होने पर दिनेश चौधरी ने तुरंत साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई और एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर भी मामला रिपोर्ट किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और साइबर ठगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    सावधानी बरतें, साइबर ठगों से बचें!
    ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, लोगों को अनजान Telegram लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य ऑनलाइन जॉब ऑफर्स से सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध लिंक या स्कीम में बिना जांच-पड़ताल के शामिल न हों और किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें।

  • QR Code से ठगी का नया मामला: युवती बनी शिकार, मॉल संचालक की सूझबूझ ने बचाया

    ऑनलाइन धोखाधड़ी के लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, जहां ठग घर बैठे लोगों को काम दिलाने का झांसा देकर उनके पैसे हड़प रहे हैं। शनिवार को रांची के रातू स्थित एक मॉल में ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक युवती इस जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो गई।

    क्यूआर कोड स्कैन कर ठगी की कोशिश

    युवती मॉल पहुंची और संचालक से एक क्यूआर कोड स्कैन कर उसमें पैसे डालने का अनुरोध किया। संचालक ने पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने दावा किया कि रकम गलत नंबर पर चली गई है और पैसे वापस पाने के लिए दोबारा भुगतान करना होगा। युवती के आग्रह पर संचालक ने फिर से पैसे भेजे, लेकिन राशि नहीं मिली।

    मॉल संचालक की सतर्कता से बचाव

    जब मॉल संचालक ने युवती से अपने ₹7,200 लौटाने को कहा, तो उसने ठगी करने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए कहा। कॉल पर मौजूद शख्स ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए वर्दी में वीडियो कॉल की और संचालक को धमकाया कि ज्यादा सवाल पूछने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, संचालक घबराने के बजाय सतर्कता बरतते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और पीसीआर बुला लिया।

    युवती की पहचान और ठगी के सुराग

    युवती के भाई के अनुसार, वह कुछ दिनों से घर से लापता थी और मार्च में उसकी शादी होने वाली थी। युवती की मांग में सिंदूर था, लेकिन जिस व्यक्ति को उसने अपना चाचा बताया, उसका नाम क्यूआर कोड स्कैन करने पर मुस्लिम पहचान से जुड़ा मिला, जबकि युवती हिंदू थी।

    रातू थाना प्रभारी राम नारायण सिंह ने कहा कि ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान क्यूआर कोड को स्कैन करने या अज्ञात व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान करने से बचें।

  • झारखंड कांग्रेस को मिला नया प्रभारी, के. राजू को सौंपी गई कमान

    झारखंड कांग्रेस को नया प्रभारी, के. राजू को मिली जिम्मेदारी

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झारखंड समेत कई राज्यों में पार्टी प्रभारियों में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत के. राजू को झारखंड कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस निर्णय की जानकारी प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने दी।

    राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं के. राजू

    के. राजू वर्तमान में कांग्रेस के SC-ST-OBC-माइनोरिटी विभाग के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं। वे तेलंगाना के हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं और पूर्व आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं। उन्हें राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सतीश पॉल मुंजनी के अनुसार, के. राजू एक अनुभवी और कुशल संगठनकर्ता हैं, जिनके नेतृत्व में झारखंड कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी।

    एक साल में दूसरी बार बदला गया प्रभारी

    गौरतलब है कि झारखंड कांग्रेस में एक साल के भीतर दूसरी बार प्रभारी बदला गया है। दिसंबर 2023 में गुलाम अहमद मीर को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया था, जो इससे पहले अविनाश पांडेय के पास थी। गुलाम अहमद मीर को पश्चिम बंगाल का भी प्रभार दिया गया था। उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर ली, जबकि विधानसभा चुनाव में 2019 जैसा प्रदर्शन दोहराते हुए 16 सीटें जीतीं।

     

  • B.Ed प्रवेश परीक्षा 20 अप्रैल को, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आवेदन करने का तरीका

    JCECEB: बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश परीक्षा 20 अप्रैल को

    झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) द्वारा बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा 20 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। सत्र 2025-2027 में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी 15 फरवरी से 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    आवेदन प्रक्रिया:

    • अभ्यर्थियों को पंजीकरण के दौरान आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
    • रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करना अनिवार्य होगा।
    • सभी आवश्यक प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे।
    • परीक्षा ऑफलाइन मोड (ओएमआर शीट) पर रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पलामू और हजारीबाग के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
  • फर्जी वेबसाइट के जरिए साइबर ठगों ने 1523 पदों पर निकाली फर्जी वैकेंसी, साइबर थाना में शिकायत दर्ज

    झारखंड में फर्जी वेबसाइट के जरिए 1523 पदों पर भर्ती का झांसा, 

    झारखंड में साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर 1523 पदों पर भर्ती का फर्जी विज्ञापन जारी किया है। जैसे ही यह मामला सामने आया, राज्य स्तरीय कृषि प्रबंधन, प्रसार सह प्रशिक्षण संस्थान (समेति), झारखंड के निदेशक विकास कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई और कॉपीराइट उल्लंघन की रिपोर्ट भी दी है।

    फर्जी वेबसाइट www.jharkhandagri.com पर नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी, झारखंड के नाम पर ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर (BTM), असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर (ATM), और असिस्टेंट क्लर्क पदों पर भर्ती की सूचना दी गई है। जबकि समेति की आधिकारिक वेबसाइट www.sameti.org है, जहां से ही सभी सरकारी सूचनाएं जारी की जाती हैं।

    फर्जी और असली वेबसाइट के डिजाइन में मामूली अंतर हैं, जिससे लोग आसानी से धोखे में आ सकते हैं। असली वेबसाइट पर केवल झारखंड सरकार का लोगो दाईं ओर होता है, जबकि फर्जी वेबसाइट पर बाईं ओर झारखंड सरकार का लोगो और दाईं ओर अशोक स्तंभ भी दिया गया है। इसके अलावा, फर्जी वेबसाइट पर भर्ती से संबंधित स्क्रॉलिंग नोटिस और ऑनलाइन आवेदन लिंक दिया गया है, जिस पर क्लिक करने पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलता है और आवेदन शुल्क भी मांगा जाता है।

    शुल्क की दरें इस प्रकार रखी गई हैं:
    🔹 जनरल और ईडब्ल्यूएस – ₹300
    🔹 ओबीसी और ईबीसी – ₹250
    🔹 एससी और एसटी – ₹100

    फर्जी वेबसाइट के विज्ञापन में कई स्पेलिंग मिस्टेक और गलत जानकारियां हैं, जिससे इसका फर्जीवाड़ा उजागर होता है। समेति ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अखबारों में प्रकाशित सूचना पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और सतर्क रहें।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का रांची दौरा: बीआईटी मेसरा के प्लैटिनम जुबली समारोह में होंगी मुख्य अतिथि

    रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से रांची के दो दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। अपने प्रवास के दौरान, वे 15 फरवरी को मेसरा स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) के प्लैटिनम जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    समारोह में राष्ट्रपति के साथ संस्थान के पूर्व छात्र, शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। उनकी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राष्ट्रपति शुक्रवार को विशेष विमान से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से सीधे राजभवन जाएंगी, जहां वे रातभर ठहरेंगी।

    रातभर राजभवन में ठहरेंगी राष्ट्रपति

    राजभवन में कुछ आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद, राष्ट्रपति यहीं विश्राम करेंगी। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। इसके अलावा, 14 और 15 फरवरी को रांची में ट्रैफिक व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए गए हैं।

    कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: 10 आईपीएस अधिकारी और 1,000 पुलिसकर्मी तैनात

    आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की सुरक्षा तीन स्तरों में होगी, जिसके तहत 10 आईपीएस अधिकारी और 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने से पहले संबंधित मार्गों पर एक घंटे के लिए यातायात रोक दिया जाएगा।

    यातायात में बदलाव और भारी वाहनों की नो-एंट्री

    रांची में 14 फरवरी को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक बड़े मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक छोटे मालवाहक वाहनों के भी प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

    15 फरवरी को भी सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। पलामू, गढ़वा, लातेहार और गुमला रूट से आने वाले वाहन रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष निर्देश

    रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिन यात्रियों की फ्लाइट 14 फरवरी को शाम 4 बजे से 5:30 बजे के बीच है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे दोपहर 3:30 बजे तक एयरपोर्ट पहुंचने का प्रयास करें।

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर रांची में प्रशासनिक तैयारियां चरम पर हैं, जिससे समारोह और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

  • पेंशनधारियों के लिए खुशखबरी, अब एक साथ मिलेगा तीन महीने की पेंशन

    झारखंड के 11.80 लाख पेंशनधारियों को तीन माह की पेंशन एक साथ मिलेगी

    झारखंड के 11,80,191 पेंशनधारियों को इस माह तीन महीने की पेंशन एक साथ मिलने जा रही है। इससे पहले उन्हें सितंबर तक की पेंशन प्राप्त हो चुकी थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं में देरी के कारण अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लंबित थी। यह देरी केंद्र सरकार से निधि जारी न होने के कारण हुई थी। अब केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि उपलब्ध करा दी है, जिससे पेंशन वितरण संभव हो सका है।

    राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के तहत हर माह 1000 रुपये की राशि दी जाती है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा आवंटित धनराशि के अलावा बाकी राशि राज्य सरकार प्रदान करती है। पेंशन की निकासी तभी होती है जब दोनों सरकारों का योगदान उपलब्ध होता है।

    समाज कल्याण विभाग के अनुसार, जल्द ही पेंशन वितरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लाभुकों को प्रदान की जा सके। गौरतलब है कि राज्य सरकार को जून तक केंद्र सरकार से पेंशन राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के नौ महीने बीतने के बावजूद छह महीने की राशि नहीं मिली थी।

    झारखंड में कुल 9,02,998 वृद्ध, 2,51,780 विधवा और 25,413 दिव्यांग लाभुक पेंशन प्राप्त करते हैं। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के बीपीएल वृद्धों को 1000 रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों को 1500 रुपये (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त योगदान) दिया जाता है। विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को भी 1000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।

    पलामू जिले में सबसे अधिक 88,577 पेंशनधारी हैं, जिनमें 76,108 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। रांची, गढ़वा, धनबाद, गोड्डा, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग और दुमका समेत अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लाभुक हैं, जिन्हें जल्द ही उनकी लंबित पेंशन राशि प्राप्त होगी।

  • झारखंड बजट सत्र पर चर्चा के लिए 21 फरवरी को स्पीकर की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने शुरू की बजट सत्र की तैयारियां।

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने आगामी बजट सत्र की तैयारियों को तेज कर दिया है। सत्र के सुचारू संचालन और जनहित से जुड़े अधिकतम मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए 21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    वहीं, भाजपा ने अब तक अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी दिन राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और अन्य प्रमुख विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों से समय पर विधेयकों और प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि स्पीकर के साथ अबुआ बजट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा हुई है। बजट तैयारियों का कार्य अंतिम चरण में है, जिसके लिए कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ आम जनता से भी सुझाव लिए गए हैं। आगामी बजट राज्य के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। झारखंड का यह बजट सत्र राज्य की प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।

  • HEC पर गंभीर संकट: केंद्र सरकार ने सहायता देने से किया इनकार,29 महीने से कर्मचारियों नहीं मिला वेतन

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के पुनरुद्धार को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है। यह जानकारी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सांसद राजेश रंजन के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

    स्वयं संसाधन जुटाकर वेतन देना होगा

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एचईसी कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत एक स्वतंत्र कानूनी इकाई है। इसलिए कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए इसे अपने स्वयं के संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी।

    2024-25 में अब तक 4.5 महीने का वेतन दिया गया

    एचडी कुमारस्वामी के अनुसार, लगातार हो रहे घाटे के कारण एचईसी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। इसका असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ा है, जो अनियमित हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक कर्मचारियों को मात्र साढ़े चार महीने का वेतन दिया गया है।

    25 से 29 महीने का वेतन बकाया

    केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि एचईसी के कर्मचारियों और अधिकारियों का 25 महीने का वेतन बकाया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह अवधि 29 महीने की है। सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में एचईसी कर्मियों के तीन साल से लंबित वेतन भुगतान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग रखी थी।

    बकाया वेतन के लिए कर्मचारियों का आंदोलन जारी

    एचईसी के सैकड़ों कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण अधिकारी और कर्मचारी कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं।