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  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • झारखंड में प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने का रास्ता हुआ आसान

    RANCHI: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम को अधिसूचित कर दिया है, जिससे राज्य में प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है। हालांकि, इसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

    निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नगर निगम क्षेत्र में कम से कम 5 एकड़ जमीन और नगर निगम सीमा से बाहर 15 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है। यह जमीन 30 साल के लीज पर होनी चाहिए, और इसका इस्तेमाल सिर्फ विश्वविद्यालय के उद्देश्य से किया जा सकेगा। इसके साथ ही इस जमीन को किसी भी अन्य कार्य के लिए गिरवी नहीं रखा जा सकेगा।

    निधि का प्रावधान. 
    नगर निगम क्षेत्र में भूमि के लिए 10 करोड़ रुपये और नगर निगम सीमा के बाहर की भूमि के लिए 7 करोड़ रुपये की निधि रखना अनिवार्य होगा।

    भवन और बुनियादी ढांचे की जरूरत. 
    प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए पुस्तकालय, व्याख्यान कक्ष, सभागार, विद्यार्थी संसाधन केंद्र, खेल सुविधाएं और प्रयोगशालाएं जैसी सुविधाएं कम से कम 12,000 वर्गमीटर के निर्मित क्षेत्र में होनी चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

    निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के अनुसार की जाएगी। कुलपति और कुलसचिव की नियुक्ति में भी नियमानुसार प्रक्रिया अपनानी होगी।

    आवेदन प्रक्रिया और शुल्क.
    निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए 5 लाख रुपये का आवेदन शुल्क जमा करना होगा। इसके साथ ही अनुसंधान और एकेडमिक उत्कृष्टता की दिशा में कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

    छात्रों के लिए विशेष प्रावधान.
    एससी, एसटी, ओबीसी, विकलांग, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शुल्क में छूट देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राज्य की औद्योगिक, स्टार्टअप, और ऊर्जा नीतियों के प्रति विश्वविद्यालय को जागरूक और प्रतिबद्ध रहना होगा।

    जांच समिति का प्रावधान.
    प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया की जांच के लिए उच्च शिक्षा विभाग के स्तर पर एक जांच समिति भी नियुक्त की जाएगी।

    इस कदम से झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। नए विश्वविद्यालयों के जरिए न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, बल्कि राज्य में रोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • झारखंड में खेल विश्वविद्यालय स्थापित की जाएगी -मंत्री

    गिरिडीह : झारखंड के नगर विकास, पर्यटन एवं खेलकूद मंत्री सूदिब्य कुमार सोनू ने आज गिरिडीह मे THE NEWS POST4U से खास मुलाक़ात मे अपने मंत्रालय से जुड़ी कई प्र्स्तवित योजनाओं के बारे मे बताया । मंत्री ने कहा कि झारखंड में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की उनकी योजना है,जिसे अमली जामा पहनाने की कवायद तेज़ की जाएगी । उनका दावा है कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हाँकी और तीरंदाजी जैसे खेलों में राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रौशन किया है ।  मंत्री का वादा है कि अन्य खेलों में भी गुणवत्ता और स्वच्छ माहौल के साथ अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
    शहरी विकास—आत्मनिर्भर नगर निगम बनाने का प्रयास
    सूदिब्य कुमार सोनू ने शहरी विकास को लेकर भी बड़े बदलाव की बात की। उन्होंने कहा कि राज्य के नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद केsthapaitटैक्स ढांचे की समीक्षा की जाएगी और इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक स्रोत विकसित किए जाएंगे। उन्होने सवाल के जबाब मे कह कि शहरों मे ट्राफिक जाम  की  एक बड़ी समस्या है । इसके समधान  के लिए पुलिस और निगम को संयुक्त प्रयास करने होगे और इसके लिए पहल शुरू की जाएगी।

    पर्यटन से रोजगार
    मंत्री ने कहा कि झारखंड में पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाओं हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के आधार पर राजस्व बढ़ाने और रोजगार सृजन का प्रयास किया जाएगा।
    युवाओं के लिए रोजगार
    मंत्री ने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार के लिए बाहर जाते हैं, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देकर उन्हें राज्य में ही रोजगार मिले इस पर वे काम करेंगे ,  साथ ही रीति-रिवाजों और स्थानीय कला-संस्कृति को भी रोजगार का जरिया बनाने का प्रयास होगा ।झारखंड बदलाव की ओर बढ़ रहा है ?
    मंत्री सूदिब्य कुमार सोनू जैसे युवा नेता झारखंड के विकास का नया खाका खींचने का दावा कर रहे हैं। जिससे एक उम्मीद जगी है । क्या सोनू की अगुवाई मे झारखंड  वाकई खेल, पर्यटन और शहरी विकास के क्षेत्र में नई इबारत लिखेगा  ?
    आम जनता असरदार बदलाव की उम्मीद मे है। जिसे पूरा करने की जिम्मेवारी मंत्री जी की है
    परवेज़ आलम की मंत्री सूदिब्य सोनू से खास बातचीत पर आधारित रपट