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गरीबों के लिए बोलने वालों को जेल में डालने की राजनीति अब नहीं चलेगी-कल्पना
परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की प्रखर नेता और गांडेय की विधायक वसीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने शनिवार को कोवाड़ में आयोजित एक भावुक संवाद कार्यक्रम के दौरान जनता को गहराई से छूने वाला भाषण दिया। उन्होंने 31 जनवरी 2024 की तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिन झारखंड की राजनीति के लिए अहम साबित हुआ था। ईडी द्वारा हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की याद दिलाते हुए उन्होंने जनता की दुआओं और समर्थन को हेमंत जी की रिहाई और उनके संघर्षों की वजह बताया।
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मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना: गिरिडीह से पसनौर तक शुरू हुआ निशुल्क बस सेवा
ग्रामीण परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार
गिरिडीह : झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को गिरिडीह बस स्टैंड से पसनौर तक निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत यह सेवा शुरू की गई है। फीता काटकर मंत्री ने बस को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर गिरिडीह डीटीओ शैलेश प्रियदर्शी और बाबा सम्राट ट्रेवल्स के मालिक राजू खान भी मौजूद थे
।ग्रामीण परिवहन में आएगा बदलाव.
मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा देना है। इस योजना के तहत बसों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किराए में भारी कमी आएगी। योजना के पहले चरण में 250 से अधिक बसें ग्रामीण इलाकों से शहरों तक चलेंगी। इनमें झारखंड आंदोलनकारी, छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग और एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए यात्रा निशुल्क होगी।बस संचालकों के लिए राहतभरी पहल.
योजना के तहत सरकार बसों के परिचालन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दे रही है। इसके अलावा प्रति किलोमीटर 10 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किराए में लगभग आधी कटौती होगी।
गांव-शहर की दूरी होगी कम.
इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों या जिला मुख्यालय तक पहुंचना अब और भी आसान हो जाएगा। आवागमन की सुविधा बढ़ने से न केवल ग्रामीणों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। यह कदम गांव और शहर के बीच की दूरी कम करते हुए एक मजबूत कनेक्टिविटी का आधार बनेगा।मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना झारखंड सरकार की एक क्रांतिकारी पहल साबित हो सकती है, जो विकास की राह में गांवों को भी शहरों के साथ जोड़ने का काम करेगी।
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हेमंत सरकार का अल्टीमेटम: सहारा समूह को 15 दिनों में लौटाना होगा राज्य के निवेशकों का पैसा, अन्यथा निदेशकों की होगी गिरफ्तारी।
झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: निवेशकों को राहत देने के लिए सहारा समूह को 400 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश
झारखंड सरकार ने सहारा समूह के निवेशकों को राहत देते हुए एक सख्त कदम उठाया है। सरकार ने सहारा समूह को निर्देश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर 400 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए। अगर यह राशि निर्धारित समय में वापस नहीं की जाती है, तो समूह के निदेशकों की गिरफ्तारी की जाएगी।
यह आदेश रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में विश्व भारती जनसेवा संस्थान और सहारा इंडिया की लीगल टीम के बीच हुई बैठक में दिया गया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने सहारा समूह की लीगल टीम को इस मामले में स्पष्ट चेतावनी दी।
मुख्य निर्देश और चेतावनी:
- 400 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश: झारखंड में निवेशकों द्वारा क्लेम की गई राशि 400 करोड़ रुपये है, जिसे 15 दिनों के भीतर लौटाने का निर्देश दिया गया है।
- कार्यालयों पर सख्ती: सहारा समूह के झारखंड में सील किए गए कार्यालय नहीं खोले जाएंगे। केवल रांची का जोनल कार्यालय पत्राचार के लिए चालू रहेगा।
- गिरफ्तारी की चेतावनी: यदि निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो सहारा समूह के निदेशकों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन: डीजीपी ने बताया कि सहारा की शाखाएं दिल्ली हाईकोर्ट के रोक आदेश के बावजूद संचालित हो रही थीं और निवेशकों से पुनः पैसे लिए जा रहे थे।
सहारा समूह ने मांगा समय
सहारा की लीगल टीम ने झारखंड सरकार से 15 दिनों का समय मांगा है ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके। विश्व भारती जनसेवा संस्थान के राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि झारखंड में लगभग 30,000 निवेशक हैं, जिनकी कुल राशि 4,000 करोड़ रुपये है। फिलहाल 400 करोड़ रुपये का क्लेम दर्ज हुआ है।
सुब्रत राय का निधन
सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत राय का निधन 2023 में कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुआ था। वे 75 वर्ष के थे।
गंभीर मोड़ पर मामला
झारखंड सरकार के इस अल्टीमेटम ने सहारा समूह के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अगर तय समय में राशि वापस नहीं की गई, तो कानूनी कार्रवाई तय है। निवेशकों को अब सरकार के इस कदम से न्याय की उम्मीद है।
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CBI ने 350 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ग
CBI ने क्रिप्टो करेंसी घोटाले का पर्दाफाश किया, 350 करोड़ से अधिक का लेन-देन उजागर
सीबीआई ने हाल ही में एक बड़े क्रिप्टो करेंसी घोटाले का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर निवेशकों को ‘पोंजी’ योजनाओं के जरिए बड़ा मुनाफा देने का झूठा वादा कर 350 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने का आरोप है। जांच के तहत सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग, दिल्ली, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुकोटाई और चित्तौड़गढ़ सहित 10 स्थानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान 34 लाख रुपये नकद, क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में 38,414 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल संपत्ति और कई अन्य डिजिटल उपकरण जैसे 7 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। आरोप है कि ये आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना पोंजी योजनाएं चला रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहे थे।
अवैध धन का क्रिप्टो करेंसी में किया गया लेन-देन
जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट्स का इस्तेमाल कर पिछले दो वर्षों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया। ये लोग ऑनलाइन ऋण, लकी ऑर्डर, यूपीआई धोखाधड़ी और इंटरनेट बैंकिंग जैसे तरीकों से आम जनता को धोखा दे रहे थे।फिलहाल सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जब्त की गई डिजिटल सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है।
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मंईयां सम्मान योजना में नया अपडेट क्या है यहाँ समझिए
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खबर आई है। अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाल ही में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि लाभार्थियों को आधार उपलब्ध कराना होगा और आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा।
आधार अनिवार्य।
जिन महिलाओं के पास आधार नहीं है, उन्हें पहले आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। जब तक आधार उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक सरकार ने 10 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत करने की सुविधा दी है।
बायोमेट्रिक में परेशानी? ये हैं उपाय.
ऐसे लाभार्थी जिनके बायोमेट्रिक डेटा में गड़बड़ी या आधार प्रमाणीकरण में असफलता हो रही है, उनके लिए सरकार ने अतिरिक्त उपाय भी सुनिश्चित किए हैं। फिंगरप्रिंट में समस्या होने पर आइरिस स्कैन और फेस ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।जनवरी की किस्त 28-29 को मिलने की संभावना।
महिलाओं के खाते में जनवरी माह की 2500 रुपये की किस्त 28 या 29 जनवरी को हस्तांतरित की जा सकती है। जिलों में लाभार्थियों के सत्यापन और डाटा अपडेट का काम लगभग पूरा हो चुका है।सरकार की पहल, महिलाओं को राहत।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मंईयां सम्मान योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। आधार को अनिवार्य बनाकर सरकार पारदर्शिता और प्रभावी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना चाहती है। हालांकि, जिन महिलाओं को आधार नहीं मिला है, उनके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि वे योजना का लाभ आसानी से ले सकें।अब देखना यह है कि नई व्यवस्था के बाद कितनी तेजी से महिलाओं तक सहायता राशि पहुंचाई जाती है।
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झारखंड की सियासत में गरमाहट: मरांडी ने पूजा सिंघल प्रकरण पर सरकार को घेरा
झारखंड की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण पर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने लिखा, “झारखंड में एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है। यहां प्रशासनिक व्यवस्था ‘रिवॉर्ड और पनिशमेंट’ की अनोखी नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट अधिकारियों को इनाम दिए जा रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों को दंडित किया जा रहा है।”
जमानत पर बाहर अधिकारी को विभाग की जिम्मेदारी?
मरांडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आई आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को राज्य के एक प्रमुख विभाग की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य में ईमानदारी और पारदर्शिता का क्या महत्व रह गया है।”सियासत में उबाल|
बाबूलाल मरांडी के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। उनके आरोपों ने राज्य सरकार के प्रशासनिक फैसलों पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ सियासी हमला है।जनता के मन में सवाल|
इस प्रकरण ने जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अधिकारियों को जिम्मेदारी देना सही है? क्या इससे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिरता नहीं?झारखंड की सियासत में यह मुद्दा फिलहाल गर्म है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देगा।
झारखंड में एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है, जहां प्रशासनिक व्यवस्था “रिवॉर्ड एंड पनिशमेंट” की अनोखी नीति पर काम कर रही है। इस व्यवस्था में भ्रष्ट अधिकारियों को इनाम दिया जाता है, जबकि ईमानदार अधिकारियों को दंडित किया जाता है।
राज्य के मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी ने हाल ही… pic.twitter.com/MarBykG410
— Babulal Marandi (@yourBabulal) January 24, 2025
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कुणाल की थार पर धोनी के ऑटोग्राफ ने खींचा आनंद महिंद्रा का ध्यान, दी खास प्रतिक्रिया
महेंद्र सिंह धोनी ने दोस्त की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर बनाया खास पल
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अपने खास अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में धोनी अपने दोस्त और झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर एक यादगार पल का हिस्सा बने। कुणाल, जो झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, अपनी नई गाड़ी की खुशी साझा करने के लिए धोनी के फार्महाउस पहुंचे थे। धोनी ने गाड़ी की सीट पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।
कुणाल ने इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं। इस पर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक कार वह ‘कैनवास’ होती है, जिस पर हम अपनी जिंदगी और सपनों को चित्रित करते हैं। यह थार उस शख्स के हस्ताक्षर से सज गई, जो जिंदगी जीने की कला में माहिर है।”
धोनी का अपने दोस्तों और फैंस के साथ जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपने प्रशंसकों और करीबियों की गाड़ियों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास महसूस कराया है। कुणाल ने कहा, “धोनी न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि एक सच्चे दोस्त भी हैं। उनकी सादगी और गर्मजोशी अद्वितीय है।”
यह घटना धोनी की विनम्रता और अपने करीबियों के प्रति उनके खास लगाव को दर्शाती है। धोनी के इस अंदाज ने उनके फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया है।
This kind of #MAHI love for my new #MAHIndraThar #Roxx deserves special appreciation @anandmahindra Ji.
A beautiful GESTURE by a beautiful SOUL autographed on a beautiful BEAST. #dhoni #MSDhoni #Mahindra @Mahindra_Auto @msdhoni @Mahindra_Thar @cricketjsca pic.twitter.com/gs4yMnfj3Z
— Kunal Sarangi 🇮🇳 (@KunalSarangi) January 22, 2025
A car is often a ‘canvas’ upon which we paint our aspirations to wander the world & explore life….
And what a privilege it was for this particular Thar Roxx to have ‘painted’ on it the signature of someone who is skilled at the Art of life.. #MAHI
👏🏽👏🏽👏🏽 https://t.co/htXH1eetDB
— anand mahindra (@anandmahindra) January 22, 2025
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झारखंड हाईकोर्ट: नवंबर 2024 की वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे नगर निकाय चुनाव
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में नगर निगम और स्थानीय शहरी निकाय चुनावों को लेकर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह याचिका निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने दलीलें प्रस्तुत कीं।
स्टेट इलेक्शन कमीशन के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि उन्हें अब तक अपडेटेड वोटर लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे चुनाव की तैयारियों में बाधा आ सकती है। इस पर केंद्रीय चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर 2024 में चुनाव आयोग द्वारा झारखंड सहित अन्य राज्यों में अपडेटेड वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए गए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि उसी वोटर लिस्ट का उपयोग नगर निगम चुनावों के लिए भी किया जा सकता है।
अदालत ने केंद्रीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित सभी तथ्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करे। आयोग के वकील ने बताया कि शपथ पत्र तैयार है और जल्द ही दाखिल किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गई है।
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झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव रद्द, भारी हंगामा और विरोध
झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का द्विवार्षिक चुनाव रद्द, हंगामे के कारण लिया गया फैसला।
झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव को भारी हंगामे और विरोध के चलते रद्द कर दिया गया है। यह घोषणा चुनाव अधिकारी वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने गुरुवार को की। मतदान के दौरान हुई इस घटना के समय झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पर्यवेक्षक एमके श्रीवास्तव और बालेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। पूरी घटना की रिपोर्ट स्टेट बार काउंसिल को भेजी जाएगी।
मतगणना के दौरान गड़बड़ी, विवाद बढ़ा।
जानकारी के अनुसार, मतगणना के दौरान बैलेट बॉक्स खोलने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कुल 1409 वोट डाले जाने की सूचना थी, लेकिन बैलेट बॉक्स में 1509 वोट पाए गए। इस 100 वोटों के अंतर को लेकर अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ अधिवक्ताओं ने इसे बोगस वोट करार देते हुए विरोध दर्ज कराया। रिटर्निंग अफसर ने उनसे गड़बड़ी के प्रमाण मांगे, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया।
हंगामा इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बैलेट पेपर और कुर्सियां फेंकी गईं, जिसके चलते लाइब्रेरी में बने एक केबिन का शीशा भी टूट गया।
पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली।
विवाद की सूचना मिलने पर विधानसभा थाना की पुलिस और हटिया डीएसपी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने हंगामे का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने उनके मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया।
गुरुवार सुबह 10:30 बजे शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ मतदान दोपहर तक हंगामे में बदल गया। हाईकोर्ट परिसर की एसोसिएशन लाइब्रेरी में बनाए गए दो बूथों पर 7 पदाधिकारियों के लिए 37 और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के लिए 41 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होना था। सबसे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने वोट डाला।
हंगामे के बाद चुनाव रद्द करने का फैसला लिया गया, जिससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी और निराशा का माहौल है।
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झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन चुनाव आज
रांची: झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव आज आयोजित किए जाएंगे। मतदान सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा। इस चुनाव में कुल 78 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सह सचिव (प्रशासन), सह सचिव (पुस्तकालय), सह कोषाध्यक्ष और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए लगभग 2000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।



